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देश की स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा पंजाब, 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की गई – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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वर्तमान समय में पंजाब नवीन विचारों, विशिष्ट सोच और उद्यमी युवाओं द्वारा लीक से हटकर पहलकदमियां करने के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है, जिसकी वजह से राज्य देश भर में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप स्थल के रूप में उभर रहा है जहां युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं।

इस सोच की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों।

स्टार्टअप को पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का मुख्य स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि किसी भी शानदार उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ा न जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई और कई अन्य सुधारों जैसी पहलकदमियों से यह पता चलता है कि कैसे नए विचार लोगों को सीधा लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में मिल रहे भरपूर समर्थन के साथ पंजाब, भारत का स्टार्टअप हब बनने के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है।

स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट वितरित करने संबंधी समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना कारोबारी सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। ये युवा उद्यमी अपने विचारों के माध्यम से सपनों को साकार कर रहे हैं और वे इस सहयोग के हकदार हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी (आप) खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था और आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप भी थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक के साथ राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है।”

पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं।”

पंजाबी मूल के सफल उद्यमियों के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत और दुनिया भर में बहुत सी सफल कंपनियां पंजाबियों द्वारा स्थापित या सह-स्थापित की गई हैं। जोमैटो, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां इसकी उदाहरण हैं कि कैसे पंजाबियों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है। पंजाबी जहां भी जाते हैं, वे कारोबार स्थापित करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सफल संस्थापकों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे।”

इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सीड मनी ( स्टार्टअप के लिए सहायता राशि) प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना और उन्हें अपने विचारों को हकीकत में बदलने तथा आगे बढ़ने का भरोसा देना है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं।”

अपने विदेशी दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर में उन्होंने देखा कि कैसे एक योजनाबद्ध इनोवेशन इको-सिस्टम पूरे क्षेत्र को बदल सकता है। इस मॉडल से पता लगता है कि जब इको-सिस्टम को सही ढंग से डिज़ाइन किया जाता है तो विचार विश्व स्तरीय कंपनियों की नींव बन सकते हैं। इसी तरह नीदरलैंड्स में वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर के अपने दौरे के दौरान मैंने देखा कि कैसे इनोवेशन नई तकनीकों की टेस्टिंग, लागूकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से खेतीबाड़ी और बागबानी को बदल सकती है।”

पंजाब की कृषि क्षमता के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में भविष्य का विकास उच्च-मूल्य वाली खेतीबाड़ी, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, सुरक्षित खेती, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स के माध्यम से होना चाहिए। हमारे किसान हमेशा प्रगतिशील रहे हैं और पंजाब सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नए कारोबारी मॉडलों तक पहुंच प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्टार्टअप्स रोजगार के अवसर पैदा करके और युवाओं में भरोसा बहाल करके पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हर उद्यमी पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बने। आप जहां भी जाएं, पंजाब का नाम रोशन करें और दुनिया को बताएं कि पंजाब नवाचार के लिए तैयार है, पंजाब स्टार्टअप के लिए तैयार है और पंजाब भविष्य के लिए तैयार है।”

पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम आपका साथ देंगे, आपकी बात सुनेंगे, आपका समर्थन करेंगे और आपके सामने आने वाली हर मुश्किल का समाधान करेंगे। जिस तरह एक छोटे बीज को स्वस्थ पौधे में बदलने के लिए पानी, पोषण और देखभाल की जरूरत होती है, उसी तरह एक उद्यमी के विचार को सफल कारोबार में बदलने के लिए शुरुआती वित्तीय सहायता की जरूरत होती है। बहुत से शानदार विचार असफल हो जाते हैं क्योंकि उद्यमियों के पास शुरुआती चरणों में संसाधनों की कमी होती है, लेकिन पंजाब सरकार फंडों की कमी के कारण युवा उद्यमियों के सपनों को टूटने नहीं देगी।”

