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पंजाब सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है: CM भगवंत सिंह मान

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युवाओं को करियर निर्माण के लिए तैयार करने पर और अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बठिंडा की जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत नामांकित अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। इस पहल के तहत नौकरी तलाशने वालों को नौकरी देने वालों में बदलने के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में एसएसबी, पुलिस और सशस्त्र बलों सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी हेतु ग्रामीण और मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त अकादमिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

बठिंडा जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के अंतर्गत विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ठंड के बावजूद उपस्थित लोगों का स्वागत किया और इस कार्यक्रम को पंजाब के बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत यह कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करना है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण और किफायती कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती।

इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बैच में 40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि अकादमिक कोचिंग के साथ-साथ विद्यार्थियों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ रहें। यह शारीरिक प्रशिक्षण पंजाब पुलिस और सी-पाइट के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सी-पाइट मैदान में दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को एसएसबी, पंजाब पुलिस, सीपीओ, सशस्त्र बलों तथा अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।

प्रतिस्पर्धी माहौल में अभ्यर्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आवश्यक अध्ययन सामग्री और महंगी किताबें अक्सर विद्यार्थियों की पहुंच से बाहर होती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पुस्तकालय के सदस्य के रूप में चुना जाएगा और आवश्यक पुस्तकें मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कार्यक्रम मौजूदा बुनियादी ढांचे और संसाधनों का उपयोग करके शुरू किया गया है, जिससे महत्वपूर्ण वित्तीय बचत होती है।

Punjab CM Bhagwant Mann (9)

इस ढांचे का वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षक-मार्गदर्शक मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें फैकल्टी सदस्य स्वयं वे अभ्यर्थी होते हैं जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘युवाओं की मदद करने वाले’ मॉडल के रूप में उभरी है और इसे शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस, खिलाड़ियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और समाज के हर वर्ग का समर्थन प्राप्त है। इस सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को एक समुदाय-संचालित और सहयोगात्मक मॉडल में परिवर्तित कर दिया है।

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मिशन प्रगति के मार्गदर्शक दर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई भी पीछे न रहे के सिद्धांत पर आधारित है और युवा सशक्तिकरण, समान शैक्षिक अवसरों तथा सरकारी सेवाओं में बठिंडा के विद्यार्थियों की प्रतिनिधित्व बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उपस्थित लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और पंजाब के सर्वांगीण विकास तथा लोगों की खुशहाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

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राज्य सरकार के व्यापक दृष्टिकोण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी खोजने वालों के बजाय नौकरी देने वालों में बदलकर उनकी किस्मत बदलने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब शिक्षा क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है और यह क्रांति विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार कर तथा उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर परिणाम दे रही है। युवाओं को नौकरियां प्रदान करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं, वहीं उनकी असीम ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए समानांतर प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिस प्रकार एक रनवे विमान को सुचारु रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, उसी प्रकार राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह निराशाजनक है कि एक समय गलत नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा गया, लेकिन अब यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं कि पंजाब के बच्चे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें और जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकें।

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व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत आप सरकार के अधीन कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य जनता के सामने चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा प्रस्तुत करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर निरंतर कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्ती, आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसे प्रयास पंजाब में कानून लागू करने की मजबूती को दर्शाते हैं। अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और आपराधिक नेटवर्क को खुली छूट दी, वे अब इतिहास को मिटाकर दोबारा लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाबदेही से बच नहीं सकते।

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कोई लिहाज न करने) की नीति अपनाई है और कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती गई है और न ही बरती जाएगी, बल्कि उन्हें मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।”

कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गई हैं। नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट (अधिक प्रभावित क्षेत्रों) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके चलते 5625 किलोग्राम हेरोइन, 3461 किलोग्राम अफीम, 1628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ इंजेक्शन, गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है और एनडीपीएस मामलों में 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं।”

संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। अपराधों में इस्तेमाल किए गए 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एजीटीएफ ने 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बड़े हत्या मामलों, जबरन वसूली रैकेट, बैंक डकैतियों, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और आतंकवादी साजिशों समेत 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया है।”

सीमा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और नशों तथा हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है। पंजाब ऐसा सिस्टम स्थापित करने वाला पहला राज्य है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने केंद्र से फंड मांगे थे, लेकिन कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं, 1472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और ड्रोन के जरिए 341 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।”

पुलिस सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जो अंतिम वर्ष या चुनावी साल में भर्ती करती थीं, हमारी सरकार ने नियमित भर्ती सुनिश्चित की है।

पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गई हैं, जिनमें 1062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 1746 कांस्टेबलों (वर्ष 2025) की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 3298 कांस्टेबलों (वर्ष 2026) के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसके लिए 10 मार्च 2026 से आवेदन मांगे गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपए की लागत से 2904 वाहन खरीदे गए हैं, जिनमें 2258 चार-पहिया और 646 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।

जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स भारत की अपनी तरह की पहली समर्पित फोर्स है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है और इससे मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 पीड़ितों की मदद की, 19,973 लोगों को मौके पर सहायता दी और 27,413 घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।

तकनीकी अपग्रेड पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एस.ए.एस. नगर और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं और जल्द ही इन्हें लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस एक राष्ट्रीय फोर्स है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।

भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

पंजाब की कानून-व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक है। किसी भी राज्य या देश में निवेश आना कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण होता है, और बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3200 करोड़ रुपए का निवेश इस बात को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि कई प्रमुख वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं और कई ने पहले ही निवेश शुरू कर दिया है। राज्य बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अक्टूबर में एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नशों को संरक्षण देने और फैलाने वाले नेता अब इसे खत्म करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गैंगस्टरों को टिकट देकर किसने उन्हें हलका इंचार्ज बनाया। ये नेता गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी उन्हें कानूनी व अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।

लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”

ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।

मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।

इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।

उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।

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वॉल्वरहैम्प्टन के एक निवास मंदिर में 22 मार्च को वार्षिक चेत चला मेला आयोजित होगा।

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स्थानीय डडली रोड ब्लेकेनहॉल स्थित एक निवास यूनिवर्सल डिवाइन मंदिर में इस रविवार, 22 मार्च 2026 को वार्षिक ‘चेत चला मेला’ आयोजित किया जाएगा जो आध्यात्मिक श्रद्धा और सामुदायिक उत्सव का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। यह पर्व बाबा तरलोचन सिंह जी और माता कवलजीत कौर जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें स्थानीय संगत को पारंपरिक धार्मिक विधियों और भक्ति संगीत में सहभागी होने का अवसर मिलेगा।
मेला आयोजन की जानकारी देते हुए मंदिर के प्रतिनिधि गुरजीत सिंह और जीवन सिंह फ्लोरा ने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा बालक नाथ जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे पारंपरिक आरती के साथ होगा जिसके बाद 11:30 बजे ध्वजारोहण समारोह के साथ दिनभर के आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
दोपहर के समय 12:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक भक्ति कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। प्रतिष्ठित ब्रिटिश कलाकार और गायक भजन भेंट प्रस्तुत करेंगे जबकि बाबा तरलोचन सिंह जी संगत को गुरबाणी शबदों का गायन करेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा बालक नाथ जी और बाबा तरलोचन सिंह जी के अनेक श्रद्धालु विभिन्न देशों से इस आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। आयोजकों ने इंगलैंड की साध संगत को सादर आमंत्रण दिया है कि वे अपने परिवार और मित्रों सहित इस धार्मिक समारोह में भाग लें। यह वार्षिक आयोजन आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर बना है।

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