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पंजाब CM भगवंत मान अस्पताल में भर्ती: आज हो सकती है छुट्‌टी, मोगा रैली में नहीं होंगे शामिल, केजरीवाल और चीमा रहेंगे मौजूद

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संगरूर में सीएम भगवंत मान की रविवार को अचानक सेहत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें मोहाली फोर्टिस अस्पताल में लाया गया था। जहां डॉक्टरों ने उनका पूरा चैकअप किया। उन्हें अत्यधिक थकान की शिकायत है, जिसके चलते उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल में भर्ती किया गया है। माना जा रहा है कि आज उन्हें अस्पताल से छुट्‌टी मिल जाएगी।

हालांकि मोगा में होने वाली रैली को लेकर जो प्रोाग्राम का शेडयूल जारी किया गया है। उसमें बताया गया कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वित्त मंत्री हरपाल चीमा और सेहत मंत्री डॉ. बलबीर कमेटी सदस्यों को संबोधित करेंगे।

भारत की जीत पर किया पोस्ट- आप सभी देश के लिए गौरव हो

आज सुबह साढ़े सात बजे सीएम भगवंत मान की तरफ से अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर भारत को टी-20 वर्ल्ड कप मैच में पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत की बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा है भारत ने कल टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में पाकिस्तान को 61 रनों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की है।

इस जीत के साथ ही भारतीय टीम लगातार तीन मैच जीतकर ग्रुप-ए की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है और सुपर-8 राउंड के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीम बन गई है। पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। आप सभी देश का गौरव हैं।

कल संगरूर में केजरीवाल साथ मौजूद रहेंगे

बता दें कि 15 फरवरी दोपहर में सीएम संगरूर के धूरी स्थित श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंच थे। इस दौरान उनके साथ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-पाठ और हवन यज्ञ किया।

इसके बाद सीएम की तबीयत बिगड़ गई। सीएम का संगरूर के बाद फाजिल्का दौरा था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। वहीं कल (16 फरवरी को) मोगा में भी भगवंत मान की रैली है। पार्टी ने इसको लेकर प्रोग्राम जारी किया गया।

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युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान महा रैली में CM मान ने दिलाई शपथ; मोगा में केजरीवाल भी पहुंचे

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पंजाब के मोगा जिले के गांव किल्ली चहल में आज आम आदमी पार्टी की ओर से ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण की मेगा रैली आयोजित की जा रही है। जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पहुंचे हैं।

रैली में सीएम मान ने सभी को नशे के विरुद्ध लड़ने की शपथ दिलाई। राजनीतिक दृष्टि से यह रैली बेहद अहम मानी जा रही है। किल्ली चहल गांव को अकाली दल और कांग्रेस के लिए ‘लकी’ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां आप की रैली को सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।कार्यक्रम के लिए विशाल पंडाल तैयार किया गया है और करीब डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। भीड़ जुटाने के लिए पार्टी के विधायकों और हलका इंचार्जों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, कार्यक्रम स्थल के पास एक हादसा हो गया है। जिसमें एक निजी बस ने पुलिस वाहन को टक्कर मार दी। जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

कार्यक्रम में पहुंचे लोग।

पहले चरण में मिली व्यापक सफलता

आप पहले ही दावा कर चुकी है कि ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ मुहिम के पहले चरण को व्यापक सफलता मिली है। अब दूसरे चरण को और प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से यह रैली की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान जिला, कस्बा और वार्ड स्तर पर नियुक्त किए गए पहरेदारों और निगरानी समितियों के सदस्यों को नई रणनीति से अवगत कराया जाएगा। उन्हें नशा रोकथाम में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

विरोधियों तक संदेश पहुंचाने की तैयारी

राजनीतिक रूप से यह रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आप सरकार इस अभियान को 2027 के विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व इसे नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

दूसरी ओर, कुछ दिनों में मोगा में भाजपा की भी रैली प्रस्तावित है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह के आने की उम्मीद है। ऐसे में आप के लिए यह आयोजन अपनी पकड़ मजबूत दिखाने का अवसर माना जा रहा है।

