public
पंजाब में ट्रैफिक चालानों का रिकॉर्ड इजाफा, 7 महीनों में 41 लाख के पार
पंजाब में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। साल 2026 के शुरुआती सात महीनों में ही राज्य में 41 लाख से ज्यादा ट्रैफिक चालान जारी किए जा चुके हैं। हालांकि चालानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके मुकाबले जुर्माने की वसूली काफी कम रही है।
ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए डिजिटल कैमरों और CCTV का इस्तेमाल बढ़ने के कारण ई-चालानों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। कैमरों के जरिए वाहनों पर नजर रखी जा रही है और नियम तोड़ने पर चालान जारी किए जा रहे हैं। हालांकि कई वाहन मालिक समय पर इन चालानों का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
सरकारी परिवहन ई-चालान प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में पंजाब में 53,973 चालान जारी किए गए थे और करीब 5.3 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। 2022 में चालानों की संख्या 51,876 रही, जबकि 2023 में यह बढ़कर 72,790 हो गई।
इसके बाद 2024 में चालानों की संख्या में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। इस साल पंजाब में 3.98 लाख चालान जारी किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 447 प्रतिशत अधिक थे। इस दौरान करीब 54.53 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
साल 2025 में चालानों की संख्या और तेजी से बढ़ी। पूरे साल पंजाब में 20,46,881 चालान जारी किए गए और सरकार को करीब 123.04 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
अब 2026 में चालानों की संख्या ने पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। 1 जनवरी से 6 अगस्त 2026 तक राज्य में 41,37,775 चालान जारी किए जा चुके हैं। यह संख्या पूरे 2025 में जारी हुए चालानों की तुलना में लगभग दोगुनी है। हालांकि इसके मुकाबले अब तक सिर्फ 49.02 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।
कुल आंकड़ों की बात करें तो इस अवधि में पंजाब में 67.61 लाख चालान जारी किए गए और इनसे कुल 244.28 करोड़ रुपये का चालान राजस्व दर्ज किया गया है।
चालानों की संख्या बढ़ने के साथ पंजाब की राष्ट्रीय ई-चालान रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। साल 2021 में पंजाब 28वें स्थान पर था। इसके बाद 2024 में 23वें, 2025 में 14वें और 2026 में अब तक 13वें स्थान पर पहुंच गया है।
आंकड़ों से साफ है कि ऑटोमैटिक कैमरा आधारित ट्रैफिक निगरानी के कारण चालान तेजी से बन रहे हैं, लेकिन उनकी वसूली उसी रफ्तार से नहीं हो रही। बकाया चालानों में नोटिस की डिलीवरी, वाहन मालिक द्वारा भुगतान न करना, विवादित मामले और अदालत या लोक अदालत के जरिए निपटारा जैसे कारण अहम हो सकते हैं।
अगर मौजूदा रफ्तार जारी रहती है तो 2026 के अंत तक पंजाब में करीब 69 लाख चालान जारी होने का अनुमान है। हालांकि इसके बावजूद चालानों से होने वाली वसूली करीब 82 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है, जो 2025 में हुई 123.04 करोड़ रुपये की वसूली से काफी कम होगी।
National
प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पीछे हुआ भारत- केजरीवाल
भारत को सालाना प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से भी पिछड़ने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पर कैपिटा इनकम में भारत बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। देश ने मोदी जी को प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो हमें दुनिया का सबसे अमीर देश बनायेंगे। लेकिन उन्होंने तो भारत को बांग्लादेश से भी गरीब बना दिया। आज भारत की प्रति व्यक्ति आय 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है।
शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूं जिसे सुनकर हर देशभक्त को बड़ा धक्का लगेगा। भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब देश घोषित हो गया है। भारत की सालाना पर कैपिटा इनकम 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब हमारी पर कैपिटा इनकम बांग्लादेश से बहुत ज्यादा थी। 2014 में हमारी पर कैपिटा इनकम 1600 डॉलर थी और बांग्लादेश की 1100 डॉलर थी, लेकिन आज बांग्लादेश हमसे आगे निकल गया है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि स्विट्जरलैंड की पर कैपिटा इनकम 1,15,000 डॉलर है, सिंगापुर की 99,000 डॉलर और अमेरिका की 90,000 डॉलर है। 2014 में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया था कि हम अमेरिका को पीछे छोड़ेंगे। हमें क्या पता था कि विश्व गुरु का सपना दिखाने वाले लोग देश को इतना लूटेंगे और चूसेंगे कि 12 साल बाद भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब हो जाएगा।
Politics
भोआ के 4 गांवों को मिलेगी बड़ी सड़क सुविधा, ₹1 करोड़ की लागत से शुरू होगा निर्माण
पठानकोट के भोआ विधानसभा क्षेत्र के चार गांवों के लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क सुविधा मिलने जा रही है। इन गांवों में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण शुरू किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने इन विकास कार्यों का नींव पत्थर रखा।
इस मौके पर मंत्री ने सिर्फ सड़क निर्माण की शुरुआत ही नहीं की, बल्कि गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने मंत्री के सामने पानी की कमी, ड्रेनेज की समस्या, गलियों की खराब हालत और सड़कों की बदहाल स्थिति सहित कई स्थानीय मुद्दे रखे।
ग्रामीणों के मुताबिक, इन समस्याओं की ओर पिछले करीब 20 वर्षों से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खास तौर पर खराब सड़कों के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और किसानों को काफी दिक्कत होती थी।
अब सड़क निर्माण का काम शुरू होने की खबर से गांवों के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नई सड़कों के बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि गांवों को आसपास के क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण के अलावा उनके द्वारा बताई गई अन्य समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सड़क निर्माण की शुरुआत पर गांववासियों ने सरकार और कैबिनेट मंत्री का धन्यवाद किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही अन्य समस्याओं का समाधान भी जल्द किया जाएगा।
public
सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने वाले दीपेंद्र हुड्डा को तुरंत निकाले कांग्रेस: कुलदीप सिंह धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने 1984 के सिख हत्याकांड के मुख्य गुनहगार और सिखों के कातिल सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल बताया और उन्हें एक अच्छा इंसान बताया। धालीवाल ने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा के इस घिनौने और असंवेदनशील बयान से पूरा सिख समुदाय बहुत दुखी और सदमे में है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रधान मल्लिकार्जुन खड़गे, सीनियर नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मांग की है कि सिखों के कातिलों का साथ दे रहे दीपेंद्र हुड्डा को बिना किसी देरी के तुरंत पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए जो 1984 के पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कते हैं।
इसके साथ ही धालीवाल ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उनसे अपील भी की है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेताओं को अपनी नैतिकता साबित करने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए और सेंट्रल लीडरशिप से हुड्डा को हटाने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर पंजाब कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर चुप रहते हैं या हुड्डा का विरोध नहीं करते हैं, तो यह माना जाएगा कि वे भी दीपेंद्र हुड्डा की इस सिख विरोधी सोच का साथ दे रहे हैं।
धालीवाल ने आगे कहा कि यह पहली घटना नहीं है जब कांग्रेस का सिख विरोधी चेहरा सामने आया है। इससे पहले भी कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं की तस्वीरें सिखों के नरसंहार के एक और आरोपी जगदीश टाइटलर के साथ वायरल होती रही हैं। इससे साफ पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी में सिखों के कातिलों को हमेशा सुरक्षा और सम्मान मिला है। उन्होंने दोहराया कि सज्जन कुमार जैसे व्यक्ति को अपना रोल मॉडल बताने वाले दीपेंद्र हुड्डा को पार्टी से तुरंत बर्खास्त करना ही एकमात्र सही कदम होगा।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी