Connect with us

National

पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा

Published

on

पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज मुंबई में प्रमुख उद्योगपति सज्जन जिंदल, चेयरमैन, JSW Group के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पंजाब इन्वेस्ट के सीईओ अमित ढाका भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सज्जन जिंदल ने राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि JSW समूह पंजाब में अपने विविध व्यवसायिक क्षेत्रों में अतिरिक्त निवेश के अवसरों का अन्वेषण करेगा। प्रस्तावित निवेश से राज्य के विनिर्माण आधार को मजबूती, इस्पात मूल्य श्रृंखला को गहराई और क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

सज्जन जिंदल ने यह भी पुष्टि की कि वह 13 मार्च को Plaksha University में आयोजित होने वाले इन्वेस्ट पंजाब समिट के उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे उद्योग-अनुकूल वातावरण और सक्रिय औद्योगिक पहुँच प्रयासों की सराहना की।

मंत्री संजीव अरोड़ा का बयान

मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब की मजबूत औद्योगिक नींव को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में उत्तरी बाजारों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, सशक्त एमएसएमई तंत्र, कुशल मानव संसाधन तथा इस्पात, ऑटो कंपोनेंट्स, वस्त्र, खेल सामान, खाद्य प्रसंस्करण और लाइट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विकसित औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों में पंजाब लगातार “टॉप अचीवर” रहा है और समयबद्ध स्वीकृतियों के लिए प्रगतिशील सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली लागू की गई है।

नई औद्योगिक नीति

मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नई, सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के उन्नत चरण में है। यह नीति अगली पीढ़ी के विनिर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसमें शामिल हैं:

  • प्रतिस्पर्धी वित्तीय प्रोत्साहन
  • प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक अवसंरचना
  • क्षेत्र-विशिष्ट पार्क और त्वरित स्वीकृतियाँ
  • बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता
  • रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत सामग्री, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए मजबूत नीति समर्थन

इस नीति का उद्देश्य मूल्य संवर्धित विनिर्माण को बढ़ावा, निर्यात में वृद्धि और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है।

उद्योगपतियों का भरोसा

सज्जन जिंदल ने पंजाब सरकार की सक्रिय औद्योगिक नीतियों की सराहना की और नए निवेश आकर्षित करने में मंत्री संजीव अरोड़ा के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने रक्षा निर्माण, ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के अवसरों में गहरी रुचि दिखाई।

मंत्री संजीव अरोड़ा ने JSW परियोजनाओं के लिए हर संभव सहयोग और त्वरित स्वीकृतियों का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बेहतर लॉजिस्टिक्स अवसंरचना और उत्तरदायी प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह बैठक प्रगतिशील पंजाब निवेशक शिखर सम्मेलन 2026 से पूर्व राज्य को भारत के सबसे पसंदीदा और प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के सतत प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान हादसे का शिकार, लैंडिंग के दौरान हुआ क्रैश

Published

on

असम के जोरहाट स्थित रोरिया एयरबेस पर शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान में आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमों को मौके पर तैनात कर दिया गया।

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह AN-32 परिवहन विमान एक नियमित उड़ान पर था और जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी यह हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस दुखद दुर्घटना में वायुसेना के 5 जवानों की मौत हो गई, जबकि सह-पायलट घायल हो गया है और उसका इलाज जारी है।

मृतकों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा तथा अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और दानिश आलम शामिल हैं।

AN-32 भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण मालवाहक विमान है, जिसका उपयोग सैनिकों, सैन्य सामग्री और रसद की ढुलाई के लिए किया जाता है, खासकर पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में।

हादसे के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। भारतीय वायुसेना ने मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

इस दुखद हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और शहीद हुए वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

Continue Reading

National

डीजल खरीद पर केंद्र सरकार की सख्ती, अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल मिलेगा

