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पंजाब पुलिस का 72 घंटे का ऑपरेशन प्रहार शुरू: डीजीपी बोले- गैंगस्टर नहीं बचेंगे
पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ 72 घंटे का ऑपरेशन प्रहार लॉन्च किया है। DGP गौरव यादव ने चंडीगढ़ में इसका ऐलान करते हुए कहा कि आज (20 जनवरी) को पुलिस की 2 हजार फील्ड में उतारी गई हैं। जो पूरे स्टेट में गैंगस्टर, उनके साथियों और उनकी एक्टिविटीज में शामिल परिवार के लोगों की जांच कर रही हैं।
इसके अलावा DGP ने गैंगस्टरों के बारे में सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया। DGP ने कहा कि युवाओं के पास यह आखिरी मौका है कि वह मुख्य धारा में लौट आएं। अब पंजाब पुलिस किसी को नहीं बख्शेगी। पंजाब में गैंगस्टरों के लिए कोई जगह नहीं है। गैंगस्टर खुद को विदेश में भी महफूज न समझें।
पुलिस के ऑपरेशन प्रहार शुरू करते ही जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ में 2 जगह एनकाउंटर हुए हैं। मंडी गोबिंदगढ़ में पुलिस गैंगस्टर को हथियार रिकवरी के लिए ले गई थी लेकिन गैंगस्टर शिवा ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसमें एक होमगार्ड जवान जख्मी हो गया। जिसके बाद पुलिस ने क्रॉस फायरिंग की, जिसके बाद उसे गोली लगी और वह पकड़ा गया।
जालंधर में भी 2 संदिग्धों को रोका गया, जिन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। क्रॉस फायरिंग में एक आरोपी करण घायल हो गया जबकि उसका साथी फरार हो गया। इन पर UK से भारत आए एक युवक सुखचैन सिंह पर फायरिंग करने का आरोप था। पुलिस के मुताबिक इस साजिश के तार विदेश से जुड़े थे। सुखचैन का UK में रहने वाले बेअंत नाम के युवक से रुपयों का लेन-देन था। इसको लेकर बेअंत ने फिलीपींस में रहने वाले साथी चानना के जरिए शूटर हायर कर यह वारदात कराई थी।

चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते DGP गौरव यादव (बाएं से दूसरे)। उनके साथ स्पेशल DGP लॉ एंड ऑर्डर अर्पित शुक्ला (बाएं), AGTF के ADGP प्रमोद बान और IG हेडक्वार्टर डॉ. सुखचैन सिंह गिल।
गैंगस्टरों को लेकर DGP गौरव यादव की अहम बातें…
- 60 गैंगस्टर, उनके सहयोगी और परिवार मैप किए:
- DGP ने बताया कि इस ऑपरेशन में राज्य में एक्टिव 60 मेन गैंगस्टरों को चिह्नित किया गया है। ये अभी विदेश में बैठे हुए हैं। पुलिस ने उनके साथ आपराधिक वारदातों में शामिल 1200 साथियों और 600 पारिवारिक मेंबरों को मैप किया है। इन पर निगरानी और कार्रवाई के लिए 12 हजार पुलिस कर्मियों की 2000 विशेष टीमें मैदान में उतारी गई हैं। यह 72 घंटे का ऑपरेशन है। इसके बाद इनसे पूछताछ की जाएगी।
- परिवार शामिल मिला तो एक्शन होगा:
- DGP ने कहा- अगर किसी के परिवार वाले की गैंगस्टर के साथ किसी तरह की आपराधिक एक्टीविटीज में भूमिका मिली तो उनके खिलाफ भी एक्शन होगा। उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे गैंगस्टर अपने आप को महफूज न समझें। उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा। उनके गुर्गों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने मिसगाइडेड यूथ से अपील की है कि अगर वे मेन लाइन में आना चाहते हैं तो वे वापस आ जाएं।
- गैंगस्टरों को बाहर भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों पर भी एक्शन:
- डीजीपी ने बताया कि क्रिमिनल फाइनेंसिंग पर भी जबरदस्त अटैक किया जाएगा। ड्रग तस्करों की प्रॉपर्टी फ्रीज करवाई गई है। फंडिंग ऑफ क्राइम और मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई होगी। अगर गैंगस्टरों से जुड़ा कोई एसेट या बिजनेस हुआ तो उस पर भी एक्शन लिया जाएगा। अवैध तरीके से काम करने वाले ट्रैवल एजेंटों पर भी अब कार्रवाई होगी। क्राइम के बाद गैंगस्टरों को विदेश भेजने वाले एजेंटों की पहचान कर ली गई है, उन पर भी एक्शन होगा।
- विदेशों में बैठे गैंगस्टर भारत लाए जाएंगे:
