Connect with us

Punjab

Punjab News: पंजाब मिल्कफेड के चेयरमैन नरिंदर सिंह शेरगिल ने दिया इस्तीफा

Published

on

पंजाब मिल्कफेड के चेयरमैन नरेंद्र शेरगिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सरकार ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है। वह सीएम भगवंत मान के करीबी माने जाते हैं। उनका इस्तीफा फरवरी 2026 के अंत में (26 फरवरी 2026 के आसपास) दिया गया और तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफे का स्पष्ट कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया। यह व्यक्तिगत या अन्य कारणों से माना जा रहा है

करीब चार साल पद रहे

शेरगिल 31 अगस्त 2022 को पंजाब सरकार (CM भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार) द्वारा मिल्कफेड के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। यह AAP के कई नेताओं की नियुक्तियों का हिस्सा था, जहां उन्होंने मोहाली से जुड़े AAP नेता के रूप में यह पद संभाला। नियुक्ति के बाद वे 2022 से 2026 तक इस पद पर रहे और मिल्कफेड के विकास, Verka ब्रांड के विस्तार आदि में सक्रिय रहे। जैसे दिल्ली में Verka दूध की सप्लाई बढ़ाना (20,000 लीटर से लक्ष्य 2 लाख लीटर तक) शामिल है।

इस्तीफा मंजूर होने संबंधी आदेश

इस्तीफा मंजूर होने संबंधी आदेश

मोहाली की राजनीति में एक्टिव रहे

नरेंद्र सिंह शेरगिल राज्य की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े एक प्रमुख स्थानीय नेता हैं। उनका राजनीतिक करियर मुख्य रूप से मोहाली क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। वे झिंगरां कलां गांव (खरड़, मोहाली) के निवासी हैं और पूर्व सरपंच रह चुके हैं। वे पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से जुड़े रहे हैं।

2017 पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने उन्हें मोहाली सीट से उम्मीदवार बनाया था। वे चुनाव हार गए थे। 2019 लोकसभा चुनाव में AAP ने उन्हें आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से टिकट दिया। यहां भी वे हार गए (कांग्रेस के मनीष तिवारी जीते, शिरोमणि अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा दूसरे स्थान पर, और शेरगिल तीसरे स्थान पर रहे करीब 53,000 वोट मिले)।

वे AAP के मोहाली क्षेत्र के सक्रिय नेता रहे हैं, जहां उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दों, ‘परिवर्तन की लहर’ और स्थानीय समस्याओं (जैसे नौकरियां, प्रवास, ड्रग्स आदि) पर फोकस किया। वे रोड शो, जनसंपर्क और पार्टी गतिविधियों में सक्रिय दिखे हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम ला रही है रंग, 80% सफलता दर के साथ जनता और पुलिस के तालमेल ने तोड़ी तस्करों की कमर: Baltej Pannu

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों के सक्रिय सहयोग से जिस तरह की सफलता मिल रही है, उससे यह साबित हो गया है कि पंजाब बहुत जल्द पूरी तरह से ड्रग-फ्री होने की ओर बढ़ रहा है। सरकार और जनता के बीच इस तालमेल ने ड्रग तस्करों की कमर तोड़ दी है। 

नशों के खिलाफ चल रही जंग के अब तक के आंकड़े सांझा करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक कुल 41,850 एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में कार्रवाई करके करीब 60,000 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा गया है। पुलिस द्वारा की गई रिकवरी के आंकड़े बताते हैं कि यह मुहिम कितनी गहराई से काम कर रही है। अब तक पुलिस ने 2569 किलोग्राम हेरोइन, 0.37 किलोग्राम स्मैक, 748 किलोग्राम अफीम, 35,058 किलोग्राम भुक्की, 898 किलोग्राम गांजा और 4599 किलोग्राम कोकीन बरामद करके एक बड़े ड्रग नेटवर्क को तबाह किया है। 

बलतेज पन्नू ने खास तौर पर जमीनी स्तर पर जनता की भागीदारी की तारीफ करते हुए कहा कि गांवों में बनी विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसीज़) को लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम के लिए बनाए गए खास मोबाइल ऐप पर सबसे ज्यादा जानकारी पुलिस तक पहुंच रही है, जिसका सक्सेस रेट 80 परसेंट से ज्यादा है।

पन्नू ने स्पष्ट कि आज जो बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज हो रही हैं और रिकवरी हो रही है, वह मुख्य रूप से लोगों द्वारा दी गई सही जानकारी और उनकी मदद की वजह से ही संभव हो पा रही है। यह ‘रंगला पंजाब’ की दिशा में एक निर्णायक जीत है।

Continue Reading

National

लुधियाना में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ED की छापेमारी खत्म, मुख्यमंत्री का केंद्र पर हमला

Published

on

जाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी की कार्रवाई समाप्त हो गई है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम शुक्रवार सुबह अचानक लुधियाना स्थित मंत्री के आवास पर पहुंची। टीम ने पहुंचते ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की गहन जांच शुरू की।

ईडी की तरफ से बयान नहीं हुआ जारी

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई। हालांकि, अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे जांच को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

दूसरी ओर, मंत्री संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध जताया है।

सीए मान लगा चुके केंद्र पर आरोप 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है।

इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, वहीं विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। 

फिलहाल, छापेमारी समाप्त होने के बाद भी इस मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों और संबंधित पक्षों की ओर से स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

Continue Reading

Punjab

पाकिस्तान से पंजाब तक फैला नशा गिरोह बेनकाब, तकरीबन 448 करोड़ की हेरोइन बरामद

Published

on

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर की संयुक्त कार्रवाई में 64.62 किलो हेरोइन बरामद की गई है।

इसके साथ ही एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया गया है, जिसके तार पाकिस्तान से लेकर यूरोप तक जुड़े पाए गए हैं। जब्त हेरोइन की इंटरनेशनल वेल्यू तकरीबन 448 करोड़ रुपए आकी जा रही है। 

डीजीपी के अनुसार यह कार्रवाई सामान्य नहीं है, बल्कि सीमा पार से संचालित एक संगठित और मजबूत तस्करी नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा तस्कर मूसा इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक है। यह वही व्यक्ति है, जिसका नाम पहले 532 किलो हेरोइन की बड़ी खेप के मामले में भी सामने आ चुका है।

पुर्तगाल तक पहुंचे लिंक

इस बार मूसा ने अपने नेटवर्क को और विस्तार देते हुए यूरोप, विशेष रूप से पुर्तगाल में बैठे अपने साथियों के जरिए पंजाब के स्थानीय तस्करों को जोड़ रखा था। इस तरह यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे की आपूर्ति का एक बड़ा चैनल बना चुका था।

पुलिस ने अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए स्वर्ण सिंह, मखन सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से आई हेरोइन की खेप को प्राप्त कर उसे आगे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करते थे।

कड़ियों को जोड़ने की प्रयास में जुटी पुलिस

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह पूरा अभियान गुप्त सूचनाओं के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े सभी कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तस्कर या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध देश के भीतर हो या विदेश से जुड़ा हो।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Continue Reading

Trending