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Punjab: कौन हैं डॉ. पुष्पिंदर गिल? जिन्हें मिली बड़ी जिमेदारी, पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के VC नियुक्त

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पटियाला स्थित महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को नया वाइस चांसलर (वीसी) मिल गया है। डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल को महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (एमबीएसपीएसयू) का वीसी नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल की अवधि का होगा। 

यह नियुक्ति महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अधिनियम, 2019 की धारा 26(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना 8 फरवरी 2026 को विवेक प्रताप सिंह, आईएएस, प्रधान सचिव, राज्यपाल पंजाब द्वारा जारी की गई।

डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल शिक्षा, शोध, प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय परामर्श के क्षेत्र में 36 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वे पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से सेवानिवृत्त प्रोफेसर रह चुके हैं और अपने लंबे अकादमिक व प्रशासनिक अनुभव के चलते पंजाब के प्रमुख खेल विश्वविद्यालय का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम माने जाते हैं।

डॉ. गिल ने वर्ष 1993 में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से “मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव इफेक्टिवनेस” विषय पर पीएचडी की। उन्होंने वर्ष 1987 में एमबीए (मार्केटिंग एवं मटेरियल मैनेजमेंट) तथा 1984 में अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया।

अपने अकादमिक करियर के दौरान उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी में 23 वर्षों से अधिक समय तक प्रोफेसर, 7 वर्षों तक एसोसिएट प्रोफेसर तथा 6 वर्षों से अधिक समय तक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं।

शिक्षा जगत के साथ-साथ डॉ. गिल को कॉर्पोरेट क्षेत्र का भी व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे 1999 से 2001 तक अफ्रीका (युगांडा, केन्या, इथियोपिया और नाइजीरिया) में द कोका-कोला कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

डॉ. गिल की शैक्षणिक उपलब्धियों में 84 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र, 10 पुस्तकें तथा 400 से अधिक लेख शामिल हैं। वे “इंडियन जर्नल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़” के संपादक-इन-चीफ भी रह चुके हैं। उन्होंने 30 पीएचडी शोधार्थियों का सफल मार्गदर्शन किया है।

डॉ. गिल का विज़न महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को खेल शिक्षा, उच्च प्रदर्शन खेल और अनुप्रयुक्त शोध के क्षेत्र में भारत की अग्रणी संस्था बनाना है, जहाँ खेल विज्ञान को व्यावहारिक सफलता और करियर के अवसरों से जोड़ा जा सके।

डॉ. गिल ने कोका-कोला, पेप्सिको, कैडबरी, फिलिप्स इंडिया सहित कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श सेवाएं भी दी हैं और विभिन्न राज्यों की लोक सेवा आयोगों में विशेषज्ञ के रूप में भी कार्य किया है।

डॉ. गिल की नियुक्ति से जुड़े नियम व शर्तें पंजाब सरकार के युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा अलग से अधिसूचित की जाएंगी।

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बिस्त दोआब नहरी नेटवर्क के तहत वर्ष 2025-26 में सिंचाई क्षेत्र में 167% वृद्धि, 1.10 लाख एकड़ अतिरिक्त रकबा सिंचाई के दायरे में आया

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पंजाब की ऐतिहासिक जीवनरेखा मानी जाने वाली बिस्त दोआब नहर के पुनर्जीवन ने दोआबा क्षेत्र के खेतों, किसानों और भविष्य को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए गए योजनाबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त दोआब नहरी नेटवर्क के अंतर्गत सिंचाई क्षेत्र में 167% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि के साथ 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी सिंचाई के दायरे में लाया गया है, जिससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

दोआबा की जीवनरेखा मानी जाने वाली इस नहर में जल प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। इन प्रयासों के चलते जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, कपूरथला तथा होशियारपुर के कुछ हिस्सों में लंबे समय से बनी पानी की कमी को काफी हद तक दूर किया गया है और सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है।

रोपड़ हेडवर्क्स से निकलने वाले इस नहरी नेटवर्क, जिसमें इसकी शाखाएं, माइनर और खाल शामिल हैं, का व्यापक स्तर पर पुनरुद्धार किया गया है। इससे पानी के वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सिंचाई के तहत आने वाले क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है।

