Chandigarh
Punjab Government ने Electricity Connection की प्रक्रिया को बनाया आसान- Sanjiv Arora;2,600 नए Apprentices भर्ती की तैयारी
पंजाब सरकार ने बिजली कनेक्शन और लोड बदलाव की प्रक्रिया को आसान और तेज़ करने का बड़ा कदम उठाया है। राज्य के बिजली मंत्री संजिव अरोड़ा ने बताया कि अब 50 किलोवाट तक के लो टेंशन (LT) कनेक्शन के लिए किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट या दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, आवेदक अपने ऑनलाइन फॉर्म में स्व-प्रमाणीकरण (self-declaration) भरेंगे और बताएंगे कि बिल्डिंग में तारें सही तरीके से लगी हैं और टेस्ट सर्टिफिकेट उनके पास मौजूद है।
सिर्फ 50 किलोवाट से ऊपर के कनेक्शन के लिए टेस्ट रिपोर्ट देना जरूरी होगा, लेकिन PSPCL अधिकारियों को इसकी पुष्टि करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, हाई टेंशन (HT) और एक्स्ट्रा हाई टेंशन (EHT) कनेक्शन के लिए CEI (Chief Electrical Inspector) द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य रहेगी, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट जमा करना अब जरूरी नहीं।
मंत्री अरोड़ा ने कहा कि ये बदलाव पारदर्शिता बढ़ाने, कनेक्शन जल्दी जारी करने और प्रक्रिया में देरी कम करने के लिए किए गए हैं।
कृषि बिजली (AP) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए ये नियम लागू नहीं होंगे।
लाइनमैन ट्रेड में 2,600 अप्रेंटिस भर्ती
बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि लाइनमैन ट्रेड में 2,600 अप्रेंटिस (इंटर्न) की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसमें:
- PSPCL के लिए 2,500
- PSTCL के लिए 100
चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के जरिए की गई। योग्य उम्मीदवारों को मैट्रिक पास, पंजाबी भाषा का ज्ञान और इलेक्ट्रीशियन/वायरमैन ITI योग्यता होनी चाहिए।
ट्रेनिंग का विवरण:
- अवधि: 1 साल (52 सप्ताह)
- स्टाइपेंड: ₹7,700 प्रति माह
- ट्रेनिंग में शामिल:
- सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल ज्ञान
- PPE और सुरक्षा नियम
- HT और LT लाइनों पर सुरक्षित काम
- वोल्टेज, करंट, प्रतिरोध मापना
- केबल जोड़ना, मीटर लगाना, अर्थिंग सिस्टम
- फॉल्ट डिटेक्शन, ट्रांसफॉर्मर मेंटेनेंस, लाइन गश्त
- तूफान या बारिश के बाद इमरजेंसी रेस्पॉन्स
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद:
- सैद्धांतिक और प्रैक्टिकल टेस्ट
- सर्टिफिकेट: National Apprenticeship Council (NAC), नई दिल्ली द्वारा
मंत्री अरोड़ा ने कहा कि यह प्रोग्राम पंजाब के युवाओं को तकनीकी कौशल सिखाने और बिजली क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित स्टाफ तैयार करने में मदद करेगा।
नई भर्तियों का आंकड़ा
- अप्रैल 2022 के बाद कुल नई भर्तियां: 8,984
- 2,023 सहायक लाइनमैन
- 48 आंतरिक ऑडिटर
- 35 राजस्व लेखाकार
यह राज्य सरकार की रोजगार और बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दिखाता है।
PSPCL स्टाफ और अप्रेंटिस नियम
- PSPCL में लगभग 30,000 कर्मचारी हैं।
- Apprentices Act, 1961 के तहत 30 या अधिक कर्मचारियों वाली संस्थाओं में 2.5% से 15% तक अप्रेंटिस नियुक्त करना जरूरी है।
सुरक्षा और अनुपालन
- सुरक्षा नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता
- CEI वार्षिक निरीक्षण करेंगे
- टेस्ट रिपोर्ट की तस्दीक अब PSPCL द्वारा नहीं की जाएगी
सरकार की पहल और उद्देश्य
- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विज़न के अनुसार
- उपभोक्ता-हितैषी, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना
- युवा रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देना
यह सुधार न केवल बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को आसान और तेज़ बनाता है, बल्कि पंजाब के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर सुरक्षित और योग्य कर्मियों के रूप में तैयार करने में भी मदद करता है। यह कदम पंजाब सरकार के उपभोक्ता-हितैषी और रोजगार-सृजन दृष्टिकोण का हिस्सा है।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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