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गुरु नगरी में Corona का कहर, अब सरकारी मेडिकल कॉलेज का वरिष्ठ अधिकारी Positive
अमृतसरः कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही इस बार अमृतसर के लोगों पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि लंदन से आई एक महिला का टेस्ट पॉजिटिव आने की जानकारी विभाग को नहीं मिली, लेकिन अब एक वरिष्ठ नागरिक सरकारी मेडिकल कॉलेज के अधिकारी का टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद यह मामला भी स्वास्थ्य विभाग के ध्यान में भी नहीं है। महिला का जहां निजी प्रयोगशाला से आर.टी.पी.सी. आर. कराया गया, वहीं अधिकारी का रैपिड टेस्ट कराया गया, जिसमें वह पॉजिटिव आए हैं। ये दोनों मामले विभाग के ध्यान में नहीं हैं। यही नहीं सरकारी अस्पतालों में वायरस से संबंधित लक्षण वाले मरीज बड़ी संख्या में आने के बाद से ही विभाग इस वायरस की जांच शुरू नहीं कर पाया है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सावधानियां बरतने को कहा है, लेकिन विभाग द्वारा ये सावधानियां सिर्फ दस्तावेजों में ही लागू की जा रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि जिले में इस वायरस की रोकथाम के लिए जहां कोई तैयारी नहीं है, वहां वायरस के मामले सामने आने के बाद विभाग के पास कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है।
एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने वाला यह वायरस अधिकारियों की लापरवाही के कारण आसानी से दूसरों में फैल जाएगा और इसी तरह यह वायरस अपना घिनौना रूप धारण कर बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले लेगा। लंदन की एक महिला जिसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जब उसका निजी तौर पर परीक्षण किया गया तो वह भी संक्रमित पाई गई।
तब भी पंजाब केसरी ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश आधिकारिक तौर पर न तो महिला का सैंपल लिया गया और न ही उसके संपर्क में आए लोगों का सैंपल लिया गया। महिला ठीक हो गई है और उसे छुट्टी दे दी गई है, लेकिन उसके संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति का कोई सैंपल नहीं लिया गया है।
अब राजकीय मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ अधिकारी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। खांसी, जुकाम, बुखार की शिकायत थी, जब अधिकारी ने खुद अपना रैपिड टेस्ट कराया तो वह पॉजिटिव आया। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने इस वायरस के प्रभाव से बचने के लिए सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों और डॉक्टरों के लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी कर दिया है और आम लोगों में फैल रहे इस वायरस को रोकने के लिए विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। जिले में विभाग की कार्यशैली पर दो नए मामले सामने आने से कई सवाल उठने लगे हैं कि क्या विभाग के अधिकारी काम करना नहीं, बल्कि मोटी तनख्वाह लेना जानते हैं? अगर वायरस तेजी से फैला तो स्वास्थ्य विभाग को इसे संभालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक वरिष्ठ अधिकारी के रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस बंद नहीं की। डॉक्टर क्लास में शामिल होने के लिए बायोमेट्रिक पर एक के बाद एक अंगुलियों के जरिए हाजिरी लगा रहे हैं और कई बार अटेंडेंस के दौरान वहां भीड़ जमा हो जाती है। अधिकांश डॉक्टर इलाज के बाद हाथ साफ नहीं करते। डॉक्टर इस वायरस से लड़ने में अग्रिम पंक्ति में हैं और उनके पास अधिक लक्षण वाले मामले आ रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गाइडलाइन जारी करने के बाद सरकारी डॉक्टर यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि आर.टी.पी.सी.आर. सैंपल कब लिए जाएंगे। ओ.पी.डी. ज्यादातर सरकारी डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि राज्य में बड़ी संख्या में लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर विभाग समय पर सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दे तो वायरस को आगे फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षण की कमी के कारण, वायरस के लक्षण वाले मरीज, जिनके सकारात्मक होने की संभावना है, एक-दूसरे को वायरस उपहार में देते हैं और समुदाय में वायरस फैलाएंगे।
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पाकिस्तान से पंजाब तक फैला नशा गिरोह बेनकाब, तकरीबन 448 करोड़ की हेरोइन बरामद
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर की संयुक्त कार्रवाई में 64.62 किलो हेरोइन बरामद की गई है।
इसके साथ ही एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया गया है, जिसके तार पाकिस्तान से लेकर यूरोप तक जुड़े पाए गए हैं। जब्त हेरोइन की इंटरनेशनल वेल्यू तकरीबन 448 करोड़ रुपए आकी जा रही है।
डीजीपी के अनुसार यह कार्रवाई सामान्य नहीं है, बल्कि सीमा पार से संचालित एक संगठित और मजबूत तस्करी नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा तस्कर मूसा इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक है। यह वही व्यक्ति है, जिसका नाम पहले 532 किलो हेरोइन की बड़ी खेप के मामले में भी सामने आ चुका है।
पुर्तगाल तक पहुंचे लिंक
इस बार मूसा ने अपने नेटवर्क को और विस्तार देते हुए यूरोप, विशेष रूप से पुर्तगाल में बैठे अपने साथियों के जरिए पंजाब के स्थानीय तस्करों को जोड़ रखा था। इस तरह यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे की आपूर्ति का एक बड़ा चैनल बना चुका था।
पुलिस ने अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए स्वर्ण सिंह, मखन सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से आई हेरोइन की खेप को प्राप्त कर उसे आगे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करते थे।
कड़ियों को जोड़ने की प्रयास में जुटी पुलिस