इस पुनर्जीवन अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बिस्त दोआब नहर नेटवर्क के अंतर्गत लगभग 19,213 एकड़ कृषि भूमि को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध हुआ है। इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक केवल भूमिगत जल और बारिश पर निर्भर थे।

जल प्रवाह में सुधार का सकारात्मक प्रभाव बलाचौर क्षेत्र की काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना पर भी पड़ा है। वहीं शहीद भगत सिंह नगर के बंगा और मुकंदपुर तथा जालंधर जिले के अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और कालासंघियां जैसे क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को मजबूत किया गया है। जालंधर ब्रांच से जुड़े पुनर्जीवित रजवाहों ने अंतिम खेत तक पानी पहुंचाने की क्षमता को और बेहतर बनाया है।

नहर के पुनर्जीवन का लाभ अब शहरी क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। जालंधर शहर में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए जालंधर ब्रांच को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है। इससे नगर निगम की भूमिगत जल पर निर्भरता कम होगी और शहर को अधिक टिकाऊ एवं भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी।

बिस्त दोआब नहर की यह बहाली पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत सिंचाई तंत्र को आधुनिक बनाया जा रहा है, किसानों को मजबूत किया जा रहा है और जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं टिकाऊ प्रबंधन को सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

नहरों के पुनर्जीवन की यह सफल कहानी पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था, किसानों की समृद्धि और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है।

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पंजाबी अपनी मातृभाषा पर किसी भी हमले को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्र की भाजपा सरकार के पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाने के फैसले की निंदा की और इसे पंजाब विरोधी सोच का प्रतीक बताया।

पन्नू ने कहा कि भाजपा लगातार पंजाब के हक और उसकी विरासत पर डाका डालने की कोशिश कर रही है, जिसे राज्य के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पन्नू ने कहा कि भाजपा के पंजाब विरोधी फैसले हमेशा चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। चाहे वह पंजाब के गांवों को उजाड़कर बनाए गए चंडीगढ़ को पूरी तरह अपने अधीन करने की साजिश हो, पंजाब यूनिवर्सिटी को हरियाणा के कंट्रोल में लाने की कोशिश हो या बीबीएमबी का मैनेजमेंट केंद्र के हाथों में सौंपने की बात हो, भाजपा ने हर कदम पर पंजाब को कमजोर करने का काम किया है। अब मिलिट्री स्कूलों में पंजाबी भाषा की अहमियत कम करके केंद्र ने अपनी छोटी सोच का एक और सबूत पेश किया है।

उन्होंने साफ किया कि हम किसी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पंजाबी भाषा को पंजाब की धरती पर दूसरे नंबर पर धकेलना मंजूर नहीं है। हम अपनी ‘मातृभाषा’ को प्राथमिकता देने वाले लोग हैं और इसके सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक डटकर लड़ने को तैयार हैं। यह फैसला न सिर्फ भाषाई भेदभाव है बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक जड़ों को काटने की गहरी साजिश भी है। पन्नू ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार को इस जनविरोधी और पंजाब विरोधी फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। पंजाबी हमेशा अपनी मातृभाषा के अपमान के खिलाफ एकजुट रहे हैं और भविष्य में भी केंद्र की इन तानाशाही नीतियों का कड़ा विरोध जारी रहेगा।

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भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार सेठी आम आदमी पार्टी में शामिल

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आम आदमी पार्टी (आप) की जन-हितैषी नीतियों और प्रशासन से प्रभावित होकर, फाजिल्का से वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल कुमार सेठी मंगलवार को आप में शामिल हो गए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल किया।

सेठी का पार्टी में स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पूरे पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी की नीतियों और सोच पर भरोसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के हर वर्ग की भलाई और तरक्की के लिए काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है और पूरे राज्य में लगातार अपना आधार मजबूत कर रही है।

अनिल कुमार सेठी ने कहा कि वह आप की ईमानदार और विकास पर आधारित राजनीति और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आप सरकार पंजाब और उसके लोगों की भलाई के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।

आम आदमी पार्टी ने अनिल कुमार सेठी का पार्टी में स्वागत किया और उन्हें संगठन में उचित सम्मान और जिम्मेदारी का भरोसा दिया।

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