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Punjab News: कंडी क्षेत्र अब पिछड़ा नहीं रहा: भगवंत मान सरकार ने नहरी पानी ऊंचे इलाकों तक पहुंचाया

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Punjab News: पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार हर क्षेत्र में अपने वादे निभा रही है और सभी गारंटियां बिना किसी भेदभाव के पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहे कंडी क्षेत्र में मान सरकार ने सिंचाई के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और अर्ध-पहाड़ी इलाके को खेती योग्य अवसरों में बदल दिया है।

इस परियोजना से पानी का बेहतर उपयोग होगा

मान सरकार ने 214 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से पहली बार नहरी पानी को ऊंचे इलाकों तक पहुंचाया है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस परियोजना से पानी का बेहतर उपयोग होगा, बड़े स्तर पर ढांचागत निवेश होगा और किसानों को राहत देने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की दूरदर्शी सोच को मज़बूती मिलेगी।

इस ऐतिहासिक कदम के तहत बरिंदर कुमार गोयल ने आज 214 करोड़ रुपये की लागत से तैयार काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया। इस योजना के माध्यम से पहली बार नहरी पानी को ऊंचे क्षेत्रों तक सफ़लतापूर्वक पहुंचाया गया है, जिससे कंडी क्षेत्र की सूखी और वर्षा पर निर्भर भूमि को सिंचाई सुविधाएं प्राप्त होंगी।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना से लगभग 33 गांवों की 11,500 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में इजाफ़ा होगा। यह पहल क्षेत्र की कृषि तस्वीर को बदलने में मील का पत्थर साबित होगी और किसानों को बेहतर फ़सलें उगाने के साथ-साथ भूमि की कीमत बढ़ाने में भी मदद करेगी।

उद्घाटन के बाद जन सभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना कंडी नहर सिस्टम और बिस्त-दोआब प्रणाली के माध्यम से, ऊंचाई के कारण सिंचाई से वंचित क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने का एक ऐतिहासिक प्रयास है। इस परियोजना से क्षेत्र को बहुत लाभ होगा और भूजल पर दबाव भी कम होगा।”

13 गांवों के 4,000 एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया है

उन्होंने आगे बताया कि इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण 67 करोड़ रुपये की लागत वाला फरवरी 2026 में पूरा हो चुका है, जिसके तहत 13 गांवों के 4,000 एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया है। दूसरा चरण 107 करोड़ रुपये की लागत वाला सितंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है, जिसमें 14 गांवों के 5,500 एकड़ क्षेत्र को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरा चरण से 40 करोड़ रुपये में 6 गांवों के 2,000 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही बिजली के बोझ को कम करने के लिए 650 किलोवाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है।

तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि इस योजना को बिस्त-दोआब नहर से जोड़ा गया है, जिसकी जल वहन क्षमता 67 क्यूसेक है। इसके तहत पंपों के माध्यम से पानी को ऊपर उठाकर ऊंचे-नीचे और अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पहुंचाया जाएगा। पंप हाउस के लिए विभाग की मौजूदा भूमि का उपयोग किया गया, जिससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ी।

इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट और ट्यूबवेलों के बंद होने के कारण कंडी क्षेत्र के किसान वर्षा पर निर्भर हो गए थे, जिससे फसली विविधता और उत्पादन सीमित था। अर्ध-पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पारंपरिक नहर प्रणाली पहले संभव नहीं थी, जिससे भूमि की कीमतें भी कम थीं। इस परियोजना को डिजाइन करने के लिए आधुनिक सैटेलाइट और ड्रोन सर्वेक्षण किए गए और आईआईटी रुड़की तथा आईआईटी रोपड़ में तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद इसे छह महीनों के भीतर युद्ध स्तर पर लागू किया गया।

उन्होंने आगे बताया कि इस परियोजना से पहले बलाचौर क्षेत्र के 72 गांवों में 28,205 एकड़ भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध थी, जो अब बढ़कर 105 गांवों की 39,705 एकड़ भूमि तक पहुंच जाएगी। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 94,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है।

नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब तक 6700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य ने सिंचाई ढांचे को मज़बूत करने और निर्बाध नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब तक 6700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पहले जहां केवल 22 प्रतिशत पानी का उपयोग होता था, अब यह बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। नहरों की मज़बूती से भूजल स्तर में सुधार, बिजली की खपत में कमी और मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि हुई है।

कंडी नहर के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह नहर तलवाड़ा से बलाचौर तक जाती है, जिसकी कुल लंबाई 129.035 किलोमीटर और जल वहन क्षमता 463 क्यूसेक है। 1980 में शुरू होने के बावजूद पहले पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंचता था। सरकार ने पानी के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित किया, 1500 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत की, 300 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई और 120 किलोमीटर नहरों व खालों की री-लाइनिंग की, जिससे तीन दशकों बाद 12 ब्लॉकों की 1,28,740 एकड़ भूमि को लाभ मिला।

लोक-कल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार 10 लाख रुपये तक के बीमा कवर के साथ मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और घरों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। लोगों से किए गए सभी वादे बिना किसी भेदभाव के पूरे किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर सुख्खी, बलाचौर से विधायक संतोष कटारिया, डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर बलबीर राज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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पंजाब की धार्मिक एकता और भाईचारा हमारी सबसे बड़ी ताकत: ‘हमारे राम’ नाटक की विशेष प्रस्तुति में शामिल हुए मुख्यमंत्री

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पंजाब की धरती हमेशा से धार्मिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विविधता के लिए जानी जाती है। इसी भावना को मजबूत करने की दिशा में आज मोहाली स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में विश्व प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ की विशेष प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शिरकत की और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत यहां की धार्मिक और सामाजिक एकता है। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। यही पंजाब की पहचान है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि ‘हमारे राम’ जैसे नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए देश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी समझ, प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हमारे राम’ नाटक की विशेष प्रस्तुति केवल मोहाली तक सीमित नहीं रहेगी। पंजाब के विभिन्न शहरों में भी इस नाटक का मंचन किया जाएगा। यह नाटक अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर, खन्ना, बठिंडा और होशियारपुर में भी दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को इस शानदार नाट्य प्रस्तुति को देखने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब की समृद्ध विरासत और संस्कृति को संरक्षित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक दौर में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। कला, साहित्य, रंगमंच और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश को भाईचारे, शांति और एकता का संदेश दिया है। प्रदेश की यही खूबसूरत पहचान आगे भी कायम रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक सद्भाव और आपसी सम्मान को मजबूत करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।

‘हमारे राम’ की प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने अपनी शानदार अदाकारी और मंचन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी प्रस्तुति की सराहना की। इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से पंजाब के लोगों को अपनी समृद्ध परंपराओं से जुड़ने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पंजाब आगे भी अपनी एकता, अखंडता और भाईचारे की परंपरा को कायम रखेगा और देश के सामने सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करता रहेगा।

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शेर-ए-पंजाब T-20 कप के खिलाड़ियों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- खेलों से जुड़कर युवा बनाएंगे पंजाब का नाम रोशन

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शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को लेकर पंजाब में क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री ने टी-20 कप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके साथ बातचीत कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा देश को बेहतरीन और प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं और राज्य सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच, बेहतर सुविधाएं और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने की है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हुए एक सकारात्मक दिशा देना है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित बनाते हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार की कोशिश है कि गांवों और शहरों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलें और पंजाब एक बार फिर देश के प्रमुख खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।

शेर-ए-पंजाब टी-20 कप में इस बार कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पीसीए स्टेडियम, मोहाली में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा और क्रिकेट प्रशंसकों को भी रोमांचक टी-20 मुकाबले देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रतियोगिता से पंजाब के कई युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और भविष्य में वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब और देश का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान केवल खेती और उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी राज्य का गौरवशाली इतिहास रहा है। पंजाब ने देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अलग-अलग खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार युवाओं को खेलों के साथ जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों में भी उत्साह है। आने वाले दिनों में मोहाली का पीसीए स्टेडियम क्रिकेट के रोमांच से गुलजार रहेगा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली छह टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहेगी।

पंजाब सरकार की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

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पंजाब में मानसून सुस्त, उमस बढ़ाएगी परेशानी

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पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है और किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बरनाला, संगरूर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब समेत कई जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, बठिंडा, मानसा और मोहाली में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आने वाले दिनों में पूरे पंजाब में बारिश सामान्य से सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां दिन के समय उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

अगले पांच दिनों के दौरान पंजाब में व्यापक या तेज बारिश के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, इसलिए लोगों को आने वाले दिनों में गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगले चार से पांच दिनों तक फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचने और खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी का उचित प्रबंध रखने को कहा गया है। मौसम साफ रहने पर ही उर्वरकों और फसल सुरक्षा दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा धान, गन्ने और कपास की फसलों की नियमित निगरानी करने तथा कीटों से बचाव के लिए विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

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