Connect with us

Chandigarh

Punjab’s Women DCs आगे बढ़कर कर रही है नेतृत्व: जानिए कैसे APP की Transparency Revolution ला रही है महिलाओं को Government Service में और आगे

Published

on

पंजाब में सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी अब भी काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में महिलाओं का सरकारी कार्यबल सिर्फ 15-18% है, और ज़िला स्तर के प्रशासनिक पदों पर यह संख्या और भी कम है। पूरे भारत में भी सिविल सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 11-13% ही है।

इस लैंगिक अंतर को देखते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। इन पहलों का उद्देश्य है महिलाओं, खासकर गांव की महिलाओं, को प्रशासनिक करियर बनाने के लिए प्रेरित और सशक्त बनाना। इसके लिए सरकार ने पारदर्शिता और डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए सरकारी कामकाज को लोगों के लिए आसान और स्पष्ट बना दिया है।

महिला DC का नेतृत्व और उनके काम

पंजाब में अब कई जिलों की कमान महिलाओं के हाथ में है। ये महिलाएं न सिर्फ पद पर हैं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर शासन को बेहतर और पारदर्शी बनाने में भी लगी हैं।

  1. अमृतसर – DC साक्षी साहनी
    • साक्षी साहनी ने डिजिटल शासन अभियानों के जरिए राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाई है।
    • भूमि दस्तावेज अब आम लोगों, खासकर महिला संपत्ति मालिकों के लिए बिना किसी बिचौलिए के उपलब्ध हैं।
    • सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुधारकर यह सुनिश्चित किया कि लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
    • महिला और बाल विकास कार्यक्रमों की निगरानी कर दूरदराज के गांवों तक योजनाओं को पहुँचाया।
  2. होशियारपुर – DC कोमलप्रीत कौर
    • ग्रामीण विकास और कृषि पर ध्यान देते हुए लंबे समय से लंबित इन्फ्रास्ट्रक्चर समस्याओं को हल किया।
    • पंचायतों के साथ मिलकर योजनाओं में पारदर्शिता लागू की और digital platform पर प्रोजेक्ट अपडेट साझा किए।
    • इससे भ्रष्टाचार कम हुआ और महिलाओं को स्थानीय शासन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
  3. मोहाली – DC कोमल मित्तल
    • तकनीकी दृष्टिकोण अपनाकर सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसानी से उपलब्ध कराया।
    • सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की जरूरत कम की, जिससे कामकाजी महिलाओं और गांव की महिलाओं के लिए सुविधा बढ़ी।
    • महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

आपातकाल और संकट प्रबंधन में नेतृत्व

इस मानसून में पंजाब में बाढ़ आई, जिसमें इन महिला DC ने उत्कृष्ट नेतृत्व दिखाया:

  • साक्षी साहनी (अमृतसर) – 24 घंटे राहत अभियानों का समन्वय, निकासी की निगरानी और राहत शिविरों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित।
  • होशियारपुर में आशिका जैन – स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर फसल क्षति रोकने और प्रभावित किसानों को तुरंत सहायता प्रदान की।
  • कोमल मित्तल (मोहाली) – निवारक उपाय और रियल टाइम निगरानी प्रणाली के जरिए बाढ़ के प्रभाव को कम किया।

इन महिलाओं ने संकट के समय शांत और निर्णायक नेतृत्व दिखाकर प्रशासन में मिसाल कायम की।

पारदर्शिता और लोगों की भागीदारी

पंजाब सरकार ने जनता के लिए शासन को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  • जनता दरबार (Public Hearings) – गांव की महिलाएं और नागरिक सीधे अपने मुद्दे अधिकारियों को बता सकते हैं।
  • ऑनलाइन शिकायत निवारण (Online Complaint Redressal) – सरकारी कामकाज अब रहस्यमय नहीं, बल्कि स्पष्ट और जवाबदेह हो गया है।
  • सोशल मीडिया अपडेट – प्रशासन की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुँचाना।

इससे लोगों को यह भरोसा मिला कि सरकारी कार्यालय सुरक्षित और सम्मानजनक हैं, और केवल कनेक्शन नहीं, बल्कि योग्यता मायने रखती है।

सामाजिक असर और महिलाओं को सशक्त बनाना

महिला DC के नेतृत्व ने ग्रामीण और युवा महिलाओं को प्रेरित किया है कि सरकारी सेवा एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर विकल्प हो सकता है। पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिला अधिकारी सिर्फ नाममात्र की न हों, बल्कि उन्हें पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारी के साथ काम करने दिया जाए।

इन महिला अधिकारियों की सफलता की कहानियाँ भविष्य की महिला सिविल सेवकों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। यह दिखाती है कि जब अवसर और समर्थन मिलता है, तो महिलाएँ केवल प्रशासन में भाग नहीं लेती, बल्कि उसमें excellent leadership भी दिखाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Chandigarh

चंडीगढ़ के 5 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी:मेल पर मैसेज भेजा, स्कूलों में छुट्‌टी