- DGP ने कहा कि पुलिस ने ओवरसीज फ्यूजीटिव ट्रैफिकिंग एंड एक्ट्राडिशन सेल (OFTEC) ऑफिस बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के IG आशीष चौधरी को इसका प्रभारी लगाया गया है। इसके अलावा AGTF के DIG गुरमीत चौहान, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के DIG अखिल चौधरी और ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (BOI) के कंवलदीप सिंह इसके मेंबर होंगे। विदेशों में बैठे 60 गैंगस्टर में से 23 के रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं और बाकी के लिए प्रयास जारी किए गए हैं। इसके अलावा साउथ एवं मिडिल ईस्ट देशों में गलत तरीके से बैठे हैं। उन्हें पहचान कर डिपोर्ट करके यहां लाने का प्रयास किया जाएगा। यह सेल वहीं काम करेगा।
- सोशल मीडिया पोस्ट पर भी एक्शन:
- DGP ने कहा कि पुलिस की तरफ से अब हथियारों के प्रदर्शन, इंटरनेट मीडिया पर अपराध के प्रचार प्रसार पर भी सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। सोशल मीडिया से 10 हजार से ज्यादा पोस्ट रिमूव किए गए हैं, और कई हजार अकाउंट बंद करवाए गए हैं।
- दूसरे राज्यों में भी रेड होगी:
- DGP गौरव यादव ने साफ किया कि गैंगस्टरों को पकड़ने का ऑपरेशन सिर्फ पंजाब में ही सीमित नहीं होगा बल्कि आउट ऑफ स्टेट भी रेड की जाएंगी। पंजाब से बाहर बैठे इन गैंगस्टरों और उनके साथियों को पंजाब लाया जाएगा। भारत की जेलों में बैठे गैंगस्टर भी पंजाब का माहौल खराब कर रहे हैं, उन्हें भी कानून के दायरे में रहकर काम किया जाएगा जेलों में जैमर लगाने के साथ साथ डी एडिक्शन सेंटर बनाए जा रहे हैं।
रिवॉर्ड पॉलिसी को भी मंजूरी, 10 करोड़ तक इनाम
पंजाब सरकार ने पुलिस में रिवॉर्ड पॉलिसी भी मंजूर कर दी है। इसमें कुल 10 करोड़ रुपए के इनाम दिए जाएंगे। इसे 1 सितंबर 2024 से इसे लागू किया जाएगा। इसमें SSP को 1 लाख रुपए, पुलिस कमिश्नर और रेंज DIG को डेढ़ लाख रुपए, ADGP और विंग प्रभारी को 2 लाख रुपए तक इनाम मिलेगा। इससे अधिक की रकम के लिए DGP से मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा एक किलो नशा पकड़ने पर 60 हजार रुपए दिए जाएंगे। अगर किसी को सजा होती है तो जांच अफसर (IO) को 40 हजार रुपए और प्रॉपर्टी अटैच कराने पर 20 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
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आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी की पढ़ाई जारी रहेगी, संस्कृत लागू करने का फैसला वापस
आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES), जालंधर ने अपने उस पहले के फैसले को वापस ले लिया है, जिसमें स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई थी। अब छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पहले की तरह अपनी मातृभाषा पंजाबी की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब चेतना मंच के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जौहल, महासचिव सतनाम सिंह मानक और संगठन सचिव प्रिंसिपल गुरमीत सिंह पलाही ने कहा कि नए नियमों के तहत छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पंजाबी या संस्कृत में से किसी एक भाषा का चयन करने की स्वतंत्रता होगी। इसके साथ ही वे अंग्रेजी और हिंदी से जुड़े निर्धारित विषयों का भी चयन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा में अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जबकि दसवीं कक्षा की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
डॉ. जौहल ने पंजाबी भाषा को बचाने के लिए चलाए गए अभियान का समर्थन करने वाले सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे गए उनके पत्र ने इस मामले के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा पंजाबी भाषा से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी लगातार इस मुद्दे को उठाया। कानूनी और सामाजिक स्तर पर किए गए प्रयासों के साथ-साथ केंद्रीय पंजाबी लेखक संघ के नेतृत्व में चंडीगढ़ में प्रदर्शन भी किए गए। पंजाब चेतना मंच ने पंजाब के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखकर स्कूलों में पंजाबी भाषा को बनाए रखने की मांग की थी। अब इस फैसले को पंजाबी भाषा के संरक्षण और उसके अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह देवीदासपुरा ने समस्त संगत को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने बहुत कम आयु में ही मानवता की सेवा, दया, विनम्रता और परोपकार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी पूरी मानवता को सेवा, प्रेम और करुणा का संदेश देती हैं। उन्होंने संगत से गुरु साहिब के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने और जरूरतमंदों की सेवा के लिए सदैव आगे आने की अपील की।
