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पंजाब का नशों विरूद्ध युद्ध: मान सरकार के अधीन कार्रवाई तेज, NDPS मामलों में 40% वृद्धि, जब्तियों में बड़ा उछाल

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पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं। गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है।

जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और स्पष्ट करते हैं। हेरोइन की बरामदगी में 148% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है—2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी। अफीम की जब्ती में भी 43% से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है।

सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447% की वृद्धि है। कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है।

इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है। 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं। दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89% तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है।

डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा, “यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है। मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है। सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है।”

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है।

हालांकि जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

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पंजाब में जनगणना 2026 की तैयारी पूरी, पहली बार डिजिटल सिस्टम से होगा सर्वे

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पंजाब में जनगणना 2026 (Population Census 2026) की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल फॉर्मेट में किया जाएगा। मोबाइल एप और डिजिटल मैपिंग टूल्स की मदद से डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज़ और सटीक होने की उम्मीद है।

पहला चरण मई 2026 से शुरू

जनगणना का पहला चरण, जिसमें मकानों की सूची और आवासीय सर्वे शामिल होगा, 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान लगभग 65,000 कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से करीब 33 सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, बिजली-पानी की सुविधा, इंटरनेट, टीवी और अन्य संपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।

लोग खुद भी भर सकेंगे जानकारी

इस बार सरकार ने नागरिकों को एक बड़ी सुविधा दी है। 30 अप्रैल से 14 मई 2026 तक लोग स्वयं ऑनलाइन अपने परिवार की जानकारी भर सकेंगे, जिसे Self Enumeration (स्व-गणना) कहा जा रहा है। इससे नागरिक अपनी जानकारी सीधे डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद मुख्य जनगणना का विस्तृत चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी रिकॉर्ड की जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और आधुनिक

स्थानीय प्रशासन विभाग के अनुसार इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। डेटा संग्रह, प्रोसेसिंग और मैपिंग सभी डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी। सभी कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है ताकि सर्वेक्षण सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।

65 लाख परिवारों का विशेष सर्वे भी शुरू

जनगणना के साथ-साथ पंजाब सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। 1 अप्रैल 2026 से “ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना” भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य राज्य में नशे की समस्या का डेटा इकट्ठा करना और प्रभावी पुनर्वास नीतियां तैयार करना है।

इस विशेष सर्वे में लगभग 65 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा और करीब 28,000 कर्मचारी इस तीन महीने के अभियान में काम करेंगे। इसके लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

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आज रात पंजाब में सायरन बजते ही छाएगा अंधेरा, होगा 15 मिनट का ब्लैकआउट, जानें क्या है इसके पीछे की वजह…

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पंजाब के सभी जिलों में शुक्रवार को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को रात 8:00 बजे से लेकर रात 8:15 बजे तक अमृतसर के पाइटेक्स ग्राउंड रणजीत एवेन्यू और लुधियाना के पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) और अगर नगर PSPCL डिवीजन के तहत आने वाले इलाकों में यह मॉक ड्रिल की जाएगी। इस दौरान लोगों से अपील की गई है कि वे सभी लाइटें बंद करके ब्लैकआउट एक्सरसाइज़ को फॉलो करें। शाम करीब 7:55 बजे एक सायरन बजाया जाएगा और धार्मिक जगहों से लोगों को अलर्ट करने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट किए जाएंगे। सायरन बजने के तुरंत बाद बिजली विभाग बिजली सप्लाई काट देगा।

इस मॉक ड्रिल में नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF), फायर ब्रिगेड, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, पुलिस, हेल्थ डिपार्टमेंट, सिविल डिफेंस और NCC जैसी कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा ऑर्गनाइज की गई इस एक्सरसाइज का मकसद रियल-टाइम इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिनेरियो को सिमुलेट करना है।

ब्लैकआउट में सहयोग करने की अपील

दोनों जिलों के स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये एक्सरसाइज किसी भी अचानक आने वाली एमरजेंसी के लिए तैयारी करने का एक एहतियाती तरीका है। लोगों से कहा गया है कि वे पूरा ब्लैकआउट करके अपना पूरा सहयोग दें। एक्सरसाइज के दौरान जनरेटर, पावर बैकअप सिस्टम, टॉर्च, मोमबत्ती या माचिस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

अमृतसर जिला प्रशासन ने कहा कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुसार, 24 अप्रैल, 2026 को रात 8:00 बजे पिटेक्स ग्राउंड, रणजीत एवेन्यू में सिविल डिफेंस एयर रेड/ब्लैकआउट मॉक अभ्यास आयोजित किया जा रहा है। यह मॉक अभ्यास राज्य के सभी ज़िलों में सिविल डिफेंस की तैयारियों की जाँच करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

अमृतसर के सहायक आयुक्त प्रगति सेठी और अतिरिक्त नियंत्रक सिविल डिफेंस मनप्रीत सिंह रंधावा (ज़िला कमांडर) ने संबंधित विभागों के साथ बैठक भी की है बैठक के बाद उन्होंने बताया कि मॉक अभ्यास की शुरुआत एक ‘एयर रेड’ चेतावनी संकेत से होगी, जो सायरन के माध्यम से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मॉक ड्रिल पिटेक्स ग्राउंड, रणजीत एवेन्यू में आयोजित की जाएगी और बिजली विभाग केवल इसी इलाके की बत्तियाँ कुछ समय के लिए बंद कर देगा। उन्होंने कहा कि किसी इलाके में ब्लैकआउट के दौरान, आम जनता द्वारा सभी गैर-ज़रूरी बत्तियाँ बंद कर दी जानी चाहिए। हालाँकि, इस दौरान आवश्यक सेवाएँ जारी रहेंगी।अभ्यास खत्म होने के बाद, एक “ऑल क्लियर” मेसेज 2 मिनट तक लगातार तेज़ सायरन बजाकर दिया जाएगा।

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Punjab में प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को सीधे सप्लाई होंगी किताबें, बिचौलियों की मनमानी खत्म; अभिभावकों को मिली राहत

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 पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों के लिए पाठ्य-पुस्तकों के वितरण में एक बड़ा सुधार किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) से संबंधित निजी स्कूलों में पढ़ रहे पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबों की सप्लाई सीधे तौर पर बोर्ड द्वारा की जाएगी।

इस पहल से न केवल अधिकृत एजेंसियों और किताबें बेचने वाली दुकानों की एकाधिकार व्यवस्था खत्म होगी, बल्कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।

नए सुधार की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह निर्णय पारदर्शिता को बेहतर बनाने, परिवारों का खर्च कम करने और बिचौलियों पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ पाठ्य-पुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्कूल सख्ती से यह सुनिश्चित करेंगे कि पुस्तकों के लिए छपी हुई कीमत से अधिक पैसा न लिया जाए। यह केवल पुस्तकों के वितरण की सुविधा होगी, न कि राजस्व जुटाने का माध्यम।

इससे निजी स्कूलों के दस लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15 प्रतिशत छूट, जो पहले पुस्तक बेचने वालों को मिलती थी, अब सीधे तौर पर विद्यार्थियों को मिलेगी।

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