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Punjab द्वारा नया कीर्तिमान स्थापित: शुरुआत से अब तक की सबसे अधिक GST प्राप्ति, विकास दर में भारत में सबसे आगे: Harpal Singh Cheema

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पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अप्रैल 2026 के लिए कर राजस्व में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है और राज्य ने जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक का अपना सबसे अधिक मासिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) हासिल किया है और इसके साथ ही कुल जीएसटी राजस्व वृद्धि दर में देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है।

यहां जारी एक प्रेस ब्यान में इस अभूतपूर्व उपलब्धि का विवरण देते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने कहा, “राज्य ने 2725.08 करोड़ के शुद्ध जीएसटी के साथ 2987.38 करोड़ का कुल जीएसटी दर्ज किया है। यह शानदार प्रदर्शन वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर शुद्ध जीएसटी में 70.70% की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है, जो अप्रैल 2025 की हमारी प्राप्ति की तुलना में लगभग 1,129 करोड़ रुपये के प्रभावशाली वृद्धि में परिवर्तित हुआ।”

राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की स्थिति के बारे में विवरण देते हुए, आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा, “भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने पोस्ट-सेटलमेंट जीएसटी में 66% की शानदार वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले वर्ष के 1,795 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,987 करोड़ रुपये हो गई है। यह हमें देश में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्य के रूप में स्थापित करता है, जो सर्व-भारतीय विकास औसत को काफी पीछे छोड़ता है और सभी उत्तरी भारतीय राज्यों में अग्रणी है।”

वित्तीय आंकड़ों के संदर्भ में जानकारी देते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने कहा, “हालांकि वर्ष-दर-वर्ष की तुलना अप्रैल 2025 से 859 करोड़ रुपये के असाधारण आईजीएसटी समायोजन(एडजस्टमेंट) से प्रभावित है, इस कारक को निष्पक्ष करने पर 12.57% का समायोजित कुल वृद्धि और 10.97% का समायोजित शुद्ध वृद्धि सामने आती है। यह स्पष्ट रूप से कर प्रशासन और अनुपालन में हमारे निरंतर सुधारों को दर्शाता है।”

इस वित्तीय उपलब्धि का श्रेय कठोर प्रशासनिक उपायों को देते हुए, आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा, “हमारे मजबूत जीएसटी वृद्धि का श्रेय पूरे पंजाब में तेज की गई प्रवर्तन गतिविधियों को जाता है। डेटा एनालिटिक्स का व्यापक उपयोग, समन्वित फील्ड कार्रवाई और खुफिया जानकारी पर आधारित निरीक्षणों के माध्यम से, हम 175 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाने में सफल रहे हैं। इसके अलावा, इस अप्रैल में आयरन एंड स्टील सेक्टर में एक विशेष टैक्स चोरी विरोधी अभियान के दौरान, हमने एक ही दिन में लगभग 200 वाहनों को जब्त करके एक रिकॉर्ड प्रवर्तन ड्राइव चलाई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की राज्य के राजस्व आधार को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देकर कहा, “जीएसटी राजस्व संग्रह में पंजाब का शीर्ष स्थान कर विभाग की केंद्रित रणनीति का प्रमाण है, जो प्रौद्योगिकी-संचालित प्रवर्तन को वास्तविक करदाताओं की सुविधा के साथ सहज रूप से जोड़ता है। हम सभी नियमों का पालन करने वाले करदाताओं के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और सहायक कर प्रणाली सुनिश्चित करते हुए टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”

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‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत ₹465 करोड़ से अधिक का इलाज; 42 लाख से ज्यादा कार्ड जारी

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पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के संबंध में एक महत्त्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। यह एक स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य परिवारों को किफायती इलाज उपलब्ध करवाना है। अब तक इस योजना के तहत 465.36 करोड़ से अधिक के इलाज किए जा चुके हैं, 42 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं, और 2.77 लाख से अधिक उपचार लाभार्थियों को प्रदान किए गए हैं। यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में परिवार सेहत कार्ड पर भरोसा कर रहे हैं और इसका लाभ उठा रहे हैं।

इस उल्लेखनीय सफलता के बावजूद, सरकार ने उन सभी पात्र लोगों से जल्द से जल्द पंजीकरण करवाने की अपील की है, जिन्होंने अभी तक नामांकन नहीं करवाया है। सरकार ने ज़ोर दिया है कि चिकित्सीय आपात स्थिति कभी भी आ सकती है, और समय पर पंजीकरण परिवारों को ऐसे समय में आर्थिक बोझ से बचा सकता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पंजाब के हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बना रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 2.77 लाख प्री-ऑथराइजेशन अनुरोधों पर 465.36 करोड़ से अधिक का ख़र्च और 42 लाख से अधिक पंजीकरण इस बात का प्रमाण है कि लोग इस योजना पर भरोसा कर रहे हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि जिन लोगों ने अभी तक नामांकन नहीं करवाया है, वे देरी न करें, क्योंकि यह योजना ज़रूरत के समय वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।

इस योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह सभी के लिए खुली है। इसमें आयु, लिंग या आय के आधार पर कोई सीमा नहीं है। यही कारण है कि यह देश के सबसे समावेशी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है।

अधिक से अधिक लोगों को पंजीकरण में मदद करने के लिए सरकार गाँवों, कस्बों और शहरों में रोज़ाना पंजीकरण कैंप आयोजित कर रही है। ये कैंप गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों जैसे सुविधाजनक स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद रहते हैं, जो लोगों का मार्गदर्शन करते हैं, दस्तावेजों की जाँच करते हैं और मौके पर ही पंजीकरण पूरा करवाते हैं। इससे प्रक्रिया सभी के लिए आसान हो जाती है।

सरकार ने कुछ आम भ्रांतियों को भी दूर किया है। यह योजना केवल गरीब परिवारों के लिए नहीं है, बल्कि पंजाब के सभी निवासियों के लिए है। पंजीकरण सरल है और कैंपों में सहायता उपलब्ध है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज कैशलेस है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख तक का इलाज कवर मिलता है, जिसमें बड़ी सर्जरी और गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया सरल है। लोग बिना अपॉइंटमेंट के, आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर किसी भी कैंप या केंद्र पर जा सकते हैं और कर्मचारियों की सहायता से पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें एसएमएस के माध्यम से पुष्टि प्राप्त होगी।

पंजाब सरकार राज्य के परिवारों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है कि वे इस योजना में पंजीकरण करवाएँ, ताकि किसी को भी पैसों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से समझौता न करना पड़े।

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मोहाली से CM Bhagwant Mann का पंजाब के युवाओं को संदेश, खुद का काम शुरू करें, सरकार हर मदद देगी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के युवाओं को नौकरियां तलाशने वाले बनने की बजाय नौकरियां पैदा करने वाले बनने की ओर बढ़ने का आह्वान किया, यह दावा करते हुए कि उनकी सरकार सक्रिय रूप से ऐसा माहौल बना रही है जहां युवा प्रदेश सरकार के समर्थन से अपने उद्यम शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में विदेशों में जाने की जरूरत खुद-ब-खुद खत्म हो रही है क्योंकि उनकी सरकार युवाओं के लिए पंजाब में ही अवसर पैदा कर रही है।

पिछली अकाली और कांग्रेस सरकारों से तीखी तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां पिछली सरकारें खाली खजाने के बहाने मारती रहीं, वहीं उनकी सरकार साफ-सुथरे इरादों और निर्णायक शासन के जरिए अपने वादों से भी आगे बढ़कर काम कर रही है, जो साबित करता है कि सिस्टम में कोई कमी नहीं थी, बल्कि पुराने नेताओं में राजनीतिक इच्छाशक्ति की ही कमी थी।

आज यहां मोहाली के सेनेटा गांव में लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके खिलाफ कोई मुद्दा न होने के कारण विपक्षी दल मुझ पर झूठे और निराधार व्यक्तिगत आरोप लगाकर अपनी नीच स्तर की मानसिकता दिखा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए कठोर प्रयास कर रहे हैं जिससे विपक्षी दल बौखलाहट में हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता आम आदमी की भलाई और प्रदेश की प्रगति को हजम नहीं कर पा रहे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कारण विपक्षी मेरे खिलाफ निराधार और तर्कहीन आरोप लगा रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से उनकी निराशा को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लोगों की दौलत लूटने का तो कोई अनुभव नहीं, लेकिन मैं आम लोगों के दुख-दर्द को बांटने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की हिम्मत जरूर रखता हूं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे प्रदेश की भलाई और लोगों की खुशहाली के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं जिससे विपक्षी दल बेचैनी में है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक नेता इन बातों को हजम नहीं कर पा रहे, जिस कारण वे बार-बार उनके खिलाफ जहर उगल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटिया चालें उन्हें प्रदेश के लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं और वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए नेक कार्यों को इसी तरह जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के नेताओं ने कभी प्रदेश या इसके लोगों की परवाह नहीं की, जबकि इसके विपरीत इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा प्रदेश के लिए काम करने की बजाय अपने पारिवारिक और निजी हितों को प्राथमिकता दी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं का यह रवैया पंजाब और इसके लोगों दोनों के लिए हानिकारक साबित हुआ, जिस कारण लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां उन्हें बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही हैं क्योंकि वे प्रदेश सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से ईर्ष्या करती हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रहे हैं और सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सत्ता की कुर्सी का खेल खेलते रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ पार्टी ने लोगों के सहयोग से उनके गठजोड़ को बेनकाब करके सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और आम आदमी पार्टी के राज में अब आम लोगों की समस्याएं हल हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 5 मई को भारत के राष्ट्रपति से मिलेंगे और नेताओं की दल-बदल के खिलाफ सख्त प्रावधानों की मांग करेंगे क्योंकि यह लोगों के फैसले का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि अवसरवादी नेता अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए अपनी इच्छानुसार अपनी पार्टियां बदलते रहते हैं, जो पूरी तरह गलत है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये नेता लोगों के फैसले की पीठ में छुरा घोंपते हैं, जो पूरी तरह अनुचित है और इसे रोकने के लिए कानून बनाना समय की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 70 से अधिक वर्षों के समय से पारंपरिक पार्टियों ने प्रदेश को खूब लूटा। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की पिछड़ी और घटिया नीतियों के कारण प्रदेश विकास की रफ्तार से पिछड़ गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि उनकी सरकार ने पिछले चार वर्षों में राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया है और पहली बार किसी सरकार ने इतने कम समय में लोगों से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं।

सरकार की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि प्रदेश का विकास पटरी पर आ चुका है और अब पंजाब सरकार हर दिन अपने काम और प्रदेश के विकास की रफ्तार को लगातार बढ़ा रही है। उन्होंने आगे कहा कि 70 सालों का अंतर पाट दिया गया है और रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप सरकार देश की पहली सरकार है जिसने अपने घोषणापत्र को शब्दशः लागू किया है और लोगों द्वारा उठाई गई सभी वैध मांगों का समाधान किया गया है।”

अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकतों से वाकिफ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ऐशो-आराम और खुशहाली के साथ एक सुरक्षित व आरामदेह माहौल में बिताई है। उन्होंने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल पंजाब के एक कॉन्वेंट से पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो प्रदेश की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन पंजाब में सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, यदि सब कुछ छोड़कर भी देखें, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री प्रदेश की आम फसलों में अंतर भी नहीं बता सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में भी जानकारी की काफी कमी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं के पाप माफ करने योग्य नहीं हैं और इन्हें लोगों द्वारा उनके बुरे कामों के लिए कभी भी माफ नहीं किया जा सकता। अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं जो गिरगिट की तरह अपने रंग और अपनी सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलते हैं। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करके बेशुमार दौलत इकट्ठा करके अवैध रूप से बड़े महल बनाए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महलों की दीवारें ऊंची थीं और दरवाजे आम तौर पर लोगों के लिए बंद रहते थे। उन्होंने कहा कि ये नेता लोगों के लिए पहुंच से बाहर रहे, जिस कारण जनता ने उन्हें अपने दिलों से निकाल दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया है, जिन्होंने उन्हें बारी-बारी से लूटा। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लंबे समय से लोगों को मूर्ख बनाया है, लेकिन अब प्रदेश के समझदार लोग इनके भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं हो रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अहंकारी राजनेताओं ने हमेशा प्रदेश के लोगों को हल्के में लिया है, जिस कारण उन्हें लोगों ने ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैरान हैं क्योंकि लोग उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि उनका एजेंडा लोगों की बजाय अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा डॉ. बी.आर. अंबेडकर साहब के जीवन और दर्शन के अनुसार, प्रदेश सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में अहम पहल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड प्रदेश में गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। दूसरी ओर, भगवंत सिंह मान ने दुख जताया कि पहले के नेताओं ने बाबा साहब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपने और उनके सपनों को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का लोगों के प्रति दृष्टिकोण इस तथ्य से झलकता है कि उनके कार्यकाल में नौवीं कक्षा तक कोई भी स्कूल में फेल नहीं हुआ था, जिससे विद्यार्थी अपनी कमजोरी का अहसास नहीं कर सके और बाद में मैट्रिक में फेल हो गए, जिससे उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बादलों ने इन लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए अधिकारी बनाकर सशक्त बनाने की बजाय यह सुनिश्चित किया कि गरीबों के विद्यार्थी पढ़ाई न करें और सिर्फ आटा-दाल योजना तक सीमित रहें। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्ग की पीढ़ियां अपनी घटिया सोच वाली आटा-दाल योजना के जरिए बादलों के रहमो-करम पर निर्भर थीं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन लोगों ने बाबा साहब अंबेडकर की पीठ में छुरा मारा, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को शिक्षा से वंचित रखा गया।

अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को अपनी पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे, वे प्रदेश में 117 सीटें जीतने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि इन नेताओं ने प्रदेश में गैंगस्टरों को पनाह दी है और नशा तस्करों को बचाकर युवाओं की नसों में नशा भर दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल राजनीतिक मुर्दा लोगों की पार्टी है जिन्हें लोगों ने बार-बार नकारा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व प्रदेश के लोगों को गुमराह करने के लिए हवा में किले बना रही है, लेकिन पंजाबी इससे प्रभावित नहीं होंगे और कहा कि लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें फिर से उचित सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों ने अकालियों को बार-बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा प्रदेश और इसके लोगों के साथ विश्वासघात किया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है, जिस कारण लोग उन्हें माफ नहीं कर सकते।

भाजपा पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा पार्टी का प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी साख की परख करने के लिए स्वागत है, लेकिन भाजपा को पता होना चाहिए कि प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए 117 सीटों पर उम्मीदवारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी के पास इतने नेता नहीं हैं, इसलिए वे शायद दूसरी पार्टियों से उधार लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव लड़ने के लिए दूसरी पार्टियों के कई नेताओं को अपने साथ शामिल किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश के लोग भाजपा के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे इसे जरूर सबक सिखाएंगे, यह भी कहा कि प्रदेश और इसके लोगों के साथ भगवा पार्टी के अन्याय और सौतेले मां जैसे व्यवहार की एक लंबी कहानी है।

मुख्य उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक बिजली सप्लाई दी गई है और दिन में 95% सप्लाई दी गई है।” उन्होंने आगे कहा, “सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है और लगभग 90% उपभोक्ताओं को जीरो बिजली बिल आ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और लोगों को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नाम दर्ज कराना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कर दाताओं का पैसा है और हर एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ था।” उन्होंने आगे कहा कि पहले की पार्टियां संसाधनों को लूटने के लिए खेलें खेलती थीं। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के बेमिसाल कामों से हैरान होकर, विपक्षी दल निराधार और तर्कहीन बयान दे रहा है।”

सरकार की उपलब्धियों को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रदेश के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई की गई है।” उन्होंने आगे कहा कि किसानों को अब दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है। “पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे की समझदारी से इस्तेमाल कर रही है।”

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मान सरकार के ईमानदार शासन के चलते पंजाब के राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि- Kejriwal

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की आम आदमी पार्टी ने इस बार रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह किया है। पंजाब के इतिहास में अब तक की यह सबसे अधिक राजस्व वृद्धि के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेताओं ने भगवंत मान सरकार के ईमानदार शासन को श्रेय दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछली सरकारें अपनी नाकामी को छिपाने के लिए पैसे नहीं होने का बहाना बनाती थीं, लेकिन सीएम भगवंत सिंह मान की अगुआई में आज पंजाब ने इस सच्चाई को साबित कर दिया कि बात सिर्फ पैसे की नहीं, बल्कि नेक नीयत की थी।

अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा की ओर से एक्स पर साझा की गई जीएसटी संग्रह की डिटेल को रीट्वीट कर कहा कि दशकों तक सरकारें अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ‘पैसे नहीं हैं’ का बहाना बनाती रहीं। लेकिन आज पंजाब ने इस सच्चाई को साबित कर दिया है कि बात सिर्फ पैसे की नहीं, बल्कि नेक इरादे की थी। ईमानदार शासन के चलते पंजाब के राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और अब उस पैसे का इस्तेमाल पंजाब की जनता की सेवा में किया जा रहा है। यही है आम आदमी पार्टी का मॉडल।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इसे एक शानदार उपलब्धि बताते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने एक वर्ष में जीएसटी संग्रह में ऐतिहासिक 66 फीसद की वृद्धि दर्ज की है। यह पंजाब के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है। यह सभी प्रमुख राज्यों और राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है, जो किसी भी राज्य द्वारा दर्ज की गई सबसे अधिक वृद्धि है।

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