नीतिगत पहलकदमियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये सीड ग्रांट्स पंजाब के युवाओं के सपनों को साकार करने में मदद करेंगी। ‘स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट की राशि 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नौकरी पैदा करने वाले बनाया जाए।”

युवा उद्यमियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कभी भी छोटा मत सोचो। बड़े सपने देखो। अपनी नजरें विश्व स्तर पर मुकाबला करने वाली वैश्विक कंपनियां बनाने पर रखो। जब तुम सफल होगे, तो तुम अकेले सफल नहीं होगे। तुम अपने माता-पिता, अपने समुदाय और पंजाब का मान बढ़ाओगे।”

पंजाब के स्टार्टअप इको-सिस्टम में भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे खेतीबाड़ी, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गवर्नेंस, टेक्सटाइल और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में और स्टार्टअप्स उभरते देखकर खुशी हो रही है। ये 31 स्टार्टअप्स नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और पूरे पंजाब के हजारों युवाओं के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेंगे।”

नवाचार-आधारित विकास के प्रति सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नवाचार, दृढ़ता और उद्यमिता आर्थिक विकास की प्रेरक शक्तियां हैं। साथ मिलकर हम एक खुशहाल, नवाचारी और विश्व स्तर पर मुकाबले वाला पंजाब बनाएंगे। यह सहायता सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं है बल्कि यह आपके विचारों, आपकी हिम्मत और अपने भविष्य के लिए पंजाब सरकार के विश्वास को दर्शाती है। दुनिया की हर बड़ी कंपनी ने एक छोटे स्तर से शुरुआत की। पूर्ण विश्वास, सख्त मेहनत, सही समर्थन और जोखिम लेने की हिम्मत ने उन विचारों को वैश्विक स्तर के उद्यमों में बदल दिया।”

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे कार्यक्रम कभी भी पिछली सरकारों के एजेंडे पर नहीं थे, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद किया और हमारे राज्य के संसाधनों को लूटा। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है कि युवा ऐसी पहलकदमियों से लाभ उठाएं और पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में मदद करें। पंजाब पहले ही स्वास्थ्य, शिक्षा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में मानदंड स्थापित कर रहा है। सड़क सुरक्षा फोर्स, किसानों को दिन में बिजली प्रदान करना, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और हाई-टेंशन पावर केबलों का भूमिगत बिछाना जैसी पहलकदमियां, ये सभी नवाचारी विचारों के उदाहरण हैं जो पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, पंजाब विकास आयोग की वाइस चेयरपर्सन सीमा बांसल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकिरत कृपाल सिंह, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य जसप्रीत सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

युवा उद्यमियों के लिए ‘स्टार्टअप पंजाब सीड ग्रांट’ पहल का क्या अर्थ है?

भगवंत मान सरकार ने राज्य के स्टार्टअप इको-सिस्टम को मजबूत करने और युवाओं के नेतृत्व वाले उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट्स वितरित कीं। इस पहल के तहत 7 स्टार्टअप्स को 5 लाख रुपए की ग्रांट मिली, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3 लाख रुपए की ग्रांट मिली ताकि नवाचारी विचारों को व्यावहारिक कारोबारों में बदला जा सके।

इस सहायता का उद्देश्य उद्यमियों को उनके उद्यमों के शुरुआती चरणों के दौरान आने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है।

यह सहायता ‘पंजाब स्टार्टअप और उद्योग नीति-2026’ के तहत प्रदान की जा रही है, जिसने योग्य स्टार्टअप्स के लिए सीड ग्रांट सहायता को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। यह नीति युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नौकरी पैदा करने वाले बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने की कोशिश पर आधारित है।

चयनित स्टार्टअप्स खेतीबाड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, शासन, टेक्सटाइल और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास को अगले चरण की ओर ले जाने की क्षमता रखते हैं।