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह पूरा अभियान गुप्त सूचनाओं के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े सभी कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तस्कर या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध देश के भीतर हो या विदेश से जुड़ा हो।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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दीपक बाली का केंद्र पर हमला: “ED कार्रवाई राजनीतिक साजिश, आप नहीं झुकेगी”
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और दफ्तर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी (आप) के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
दीपक बाली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में आगामी चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और उसी के तहत केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्र सरकार ईडी को शस्त्र बनाकर प्रयोग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के लोग इस तरह की “दबाव की राजनीति” को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका करारा जवाब देंगे और समय आने पर इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। आम आदमी पार्टी की चढ़त से भाजपा हिल गई है।
उन्होंने ईडी की छापेमारी को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और असंवैधानिक बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और जहां भाजपा की सरकार नहीं है, वहां केंद्र सरकार द्वारा ग्रांट तक रोक दी जाती है। केंद्र द्वारा राज्यों के साथ भेदभाव किया जाता है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ है और लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर करता है।
दीपक बाली ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ विशेष रूप से सख्ती बरती जा रही है क्योंकि यह पार्टी तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर उभर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए बाली ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आप नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है ताकि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाए जाने के बाद इस तरह की कार्रवाई होना संदेह पैदा करता है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से देखा जाना चाहिए।
भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधे निशाना साधते हुए बाली ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता और नेता किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि आप सच्चाई के रास्ते पर चल रही है और हर हाल में जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
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अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, CM भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर के अटारी क्षेत्र में एक व्यापक विकास अभियान की शुरुआत करते हुए 137 किलोमीटर लंबी 121 सड़कों के नवीनीकरण के लिए 57.80 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमा के साथ अपनी रणनीतिक स्थिति के बावजूद लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों में अब निवेश, बेहतर संपर्क और नई आर्थिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
इस पहल को बेहतर शासन और सीमा सुधारों के साथ रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार कांटेदार तार को सीमा वाले तरफ करके किसानों के लिए बिना रुकावट खेती हेतु लाखों एकड़ जमीन को खोलने, नशों के खतरे को जड़ से खत्म करने और 2027 में पंजाब को विकास के नाम पर जनादेश स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार के सत्ता में आने से पहले पंजाब को काला दौर भी देखना पड़ा, जब नशों के कारोबार ने पंजाब में पैर पसार लिए। सत्ता में बैठे लोगों ने इसे संरक्षण देकर राज्य में नशों के कारोबार को फलने-फूलने के लिए अपने अधिकार का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि काले दिनों के दौरान राज्य सरकार के वाहनों का उपयोग राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में नशों की सप्लाई के लिए किया जाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने प्रदेश की तरक्की और खुशहाली को पटरी से उतार कर पंजाब और हमारी युवा पीढ़ियों के रास्ते में कांटे बोए। इन नेताओं के हाथ प्रदेश के खिलाफ इस अपराध से रंगे हुए हैं और इतिहास इन्हें पंजाब की पीठ में छुरा घोंपने के लिए कभी माफ नहीं करेगा। इन पार्टियों ने युवाओं की नसों में नशे का जहर भरकर प्रदेश की पीढ़ियों को तबाह कर दिया, जिसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह कितनी हास्यास्पद बात है कि जो लोग नशों से पंजाब को तबाह करने के जिम्मेदार हैं, वही लोग अब लोगों को मूर्ख बनाने के लिए झूठे दावे कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इन सरकारों ने कभी प्रदेश और लोगों की परवाह नहीं की, बल्कि सिस्टम को तबाह कर दिया, जिससे युवाओं में विदेश जाकर बसने का रुझान पैदा हुआ। प्रदेश से नशों की कुरीति को जड़ से उखाड़ने के लिए ‘आप’ सरकार ने कड़े प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि नशों की समस्या प्रदेश पर एक कलंक थी और इस अभिशाप को मिटाने के लिए ‘आप’ सरकार को रणनीति बनाने में दो साल से अधिक समय लगा।
