Politics
पंजाब CM मान को अस्पताल से मिली छुट्टी: 2 दिन पहले हुए थे भर्ती आज लुधियाना जाएंगे
पंजाब सीएम भगवंत मान को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह अब सीएम आवास वापस चले गए हैं। वह अब पूरी तरह ठीक है। वह आज लुधियाना में किला रायपुर खेलों में शामिल होंगे। आज ही खेलों को समापन हो रहा है।। सीएम को तबीयत खराब होने के बाद सोमवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था।
संगरूर में सीएम की सेहत बिगड़ी
15 फरवरी शिवरात्रि वाले दिन दोपहर में सीएम संगरूर के धूरी स्थित श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-पाठ और हवन यज्ञ किया।
इसके बाद सीएम की तबीयत बिगड़ गई। सीएम का संगरूर के बाद फाजिल्का दौरा था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें तुरंत मोहाली फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। हालांकि वह 16 फरवरी को मोगा रैली में शामिल हुए। उसके बाद फिर उनकी तबीयत बिगड़ी। जिसके बाद उसी दिन उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया । वहीं, अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली है।
पन्नू और सिसोदिया ने मुलाकात की
जब सीएम अस्पताल में भर्ती थे, उस दौरान मुख्य रूप से पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी गौरव यादव उनसे मिलने पहुंचे थे। इसके अलावा मंगलवार को पार्टी के महासचिव व प्रवक्ता बलतेज पन्नू भी उनसे मिलने पहुंचे। यह मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। वहीं, पहले पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी उनसे मुलाकात की थी। हालांकि, कल भी चीफ सेक्रेटरी अस्पताल पहुंचे थे।
मीडिया से बातचीत में सिसोदिया ने कहा था कि उम्मीद है कि कल तक छुट्टी हो सकती है। जब मीडिया ने कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं को लेकर सवाल किया तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। साथ ही उन्होंने मीडिया को एआई समिट के बारे में भी जानकारी दी।
आज आम आदमी पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया फिर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल से निकलते समय उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम साहब अब ठीक हैं और उनकी सेहत में काफी सुधार है।
Politics
अकाली दल की कादियां में रैली Punjab को बचाने के लिए नहीं बल्कि सुखबीर को बचाने के लिए थी: जगरूप सिंह सेखवां
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता Jagrup Singh Sekhwan ने विधायक गुरदीप सिंह रंधावा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिरोमणि अकाली दल (बादल) द्वारा कादियां में की गई रैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह रैली पंजाब या कादियां के हित में नहीं, बल्कि एक परिवार के राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए आयोजित की गई थी।
“यह सुखबीर बचाओ मुहिम थी”
सेखवां ने कहा कि रैली को भले ही कादियां का कार्यक्रम बताया गया, लेकिन भीड़ पूरे पंजाब से जुटाई गई थी। गुरदासपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के अलावा रोपड़, लुधियाना, होशियारपुर, तरनतारन और अमृतसर से भी लोग लाए गए। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर भीड़ जुटाने के बावजूद अकाली दल कोई ठोस राजनीतिक बढ़त हासिल नहीं कर सका।
उन्होंने कहा कि 25-30 सरपंचों के शामिल होने के दावे किए गए, लेकिन एक भी पंचायत सदस्य अकाली दल में शामिल नहीं हुआ। “वे सिर्फ अपना पुराना कैडर ही लेकर आए थे,” सेखवां ने आरोप लगाया।
अकाली दल में अंदरूनी फूट का दावा
सेखवां ने रैली में बिक्रम मजीठिया की गैरमौजूदगी को अकाली दल की अंदरूनी कलह का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि माझा क्षेत्र की महत्वपूर्ण रैली में मजीठिया का न होना इस बात का सबूत है कि पार्टी में दो पावर सेंटर बन चुके हैं और नेतृत्व में गंभीर मतभेद हैं।
सिख संस्थाओं के व्यावसायीकरण का आरोप
सेखवां ने पूर्व जत्थेदार Giani Raghbir Singh के बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक खास परिवार ने सिख संस्थाओं को व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां हो रही हैं, गुरुद्वारों की जमीनें सस्ते दामों पर बेची जा रही हैं और धार्मिक सेवाओं का व्यापारीकरण किया जा रहा है।
“पंजाब ने 2022 में नकार दिया”
सुखबीर सिंह बादल को फिर मौका देने की मांग पर सवाल उठाते हुए सेखवां ने कहा कि बादल परिवार को पांच बार सत्ता मिली, लेकिन उस दौरान बेअदबी की घटनाएं हुईं और कई विवाद सामने आए। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब की जनता ने अकाली दल को नकार दिया और अब लोग गुरुद्वारों को परिवारवाद से मुक्त देखना चाहते हैं।
टिकट वितरण पर भी सवाल
सेखवां ने कादियां से घोषित उम्मीदवार पर आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए टिकट वितरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को आगे बढ़ा रही है, जबकि परंपरागत और कुर्बानी देने वाले परिवारों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