इस पहल का उद्देश्य राज्य में ही अवसर पैदा करके युवाओं के पलायन की चुनौती का समाधान करना भी है। पंजाब सरकार को उम्मीद है कि ये स्टार्टअप्स रोजगार पैदा करेंगे, अन्य युवाओं को उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे और राज्य में मजबूत नवाचार-पक्षी व्यवस्था बनाने में योगदान देंगे। दक्षिण कोरिया की पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर जैसे वैश्विक इनोवेशन हबों से प्रेरणा लेकर पंजाब सरकार ऐसा माहौल बनाने के लिए काम कर रही है, जहां पंजाब में विकसित किए गए विचार राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मुकाबले वाले उद्यम में विकसित हो सकें।

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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह देवीदासपुरा ने समस्त संगत को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने बहुत कम आयु में ही मानवता की सेवा, दया, विनम्रता और परोपकार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी पूरी मानवता को सेवा, प्रेम और करुणा का संदेश देती हैं। उन्होंने संगत से गुरु साहिब के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने और जरूरतमंदों की सेवा के लिए सदैव आगे आने की अपील की।

प्रकाश पर्व के विशेष अवसर पर रात्रि के समय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में विशेष रोशनी और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। रोशनी से जगमगाता श्री हरिमंदिर साहिब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इस पावन पर्व की रौनक को और भी भव्य बना देगा।

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नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब ने केरल को पछाड़ा; शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में चार सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया

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प्रदेश में शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव का दावा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि पंजाब ने केरल को पछाड़कर ‘नीति आयोग स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स 2026’ में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जहां वर्ष 2022 में 8,000 स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी और लगभग 4 लाख विद्यार्थी ताटों (चटाइयों) पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे, वहीं आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है और पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह वह बदलाव है जिसका वादा आप की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने किया था।

विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा द्वारा लाए गए शिक्षा संबंधी प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए, स्कूल शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने जुलाई 2022 में पदभार संभालने के समय स्कूलों की खराब स्थिति को याद करवाया।

बुनियादी ढांचे के प्रारंभिक सर्वेक्षण के नतीजों के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि 8,000 से अधिक स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी, 3,200 में उपयोग योग्य बाथरूम नहीं थे और लगभग 4 लाख बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर थे। पाठ्यपुस्तकें अक्टूबर-नवंबर में स्कूलों तक पहुंचती थीं, जिससे शैक्षणिक सत्र के कई महीने बर्बाद हो जाते थे।

किसी भी सरकारी शिक्षक से इसकी पुष्टि करने की चुनौती देते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब वही पाठ्यपुस्तकें 15 फरवरी तक जिला मुख्यालयों तक पहुंच जाती हैं और 31 मार्च तक वितरित कर दी जाती हैं।”

अपने शासन मॉडल के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि उन्होंने पंजाब के हर जिले के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निजी तौर पर दौरा किया है, जिनमें सीमावर्ती स्कूल, जीरो-लाइन से सटे गांव और दूर-दराज के क्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने सदन को बताया कि सरकार का प्रमुख ‘मिशन समरथ’ भारत के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरा है। इसके लेवल बेस्ड टीचिंग मॉडल के तहत, हर बच्चे को अच्छी तरह पढ़ना, लिखना और गणित सिखाना सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को ग्रेड के बजाय उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार समूहों में बांटा जाता है।

स. हरजोत बैंस ने कहा, “जब मैंने सितंबर-अक्टूबर 2022 में स्कूलों का दौरा किया, तो मैंने 8वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी भी देखे जो सामान्य वाक्य भी नहीं लिख सकते थे। कुछ विद्यार्थी सामान्य जोड़ और घटाव नहीं कर सकते थे। हमने इन विद्यार्थियों की पहचान की और इन्हें तीसरी कक्षा के सिलेबस के स्तर से पढ़ाया। आज वे बहुत सुधार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब सालाना लगभग 12 लाख विद्यार्थियों और 70,000 से अधिक शिक्षकों को कवर किया जाता है।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन में हुए सुधार के बारे में स. हरजोत बैंस ने सदन को बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों से नीट-यू.जी. परीक्षा पास करने वालों की संख्या वर्ष 2021 में मात्र 80 से बढ़कर वर्ष 2026 में 882 हो गई है। उन्होंने कहा कि ये नतीजे ‘पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस’ (पेस) पहल का स्पष्ट परिणाम हैं।

