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Punjab Land Pooling Policy पर High Court की रोक – किसानों की जीत, AAP Government को झटका

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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 के अमल पर अस्थायी रोक (इंटरिम स्टे) लगा दी। यह फैसला लुधियाना के एक किसान की याचिका पर आया, जिसमें दावा किया गया था कि यह पॉलिसी कानूनी प्रावधानों के खिलाफ है और किसानों से बिना सहमति व मुआवजे के ज़मीन छीनने की कोशिश है।

क्या है मामला?

पंजाब कैबिनेट ने जून 2025 में लैंड पूलिंग पॉलिसी को मंजूरी दी थी। सरकार का दावा था कि किसी से ज़मीन ज़बरदस्ती नहीं ली जाएगी। योजना के तहत जो भी किसान अपनी जमीन “पूल” में देंगे, सरकार उस जमीन को डेवलप करेगी और बदले में उन्हें मिलेगा –

  • 1 एकड़ जमीन के बदले 1,000 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट
  • और 200 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट

सरकार का कहना था कि यह पॉलिसी किसानों और खरीदारों दोनों के हित में है और लैंड माफिया पर रोक लगाएगी।

याचिका में क्या कहा गया?

किसान ने अदालत में दलील दी कि:

  • पॉलिसी को Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition Act, 2013 के तहत लाने की बात कही गई, जबकि इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
  • इस तरह की पॉलिसी केवल Punjab Regional and Town Planning and Development Act, 1995 के तहत लाई जा सकती है।
  • सोशल इंपैक्ट असेसमेंट और एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट न तो तैयार की गई और न ही प्रकाशित।
  • किसी भी ग्राम पंचायत या ग्राम सभा से राय नहीं ली गई, जो कि कानून के मुताबिक अनिवार्य है।

सरकार की प्रतिक्रिया

एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना कि कोर्ट का फैसला आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि पॉलिसी जल्दबाज़ी में लाई गई थी। उन्होंने कहा, “सोशल और एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट करवाना चाहिए था, कोर्ट ने भी इस पर सवाल उठाया।”

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह झटका राजनीतिक और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर है। सरकार इस पॉलिसी से फंड जुटाकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह देने के वादे को पूरा करना चाहती थी। यह वादा 2022 के चुनाव में किया गया था, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में इसे पूरा न करना AAP के लिए मुद्दा बन गया।

विपक्ष का हमला

  • पंजाब कांग्रेस ने इस फैसले को किसानों की जीत बताया। पार्टी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, “हम कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को मजबूर करेंगे कि पॉलिसी वापस ले।”
  • MLA परगट सिंह ने इसे “लोगों का फैसला” करार दिया, जबकि नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “यह किसानों पर हमला है, बिना सहमति और मुआवजे के जमीन लूटने की साजिश है।”
  • शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि CM भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली बिल्डरों से ₹30,000 करोड़ का डील किया है। उन्होंने 1 सितंबर से मोहाली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का ऐलान किया, जो पॉलिसी वापसी तक जारी रहेगा। इसके लिए 3-सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।

किसानों का रुख

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

  • प्रेम सिंह भांगू (अखिल भारतीय किसान फेडरेशन) ने कहा, “सरकार 65,533 एकड़ उपजाऊ जमीन बिना मुआवजे के लेना चाहती थी।”
  • जगमोहन सिंह पटियाला (BKU डकौंडा) ने कहा कि नोटिफिकेशन में उन मजदूरों, दुकानदारों और कारीगरों के पुनर्वास का जिक्र नहीं है जो इस पॉलिसी से प्रभावित होंगे।

AAP का पक्ष

AAP प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा, “हम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। विस्तृत आदेश पढ़कर आगे की कार्रवाई करेंगे। यह किसानों और खरीदारों के लिए सबसे अच्छी पॉलिसी है और पूरी तरह स्वैच्छिक है।” उन्होंने इस पर अभी सोशल और एनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट कराने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

आगे क्या?

  • फिलहाल पॉलिसी पर हाईकोर्ट की रोक लगी हुई है।
  • विपक्ष और किसान संगठन इसे पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
  • AAP सरकार कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है, लेकिन राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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पंजाबी अभिनेता जसविंदर सिंह भल्ला को श्रद्धांजलि, मोहाली में उनके नाम पर बना चौक

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मोहाली शहर में दिवंगत पंजाबी अभिनेता डॉ. जसविंदर सिंह भल्ला को एक अनोखी श्रद्धांजलि दी गई है। शहर के एक प्रमुख जंक्शन का नाम उनके नाम पर रखा गया है। मोहाली में Fortis Hospital के पास स्थित इस चौक का औपचारिक उद्घाटन उनके जन्मदिन के मौके पर किया गया।