उन्होंने कहा कि आप सरकार ने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत नशों की सप्लाई लाइन को तोड़कर इस घिनौने अपराध में शामिल तस्करों को सलाखों के पीछे डाला गया। आम लोगों के सक्रिय समर्थन और सहयोग से हर स्तर पर नशों के अभिशाप का सफाया किया जा रहा है और इस अभियान को आम लोगों के सहयोग से जन आंदोलन में बदल दिया गया है। ‘आप’ सरकार ने इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डालकर और नशा तस्करों पर शिकंजा कसकर नशों के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल की तथाकथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल प्रदेश को लूटने के बाद वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? लोगों ने अकालियों को कई बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा प्रदेश और लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। जब पूरा किसान समुदाय अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा था, तो अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सी बचाने के लिए मोदी सरकार के काले कृषि कानूनों पर समर्थन भी किया था।
उन्होंने कहा, “अकालियों ने अपने निजी सियासी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, जिसके लिए लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और उनके किए गए पापों के लिए उचित सबक सिखाएंगे। लोगों ने अकालियों को बार-बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा पंजाब और पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र धरती ने संतों, महापुरुषों, शहीदों, महान खिलाड़ियों और जरनैलों को पैदा किया है, लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि पिछली सरकारों के संरक्षण में तस्करों, गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों ने इस प्रदेश को अपना ठिकाना बनाया। युवाओं को पथभ्रष्ट करने के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और उन्हें अपने पापों का भुगतान करना होगा। प्रदेश की पीढ़ियों को बर्बाद करने वाले इन नेताओं को अपनी बदनीयती की कीमत चुकानी होगी और ‘आप’ सरकार उनके बुरे कामों के लिए मिसाली सजा सुनिश्चित कराएगी।”
उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों की कठपुतली बनकर रहा और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए उन्हें ‘सर’ की उपाधि दी गई थी। इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने पर बुलाकर सम्मानित किया था। ऐसे काम उनकी देशविरोधी और पंजाब विरोधी मानसिकता और दोगले चरित्र का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सिर्फ इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता और बादल के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर अंकित है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने कहा, “2027 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में, लोगों के पास तीन कलमों को चुनने का मौका होगा। पहली कलम कांग्रेस की है, जिसमें लाल स्याही है जो श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के नरसंहार और अन्य सिख विरोधी व पंजाब विरोधी रुखों का प्रतीक है। दूसरी कलम अकालियों की है, जिसमें सिर्फ एक स्याही है जिसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की है। तीसरी कलम ‘आप’ की है जो हर गुजरते दिन मार्गदर्शक पहलों के द्वारा पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का रास्ता दिखा रही है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने हर क्षेत्र में कई लोक-पक्षीय पहलें की हैं, जिससे हर क्षेत्र में पूरे प्रदेश की सूरत बदल गई है। लोगों के टैक्स का पैसा प्रदेश का है और इसे लोगों की भलाई पर समझदारी से खर्च किया जा रहा है। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस पहुंच रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार द्वारा 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, बंद किए गए टोल प्लाजा से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। आप सरकार द्वारा सत्ता संभालते समय सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन आज 71 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है और धान के अगामी के सीजन तक इसे 90 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश का हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। इस योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लगभग 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है। लोगों को इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “प्रदेश के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पूरी समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। मांवां धियां सतिकार योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये और बाकी वर्गों की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की सहायता दी जाएगी।”
उन्होंने कहा, “आप सरकार द्वारा प्रदेश भर में लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और उनकी मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच सालों के लिए इन सड़कों का रखरखाव भी किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का सारा पैसा प्रदेश के लोगों का है और यह उनकी भलाई पर खर्च किया जा रहा है। करदाताओं का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। चाहे ‘आप’ सरकार ने अपनी सभी गारंटियां पूरी कर ली हैं, लेकिन आगे बढ़ने के प्रयास जारी रहेंगे। दूसरी सियासी पार्टियां अपने मंचों पर सत्ता हड़पने की चालें चल रही हैं, लेकिन इस मंच से हम शिक्षा, सेहत, बिजली, खेती और समग्र विकास की बात करते हैं।”
सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “आप सरकार के ठोस प्रयासों के कारण भारत सरकार ने कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के 300 मीटर के भीतर स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे लाखों एकड़ जमीन पर बिना किसी प्रतिबंध के खेती की जा सकेगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इससे पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, फाजिल्का और फिरोजपुर के किसानों को बहुत फायदा होगा। एसडीएम को सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस फैसले को समय पर लागू करने के लिए 300 मीटर के क्षेत्र को सुचारू रूप से चिह्नित किया जा सके।”
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