प्रकाश पर्व के विशेष अवसर पर रात्रि के समय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में विशेष रोशनी और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। रोशनी से जगमगाता श्री हरिमंदिर साहिब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इस पावन पर्व की रौनक को और भी भव्य बना देगा।
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नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब ने केरल को पछाड़ा; शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में चार सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया
प्रदेश में शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव का दावा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि पंजाब ने केरल को पछाड़कर ‘नीति आयोग स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स 2026’ में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जहां वर्ष 2022 में 8,000 स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी और लगभग 4 लाख विद्यार्थी ताटों (चटाइयों) पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे, वहीं आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है और पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह वह बदलाव है जिसका वादा आप की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने किया था।
विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा द्वारा लाए गए शिक्षा संबंधी प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए, स्कूल शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने जुलाई 2022 में पदभार संभालने के समय स्कूलों की खराब स्थिति को याद करवाया।
बुनियादी ढांचे के प्रारंभिक सर्वेक्षण के नतीजों के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि 8,000 से अधिक स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी, 3,200 में उपयोग योग्य बाथरूम नहीं थे और लगभग 4 लाख बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर थे। पाठ्यपुस्तकें अक्टूबर-नवंबर में स्कूलों तक पहुंचती थीं, जिससे शैक्षणिक सत्र के कई महीने बर्बाद हो जाते थे।
किसी भी सरकारी शिक्षक से इसकी पुष्टि करने की चुनौती देते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब वही पाठ्यपुस्तकें 15 फरवरी तक जिला मुख्यालयों तक पहुंच जाती हैं और 31 मार्च तक वितरित कर दी जाती हैं।”
अपने शासन मॉडल के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि उन्होंने पंजाब के हर जिले के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निजी तौर पर दौरा किया है, जिनमें सीमावर्ती स्कूल, जीरो-लाइन से सटे गांव और दूर-दराज के क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने सदन को बताया कि सरकार का प्रमुख ‘मिशन समरथ’ भारत के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरा है। इसके लेवल बेस्ड टीचिंग मॉडल के तहत, हर बच्चे को अच्छी तरह पढ़ना, लिखना और गणित सिखाना सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को ग्रेड के बजाय उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार समूहों में बांटा जाता है।
स. हरजोत बैंस ने कहा, “जब मैंने सितंबर-अक्टूबर 2022 में स्कूलों का दौरा किया, तो मैंने 8वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी भी देखे जो सामान्य वाक्य भी नहीं लिख सकते थे। कुछ विद्यार्थी सामान्य जोड़ और घटाव नहीं कर सकते थे। हमने इन विद्यार्थियों की पहचान की और इन्हें तीसरी कक्षा के सिलेबस के स्तर से पढ़ाया। आज वे बहुत सुधार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब सालाना लगभग 12 लाख विद्यार्थियों और 70,000 से अधिक शिक्षकों को कवर किया जाता है।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन में हुए सुधार के बारे में स. हरजोत बैंस ने सदन को बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों से नीट-यू.जी. परीक्षा पास करने वालों की संख्या वर्ष 2021 में मात्र 80 से बढ़कर वर्ष 2026 में 882 हो गई है। उन्होंने कहा कि ये नतीजे ‘पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस’ (पेस) पहल का स्पष्ट परिणाम हैं।
