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Punjab News: बजट में किए बड़े ऐलान, सीएम मान बोले- 2027 में फिर बनेगी ‘AAP’ की सरकार

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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  कहा कि “महिलाओं के लिए प्रति माह 1,000 रुपये की घोषणा पर विपक्षी पार्टियों द्वारा दिखाई जा रही निराशा स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि साल 2027 में आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब में सत्ता वापसी का डर है.

पंजाब विधानसभा को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि जहां शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने अपने चुनावी वादों को नजरअंदाज करके लोगों के साथ बार-बार धोखा किया है, वहीं ‘आप’ सरकार ने अपने मेनिफेस्टो को पवित्र दस्तावेज माना है और सिर्फ चार सालों में आम लोगों के लिए हर गारंटी पूरी की है.”  

‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’, मुफ्त बिजली, मुफ्त बस यात्रा, 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य योजना के तहत मुफ्त इलाज, 63,943 युवाओं की पारदर्शी भर्ती और बुनियादी ढांचे व उद्योग में बड़े निवेश जैसी पहलों का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि पंजाब विकास के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और आने वाले सालों में विकास की गति और तेज होगी.  

मेनिफेस्टो को बताया पवित्र दस्तावेज

तलवंडी साबो से विधायक प्रोफेसर बलजिंदर कौर द्वारा राज्यपाल के भाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस को समेटते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “वह समय भी था जब चुनाव मेनिफेस्टो को कोई पढ़ता तक नहीं था क्योंकि पारंपरिक पार्टियां चुनाव से कुछ दिन पहले मेनिफेस्टो जारी करके खानापूर्ति करती थीं. पारंपरिक पार्टियों के चुनाव मेनिफेस्टो में धर्म-जाति की बात होती थी, लेकिन आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐतिहासिक पहल करते हुए आम लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा को चुनाव मेनिफेस्टो का हिस्सा बनाया.

पारंपरिक पार्टियों को भी अपने चुनाव मेनिफेस्टो में स्वास्थ्य-शिक्षा के क्षेत्रों को शामिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके लिए वे अरविंद केजरीवाल के आभारी हैं.” चार सालों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे परमात्मा के आभारी हैं जिन्होंने उन्हें राज्य की सेवा करने की शक्ति दी है.  

‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ से महिलाओं को लाभ

‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना की घोषणा के बाद राज्य में खासकर महिलाओं में खुशी की लहर चल रही है. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और एस.सी. वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मिलेंगे.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों खासकर गरीबों की जिंदगी में 1000-1500 रुपये की बहुत बड़ी अहमियत होती है. उन्होंने कहा कि सरकार की यह राशि मां-बेटियों के लिए सम्मान है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस योजना से महिलाओं के चेहरों की खुशी उनके मन को सुकून देती है. उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल से इस योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. 

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार

पंजाब के हर परिवार के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के लिए ‘मेरी रसोई’ योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बहुत से परिवार अच्छा भोजन न मिलने से पोषक तत्वों से वंचित रह जाते हैं जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत 40 लाख परिवारों को राशन में चीनी, दाल, सरसों का तेल, नमक मिलेगा. इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.”

मुख्यमंत्री ने कहा, “881 आम आदमी क्लीनिकों में लोगों का भरोसा बढ़ रहा है और क्लीनिकों की ओ.पी.डी. में आने वालों की संख्या 5 करोड़ से पार हो चुकी है जो अपने आप में रिकॉर्ड है. हर परिवार को मुफ्त इलाज देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ लागू की गई है और यह देश की पहली ऐसी योजना है जिसमें हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सरकारी और प्राइवेट 900 अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं.” उन्होंने कहा कि लोगों को अस्पतालों की जानकारी देने के लिए सभी आम आदमी क्लीनिकों में सूची लगाई जाएगी.

रोजगार और उद्योग में बड़े निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा, “कनाडा जैसे विकसित देशों में भी इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा की किस्त भरनी पड़ती है लेकिन पंजाब में सारा इलाज मुफ्त दिया जा रहा है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि लहिरागागा, संगरूर, मलेरकोटला, होशियारपुर और कपूरथला में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि साल 2022 से सरकारी अस्पतालों के लिए 934 डॉक्टरों की रिकॉर्ड भर्ती की गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगशाला की सफलता का भी जिक्र किया.  