यह पहल पंजाबी सिनेमा और कॉमेडी जगत में डॉ. भल्ला के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई है। इस कार्यक्रम में उनके बेटे पुखराज भल्ला ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि स्थानीय विधायक कुलवंत सिंह समेत पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने भी पहुंचकर अपने प्रिय कलाकार को श्रद्धांजलि दी।

गौरतलब है कि इस संबंध में फैसला मोहाली नगर निगम की हाउस मीटिंग में लिया गया था। प्रस्ताव के अनुसार फोर्टिस अस्पताल और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड कार्यालय के पास स्थित इस सर्कल का नाम डॉ. जसविंदर सिंह भल्ला के नाम पर रखने का निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जिसे अब लागू कर दिया गया है।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने डॉ. भल्ला के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अनोखी अदाकारी, सरल हास्य और तीखे व्यंग्य के जरिए पंजाबी मनोरंजन जगत में खास पहचान बनाई। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अलग अंदाज ने हर वर्ग के दर्शकों को प्रभावित किया और उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।

डॉ. भल्ला का काम सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके संवाद और किरदार सामाजिक मुद्दों को भी छूते थे। उनकी फिल्मों और प्रस्तुतियों ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को नई दिशा दी और उन्हें एक अलग मुकाम दिलाया।

इस मौके पर परिवार के सदस्यों ने प्रशासन और लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद भावुक करने वाला है और यह साबित करता है कि डॉ. जसविंदर सिंह भल्ला आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।

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Punjab में बदलेगा मौसम का मिजाज: बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी

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पंजाब में इन दिनों भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान से लोग परेशान हैं, लेकिन अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य में मौसम करवट ले सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

हालांकि रविवार को तापमान में हल्की 0.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अभी भी सामान्य से करीब 3.3 डिग्री अधिक बना हुआ है। गर्मी का असर जारी है, लेकिन अब राहत की उम्मीद जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने 27 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं, आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है।

27 अप्रैल को गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा और मानसा जिलों में आंधी और बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में लू चलने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 अप्रैल को पूरे राज्य में आंधी का असर देखने को मिल सकता है, जबकि 29 अप्रैल से मौसम में धीरे-धीरे बदलाव शुरू होगा। 30 अप्रैल को कुछ इलाकों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आ सकती है।

इसके अलावा 27 अप्रैल से 2 मई तक कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। अगले दो दिन तापमान स्थिर रहने के बाद इसमें 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 26 और 27 अप्रैल को कुछ इलाकों में हीटवेव का असर भी जारी रह सकता है।

कुल मिलाकर, जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं तेज हवाओं और आंधी-तूफान को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत भी है।

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विवादों में घिरा चंडीगढ़ का Elante Mall , फूड कोर्ट के खाने में मिली सुंडी

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चंडीगढ़ के प्रसिद्ध एलांते मॉल के फूड कोर्ट में खाने की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सेक्टर 40-ए के रहने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया है कि उन्हें परोसे गए खाने में सुंडी मिली, जिससे वह हैरान और नाराज हो गए।

बताया जा रहा है कि वह अपने छोटे बेटे के साथ फूड कोर्ट के एक कैफे में खाना खाने गए थे, जहां उन्होंने “चाइनीज वेज सुप्रीम सिज़लर” ऑर्डर किया। खाना खाते समय अचानक उनकी नजर डिश में मौजूद सुंडी पर पड़ी। खास बात यह रही कि उनका बेटा भी वही खाना खाने वाला था, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई।

वीडियो बनाकर दर्ज कराई शिकायत


घटना के तुरंत बाद ग्राहक ने खाना खाना बंद कर दिया और पूरी घटना की वीडियो बनानी शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने फूड कोर्ट के इंचार्ज को मौके पर बुलाकर शिकायत दर्ज कराई। इंचार्ज ने भी माना कि खाने में कीड़ा मौजूद था।

इसके बाद कैफे के इंचार्ज को भी बुलाया गया, जिसने जांच के बाद ग्राहक से माफी मांगी। हालांकि, ग्राहक सिर्फ माफी से संतुष्ट नहीं हुआ और उसने मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

खाद्य विभाग को भेजे सबूत


ग्राहक ने घटना से जुड़ी वीडियो और तस्वीरें खाद्य सुरक्षा विभाग को भेज दी हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

कैफे की सफाई


दूसरी ओर, कैफे के प्रतिनिधि ने इसे एक अलग-थलग घटना बताते हुए कहा कि इससे पहले ऐसा मामला सामने नहीं आया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

पीड़ित ग्राहक ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य ग्राहक को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

यह घटना एक बार फिर खाने-पीने के स्थानों में साफ-सफाई और गुणवत्ता को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है और संबंधित विभागों के लिए चेतावनी के रूप में सामने आई है।

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