Haryana
Rakesh Tikait ने किसानों से एकजुट रहने की अपील, आंदोलन को बताया लंबी लड़ाई
किसान नेता Rakesh Tikait ने करनाल में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर किसान अलग-अलग समूहों में प्रदर्शन करेंगे, तो उनका नुकसान होगा। उन्होंने किसानों को एकजुट रहने की सलाह देते हुए कहा, “अगर हम बंट गए, तो लुट जाएंगे।” टिकैत ने याद दिलाया कि 10 महीने पहले जब आंदोलन शुरू हुआ था, तब संयुक्त किसान मोर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब तक किसान संगठित नहीं होंगे, उन्हें दिल्ली के करीब नहीं जाना चाहिए।
मीडिया से बातचीत: एकजुटता से मिलेगी जीत
मीडिया से बात करते हुए टिकैत ने कहा, “मैंने बार-बार कहा है कि सरकार से बातचीत एक साथ की जाए। अगर किसान अलग-अलग गुटों में बंट गए, तो उनका नुकसान तय है। प्रदर्शन तभी सफल होगा, जब किसान एकजुट रहेंगे। यह आंदोलन एक 66,000 वॉट के करंट जैसा है, जिसे पार करना आसान नहीं होगा।”
उन्होंने आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार को जल्द से जल्द समाधान के लिए कदम उठाने चाहिए। टिकैत ने भरोसा दिलाया कि वे सभी प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं।
सरकार को करनी होगी पहल
Rakesh Tikait ने कहा कि बातचीत शुरू करने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा, “दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी के लिए सभी किसान संगठनों को एकजुट होना होगा। धरने पर बैठे किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा को पत्र लिखकर स्थिति पर चर्चा करने को कहा है।” टिकैत ने यह भी सुझाव दिया कि यदि आंदोलन को लंबा चलाना है, तो संगठनों को मजबूत रणनीति बनानी होगी।
आंदोलन अभी चलेगा चार-पांच महीने
Rakesh Tikaitने अंदेशा जताया कि आंदोलन अभी चार से पांच महीने और चलेगा। उन्होंने कहा, “भारत सरकार को इस आंदोलन से फायदा हो रहा है, क्योंकि किसान अभी पंजाब में डटे हुए हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जिससे राज्य की जनता परेशान हो रही है।”
गुरनाम सिंह चढूनी पर कटाक्ष
गुरनाम सिंह चढूनी पर चुटकी लेते हुए टिकैत ने कहा, “उन्हें पहले चुनावी लड़ाई लड़ने दीजिए। अगर वह इलेक्शन से फ्री हो जाएं, तो किसानों के साथ जुड़ सकते हैं। चुनाव भी एक बड़ी बीमारी है, और जब तक इस भूत से पीछा नहीं छूटेगा, तब तक किसानों के मुद्दों पर ध्यान देना मुश्किल होगा।”
किसानों के लिए संदेश
टिकैत ने अंत में कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी संगठनों को मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लंबा है, लेकिन जीत उसी की होगी, जो धैर्य और एकजुटता से डटा रहेगा।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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