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Punjab में एक बार फिर बारिश का अलर्ट, रात के तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट।

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पंजाब। Punjab में एक बार फिर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार रात को हुई तेज बारिश के कारण रात के तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट आई थी। इसके बाद शनिवार को मौसम साफ रहा, और रविवार सुबह की शुरुआत भी धूप के साथ हुई। अब मौसम में एक बार फिर बदलाव की संभावना है, जिससे बारिश हो सकती है।

शुक्रवार की बारिश के कारण शनिवार को रात का तापमान 2.5 डिग्री घटकर 8.5 डिग्री तक पहुंच गया, जो अमृतसर में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं और हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इससे तापमान में और गिरावट हो सकती है। हालांकि, शनिवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने के कारण पंजाब के अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अभी भी सामान्य स्तर के आसपास है।

शनिवार को Punjab के विभिन्न शहरों का न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा: लुधियाना 11.2 डिग्री, पटियाला 13.2 डिग्री, पठानकोट 10.2 डिग्री, बठिंडा 12.6 डिग्री, फाजिल्का 12.6 डिग्री, फिरोजपुर 11.8 डिग्री और जालंधर 12.3 डिग्री। वहीं, अधिकतम तापमान में अमृतसर 22.3 डिग्री, लुधियाना 23.6 डिग्री, पटियाला 24.6 डिग्री, पठानकोट 24.4 डिग्री, बठिंडा 22.6 डिग्री (सामान्य से 1.5 डिग्री नीचे), फाजिल्का 23.3 डिग्री, फिरोजपुर 23.0 डिग्री और जालंधर 22.4 डिग्री दर्ज किया गया।

बारिश व ओलों से घन्नौर व सन्नौर के गांवों में फसलों को 70 फीसदी तक नुकसान।

शुक्रवार शाम को मूसलधार बारिश और ओलावृष्टि के कारण पटियाला जिले के घन्नौर और सन्नौर हलकों के गांवों में गेहूं की फसलों को 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बारिश और ओलों के साथ तेज हवाओं ने गेहूं की बालियां गिरा दी हैं। किसानों का कहना है कि मार्च माह में बालियों में दाना पड़ना था, लेकिन मौसम की मार से बालियां गिरने के कारण उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है। जिला खेतीबाड़ी अधिकारी जसविंदर सिंह ने बताया कि घन्नौर हलके के गांव मंजोली में 500 एकड़ पर गेहूं की फसल का 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, वहीं सन्नौर के गांव मलकपुर में भी गेहूं की फसलें जमीन पर गिर चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। किसानों ने सरकार से गिरदावरी कराकर नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।

मुआवजे का एलान करे सरकाा: कोहाड़।

किसान नेता काका सिंह कोटड़ा और अभिमन्यु कोहाड़ के मुताबिक, शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश हुई, जिससे सरसों और गेहूं की फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत गिरदावरी करवाकर किसानों के लिए उचित मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए।

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Punjab

पंजाब के 4 जिलों में राज्य कर विभाग की रेड:तंबाकू बिक्री पर टैक्स चोरी पकड़ी, बिना बिल का 1.5 करोड़ का माल बरामद

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पंजाब सरकार ने तंबाकू पर टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य कर विभाग की टीमों ने पूरे पंजाब में एक साथ बड़े छापेमारी अभियान चलाकर 1.5 करोड़ रुपए के अनअकाउंटेड (बिना बिल) तंबाकू उत्पाद बरामद किए हैं।

उन्होंने कहा, “सिगरेट-बीड़ी पर हाल ही में टैक्स बढ़ाए जाने के बाद इस क्षेत्र में चोरी की गतिविधियां बढ़ गई थी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विभाग ने तुरंत एक्शन लिया।

8 जगह पर की गई छापेमारी

अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर की चार स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स की टीमों ने 8 अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापे मारे। इनमें 5 रजिस्टर्ड दुकानों और 3 गैर-रजिस्टर्ड अवैध कारोबार शामिल थे।” छापेमारी के दौरान लुधियाना और अमृतसर में गुप्त गोदामों और छिपे स्टॉक का भंडाफोड़ हुआ। मुख्य दुकानों से जुड़े गोदामों में भारी मात्रा में सामान बिना इनवॉइस और बिना हिसाब-किताब के रखा और बेचा जा रहा था।

यह सामान हुआ बरामद

इस दौरान भारत निर्मित सिगरेट में 1.32 लाख पैकेट, बीड़ी 18,472 पैकेट, जर्दा 302 पैकेट, विदेशी सिगरेट 13 पैकेट व 95 डिब्बे, विदेशी हुक्का सामग्री 148 पीस, कूललिप: 18 पैकेट व कुल जब्त सामान की कीमत: लगभग 1.5 करोड़ रुपए । किए गए सामान पर 50 लाख रुपए से ज्यादा का टैक्स बकाया है, जिसकी सख्ती से वसूली की जाएगी। अब तक 12 लाख रुपए की राशि वसूल की जा चुकी है और बाकी वसूली की कार्रवाई तेजी से चल रही है।

सरकार का साफ संदेश

हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी देते हुए कहा, “टैक्स चोरी के खिलाफ भगवंत मान सरकार का रुख बिल्कुल सख्त है। ऐसे अभियान लगातार चलते रहेंगे। व्यापारियों को सलाह है कि सही बिल-दस्तावेज रखें और कानून का पालन करें, वरना सख्त कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा।” यह कार्रवाई राज्य के राजस्व की सुरक्षा और टैक्स अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में भगवंत मान सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाती है।

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पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने 3 महीनों में 30.5 लाख परिवारों को कवर किया, 292 करोड़ रुपये के उपचार स्वीकृत हुए।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है और 8 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।”

इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।”

अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा।

उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है।

डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।

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देश में शादी से पहले लड़कों का डोप और medical test होगा जरूरी! जानें- क्यों शुरु हुई ये चर्चा?

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आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कांग ने देश की बेटियों और बहनों की सुरक्षा से संबंधित एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से विवाह संबंधी कानूनों में कड़े सुधार लाने का आग्रह किया।

संसद को संबोधित करते हुए मालविंदर सिंह कांग ने कहा कि हमारे देश में विवाह टूटने और परिवार बिखरने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह समस्या केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के परिवारों को प्रभावित कर रही है।

समाज में व्याप्त दोहरे मापदंडों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शादी से पहले हम लड़की की शिक्षा, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच करते हैं, लेकिन लड़के के मामले में हम आंखें मूंद लेते हैं। शादी के बाद पुरुषों में सामने आने वाले मादक पदार्थों का सेवन, गंभीर बीमारियां और आपराधिक प्रवृत्ति जैसी समस्याएं अनगिनत जिंदगियों को बर्बाद कर रही हैं।

कांग ने भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों से इस दिशा में तत्काल और कड़े कदम उठाने की अपील की। ​​उन्होंने मांग की कि विवाह प्रमाण पत्र जारी करने से पहले दूल्हे का ‘डोप टेस्ट’ अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शादी से पहले दूल्हे के लिए ‘मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट’ कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए।

कांग ने कहा कि यह छोटा सा सुधार हमारे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।

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