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S. Jaishankar का बड़ा बयान: “दुष्ट आतंकी और पीड़ित एक बराबर नहीं हो सकते”, Pakistan को घेरा, Britain को कहा धन्यवाद

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। उन्होंने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और ब्रिटेन की सरकार का आभार जताया। जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance Policy अपनाता है और कभी नहीं मानेगा कि आतंकी और उनके पीड़ित एक जैसे हैं।

दिल्ली में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी के साथ बातचीत के दौरान जयशंकर ने साफ कहा –

भारत कभी भी आतंकी दुष्टों को उनके पीड़ितों के बराबर नहीं मानेगा। आतंकियों के प्रति नरमी दिखाना इंसाफ नहीं, अन्याय है।”

ऑपरेशन सिंदूर से पाक पर भारत का बड़ा एक्शन

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर” चलाया। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा।

जानकारी के अनुसार:

  • 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया
  • 21 प्रिसिशन स्ट्राइक की गई
  • जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बड़े ठिकानों को तबाह किया गया
  • पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पीओके के कई इलाकों में ऑपरेशन चलाया गया

इस ऑपरेशन में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए और उनके ट्रेनिंग सेंटर खत्म कर दिए गए।

ब्रिटेन ने दिया भारत का साथ

भारत के इस मिशन को ब्रिटेन की सरकार ने भी समर्थन दिया। लंदन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल को ब्रिटिश अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े हैं।

रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में भारतीय डेलिगेशन 31 मई से 3 जून तक ब्रिटेन दौरे पर था। इस दौरान उन्होंने:

  • ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात की
  • थिंक टैंक संस्थानों से बातचीत की
  • भारत-ब्रिटेन रणनीतिक रिश्तों पर चर्चा की

ब्रिटेन ने साफ कहा कि वो भारत के आतंकवाद विरोधी स्टैंड का समर्थन करता है।

क्यों ज़रूरी था ऑपरेशन सिंदूर?

पिछले कुछ समय से पाकिस्तान आतंकियों को खुली छूट दे रहा था। पहलगाम हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यह संदेश दिया कि आतंकी हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर ने ये साबित किया कि:

  • भारत की नीतियां सिर्फ कड़े बयानों तक सीमित नहीं
  • अब सीधे एक्शन लिया जाएगा
  • आतंक को पालने वाले देश बेनकाब किए जाएंगे

जयशंकर का संदेश – “दुनिया समझे भारत की भावना

जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत को उम्मीद है कि उसके अंतरराष्ट्रीय साथी यह समझें कि भारत आतंक के खिलाफ समझौता नहीं करेगा।

“हम दुनिया से अपील करते हैं कि आतंकी और पीड़ितों को एक जैसा न समझें। यह नैतिक रूप से गलत है।”

ताज़ा अपडेट

ब्रिटेन के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए हैं

  • अमेरिका और फ्रांस ने भी भारत के आतंकवाद विरोधी एक्शन का समर्थन किया है
  • पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घिरता जा रहा है

भारत अब सिर्फ शब्दों से नहीं, Action से जवाब दे रहा है। जयशंकर का सख्त संदेश, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और अंतरराष्ट्रीय समर्थन ने एक बात साफ कर दी है –
भारत अब चुप नहीं बैठेगा। आतंकी हो या उनका समर्थक, अब हर कोई जवाब देगा।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।

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NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षा

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NEET परीक्षा से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने परीक्षा देने जा रहे लाखों विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।

केजरीवाल ने कहा कि वह जानते हैं कि छात्रों ने पिछले कुछ समय में काफी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता और इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि अब वे पिछली सभी चिंताओं और परिस्थितियों को पीछे छोड़कर केवल अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, “अब कुछ ही घंटे बचे हैं। पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा दें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और बिना किसी तनाव के परीक्षा केंद्र जाएं।”

अरविंद केजरीवाल ने छात्रों की मेहनत पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, NEET में सफलता हासिल करेंगे और भविष्य में देश के योग्य डॉक्टर बनेंगे।”

अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘ऑल द बेस्ट’ कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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