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आम आदमी पार्टी(AAP) का तीखा हमला, चुनाव आयोग की कार्रवाई पर उठाए सवाल

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के नेताओं ने दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास, कपूरथला हाउस पर चुनाव आयोग द्वारा की गई छापेमारी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आप नेताओं ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे बदले की भावना से प्रेरित बताया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा, “आज चुनाव आयोग की एक टीम दिल्ली पुलिस के साथ मेरे घर, कपूरथला हाउस पर छापेमारी करने पहुंची है। दिल्ली में भाजपा के लोग खुलेआम पैसे बांट रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस को कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। इसके बजाय, वे पंजाबियों को बदनाम करने में जुटे हैं, जो कि बेहद निंदनीय है।”

आप पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा चुनावी हार से डरकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता प्रवेश वर्मा लगातार पैसे बांट रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अमन अरोड़ा ने इसे भाजपा के इशारे पर की गई कार्रवाई करार दिया और चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाया।

अरोड़ा ने आगे कहा, “चुनाव आयोग भाजपा का समर्थन कर रहा है और उन्हें भाजपा नेताओं की अनियमितताओं का कोई ध्यान नहीं है। वहीं, पंजाबियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।” उन्होंने भाजपा उम्मीदवार कैलाश गहलोत का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने चुनाव कार्यालय में पैसे बांट रहे थे, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी कोई जांच नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी आप नेताओं के घरों पर छापे मारे गए, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिले, और इस बार भी ऐसा कुछ हासिल नहीं होने वाला है।

आप विधायक जीवन जोत कौर ने भी इस घटना की निंदा की और सवाल उठाया कि चुनाव आयोग प्रवेश वर्मा के घर पर कब छापे मारेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और यह बेहद निंदनीय है।

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‘HAMPTON SKY REALTY LIMITED’ ने आरोपों पर जारी किया विस्तृत बयान

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नई दिल्ली में 9 मई 2026 को जारी एक प्रेस बयान में हैंपटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने अपने खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने कहा है कि उसे देश के कानूनी और संवैधानिक ढांचे, सरकारी रिकॉर्ड और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

कंपनी के मुताबिक भारत में मोबाइल फोन निर्माण और एक्सपोर्ट सेक्टर को “मेक इन इंडिया” और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। बयान में कहा गया कि भारत का मोबाइल एक्सपोर्ट टर्नओवर वर्ष 2014-15 में करीब 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि उसने मई 2023 में मोबाइल एक्सपोर्ट कारोबार में प्रवेश किया था।

बयान के अनुसार एक्सपोर्ट अवधि के दौरान कंपनी ने 44,471 ब्रांडेड मोबाइल हैंडसेट और एक्सेसरीज का निर्यात किया, जिनमें बड़ी संख्या में एप्पल आईफोन और एयरपॉड्स शामिल थे। कंपनी का दावा है कि हर एक्सपोर्ट की कस्टम अधिकारियों और अन्य स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा कई चरणों में जांच की गई। इसमें IMEI स्कैनिंग, OEM कंपनियों द्वारा वेरिफिकेशन और यूएई कस्टम द्वारा जांच शामिल थी।

कंपनी ने यह भी कहा कि हर मोबाइल फोन का एक विशिष्ट 15 अंकों वाला IMEI नंबर होता है, जिसकी जांच एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों के ग्लोबल डेटाबेस के जरिए की गई। कंपनी के अनुसार 16,391 IMEI नंबरों का स्वतंत्र सत्यापन हुआ, जिससे यह साबित होता है कि ये डिवाइस भारत से बाहर एक्टिवेट किए गए थे।

हैंपटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने अपने बयान में कहा कि एक्सपोर्ट से प्राप्त हुई पूरी राशि बैंकिंग चैनलों के माध्यम से मिली और उसका पूरा भुगतान सप्लायर्स को किया गया। कंपनी ने “राउंड ट्रिपिंग” और “फर्जी एक्सपोर्ट” जैसे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी रकम विदेश में नहीं रखी गई और न ही किसी व्यक्ति या संस्था को गैरकानूनी तरीके से वापस भेजी गई।

जीएसटी से जुड़ी चिंताओं को लेकर कंपनी ने कहा कि यह मामला कुछ घरेलू सप्लायर्स से संबंधित है और कुल कारोबार का केवल एक छोटा हिस्सा है। कंपनी का दावा है कि उसने सभी भुगतान बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किए और नियमित रूप से जीएसटी रिटर्न दाखिल की। बयान में यह भी कहा गया कि जब कंपनी को सप्लायर स्तर पर गड़बड़ी की जानकारी मिली, तो उसने खुद लुधियाना के फोकल प्वाइंट थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी।