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति ने विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है।” स. बैंस ने आगे कहा कि मजीठा में सरकारी स्कूलों के छह विद्यार्थियों और दीनानगर में 17 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। ये कोई प्राइवेट कोचिंग के आंकड़े नहीं, बल्कि हमारे सरकारी स्कूलों की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

उन्होंने एक साधारण परिवार से संबंधित लड़की हरनूरप्रीत कौर का विशेष जिक्र किया, जिसने अपनी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 3140 हासिल की, जो आज के सरकारी स्कूलों की काबिलियत को दर्शाता है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने पलटवार किया, “अगर आप चाहते हैं तो मुझे व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाएं। सरकारी स्कूलों को क्यों निशाना बना रहे हो? कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों द्वारा गढ़े गए झूठे प्रचार ने लोगों को पहले ही सरकारी स्कूलों से दूर कर दिया है।”

सरकारी स्कूलों में घटती दाखिला दर से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए स. बैंस ने कहा कि यह रुझान सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं था, बल्कि कोविड के बाद देश भर में देखा गया है।

उन्होंने आगे कहा, “ऑल इंडिया आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले की संख्या 1.76 करोड़ तक घटी है। कोविड के दौरान, सरकारी स्कूलों में दाखिला वास्तव में बढ़ा था। परंतु उसके बाद, हर जगह यह संख्या घटी है।”

उदाहरण देते हुए स. बैंस ने कहा कि बिहार में 2.49 करोड़ विद्यार्थी थे, जो पहले घटकर 2.13 करोड़ रह गए और इस साल यह और घटकर 1.95 करोड़ रहने का अनुमान है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में, यह संख्या पहले 4.44 करोड़ से घटकर 4.16 करोड़ हो गई है, जो इस साल 4.1 करोड़ रहने का अनुमान है। इसके अलावा महाराष्ट्र में यह संख्या 2.32 करोड़ से घटकर 2.13 करोड़ रह गई।

स. बैंस ने कहा, “उन्होंने भारत सरकार की 2023 में शुरू की गई अपार आई.डी. पहल का भी हवाला दिया। ‘अब हर विद्यार्थी के पास एक अनोखी आई.डी. है। पहले एक बच्चा छह स्कूलों में दाखिल होता था परंतु किसी में भी नहीं पढ़ रहा था। इसी कारण अब ये आंकड़े सही हो रहे हैं।’”

शिक्षा मंत्री ने विस्तार से बताया कि 19,125 सरकारी स्कूलों में 2,638 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के काम किए गए हैं। इस साल विश्व बैंक से और सुधारों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी ली गई है।

स. हरजोत बैंस ने कई ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की सूची दी, जिनका पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। उन्होंने लुधियाना के शहीद सुखदेव थापर के नाम पर बने स्कूल ऑफ एमिनेंस का हवाला दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि कभी इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “आज इस स्कूल को विश्व स्तरीय बनाने के लिए 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस साल स्कूल के 17 विद्यार्थी नीट परीक्षा भी पास कर चुके हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आखिरी विकल्प से पहली पसंद में बदल रही है। हम यहीं नहीं रुक रहे। हम हर साल और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।

स. बैंस ने कहा, “शिक्षकों को अब सरकारी स्कूल चलाने के लिए फंड मांगने की जरूरत नहीं। हमने स्कूलों के लिए आवश्यक फंड मुहैया करवाए हैं, पिछली सरकारों की तरह नहीं जब शिक्षकों को फंड मांगने जाना पड़ता था। अपमान का दौर अब खत्म हो गया है।”

