Punjab
पंजाब में स्कूलों की छुटि्टयां बढ़ी:अब 13 जनवरी तक बंद रहेंगे सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल; ठंड-धुंध के चलते फैसला
पंजाब में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। अब 13 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे। बुधवार को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार ठंड और धुंध बढ़ रही है। बच्चों और स्टाफ की सेहत व सुरक्षा को देखते हुए 13 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टियां रहेंगी।
यह आदेश सभी सरकारी, एडेड, मान्यता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों पर लागू होंगे। ठंड के चलते 24 दिसंबर से राज्य के स्कूल बंद हैं। कल, 8 जनवरी को ही स्कूल खुलने थे, लेकिन इन्हें बढ़ा दिया गया।
शिक्षा मंत्री बैंस की सोशल मीडिया पोस्ट…

दूसरी बार बढ़ाई गई छुट्टियां सरकार ने सर्दी को देखते हुए पहली बार 24 दिसंबर को स्कूलों में छुट्टी घोषित की थी, जो 31 दिसंबर तक थी। इसके बाद प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ने के कारण सरकार ने 1 जनवरी को 7 दिनों की और छुट्टी घोषित की। बढ़ती शीतलहर के चलते बुधवार को विभाग ने फिर से 13 जनवरी तक छुट्टियां बढ़ाने का ऐलान किया। इस प्रकार, अब तक कुल 2 बार छुट्टियां बढ़ाई जा चुकी हैं।
19 हजार सरकारी स्कूलों में 35 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पंजाब में इस समय 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं। इनमें करीब 35 लाख स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। मौसम विभाग पहले ही साफ कर चुका है, 7 जनवरी के बाद ठंड बढ़ सकती है। ऐसे में विभाग किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है।
आने वाले दिनों में यलो अलर्ट रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, 13 जनवरी तक पंजाब में शीतलहर और धुंध का कहर बना रहेगा। 7 जनवरी तक मौसम विभाग ने कोल्ड डे, शीतलहर और धुंध का ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है, जबकि 8 जनवरी से 13 जनवरी तक यलो अलर्ट है।

मोहाली के खरड़ में धुंध के कारण दो स्कूल की बसे आमने-सामने से टकरा गई। (फाइल फोटो)
धुंध में स्कूल बसों के साथ ये हादसे हुए…
- संगरूर में पेड़ से टकराई बस, 12 स्टूडेंट घायल: 8 नवंबर को संगरूर में पिकनिक के लिए जा रही पंजाब पब्लिक स्कूल की बस पेड़ से टकरा गई। हादसे में ड्राइवर को गंभीर चोट आई। वहीं, 12 स्टूडेंट के साथ बस में सवार अटेंडेंट भी घायल हो गया। इसके बाद सभी पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- मोहाली में 2 बसें टकराईं: 18 दिसंबर को मोहाली में घने कोहरे के कारण मोहाली के खरड़ में 2 स्कूल बसों (DPS और एक अन्य स्कूल की) की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसमें एक स्कूल की बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दोनों बसों के ड्राइवर को भी चोटें आईं। वहीं, कुछ बच्चों को भी मामूली चोटों आईं।
Haryana
अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
Punjab
ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल से हजारों स्टाफ नर्सों, अध्यापकों और महिला पुलिस कर्मियों को होगा लाभ: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब भर की महिला सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि ग्रुप सी और डी श्रेणियों से संबंधित महिला कर्मचारी, जिनमें स्टाफ नर्सें, महिला पुलिस कर्मी और अन्य पात्र कर्मचारी शामिल हैं, को उनका परखकाल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में ही तैनात किया जाएगा।
इस निर्णय, जिसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों के निजी जीवन और कार्यालयी कार्यों के बीच संतुलन को बेहतर बनाना है, को एक ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से राज्य भर के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों महिला कर्मचारियों को लाभ होगा।
अधिक जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को इस पहल को लागू करने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, “हजारों महिला कर्मचारियों, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्सों, अध्यापकों और महिला पुलिस कर्मियों को इस पहल का लाभ मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से कई महिला कर्मचारियों से बातचीत की है, जिन्होंने मुझे बताया कि उनकी तैनाती उनके घरों से लगभग 200 किलोमीटर दूर की गई है। इसके कारण वे सप्ताह में केवल दो दिन ही अपने परिवारों से मिल पाती हैं और उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ऐसी नीति बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत ग्रुप सी और डी श्रेणियों से संबंधित महिला कर्मचारियों, जिनमें स्टाफ नर्सें, अध्यापक और महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, को परख काल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “महिला कर्मचारी आधिकारिक फॉर्म भरते समय अपने मायके या ससुराल का पता दे सकेंगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे लगभग एक घंटे के भीतर अपने परिवार तक पहुंच सकें, क्योंकि एक खुश कर्मचारी हमेशा बेहतर प्रदर्शन करता है। 