कंपनी ने यह भी दावा किया कि सरकार के खजाने को इस मामले में कोई मौजूदा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि संबंधित जीएसटी राशि पहले ही जमा करवाई जा चुकी है और मामला फिलहाल अपील के अधीन है। बयान के अंत में कंपनी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और अदालत की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखती है।

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भगवंत मान सरकार की ऐतिहासिक पहल, पंजाब के 40 लाख गरीब-दलित-पिछड़े वर्ग के परिवारों को मुफ्त राशन किट मिलनी शुरू

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर जिले के गांव भलवान से गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक उपलब्ध करवाने के लिए राशन किट वितरित करके ‘मेरी रसोई’ स्कीम की शुरुआत की। देश भर में जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक देने के लिए सबसे बड़ी पहलों में से एक ‘मेरी रसोई’ स्कीम के तहत राज्य के लगभग 40 लाख गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राशन किट मिला करेगी। इस स्कीम को बढ़ती महंगाई के दौरान संघर्ष कर रहे परिवारों पर रसोई के बोझ को कम करने के लिए अत्यंत जरूरी मदद बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार न सिर्फ ऐलान कर रही है बल्कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य देखभाल, महिला-केंद्रित कल्याण स्कीमों और खाद्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से हर घर को उचित राहत प्रदान कर रही है।

उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सामाजिक कल्याण को मजबूत करने के साथ-साथ ‘आप’ सरकार बुनियादी ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है और आने वाले समय में पंजाब को पूरी तरह “खंभा-मुक्त” राज्य बनाने के लिए जमीनदोज बिजली केबलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्कीम के शुभारंभ समारोह के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों ने कल्याणकारी उपायों को सिर्फ गेहूं और दालों की वितरण तक सीमित कर दिया था, जबकि पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किया है कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोइयों में रोजाना जरूरतों के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध रहें।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर लाभार्थी परिवार को हर तीन महीने में विशेष रूप से तैयार की गई राशन किट मिलेगी, जिसमें सरसों का तेल, दाल, चीनी, नमक, हल्दी और घरेलू रसोई चलाने के लिए जरूरी अन्य वस्तुएं होंगी।” इस बात पर जोर देते हुए कि यह योजना आम परिवारों की सामान्य जरूरतों, खासकर घरेलू जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मजबूत और खुशहाल पंजाब तभी बनाया जा सकता है जब हर घर की रसोई चलती रहे और कोई बच्चा भूखा न सोए।

उन्होंने कहा, “बच्चों के लिए पौष्टिक खुराक उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलों में भागीदारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार चाहती है कि हर घर में पौष्टिक और जरूरी भोजन पदार्थों की पहुंच हो ताकि बच्चे प्रोटीन की कमी के कारण कमजोरी का शिकार न हों।” पंजाब सरकार के लोक कल्याण-मुखी शासन मॉडल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे परिवारों को पैसे बचाने और घरेलू खर्च चलाने में काफी मदद मिल रही है। कृषि और सिंचाई सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की है, जिससे वे रात की मुश्किलों की बजाय दिन में अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी रजवाहों, खालों और पाइपलाइनों को बहाल कर और बिछाकर नहरी सिंचाई प्रणाली को फिर से जीवित किया है। इस ऐतिहासिक पहल ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया है और भूजल को संरक्षित करने में मदद की है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि नहरी पानी की बेहतर उपलब्धता ने किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम की है, जिससे पंजाब में तेजी से कम हो रहे भूजल स्तर के भंडारण को बचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “मावां-धीयां सत्कार योजना” के लिए रजिस्ट्रेशन प्रगति पर है। इस योजना के तहत हर योग्य महिला को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आगे आना चाहिए और इस स्कीम के लिए रजिस्टर करवाना चाहिए। जनरल वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए दिए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है ताकि वे अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत लोग सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नकद रहित इलाज प्राप्त कर सकते हैं। पंजाब में किसी भी परिवार को चिकित्सा इलाज के लिए जमीन या कीमती चीजें बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 35 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं और सरकार पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का विस्तार कर रही है।

