Punjab
पंजाब सरकार ने Property मालिकों के लिए शुरू की एमनेस्टी स्कीम ,बकाया राशि पर राहत और निर्माण खर्चों में 50% छूट।
पंजाब। पंजाब सरकार ने शनिवार से उन Property मालिकों के लिए एमनेस्टी स्कीम की शुरुआत की है, जिन्होंने आवंटित भूमि पर अपनी किस्तों का भुगतान नहीं किया या अलॉटमेंट के बाद निर्धारित समय में निर्माण नहीं कराया। इस योजना के तहत डिफॉल्टर अपनी बकाया राशि को बिना किसी जुर्माने के स्कीम ब्याज के साथ एकमुश्त जमा कर सकते हैं। इस स्कीम में गैर-निर्माण खर्चों को 50 प्रतिशत तक माफ किया गया है। यह सुविधा 30 जून तक उपलब्ध रहेगी।
पिछले महीने हुई मंत्रिमंडल की बैठक में डिफॉल्टर आवंटियों के लिए माफी नीति (एमनेस्टी पॉलिसी) को मंजूरी दी गई थी, और शनिवार से इसे लागू कर दिया गया। इस नीति में वे आवंटी शामिल हैं, जिन्हें पुडा और अन्य संबंधित विकास प्राधिकरणों की ओर से आवंटित किए गए प्लॉट/भूमि के भुगतान में कोई कठिनाई आई है।
इसके अलावा, आईटी सिटी, एसएएस नगर में आवंटित संस्थागत स्थानों/अस्पतालों के लिए प्लॉट/औद्योगिक प्लॉट या अन्य विकास प्राधिकरण योजनाओं में 2.50 प्रतिशत की दर से एक्सटेंशन फीस लागू होगी। आवंटियों को आवंटन पत्र की सभी शर्तें पूरी करने के लिए तीन साल का समय दिया जाएगा।

National
देश में शादी से पहले लड़कों का डोप और medical test होगा जरूरी! जानें- क्यों शुरु हुई ये चर्चा?
आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कांग ने देश की बेटियों और बहनों की सुरक्षा से संबंधित एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से विवाह संबंधी कानूनों में कड़े सुधार लाने का आग्रह किया।
संसद को संबोधित करते हुए मालविंदर सिंह कांग ने कहा कि हमारे देश में विवाह टूटने और परिवार बिखरने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह समस्या केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के परिवारों को प्रभावित कर रही है।
समाज में व्याप्त दोहरे मापदंडों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शादी से पहले हम लड़की की शिक्षा, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच करते हैं, लेकिन लड़के के मामले में हम आंखें मूंद लेते हैं। शादी के बाद पुरुषों में सामने आने वाले मादक पदार्थों का सेवन, गंभीर बीमारियां और आपराधिक प्रवृत्ति जैसी समस्याएं अनगिनत जिंदगियों को बर्बाद कर रही हैं।
कांग ने भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों से इस दिशा में तत्काल और कड़े कदम उठाने की अपील की। उन्होंने मांग की कि विवाह प्रमाण पत्र जारी करने से पहले दूल्हे का ‘डोप टेस्ट’ अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शादी से पहले दूल्हे के लिए ‘मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट’ कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए।
कांग ने कहा कि यह छोटा सा सुधार हमारे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
National
आप के चार साल, भगवंत मान दे नाल’ अभियान: मंत्रियों और विधायकों ने Punjab के घर-घर तक पहुंचाया भगवंत मान सरकार का काम
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर, पार्टी ने शुक्रवार को अपना राज्यव्यापी आउटरीच अभियान “शानदार 4 साल, भगवंत मान दे आल” जारी रखा। ‘संवाद’ पहल के दूसरे दिन पूरे पंजाब में उत्साह देखने को मिला, जहाँ मंत्रियों और विधायक ने सीधे लोगों से बातचीत की, सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और जनता से फीडबैक माँगा।
कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल, हरभजन सिंह ईटीओ और लाल चंद कटारूचक ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में लोगों से सीधे बातचीत की। उन्होंने नुक्कड़ मीटिंग और सार्वजनिक बातचीत के ज़रिए भगवंत मान सरकार की पिछले चार सालों की उपलब्धियों के बारे में बताया।