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में बेहतर शिक्षा देने के लिए 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रिंसिपलों और शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और आई.आई.एम. अहमदाबाद में ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है. साल 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है. सीएम ने कहा, “सभी पंजाबियों के लिए गर्व की बात है कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब ने सर्वोत्तम स्थान हासिल किया है. सीएम ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का है और सरकार ए.आई. के बारे में बच्चों को जानकारी देने के लिए शिक्षकों को विश्व स्तर की ट्रेनिंग दे रही है.”

पारदर्शी भर्ती और भ्रष्टाचार पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पहली बार खेतों के लिए दिन में बिजली मिलने लगी है जिससे किसानों का जीवन ही बदल गया है. उन्होंने कहा कि किसानों को देश में सबसे ज्यादा गन्ने का भाव दिया जा रहा है और इस समय 416 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहा है.” उन्होंने कहा कि मालवा की जीवनधारा समझी जाने वाली फिरोजपुर फीडर नहर का नवीनीकरण किया गया और देश की आजादी के बाद पहली बार नई मालवा नहर बनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि युवाओं को किताबों से जोड़ने के लिए गांवों में लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं. गांवों में 3200 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं.  

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अब तक राज्य के युवाओं को 63,943 सरकारी नौकरियां दी गई हैं और यह सारी भर्ती बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के की गई है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में वह समय था जब आम घरों के युवा सरकारी नौकरी के लिए धक्के खाते थे क्योंकि उस समय ‘अटैची कल्चर’ चलता था जिससे धनाढ्य लोग रिश्वत देकर नौकरियां ले जाते थे.”

सीएम ने कहा, “90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए कुछ दिन पहले बिजली के रेट 70 पैसे से 1.50 रुपये प्रति यूनिट तक घटाए गए हैं.” उन्होंने कहा कि पहली बार सरकार ने जी.वी.के. कंपनी का प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदा है और इसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखा है. ‘रौशन पंजाब’ मुहिम के तहत 5000 करोड़ रुपये खर्च करके बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है जिसमें अंडरग्राउंड तारें भी बिछाई जाएंगी. सड़क सुरक्षा फोर्स का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.एस.एफ. के गठन से पंजाब में सड़क हादसों में मौत दर में 48 प्रतिशत कमी आई है.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन नंबर-95012-00200 जारी किया गया है और अब तक 1000 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पीड़ित परिवारों को फसलों, घरों और पशुधन का मुआवजा दिया गया. उन्होंने बताया कि किसानों के लिए ‘जिसदा खेत, उसदी रेत’ योजना लागू की गई जिससे किसानों को बहुत फायदा हुआ. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों को 33 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से 84 हजार 889 क्विंटल गेहूं का बीज मुफ्त वितरित किया गया.”

भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से कुछ बुजुर्गों को धार्मिक स्थानों के दर्शन पहली बार करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को राज्य से बाहर सिखों के दो पवित्र तख्त साहिबान तख्त पटना साहिब (बिहार) और तख्त हजूर साहिब (महाराष्ट्र) के दर्शन करवाए जाएंगे. 

मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री करवाने में आने वाली परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी की व्यवस्था लागू की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 44,920 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है और इस प्रोजेक्ट पर 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं जिसमें से 14,328 करोड़ रुपये सड़कों के नवीनीकरण और 1,880 करोड़ रुपये सड़कों के 5 सालों के रख-रखाव के लिए हैं.” उन्होंने कहा कि पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं जिससे आम आदमी की जेब से टोल फीस के रोजाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोगों ने अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल के पिता प्रकाश सिंह बादल को पांच बार मुख्यमंत्री बनाया लेकिन इस परिवार ने अपना विकास तो किया लेकिन पंजाब के लिए कुछ नहीं किया जिसके लिए लोग कभी अकालियों को माफ नहीं करेंगे.”  

मुख्यमंत्री ने कहा, “आपसी कलह का शिकार हुई कांग्रेस को 2027 में बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ेगा और कांग्रेस की हालत ऐसी होगी कि पंजाब के लोगों ने सदन में विपक्षी बेंच पर बैठने के लिए एक विधायक भी नहीं जीता कर भेजना.” अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार आने वाले समय में इसी समर्पित भावना, लगन और ध्यान से लोगों की सेवा करती रहेगी ताकि पंजाब को शहीदों के सपनों का पंजाब बनाया जा सके.