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति ने विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है।” स. बैंस ने आगे कहा कि मजीठा में सरकारी स्कूलों के छह विद्यार्थियों और दीनानगर में 17 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। ये कोई प्राइवेट कोचिंग के आंकड़े नहीं, बल्कि हमारे सरकारी स्कूलों की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
उन्होंने एक साधारण परिवार से संबंधित लड़की हरनूरप्रीत कौर का विशेष जिक्र किया, जिसने अपनी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 3140 हासिल की, जो आज के सरकारी स्कूलों की काबिलियत को दर्शाता है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने पलटवार किया, “अगर आप चाहते हैं तो मुझे व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाएं। सरकारी स्कूलों को क्यों निशाना बना रहे हो? कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों द्वारा गढ़े गए झूठे प्रचार ने लोगों को पहले ही सरकारी स्कूलों से दूर कर दिया है।”
सरकारी स्कूलों में घटती दाखिला दर से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए स. बैंस ने कहा कि यह रुझान सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं था, बल्कि कोविड के बाद देश भर में देखा गया है।
उन्होंने आगे कहा, “ऑल इंडिया आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले की संख्या 1.76 करोड़ तक घटी है। कोविड के दौरान, सरकारी स्कूलों में दाखिला वास्तव में बढ़ा था। परंतु उसके बाद, हर जगह यह संख्या घटी है।”
उदाहरण देते हुए स. बैंस ने कहा कि बिहार में 2.49 करोड़ विद्यार्थी थे, जो पहले घटकर 2.13 करोड़ रह गए और इस साल यह और घटकर 1.95 करोड़ रहने का अनुमान है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में, यह संख्या पहले 4.44 करोड़ से घटकर 4.16 करोड़ हो गई है, जो इस साल 4.1 करोड़ रहने का अनुमान है। इसके अलावा महाराष्ट्र में यह संख्या 2.32 करोड़ से घटकर 2.13 करोड़ रह गई।
स. बैंस ने कहा, “उन्होंने भारत सरकार की 2023 में शुरू की गई अपार आई.डी. पहल का भी हवाला दिया। ‘अब हर विद्यार्थी के पास एक अनोखी आई.डी. है। पहले एक बच्चा छह स्कूलों में दाखिल होता था परंतु किसी में भी नहीं पढ़ रहा था। इसी कारण अब ये आंकड़े सही हो रहे हैं।’”
शिक्षा मंत्री ने विस्तार से बताया कि 19,125 सरकारी स्कूलों में 2,638 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के काम किए गए हैं। इस साल विश्व बैंक से और सुधारों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी ली गई है।
स. हरजोत बैंस ने कई ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की सूची दी, जिनका पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। उन्होंने लुधियाना के शहीद सुखदेव थापर के नाम पर बने स्कूल ऑफ एमिनेंस का हवाला दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि कभी इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “आज इस स्कूल को विश्व स्तरीय बनाने के लिए 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस साल स्कूल के 17 विद्यार्थी नीट परीक्षा भी पास कर चुके हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आखिरी विकल्प से पहली पसंद में बदल रही है। हम यहीं नहीं रुक रहे। हम हर साल और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
स. बैंस ने कहा, “शिक्षकों को अब सरकारी स्कूल चलाने के लिए फंड मांगने की जरूरत नहीं। हमने स्कूलों के लिए आवश्यक फंड मुहैया करवाए हैं, पिछली सरकारों की तरह नहीं जब शिक्षकों को फंड मांगने जाना पड़ता था। अपमान का दौर अब खत्म हो गया है।”
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