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केजरीवाल की मोदी सरकार को चुनौती, E-20 पर कोई रिसर्च रिपोर्ट है तो सार्वजनिक करे

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मोदी सरकार से ई-20 लागू करने से पहले की कोई वैज्ञानिक रिसर्च रिपोर्ट है तो उसे सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ई-20 बिना वैज्ञानिक अध्ययन के ही लागू किया, अब वैसे ही ये लोग ई-50 भी लागू कर देंगे। इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले को धमका कर चुप करा दिया जा रहा है। इसकी असल वजह ये है कि मोदी जी ट्रम्प के दबाव में हैं और इसी कारण तमाम वैज्ञानिक सबूतों के खिलाफ जाकर जबरदस्ती देश पर एथेनॉल थोप रहे हैं। मोदी जी ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च का सम्मान नहीं किया। वे सिर्फ अपना हिडन एजेंडा पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डीजल में भी मिलावट करने वाली है। इसलिए लोग अभी कुछ वर्ष पेट्रोल और डीजल की नई गाड़ियां खरीदने से बचें।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। भविष्य में यदि कभी ऐसा प्रस्ताव आता भी है, तो वह व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और वाहन निर्माताओं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श के बाद ही होगा। ई-20 कोई जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला नहीं है। भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम दो दशकों से अधिक समय से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा है। ई-20 लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और सभी संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा किया गया।

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा नेता अमित मालवीय पर पलटवार करते हुए कहा कि आप ख़ुद ही कह रहे हैं कि ई-20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का “अभी” कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आप माहौल ठंडा होने का इंतज़ार कर रहे हैं। जैसे ही माहौल ठंडा होगा, आप उसे लागू कर देंगे। मुझे खुशी है कि आपने स्वीकार किया कि निर्णय “अभी” नहीं लिया गया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे ई-20 बिना किसी वैज्ञानिक अध्ययन के लागू किया गया, किसी की नहीं सुनी गई, धमकियां देकर सबको चुप करवा दिया गया, वैसे ही आप ई-50 भी लागू कर देंगे। यही आपका काम करने का स्टाइल है। आप कहां विज्ञान, साइंस और इंजीनियरिंग को मानते हैं। अगर आपने ई-20 लागू करने के पहले कोई अध्ययन करवाया है तो उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करते? छुपा क्यो रहे हैं?

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि मोदी सरकार का क्या प्लान है? पता चल रहा है कि पेट्रोल में 50 फीसद से ज्यादा की मिलावट करेंगे। अभी बस माहौल शांत होने का इंतज़ार कर रहे हैं। पहले आपकी ई-0 और ई-10 गाड़ियों में ज़बरदस्ती ई-20 पेट्रोल डालकर कबाड़ा किया। आज अगर आप ई-20 नई गाड़ी खरीदते हैं तो सरकार कुछ दिन बाद उसमे ज़बरदस्ती ई-50 पेट्रोल डालकर उसका कबाड़ा कर देगी। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही डीजल में भी मिलावट करने वाली है। इसलिए अभी कुछ वर्ष आप पेट्रोल और डीजल की नई गाड़ियां खरीदने से बचें।

एक अन्य पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सियाम को अपनी रिपोर्ट वापस लेने के लिए मजबूर किया। यह मोदी जी का टिपिकल गुंडागर्दी वाला स्टाइल है। मोदी जी ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च का सम्मान नहीं किया, वे केवल अपना हिडन एजेंडा पूरा करते हैं। मोदी जी अमेरिका से एथेनॉल खरीदने के लिए ट्रंप के दबाव में हैं। उस दबाव को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से वे तमाम वैज्ञानिक सबूतों के खिलाफ जाकर पूरे देश पर जबरदस्ती एथेनॉल थोप रहे हैं।

मोदी सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल में भी इथेनॉल मिलाने की बना रही योजना- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सूत्रों से पता चला है कि मोदी सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) में भी एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

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