कल्याणकारी स्कीमों में पहले नौकरशाही द्वारा पैदा की गई अनावश्यक बाधाओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने असुविधा का कारण बनने वाली जटिल बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणालियों को हटा दिया है और सभी, खासकर महिलाओं तथा बुजुर्ग नागरिकों के लिए कल्याणकारी स्कीमों संबंधी रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को सरल बना दिया है। उन्होंने कहा, “घरेलू काम करने वाली बहुत सी महिलाओं को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनके उंगलियों के निशान समय के साथ फीके पड़ जाते हैं। इसलिए पंजाब सरकार ने फोटो-आधारित सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बनाया है।”

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेअदबी विरोधी कानून से पंजाब के लोगों को बेहद राहत और संतोष मिला है। उन्होंने कहा, “सालों तक लोगों को बेअदबी की घटनाओं के कारण दुख सहना पड़ा और बेअदबी में शामिल दोषी अक्सर कमजोर कानूनी प्रबंधों के कारण जमानत प्राप्त कर लेते थे। इस नए कानून में सख्त सजा, भारी जुर्माना, लंबी कैद और उम्रकैद तक की व्यवस्था की गई है।” उन्होंने कहा कि कानून को पहले ही राज्यपाल से सहमति मिल चुकी है और कानून को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर की सिख संगत द्वारा इस कानून को भरपूर समर्थन मिला है। सिर्फ कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पिछली सरकारें बार-बार लोगों की मांगों के बावजूद सख्त कार्रवाई करने में असफल रहीं, जबकि पंजाब सरकार ने भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रति लोगों के भारी समर्थन और प्यार के लिए उनका धन्यवाद करते हुए कहा, “उनकी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों का पैसा स्कूलों, अस्पतालों, कल्याणकारी स्कीमों और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाए।” इस समारोह के दौरान खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, सीनियर सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।

इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज संगरूर में, हमने 40 लाख परिवारों की भलाई के लिए ‘मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना’ शुरू की है, जिसके तहत बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए साल में चार बार राशन किटें वितरित की जाएंगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमारी सरकार मुफ्त बिजली, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, किसानों को दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई और नहरी पानी जैसी सुविधाएं प्रदान करके समाज के हर वर्ग के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। गांव सतौज से, हम पूरे राज्य से खंभे हटाने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करने की ऐतिहासिक पहल भी शुरू कर रहे हैं।”

पोस्ट में आगे लिखा, “पिछली सरकारों ने बेअदबी की घटनाओं पर सिर्फ सियासत की, लेकिन हमने उम्रकैद और 50 लाख रूपए के जुर्माने वाला सख्त कानून लाकर गुरु मर्यादा की रक्षा को सुनिश्चित किया है। ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में यह सफर निरंतर जारी रहेगा। आप सरकार द्वारा ऐतिहासिक कदम, पूरे राज्य के 40 लाख परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा को मजबूत करके घरेलू बोझ को घटाया*

“मेरी रसोई योजना” भगवंत मान सरकार के कल्याण और लोक-केंद्रित मॉडल को दर्शाती है, जो राजनीतिक बयानबाजी की बजाय आम परिवारों के लिए सम्मान, पोषण और वित्तीय राहत को प्राथमिकता देती है। ऐसे समय में जब बढ़ते घरेलू खर्च देश भर के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं, भगवंत मान सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को रोजाना जीवन के लिए रसोई की जरूरी सप्लाई की सीधी सहायता करके एक ऐतिहासिक और सहानुभूतिपूर्ण कदम उठाया है। पिछली सरकारों के विपरीत, जो कल्याण को सिर्फ ऐलानों तक सीमित रखती थी, ‘आप’ सरकार ने खाद्य सुरक्षा के दायरे का विस्तार करते हुए गरीब परिवारों को गेहूं और राशन सहायता के अलावा पौष्टिक जरूरी भोजन पदार्थ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है।

पारदर्शी डिलीवरी प्रणालियों, मानक भोजन किटों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक व्यापक पहुंच के माध्यम से, भगवंत सिंह मान सरकार ने स्वस्थ, मजबूत और संतुष्ट पंजाब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, जहां कोई भी परिवार अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर न हो।

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शुक्राना यात्रा’ में लाखों संगतों ने शिरकत करके बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून के लिए अकाल पुरख का धन्यवाद किया-भगवंत सिंह मान

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बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्ती से निपटने और पंजाब में सांप्रदायिक सद्भावना का माहौल महफूज़ रखने के लिए अपने दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान प्यार, स्नेह और अपनत्व दिखाने के लिए पंजाब के लोगों का दिल से धन्यवाद किया। 6 मई को खालसे की जन्मभूमि से शुरू हुई ‘शुक्राना यात्रा’ आज पवित्र नगर श्री फतेहगढ़ साहिब में संपन्न हुई।

गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद विशाल समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती पंजाबियों को जुल्म-जबरदस्ती के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि यात्रा श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब से शुरू हुई थी। दूसरे दिन यात्रा के दौरान श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब में माथा टेका, उसके बाद तीसरे दिन तख्त श्री दमदमा साहिब और गुरुद्वारा मस्तूआणा साहिब में माथा टेका। उन्होंने आगे कहा कि आज गुरुद्वारा श्री दुःख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद यात्रा अब समाप्त हो गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यात्रा के दौरान लोगों द्वारा दिखाए गए प्यार ने सरकार को और भी अधिक नम्रता, लोगों की इच्छाओं के प्रति जिम्मेदारी और उनके आदेशों के प्रति जवाबदेही से भर दिया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी अपनी सरकार द्वारा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू करने से बहुत खुश हैं, जिसमें बेअदबी के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है।”

गांव-गांव जाकर कानून के बारे में लोगों को जागरूक करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस घिनौने अपराध में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति से अब सख्ती से निपटा जाएगा और कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों का बेअदबी को रोकने के लिए कानून बनाने का न तो इरादा था और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उनके शासनकाल के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी बार-बार होती रही। उन्होंने कहा, “अब पंजाब सरकार द्वारा पारित यह ऐतिहासिक एक्ट इस अक्षम्य अपराध को खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी दोबारा ऐसे कृत्यों की हिम्मत नहीं करेगा।”

अकाली लीडरशिप पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब भर में बेअदबी की घटनाओं का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए निर्दोष लोगों पर गोलीबारी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि अकालियों पर “पीढ़ियों के नरसंहार” का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि नशे के कारोबार को उनके शासन के दौरान संरक्षण दिया गया था और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह फला-फूला। उन्होंने कहा, “उन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं जो सरकारी वाहनों के माध्यम से भी राज्य में सप्लाई किए जाने वाले नशों का शिकार हो गए थे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये पाप क्षमा करने योग्य नहीं हैं और पंजाबी इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा कि अकाली लीडरशिप ने गुरबाणी के नाम पर बार-बार वोट मांगने के बावजूद बेअदबी की घटनाओं के जरिए पंजाबियों के दिलों को गहरी ठेस पहुंचाई है।

अकाली शासन के दौरान विकास को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य बेअदबी की घटनाओं के त्रासदी को आसानी से नजरअंदाज कर दिया, जहां मासूम लोगों ने अपनी जानें गंवाईं। उन्होंने कहा कि अकाली नेताओं ने अपने जालिम शासन के दौरान पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर जुल्म ढाए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने पंजाब में माफिया को संरक्षण दिया और नशे और भ्रष्टाचार के जरिए पीढ़ियां बरबाद कीं। सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अकालियों का लोगों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है और अब रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए किराए पर लाए गए कार्यकर्त्ताओं पर निर्भर हो गए हैं। हर अकाली रैली में वही भीड़ देखी जा सकती है।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कभी दावा करते थे कि वे 25 साल पंजाब पर राज करेंगे, अब उन्हें सूबे के सूझवान और बहादुर लोगों ने राजनीतिक तौर पर नकार दिया है।

अकाली लीडरशिप पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन अवसरवादी नेताओं ने अपनी सुविधा और सियासी हितों के मुताबिक गिरगिट की तरह रंग बदले। उन्होंने बताया कि बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोग एक बार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए थे और उन्होंने अपने जुर्म सार्वजनिक तौर पर कबूल किए थे, लेकिन बाद में जब यह उनके सियासी मंसूबों के फिट नहीं बैठा तो उन्होंने पूरी तरह पलटी मार ली। उन्होंने कहा, “पंजाब इन नेताओं का असली चेहरा अच्छी तरह पहचानता है, जिन्होंने बार-बार अपनी संकीर्ण सियासी चालों के जरिए लोगों को गुमराह किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वही लोग जिन्हें कभी अजेय माना जाता था, लेकिन आज उन्हें अपनी पार्टी के लिए कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने पंजाबियों को याद दिलाया कि इन नेताओं ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को शरण दी, जिन्होंने पंजाब की जवानी को नशे की दलदल में धकेल दिया। उन्होंने कहा, “लोगों ने उन पर बार-बार भरोसा किया, लेकिन उन्होंने हर बार धोखा दिया।”

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