40 किलोमीटर केवल ऊपरी सीमा है और ये तैनातियां इससे भी कम दूरी, जैसे 15 या 20 किलोमीटर के भीतर भी हो सकती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने हमेशा अपनी चिंताओं और समस्याओं को उनके साथ खुलकर साझा किया है, जिससे सरकार को उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को सीधे तौर पर हल करने वाली नीतियां तैयार कर सकती है।
Punjab
पिछली सरकारों के दौरान मेरिट की जगह पैसे के बदले दी जाती थी सरकारी नौकरियां: CM भगवंत सिंह मान
स्वास्थ्य विभाग में और 523 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने उस युग का अंत कर दिया है, जब सरकारी नौकरियां पैसे के बदले बेची जाती थी और राजनीतिक प्रभाव के माध्यम से दी जाती थी, जिससे योग्य उम्मीदवार मौकों से वंचित रह जाते थे। युवाओं को पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से चार सालों में 67,563 सरकारी नौकरियां देने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल किया है, जिससे रोजगार की तलाश में युवाओं द्वारा पंजाब छोड़कर विदेश जाने की प्रवृत्ति में भी कमी आई है।
देश के कई हिस्सों में बार-बार सामने आ रहे परीक्षा विवादों की तुलना पंजाब की भर्ती रिकॉर्ड से करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने निष्पक्षता और पारदर्शिता के माध्यम से सभी के लिए बराबर मौके सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पूरे राज्य में स्वास्थ्य सुविधा और लोक कल्याण पहलकदमियों का बड़े स्तर पर विस्तार किया गया है।
युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते समय सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पूरे राज्य में युवाओं को 67,500 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।” उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पैसे के लेन-देन और पक्षपात का युग समाप्त हो गया है और अब नियुक्तियां सिर्फ योग्यता के आधार पर की जाती हैं।
पारदर्शी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दशकों तक योग्य युवाओं को मौकों से वंचित रखा गया क्योंकि इसके पहले सरकारी नौकरियां सिफारिशों और पैसे के बदले बांटी जाती थी। हमने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। आज सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार द्वारा की गई एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल हो गया है और हर योग्य उम्मीदवार अब जानता है कि सरकारी नौकरी लेने के लिए मेहनत और प्रतिभा का मूल्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए 990 आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “ये क्लीनिक 107 जरूरी दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान करने के साथ-साथ आईटी-समर्थित रीयल-टाइम रिपोर्टिंग और कुशल ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने को सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों द्वारा सरकार की इस पहल को भरपूर समर्थन मिला है, जिसके तहत अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट्स दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों के माध्यम से हर रोज लगभग 84,000 मरीज सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक को मुफ्त दवाइयां क्लीनिक पर ही मिल जाती हैं।
स्वास्थ्य देखभाल मॉडल की सफलता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की ऐतिहासिक पहल बेहद प्रभावशाली रही है। इसके तहत अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट्स दर्ज की गई हैं। इन क्लिनिकों के माध्यम से हर रोज लगभग 84,000 मरीज सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक को क्लीनिक पर ही मुफ्त दवाई मिल जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगभग 97 प्रतिशत मरीजों ने इन क्लीनिकों पर प्रदान की जा रही सेवाओं से संतुष्टि व्यक्त की है। यह इस पहल में लोगों के अथाह विश्वास को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे 400 और आम आदमी क्लीनिक प्रगति अधीन हैं और हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर नागरिक सम्मान के साथ सुलभ और गुणवत्ता-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की लत और नशा तस्करी के खात्मे के लिए एक व्यापक और ठोस प्रयास के