अंत में सेखवां ने कहा कि पंजाब की मौजूदा चुनौतियां—गैंगस्टरवाद, कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या—पूर्व सरकारों की देन हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब सब समझ चुकी है और भविष्य में भी वही फैसला देगी।
Politics
अमृतसर में AAP प्रवक्ता धालीवाल ने विपक्ष पर साधा निशाना:बोले- मोगा की रैली ऐतिहासिक, नशे के खिलाफ दूसरे चरण की शुरुआत
आम आदमी पार्टी के पंजाब मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोगा में आयोजित विशाल रैली को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं थी, बल्कि नशे के खिलाफ जनता की लड़ाई का प्रतीक थी।
धालीवाल के अनुसार, इस रैली के साथ पंजाब में नशों के खिलाफ दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है और सरकार नशे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों पर उन्होंने कहा कि उनका ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होता रहता है और डॉक्टर की सलाह पर वे दोबारा चेकअप के लिए अस्पताल गए थे।
विलेज डिफेंस कमेटियों की अहम भूमिका
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि इस अभियान में विलेज डिफेंस कमेटियां, पंजाब पुलिस और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। यह एक सरकारी कार्यक्रम था, जिसमें चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी ने भी भाग लेकर अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की।
धालीवाल ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों की सूचना पर कोठियां गांव में 40 किलो स्मैक बरामद की गई। इस बड़ी सफलता के लिए सरकार ने संबंधित सरपंच को 10 लाख रुपये का इनाम दिया। साथ ही एसएचओ, डीएसपी और अन्य पुलिस कर्मियों को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विपक्ष पर साधा निशाना
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आगे भी जो गांव और कमेटियां नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाएंगी, उन्हें सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। धालीवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अकाली दल और कांग्रेस पहले यह बताएं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नशे के खिलाफ क्या किया।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर काम पर लौटेंगे। धालीवाल ने दोहराया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में किसी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
National
‘दलित विरोधी कांग्रेस’ के खिलाफ ‘AAP’ ने पंजाब भर में किए विरोध प्रदर्शन, प्रताप बाजवा ने मंत्री ईटीओ पर की थी जातिवादी टिप्पणी
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष Pratap Singh Bajwa द्वारा कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO के खिलाफ की गई कथित जातिवादी और अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन किए।
पार्टी का कहना है कि यह टिप्पणी केवल एक मंत्री का नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय, मेहनतकश मजदूरों और इज्जत से अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले कलाकारों का अपमान है।
पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन
राज्यभर में हुए प्रदर्शनों में ‘आप’ के मंत्रियों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मलेरकोटला और रूपनगर (रोपड़) सहित कई जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, एस.बी.एस. नगर, अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एस.ए.एस. नगर समेत अन्य जिलों में भी रोष प्रदर्शन हुए।
कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने आरोप लगाया कि इस बयान से कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हुई है।
उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में किसी को भी दलितों या श्रमिक वर्ग का अपमान करने की अनुमति नहीं देगी। पन्नू ने कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह बयान पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता इस टिप्पणी की सार्वजनिक निंदा करेंगे या फिर चुप्पी साधे रहेंगे।
मेहनतकश कलाकारों के सम्मान की बात
पन्नू ने कहा कि यह टिप्पणी बैंड-बाजा कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य मेहनतकश लोगों का भी अपमान है, जो सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब समानता की धरती है, जो गुरु साहिबान की शिक्षाओं और B. R. Ambedkar की विचारधारा से प्रेरित है। राज्य के लोग किसी भी समुदाय के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
माफी तक जारी रहेगा संघर्ष
आप नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि जब तक बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगते, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और बराबरी से जुड़ा हुआ है।
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़