Published

on

चंडीगढ़ और गुरुग्राम में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कई नामी प्राइवेट स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। धमकी मिलते ही पुलिस, ऑपरेशन सेल, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और सभी स्कूलों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।


 चंडीगढ़ के स्कूलों को मिली धमकी

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ में चार बड़े निजी स्कूलों को बम धमकी वाला ई-मेल मिला है।
इनमें प्रमुख रूप से:

  • सेक्टर-25 स्थित चितकारा इंटरनेशनल स्कूल
  • सेक्टर-45 स्थित एक निजी स्कूल

शामिल हैं। एहतियातन स्कूलों में बच्चों की एंट्री रोक दी गई है और सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।


 गुरुग्राम में भी कई स्कूल निशाने पर

उधर, गुरुग्राम में भी बुधवार सुबह कई नामी स्कूलों को धमकी भरा ई-मेल मिलने से अफरा-तफरी मच गई। जिन चार निजी स्कूलों को धमकी मिली है, उनमें:

  • डीएलएफ फेज-1 स्थित कुंसकपालन स्कूल
  • सेक्टर-53 स्थित लैंसर्स स्कूल
  • सेक्टर-64 स्थित हेरिटेज एक्सपीरिएंशियल लर्निंग स्कूल
  • बादशाहपुर स्थित पाथवेज वर्ल्ड स्कूल

शामिल हैं।


 सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी

सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए।

  • एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर तैनात
  • चारों स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान जारी
  • छात्रों और स्टाफ को सुरक्षा के मद्देनजर बाहर निकाला गया

फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


 सुबह मिला धमकी भरा ई-मेल

स्कूल प्रबंधन के अनुसार, बुधवार सुबह उन्हें ई-मेल के जरिए धमकी मिली।
धमकी उस समय सामने आई जब:

  • बच्चों के स्कूल पहुंचने का समय हो चुका था
  • स्कूल बसें बच्चों को लेकर परिसर तक पहुंचने लगी थीं

इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और पेरेंट्स को मैसेज भेजकर बच्चों को स्कूल न भेजने की अपील की। जो बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे, उन्हें सुरक्षित रूप से बाहर भेज दिया गया।

Continue Reading

Chandigarh

Chandigarh court को बम से उड़ाने की धमकी:ई-मेल पर लिखा- ड्रोन से हमला करेंगे, पुलिस ने चारों तरफ से एरिया सील किया

Published

on

चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस ने कोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पहुंच गईं।

किसी को भी कोर्ट के अंदर जाने की इजाजत नहीं है, फिलहाल कोर्ट परिसर के दोनों गेट बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने पूरे परिसर को चारों तरफ से सील कर दिया है। एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कोर्ट परिसर के अंदर भी तलाशी अभियान जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह धमकी ई मेल के माध्यम से आई है। मेल में धमकी देने वाले ने ड्रोन के जरिए बम ब्लास्ट कर कोर्ट को उड़ाने की बात कही है।

कोर्ट की मेल आईडी पर मिली धमकी

बम स्क्वॉड की टीम पूरे परिसर की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कोर्ट की मेल आईडी पर मेल कर धमकी दी है। जैसे ही यह मामला सामने आया, उसके बाद तुरंत एसएसपी आफिस को सूचित किया गया। जिसके बाद बम स्क्वॉड सहित पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची। थाना सेक्टर-36, 39 डीएसपी भी मौके पर पहुंच गए हैं।

SHO बोले- मेल में ड्रोन से बम फेंकने की बात सामने आई

थाना 39 SHO राम दयाल ने बताया कि सुबह 11:55 बजे मेल के जरिए धमकी की सूचना आई थी। इसके बाद कोर्ट में मौजूद सभी लोगों को पॉर्किंग स्थल लाया गया। सूचना मिलने के बाद कोर्ट परिसर खाली करवा दिया है। पूरा परिसर और रूम चैक करवाए गए हैं। सबोटाज टीम पूरा निरीक्षण कर रही है। अब कोई खतरा नहीं है। मेल करने वाली की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मेल में ड्रोन के जरिए बम फेंकने की बात सामने आई है। पुलिस की टीमों ने 2 घंटे तक ऑपरेशन चलाया।

पहले भी मिल चुकी धमकी

चंडीगढ़ जिला कोर्ट ने पहले इस साल 3 बार पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को 22 मई को ईमेल के जरिए ही बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद पूरा परिसर खाली करा दिया गया था। ठीक इसके एक सप्ताह बाद हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट (मुख्यमंत्री कार्यालय सहित) को कॉल कर बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद पूरी बिल्डिंग को खाली करा दिया गया था। उधर, चंडीगढ़ से मुंबई जाने वाली इंडिगो फ्लाइट को 6-7 मई को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इससे मुंबई एयरपोर्ट पर अलर्ट रहा था।

Continue Reading

Chandigarh

चंडीगढ़ PGI में 1.14 करोड़ का घोटाला: CBI ने की 6 कर्मी समेत 8 पर FIR, फोटोकॉपी दुकान से मरीजों की ग्रांट में खेल