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देश में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ, सिर्फ ‘‘आप’’ लड़ रही आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विश्व आदिवासी दिवस पर देश भर के आदिवासी समाज को बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। दूसरी सभी पार्टियों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और ज़मीन पर डाका डाला और उनसे छीन कर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया। केवल आम आदमी पार्टी ही आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है। आज आदिवासी नेता चैतर वसावा एक झूठे केस में जेल में हैं, क्योंकि वे आदिवासी समाज की आवाज़ उठा रहे थे। हम सभी उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर आदिवासी समाज के लोगों से कहा कि पिछले 75 साल में आदिवासी समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। 75 साल में देश ने तरक्की की, बाकी सभी समाज के लोगों ने तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज पीछे रह गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया। उनके जितने भी संसाधन थे, उन पर डाका डाला गया। जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज का पैदाइशी अधिकार है, लेकिन इन्हें समाज से छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया गया क्योंकि बाकी पार्टियों के नेता चोर और भ्रष्टाचारी थे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है और इसके लिए कितनी ही बार हमारे नेता जेल गए हैं। चैतर वसावा आदिवासी समाज का बेटा और भाई है। वह आदिवासी समाज को हक दिलवाने के लिए न जाने कितनी बार जेल गए हैं। ये लोग पेसा कानून तो ले आए, लेकिन उसे लागू नहीं किया। समाज और ग्राम सभा से पूछे बिना ही ये सारे निर्णय ले लेते हैं। आज चैतर वसावा जेल में है क्योंकि वह आदिवासी समाज के लिए लड़ रहा है। वह जल्दी बाहर आए, इसके लिए प्रार्थना करना।

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बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप

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बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।

इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।

जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।

सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।

अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।

निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।

अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।

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शहरी सहकारी बैंकों को अमित शाह की बड़ी अपील, तकनीक और पारदर्शिता पर दिया जोर

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के शहरी सहकारी बैंकों से बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलने और आधुनिक तकनीक को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बैंकों के लिए तकनीकी रूप से मजबूत होना, अपने कामकाज में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच शहरी सहकारी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा, ताकि वे प्रतिस्पर्धा के दौर में मजबूती से आगे बढ़ सकें।

मुंबई में नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी NUCFDC के नए कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर अमित शाह ने कहा कि बैंकों को केवल अपने विकास पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि अपने ग्राहकों की आर्थिक तरक्की को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बैंक से जुड़े ग्राहक आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल होंगे, तो इसका सीधा फायदा बैंक के विकास को भी मिलेगा।

अमित शाह ने देश के सभी शहरी सहकारी बैंकों से एक साल के भीतर NUCFDC से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि NUCFDC देश के शहरी सहकारी बैंकों के लिए शीर्ष संस्था और स्व-नियामक संगठन के रूप में काम करती है। RBI से मंजूरी प्राप्त यह संस्था सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पूंजी, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और तरलता सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंक हैं, जिनमें से लगभग 690 बैंक पहले ही NUCFDC के सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बैंकों को भी अगले एक साल के भीतर इस संस्था से जुड़ना चाहिए, ताकि शहरी सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

अमित शाह ने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए देश के आम लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल पूंजी बाजार के सहारे हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्वरोजगार और आर्थिक अवसरों की एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है और इसमें शहरी सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने ‘सहकार से समृद्धि’ के विचार पर जोर देते हुए कहा कि सहकारी बैंकिंग का उद्देश्य केवल बैंकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना नहीं होना चाहिए। इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बैंक से जुड़े ग्राहकों और आम लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की प्रगति से ही बैंकों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।

RBI और शहरी सहकारी बैंकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा कि दोनों के बीच मौजूद धारणा के अंतर को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक और सहकारी बैंकों को एक-दूसरे की भूमिका, जरूरतों और चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझना होगा। इससे बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास और सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।

सहकारिता मंत्री के रूप में अपने पांच साल के अनुभव का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब भी सहकारी क्षेत्र ने भरोसे के साथ RBI के सामने अपनी समस्याएं और जरूरतें रखी हैं, तब केंद्रीय बैंक की ओर से सक्रिय सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बेहतर समन्वय के जरिए सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है।

अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों से कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देने, बैंकिंग सेवाओं को डिजिटल और सुविधाजनक बनाने तथा अपने कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में भी लगातार सुधार करना होगा।

कुल मिलाकर, अमित शाह का संदेश साफ है कि तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर ग्राहक सेवा आने वाले समय में शहरी सहकारी बैंकों की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी। सरकार का जोर सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक बनाने के साथ-साथ इसे आम लोगों की आर्थिक तरक्की का मजबूत माध्यम बनाने पर है।

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