Published

on

देश में डीजल की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए आदेशों के तहत अब औद्योगिक और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से असीमित मात्रा में डीजल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने एक ग्राहक या वाहन के लिए प्रतिदिन डीजल खरीद की सीमा 200 लीटर तय कर दी है, जबकि बड़े उद्योगों को अपनी जरूरत का ईंधन थोक केंद्रों से ही खरीदना होगा।

सरकार द्वारा लागू की गई यह व्यवस्था अगले 90 दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य डीजल की उपलब्धता को बनाए रखना, आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करना और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी से बचाना है।

दरअसल, खुदरा और थोक बाजार में डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में जहां पेट्रोल पंपों पर डीजल करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं थोक उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत लगभग 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इस अंतर का फायदा उठाकर कई बड़े उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से ही बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे थे, जिससे कई क्षेत्रों में मांग अचानक बढ़ गई थी।

सरकारी तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखे हुए हैं, लेकिन इसका लाभ बड़े उद्योग और व्यावसायिक उपभोक्ता भी उठाने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति और शिपिंग नेटवर्क पर भी असर पड़ रहा है। टेलीकॉम टावर, बिजली उत्पादन इकाइयों और अन्य बड़े उद्योगों को बाजार दरों पर महंगा ईंधन खरीदना पड़ता है, जिसके चलते वे सस्ते खुदरा पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे थे।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा परिस्थितियों में डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और बाजार में संतुलन बना रहेगा।

Continue Reading

National

ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल

Published

on

पंजाब के हिन्दू व्यापारियों के यहां मंगलवार को एक बार फिर ईडी की रेड पड़ने पर आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब सरकार ने व्यापारियों को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। उधर, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी पंजाब के हिन्दू व्यापारियों पर ईडी की रेड कराकर उन्हें तंग कर रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी घबराए नहीं, पूरा पंजाब आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी मंगलवार को एक बार फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड कर रही है। ईडी पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा पर कहा कि सुना है कि ईडी पार्टी पंजाब की बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबन्धन करने को बहुत बेचौन है, पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी उनको घास नहीं डाल रही है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ईडी की रेड पर कहा कि पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और ‘रंगला पंजाब’ बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। ईडी पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसको पंजाबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने व्यापारियों के साथ खड़े हैं।

इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरे द्वारा ‘ईडी पार्टी’ और बेअदबी पार्टी / चिट्टा पार्टी के खिलाफ बोलने पर इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में सामने आ गई है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को ईडी रेड से बर्बाद कर दिया और युवाओं को परीक्षा घोटालों से, मोदी जी आप महान हैं। लेकिन देश को इनोवेशन इकोनॉमी चाहिए, ईडी इकोनॉमी नहीं। लच्छेदार भाषण और मीडिया मैनेजमेंट से अर्थव्यवस्था का सच ज्यादा दिन तक नहीं छिप सकता।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि 26 साल में पहली बार एमएससीआई इमर्जिंग मर्केट्स इंडेक्स की टॉन 10 कंपनियों में से भारत की कंपनियां बाहर हो गई हैं। एमएससीआई इमरर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े निवेश सूचकांकों में से एक है। दुनिया भर के सैकड़ों अरब डॉलर के फंड इसी इंडेक्स को देखकर निवेश करते हैं। और दुनिया का पैसा कहां जा रहा है- एआई, सेमीकंडक्टर्स, फ्यूचर टेक्नोलॉजी, टीएसएमसी, एसके हाइनिक्स और मीडिया टेक जैसी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।

लेकिन भारत में नई सोच – नई तकनीक और नए उद्यमों को बढ़ावा देने की जगह एक अलग ही मॉडल चल रहा है। जो भी कंपनी आगे बढ़ती है, उसके यहाँ पहले ईडी की रेड कराओ, फिर पार्टी के लिए चंदा वसूलो। नतीजा – निवेश घट रहा है। नई नौकरियां कम पैदा हो रही हैं। अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर सिमट रहे हैं।

Continue Reading

Trending