Published

on

चंडीगढ़ PGI में 1.14 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है। PGI की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े 6 लोग मरीजों को मिलने वाला पैसा निजी खातों में डलवा रहे थे। इस मामले में CBI ने पीजीआई के 6 कर्मचारियों और 2 अन्य लोगों समेत 8 के खिलाफ FIR दर्ज की है। CBI जांच में सामने आया है कि यह पूरा स्कैंडल आरोपी एक फोटोकॉपी वाले की दुकान से चला रहे थे। इसमें दुकान के मालिक को भी आरोपी बनाया गया है।

एक मरीज ने इलाज के रुपए न मिलने के बाद पीजीआई प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने प्रोफेसर डॉ. अरुण अग्रवाल की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की। जिसके बाद केस सीबीआई के पास गया।

आरोपी फोटोकॉपी की दुकान से मरीजों को मिलने वाली ग्रांट की रकम फर्जी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाते थे। साथ ही मरीजों के नाम पर मिलने वाली महंगी दवाएं अवैध रूप से बाजार में बेच दी जाती थी।

पीजीआई चंडीगढ़ की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है।

पीजीआई चंडीगढ़ की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है।

अब पढ़िए कैसे हुआ मामले का खुलासा…

  • मरीज के अकाउंट में ट्रांसफर नहीं किए रुपए:
  •  घोटाले का खुलासा तब हुआ जब लाभार्थी मरीज कमलेश देवी (फाइल नंबर 18796) के पति ढाई लाख रुपए की स्वीकृत ग्रांट से दवा लेने प्राइवेट ग्रांट सेल पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि उनकी फाइल नष्ट कर दी गई है और डिजिटल रिकॉर्ड भी डिलीट है। इसके बाद जांच में सामने आया कि करीब 22 लाख रुपए निवास यादव नामक के एक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। जबकि इसका मरीज से कोई संबंध नहीं था।
  • हॉस्पिटल अटेंडेंट के अकाउंट में फर्जी ट्रांसफर:
  • कमलेश ने PGI प्रशासन से इसकी शिकायत की। इसके बाद PGI प्रशासन ने मामले में एक कमेटी का गठन किया। डा. अरुण की अध्यक्षता में बनी कमेटी को कई खामियां मिलीं, जिसमें एक अन्य मरीज अरविंद कुमार (फाइल नंबर 20404) को मिलने वाली राशि में से 90 हजार रुपए हॉस्पिटल अटेंडेंट नेहा के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद और जांच हुई तो, इनमें जांच समिति को 11 ऐसे अकाउंट मिले, जिनमें फर्जी तरीके से मरीजों खुद को मरीज का परिवार बताकर 19 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए थे।
  • दवा विक्रेताओं को भेजे रुपए:
  • वहीं, ग्रांट सेल ने दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित पांच मरीजों के इलाज के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि और अन्य संस्थाओं से मिले 61.75 लाख रुपए में से 38 लाख 946 रुपए बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के सीधे दवा विक्रेताओं के खातों में भेज दिए गए। हैरानी की बात यह है कि इन 5 मरीजों में से 2 की पहले ही मौत हो चुकी थी।
  • 70 मामलों में गड़बड़ी, फाइलें गायब:
  • पीजीआई की इंटरनल कमेटी की जांच में सामने आया कि 2017 से अक्टूबर 2021 तक के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें ऐसे 70 और मामले सामने आए। इनमें 17 मामलों में दवा सप्लायरों के असली बिलों में छेड़छाड़ कर 2 बार भुगतान लिया गया। वहीं 37 मरीजों की असली फाइलें रिकॉर्ड से पूरी तरह गायब पाई गईं।
  • 2 पॉइंट में पढ़िए स्कैंडल में कौन शामिल…
  • फोटोकॉपी की दुकान से चलाया स्कैंडल: 
  • PGI की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े कर्मचारी PGI के पास स्थित गोल मार्केट में एक फोटोकॉपी दुकान से अपना स्कैंडल चलाते थे। आरोपी मरीजों को मिलने वाली ग्रांट को फर्जी खातों में ट्रांसफर करा देते थे। फोटोकॉपी दुकान के मालिक दुर्लभ कुमार, साहिल सूद और उनके रिश्तेदारों के खातों में रुपए ट्रांसफर किए थे, जिसे इन्होंने आपस में बांट लिया।
  • प्राइवेट ग्रांट सेल में सामने आईं गड़बड़ी:
  •  जांच के दौरान सीबीआई ने पीजीआई, संबंधित विभागों और विभिन्न बैंकों से रिकॉर्ड जुटाए। इनमें पीजीआई की प्राइवेट ग्रांट सेल में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। यह सेल विभिन्न विभागों से मिलने वाली ग्रांट का प्रबंधन करती है। इसके बाद इसी सेल के जरिए मरीजों को आर्थिक मदद और दवाएं दी जाती हैं।
  • दवा कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
  • सीबीआई इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। साथ ही एचएलएल लाइफ केयर, आर कुमार मेडिकोज, कुमार एंड कंपनी और मारुति मेडिकोज की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, हालांकि अभी इन कंपनियों को आरोपी नहीं बनाया गया है।
Continue Reading

Trending