रूप में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान भी शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब की समूची आबादी को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करके यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की ओर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत हर परिवार पंजाब भर और चंडीगढ़ में लगभग 900 सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 2,356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए सालाना 10 लाख रुपए तक के नकद रहित स्वास्थ्य कवर का हकदार है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश के इतिहास में पहली बार नीट जैसी परीक्षाएं करवाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है। देश भर में दर्जनों परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिल रही है, जिससे लाखों युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हैं। हालांकि, पंजाब में पिछले साढ़े चार सालों के दौरान एक भी परीक्षा पेपर लीक नहीं हुआ। हमने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करके अपने युवाओं का भरोसा बहाल किया है।”

बिजली क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज, पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। हमारे किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, जिससे खेतीबाड़ी को काफी लाभ हुआ है। एक तरफ जहां सार्वजनिक संपत्तियां कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, वहीं पंजाब ने एक प्राइवेट थर्मल पावर प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है। हमारी सरकार द्वारा सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोक कल्याण के लिए पूरी समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा हर फैसला जनहित की रक्षा और पंजाब के भविष्य को मजबूत करने के लिए लिया जा रहा है।”
नवनियुक्त युवाओं को पूरे तनदेही और प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने पदों का उपयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “ये नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं और उम्मीदवारों ने कड़ी मुकाबले वाली परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास की हैं।”
मुख्यमंत्री ने नीट, जेईई और जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षाओं में पंजाब के विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी क्रांतिकारी पहलकदमियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पंजाब में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की वसूली में तीन गुना वृद्धि हुई है और इस अतिरिक्त राजस्व के साथ लोक कल्याण और विकास परियोजनाओं में निवेश किया जा रहा है।”
पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार पंजाब को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार सृजन, कृषि, उद्योग या लोक कल्याण हो, हम पूरी तनदेही और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। पंजाब और इसके लोगों की तरक्की, खुशहाली और समग्र विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
पारदर्शी भर्ती अभियान ने पंजाब के युवाओं के लिए पैदा किए नए मौके
भगवंत मान सरकार ने 2022 में सत्ता संभालने से लेकर अब तक एक पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य के युवाओं को 67,563 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जिससे सरकारी नौकरियों के लिए सिफारिशों और पैसे की ताकत का कल्चर खत्म हो गया है। हाल ही में चलाए गए भर्ती अभियान के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में 523 नियुक्ति पत्र बांटे गए, जिनमें 178 मेडिकल अधिकारी, 99 स्टाफ नर्सें, 124 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर (पुरुष), 64 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर (महिलाएं), 24 डेंटल टीचिंग फैकल्टी मेंबर, 23 आयुर्वेदिक टीचिंग फैकल्टी मेंबर सहित क्लेरिकल और सहायक स्टाफ शामिल हैं। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा (16,316), गृह मामलों (14,723), बिजली (8,306), स्थानीय निकायों (5,681), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (4,235), राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन (2,355), मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान (2,143) तथा जल स्रोत (2,168) आदि विभागों में भी बड़ी भर्ती की गई है।
उल्लेखनीय है कि हर भर्ती पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा बहाल हुआ है और पूरे राज्य में योग्य उम्मीदवारों के लिए बराबर मौके सुनिश्चित किए गए हैं।
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