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पंजाब के प्रभसिमरन सिंह को पहली बार टीम इंडिया के टी-20 स्क्वॉड में मिली जगह, जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयन

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पंजाब के युवा बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शानदार घरेलू प्रदर्शन का इनाम देते हुए उन्हें पहली बार भारतीय सीनियर टी-20 टीम में जगह मिली है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने इस महीने जिम्बाब्वे दौरे के लिए तीन मैचों की टी-20 सीरीज हेतु टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें प्रभसिमरन सिंह को शामिल किया गया है। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिली है।

अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सोमवार को टीम की घोषणा की। प्रभसिमरन सिंह को घरेलू क्रिकेट और टी-20 मुकाबलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम मिला है। उनके अलावा तेज गेंदबाज यश ठाकुर और आशीष शर्मा (यदि आधिकारिक सूची में यही नाम है) को भी पहली बार भारतीय सीनियर टीम में मौका मिला है, जबकि तेज गेंदबाज मयंक यादव की लंबे समय बाद टीम में वापसी हुई है।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी-20 मुकाबले 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में खेले जाएंगे। इस सीरीज में श्रेयस अय्यर टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है।

संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने की वजह उनकी हालिया खराब फॉर्म मानी जा रही है। आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। इसी कारण इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में भी उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया था।

चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे दौरे की टीम के साथ-साथ इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए भी एक बदलाव किया है। चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह ऑलराउंडर शिवम दुबे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उपकप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, आशीष शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह को जगह दी गई है।

वहीं इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे। टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और शिवम दुबे भी शामिल हैं।

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मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर सड़कों पर उतरेगी काकरोच जनता पार्टी, 5 सितंबर को दिल्ली में मार्च

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काकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उसकी कई अहम मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सरकार हर बार अधूरे वादे करके अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।

पार्टी के मुताबिक, सरकार के सामने रखी गई चार प्रमुख मांगों में से तीन अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। इनमें पहली मांग आंदोलन के दौरान प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की है। दूसरी मांग छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और उनके खिलाफ आगे किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की है।

इसके अलावा पार्टी ने RAF और दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर भी माफी की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इन मांगों पर अभी तक संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए हैं।

मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में काकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को दिल्ली में एक बार फिर मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने समर्थकों और आम लोगों से भी इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों समेत कई मुद्दों को लेकर पार्टी ने 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। बाद में 25 जुलाई को सरकार की ओर से मिले आश्वासन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म कर दिया गया था।

अब पार्टी का कहना है कि तय समय के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण वह दोबारा आंदोलन की राह पर जा रही है। 5 सितंबर को होने वाले मार्च के जरिए पार्टी सरकार पर अपनी मांगें मानने का दबाव बनाएगी।

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यूक्रेनी ड्रोन हमलों का असर! रूस को अब भारत से मंगाना पड़ रहा पेट्रोल

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यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए जा रहे ड्रोन हमलों का असर अब रूस के घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इन हमलों के कारण रूस की कई रिफाइनरियां प्रभावित हुई हैं, जिससे पेट्रोल का घरेलू उत्पादन कम हुआ है। हालात ऐसे बने हैं कि दुनिया के बड़े कच्चे तेल निर्यातकों में शामिल रूस को अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए विदेशों से पेट्रोल आयात करना पड़ रहा है।

ऊर्जा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में रूस का समुद्री रास्ते से पेट्रोल आयात बढ़कर करीब 1.25 लाख बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। पूरे अगस्त महीने में पेट्रोल आयात लगभग 4.70 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है। रूस के लिए यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि वह लंबे समय से दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल रहा है।

इस बीच भारत रूस को पेट्रोल सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों ने पिछले दो महीनों में रूस को करीब 10 लाख बैरल पेट्रोल भेजा है। इसमें गुजरात की वाडीनार रिफाइनरी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। यह रिफाइनरी नायरा एनर्जी द्वारा संचालित है, जिसमें रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है।

दरअसल, साल 2022 से भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। रूसी क्रूड ऑयल को भारत की रिफाइनरियों में प्रोसेस करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन तैयार किए जाते हैं। जून और जुलाई के दौरान भारत ने रूस से रोजाना 26 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल खरीदा। यह फरवरी के करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन के मुकाबले काफी ज्यादा है।

इसी वजह से यह संभावना भी जताई जा रही है कि रूस को भारत से भेजे गए कुछ पेट्रोल के उत्पादन में रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। यानी एक तरफ रूस भारत को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल बेच रहा है, वहीं दूसरी तरफ अब भारत से तैयार पेट्रोल खरीदने की स्थिति भी बन रही है।

रूस के पेट्रोल उत्पादन पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों का बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय घरेलू पेट्रोल उत्पादन में करीब 70 फीसदी तक की कमी आई थी। इसके चलते रूस के कुछ इलाकों में ईंधन की कमी की स्थिति पैदा हुई और सरकार को घरेलू बाजार में सप्लाई बनाए रखने के लिए कई कदम उठाने पड़े।

घरेलू बाजार में पेट्रोल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रूस ने पेट्रोल की बिक्री और निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। पेट्रोल निर्यात पर लगी पाबंदी को जनवरी 2027 के अंत तक बढ़ाया गया है, जबकि डीजल के निर्यात पर भी प्रतिबंध जारी है।

भारत के अलावा तुर्की और मोरक्को भी अगस्त में रूस को पेट्रोल सप्लाई करने वाले देशों में शामिल रहे। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि यूक्रेन-रूस युद्ध का असर अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा और ईंधन व्यापार पर भी पड़ रहा है।

रूस जैसे बड़े तेल निर्यातक देश का पेट्रोल आयात करने पर मजबूर होना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर रूसी रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले जारी रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और अन्य ईंधनों की सप्लाई तथा कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

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पंजाब के सरकारी स्कूल देश के अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूलों को भी दे रहे मात- केजरीवाल

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पंजाब में कभी सरकारी स्कूलों की पहचान जर्जर इमारतों, टूटे फर्नीचर और सीमित सुविधाओं से होती थी, वहीं आज सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक लैब, स्मार्ट बोर्ड, स्वीमिंग पूल और बेहतरीन प्ले ग्राउंड से सजे ये सरकारी स्कूल नामी प्राइवेट स्कूलों को भी मात दे रहे हैं। इन स्कूलों में अमीर-गरीब हर तबके के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार के शिक्षा मॉडल की यह तस्वीर पंजाब में बदलती शिक्षा की तस्वीर दिखाती है। शनिवार को ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना, संगरूर और नवांशहर के तीन शानदार सरकारी स्कूलों का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा कर अपनी पार्टी की सरकार के शानदार काम पर खुशी और संतोष जाहिर किया।

अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना, संगरूर और नवांशहर में भगवंत मान सरकार के बनाए गए सरकारी स्कूलों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इनके सामने प्राइवेट स्कूल भी फेल हैं। ये सरकारी स्कूल पंजाब में शिक्षा की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने कि हमने ऐसे हजारों स्कूल पंजाब में बनाए हैं। लोगों को इन्हें देखकर विश्वास ही नहीं होगा कि ये सरकारी स्कूल हो सकते हैं। ये देश के अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहे हैं। मुझे बहुत खुशी होती है कि हमने ऐसा काम किया है जिससे गरीबों के बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलने लगी है। मजदूरों, रिक्शे वालों, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, लोअर मिडिल क्लास और गरीबों के बच्चे अब डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं।

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