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Punjab News: पंजाब-राजस्थान पानी समझौता:राजस्थान पर पंजाब के 1,44,000 करोड़ रुपए बकाये के मुद्दे पर विपक्षी नेता चुप क्यों है:बलतेज पन्नू
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा राजस्थान के साथ पानी के समझौते को लेकर किए गए बड़े खुलासे के बाद आम आदमी पारी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब से मुख्यमंत्री मान ने तथ्यों के साथ यह सबूत पेश किया है कि 1920 के समझौते के तहत राजस्थान को मिलने वाले पानी के बदले पंजाब का 1,44,000 करोड़ रुपया बकाया है, तब से 70 साल राज करने वाली कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के नेता अब चुप क्यों हैं। इन दलों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है।
पंजाब का पानी दूसरे राज्यों को लुटाया था
बलतेज पन्नू ने भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को लंबे हाथों लेते हुए कहा कि जाखड़ साहब इसे ‘शगूफा’ बताकर अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जाखड़ साहब, जिस कांग्रेस पार्टी में आप पहले थे, आज वही लोग आपके साथ भाजपा में बैठे हैं जिन्होंने कभी सोने की कुदाली और चांदी की टोकरी लेकर पंजाब की छाती पर नहरें खुदवाई थीं और पंजाब का पानी दूसरे राज्यों को लुटाया था। आज उन गद्दारियों पर आप चुप क्यों हैं? पंजाब की जनता आपकी इस खामोशी का मतलब बखूबी समझती है।
विपक्ष को आइना दिखाते हुए पन्नू ने कहा कि जिस पंजाब को इन पारंपरिक पार्टियों ने बंजर होने के कगार पर छोड़ दिया था, उसे मान सरकार ने महज 4 वर्षों में ही पुनर्जीवित कर दिया है। उन्होंने बताया कि जहाँ पहले खेतों तक केवल 22% नहरी पानी पहुँचता था, आज मान सरकार के प्रयासों से वह आंकड़ा 78% तक पहुँच गया है। इतना ही नहीं, जो नहरें और सूए पिछली सरकारों ने भू-माफिया के साथ मिलकर दबवा दिए थे, उन्हें फिर से खोदा जा रहा है। तरनतारन के सरहाली में दबी हुई ‘लंबी नहर’ को बहाल करना इसका जीता-जागता प्रमाण है।
पंजाब को लूटने, कूटने और पंजाब के हकों को दूसरे राज्यों के पास गिरवी रखने वालों का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है
बलतेज पन्नू ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों को तकलीफ इस बात की नहीं है कि कोई दबी हुई नहर मिल गई है, बल्कि उनकी असल तकलीफ यह है कि उस मिट्टी के नीचे दबी हुई उनकी पुरानी साजिशें और गद्दारियां बाहर निकल आई हैं। उन्होंने कहा कि 70 साल तक पंजाब को लूटने, कूटने और पंजाब के हकों को दूसरे राज्यों के पास गिरवी रखने वालों का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है। पन्नू ने पंजाब की जनता को भरोसा दिलाया कि जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान कुर्सी पर हैं, पंजाब का एक-एक पैसा और पंजाब के हक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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CM मान की ‘शुक्राना यात्रा’ का तीसरा दिन, बठिंडा से हुई शुरुआत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शुक्राना यात्रा’ आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। यह यात्रा बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून के लिए पंजाबवासियों का धन्यवाद करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। तीसरे दिन की शुरुआत बठिंडा से हुई, जहां सुबह करीब 10 बजे यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से रवाना हुई।
इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों और ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक यात्रा के पूरे रूट का ट्रैफिक प्लान पहले ही जारी कर दिया गया था ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बठिंडा में यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से अमरीक सिंह रोड, गोल डिग्गी, हनुमान चौक, बस स्टैंड, कोटशमीर और भागीवंदर होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद यात्रा तलवंडी साबो के लिए रवाना हुई। तलवंडी साबो में मुख्यमंत्री भगवंत मान तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकेंगे और अरदास करेंगे।
इसके बाद शुक्राना यात्रा सरदूलगढ़, मानसा और बरनाला होते हुए आगे बढ़ेगी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मान विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित भी कर सकते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य बेअदबी के खिलाफ बने नए कानून के बारे में लोगों को जागरूक करना और सरकार के फैसलों के लिए जनता का धन्यवाद करना है।
शाम को मुख्यमंत्री सुनाम स्थित गुरुद्वारा मस्तुआणा साहिब भी जाएंगे। इसके बाद यात्रा कुछ समय के लिए संगरूर में रुकेगी और फिर वहां से श्री फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना होगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह ‘शुक्राना यात्रा’ 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई थी और लगातार पंजाब के अलग-अलग इलाकों में निकाली जा रही है।
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Punjab में निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर PSPCL सख्त, लगेगा जुर्माना
पंजाब में बढ़ती बिजली मांग के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने निर्धारित लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती करने के निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड से 10 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत करता है, तो उसे 7 दिनों के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा।
PSPCL के मुताबिक, तय सीमा से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं पर जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता तीसरी बार भी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज करते हुए FIR भी दर्ज की जा सकती है।
कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि लगातार निर्धारित सीमा से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर समय रहते कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व नुकसान रोकने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड 2024 में संशोधन किया है। इसके तहत सभी मुख्य अभियंताओं को नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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बेअदबी कानून मामले में आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे स्पीकर संधवां
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचकर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के सामने अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। जानकारी के मुताबिक, वह सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी भरेंगे। यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बनाए गए नए बेअदबी विरोधी कानून को लेकर चर्चा में आया था, जिसके संबंध में जत्थेदार की ओर से स्पीकर संधवां को तलब किया गया था।
दरअसल, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से इस कानून को तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा था कि बेअदबी जैसे संवेदनशील और धार्मिक मामले पर कोई भी कानून बनाने से पहले पंथक संगठनों, सिख विद्वानों और पूरे पंथ की राय लेना जरूरी था।
उन्होंने यह भी कहा कि सिख मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका सर्वोच्च मानी जाती है और उसकी अनदेखी उचित नहीं है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आधिकारिक तौर पर बुलाया गया है तो वह पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।
अब राजनीतिक और पंथक हलकों की नजरें आज होने वाली इस अहम पेशी पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं और कानूनी प्रक्रिया दोनों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
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