लहिरा में मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि मान सरकार ने ज़मीनी स्तर पर असली बदलाव लाने पर ध्यान दिया है, यह पक्का किया है कि इसका फ़ायदा हर घर तक पहुँचे।
मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, बिजली, रोज़गार, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।
मंत्री लाल चंद कटारूचक ने आगे कहा कि यह अभियान सिर्फ़ उपलब्धियों को बताने के बारे में नहीं है, बल्कि नागरिकों के साथ सीधे संचार को मज़बूत करने और उनकी उम्मीदों को समझने के बारे में भी है।
अभियान के तहत, आप विधायक और नेता बरनाला, राजराणा (सरदूलगढ़), मोमियां (शुतराणा), बाहो यात्री (बठिंडा रूरल) और गिद्दड़ (भुच्चो मंडी) समेत कई गांवों और शहरी वार्डों में पहुंचे। भाई बख्तौर, घुम्मण कलां, मानसा, कसम भट्टी (जैतो) और लुधियाना ईस्ट में भी ऐसे ही प्रोग्राम किए गए।
अभियान के दूसरे दिन, धीमान वाली (कोटकपूरा), समाना, खियाली (मेहल कलां) और बल्लूआना के कई इलाकों में भी मीटिंग हुईं, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और अपना पूरा समर्थन दिया।
अभियान को और बढ़ाते हुए, बुघर (मौड़ मंडी), पटियाला शहरी, भुच्चो मंडी, जालंधर कैंट, तलवंडी साबो और सुंदरचक (भोआ) में बातचीत हुई, जहां लोगों ने सरकार की कोशिशों की तारीफ की और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए शुक्रिया अदा किया।
अभियान में काफी लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने अलग-अलग इलाकों में दिख रहे बदलाव को माना और ईमानदार और लोगों के लिए अच्छे शासन के लिए सरकार की तारीफ़ की। कई जगहों पर, लोगों ने मिलकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शासन में भरोसा जताया और 2027 में एक बार फिर आम आदमी पार्टी को पंजाब की बागडोर सौंपने के लिए अपना समर्थन देने की घोषणा की।
Punjab
सेना के वेरका का सूखा दूध खारिज किए जाने के बाद एक्शन; Ludhiana इकाई के महाप्रबंधक निलंबित
सेना को आपूर्ति किए गए सूखे दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद पंजाब के दुग्ध सहकारी संस्थान वेरका की लुधियाना इकाई में बड़ा कदम उठाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इकाई के महाप्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सेना की आपूर्ति शाखा की जम्मू स्थित इकाई ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को पत्र भेजकर सूचित किया कि वेरका की लुधियाना इकाई से भेजा गया पूरा दूध चूर्ण निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। इस कारण दो अलग-अलग खेपों को अस्वीकार कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि एक खेप लगभग 58.338 मीट्रिक टन और दूसरी करीब 66.654 मीट्रिक टन की थी। इस तरह कुल मिलाकर करीब 125 मीट्रिक टन सूखा दूध सेना द्वारा खारिज किया गया है।
गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उत्पाद की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया। इस मामले की जानकारी रक्षा मंत्रालय के खरीद और खाद्य निरीक्षण संगठन के मुख्य निदेशक को भी भेजी गई है, ताकि उच्च स्तर पर इसकी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, मिल्कफैड के प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही तुरंत जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वेरका देश के प्रमुख दुग्ध ब्रांडों में शामिल है और यहां उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सख्त मानक अपनाए जाते हैं।
दोबारा नमूनों की जांच का किया अनुरोध
राहुल गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारंभिक स्तर पर किसी बड़ी कमी की पुष्टि नहीं हुई है। संस्थान ने सेना से दोबारा नमूने लेने का अनुरोध किया है, जिसे सैन्य अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या उत्पादन, भंडारण या आपूर्ति के किस चरण में उत्पन्न हुई। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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