Connect with us

Haryana

BJP से मिला सावित्री को धोखा, कांग्रेस में टिकट की आस लगाकर बैठी

Published

on

भारत की चौथी सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल इस बात से परेशान हैं कि उन्हें हरियाणा के हिसार में BJP पार्टी के साथ चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। अब उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने देगी। अगर कांग्रेस पार्टी भी उन्हें नहीं चुनती है तो वह खुद ही चुनाव लड़ने की योजना बना रही हैं। जिंदल के समर्थक लोग हर दिन उनके घर फोन करके पूछ रहे हैं कि मैडम कब चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करेंगी। लेकिन अभी वहां किसी को इसका जवाब नहीं पता। हर कोई इंतजार कर रहा है कि कांग्रेस क्या करेगी।

चूंकि जिंदल परिवार पहले कांग्रेस का हिस्सा हुआ करता था, इसलिए उन्हें लगता है कि कांग्रेस उन्हें हिसार में चुनाव लड़ने देगी। सावित्री जिंदल कांग्रेस पार्टी के साथ दो बार हिसार में नेता चुनी गई हैं। उनसे पहले उनके पति ओम प्रकाश जिंदल भी हिसार में नेता थे। उनके परिवार के इतिहास के कारण लोगों को लगता है कि जिंदल परिवार को कांग्रेस फिर से चुनेगी। कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों की सूची साझा किए जाने के बाद सावित्री अपना फैसला लेंगी। हालांकि, उनके बेटे नवीन जिंदल अपनी मां से लगातार कहते रहते हैं कि वे कांग्रेस में शामिल न हों।

सावित्री जिंदल भाजपा नामक समूह का हिस्सा थीं, लेकिन अब वे उसमें नहीं हैं। वे दिल्ली में व्यस्त हैं और चुनाव लड़ना चाहती हैं। वे चुनाव लड़ने के लिए तैयार दिखती हैं, लेकिन उनके घर पर कोई इस बारे में बात नहीं कर रहा है कि वे आगे क्या करेंगी।

भाजपा, एक राजनीतिक पार्टी, ने 4 सितंबर को 67 लोगों की एक सूची साझा की, जिन्हें वे चुनाव लड़ना चाहते थे। जब यह सूची सामने आई, तो पार्टी के कुछ लोग नाराज हो गए और पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं भी साझा कीं। फिर, 5 सितंबर की सुबह, सावित्री जिंदल नाम की एक महिला भी इस बात से नाराज हो गई कि उसका नाम सूची में नहीं चुना गया। इसलिए, उसने कहा कि वह हिसार में अकेले चुनाव लड़ेगी।

सावित्री जिंदल ने अपने प्रशंसकों से कहा कि वह चुनाव लड़ने की योजना नहीं बना रही थी क्योंकि वह भाजपा पार्टी की मुख्य सदस्य नहीं थी। लेकिन यह देखने के बाद कि वे उसके बारे में कितना परवाह करते हैं, उसने दौड़ में शामिल होने का फैसला किया। सावित्री नवीन जिंदल की माँ हैं, जो एक प्रसिद्ध व्यवसायी हैं और कुरुक्षेत्र से भाजपा पार्टी के सदस्य हैं। अब, उनका मुकाबला हिसार सीट पर डॉ. कमल गुप्ता नामक भाजपा उम्मीदवार से होगा।

अगर सावित्री जिंदल हिसार में अकेले चुनाव लड़ती हैं, तो वे जीतने की कोशिश कर रहे अन्य लोगों को वास्तव में चुनौती दे सकती हैं। जिंदल परिवार 1991 से हिसार में चुनावों का हिस्सा रहा है। यह सब तब शुरू हुआ जब उनके दिवंगत पति ओपी जिंदल ने हरियाणा विकास पार्टी नामक पार्टी के साथ चुनाव लड़ा और तुरंत जीत गए!

जिंदल परिवार राजनीति में शामिल होकर और दूसरों के लिए अच्छे काम करके अपने समुदाय के लोगों की मदद करता है। उन्होंने हिसार नामक जगह पर कई स्कूल और अस्पताल बनवाए हैं। उन्होंने अपनी कंपनी जिंदल इंडस्ट्रीज के ज़रिए कई स्थानीय लोगों के लिए नौकरियाँ भी पैदा की हैं। हिसार के ज़्यादातर लोग जिंदल परिवार का समर्थन करते हैं और वही करते हैं जो वे कहते हैं। भले ही डॉ. कमल गुप्ता मंत्री थे, लेकिन कुछ लोग उनसे खुश नहीं हैं। इससे सावित्री जिंदल को और ज़्यादा लोकप्रिय होने में मदद मिल सकती है।

Haryana

भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

Published

on

हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

Continue Reading

Haryana

हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

Published

on

भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

Continue Reading

Haryana

जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

Published

on

जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

Continue Reading

Trending