रैली के मद्देनजर ट्रैफिक डायवर्ट

रैली के मद्देनजर लुधियाना देहात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही को देखते हुए अलग-अलग रूट प्लान निर्धारित किए गए हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

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पंजाब में ‘गैंगस्टरां ते वार’: 72 घंटों के ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ में 3260 गिरफ्तार, 135 भगोड़े भी धरे गए

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पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भगवंत सिंह मान सरकार का एक्शन लगातार तेज होता जा रहा है. सरकार सूबे को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम चला रही है. भगवंत मान की अगुवाई में चल रही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पंजाब पुलिस ने 72 घंटे का बड़ा ऑपरेशन ‘प्रहार-2’ चलाया. इस दौरान वांछित अपराधियों से संबंधित 8278 ठिकानों पर छापेमारी की.


इस ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई की अगुवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से विभिन्न पुलिस जिलों का दौरा किया, जिसमें 12,000 कर्मचारियों वाली 2,000 से अधिक पुलिस टीमें शामिल थीं. डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह से गैंगस्टर मुक्त नहीं हो जाता.


3260 बदमाश गिरफ्तार- स्पेशल डीजीपी
तीन दिनों तक चले इस ऑपरेशन के बारे में स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि पूरे राज्य में कुल 7,498 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 3260 को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 135 फरार अपराधी (पीओ) शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से 47 हथियार, 4.8 किलोग्राम हेरोइन, 3.6 किलोग्राम अफीम, 42,797 नशीली गोलियां, 68 किलोग्राम भुक्की और 30 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की है.
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 1,450 व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में लिया, जबकि 2,788 व्यक्तियों को जांच के बाद रिहा कर दिया गया.


सूबे को गैंगस्टर मुक्त बनाना लक्ष्य- डीजीपी
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि 72 घंटे चले इस ऑपरेशन ने उम्मीदों से अधिक उद्देश्य हासिल किए हैं और ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह से गैंगस्टरों से मुक्त नहीं हो जाता.


आम आदमी हेल्पलाइन पर कर सकते हैं शिकायत-
लोग गुप्त रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर- 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों की रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा कर सकते हैं.


164 नशा तस्कर गिरफ्तार-
इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम युद्ध नशेयां विरुद्ध को 347वें दिन भी जारी रखते हुए 164 नशा तस्करों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 11.9 किलोग्राम हेरोइन, 344 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 4700 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है. इसके साथ ही, केवल 347 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 49,129 हो गई है. ‘डी-एडिक्शन’ के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने 14 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास के लिए राजी किया है.

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‘युद्ध नशे विरुद्ध’ बना पंजाब की पहचान: CM भगवंत सिंह मान के इरादों पर लगी मुहर, तस्करों पर निर्णायक प्रहार

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पंजाब की धरती, जिसे कभी नशे की महामारी ने जकड़ लिया था, आज उसी धरती पर निर्णायक जवाब लिखा जा रहा है. 1 मार्च 2025 से शुरू हुआ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब की अस्मिता की लड़ाई बन चुका है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट चेतावनी थी कि नशा बेचने वालों के लिए इस प्रदेश में कोई जगह नहीं बचेगी. और एक साल के भीतर हालात ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ बयान नहीं, इरादा था. नशे के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान पर अब पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जिस खुले दिल से तारीफ़ की है, उसने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है, जब बात पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने की हो, तो सच्चा काम खुद बोलता है.

फरवरी 2026 तक 49,436 नशा तस्करों की गिरफ्तारी, 34 हजार से ज्यादा एफआईआर, हजारों किलो हेरोइन और अफीम की जब्ती, करोड़ों की ड्रग मनी फ्रीज- यह आंकड़े बताने के लिए काफी हैं कि सरकार ने तस्करों की कमर तोड़ दी है. 1,961 किलो हेरोइन, 607 किलो अफीम, 27.5 क्विंटल पोस्ता, 47.57 लाख नशीली गोलियां और 28 किलो ICE की बरामदगी ने पूरे नेटवर्क को हिला दिया है. 548 तस्करों की 263 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी गई — संदेश साफ है, नशे का धंधा अब घाटे का सौदा है.

सीमा पार से ड्रोन के जरिए आ रही खेप को रोकने के लिए पंजाब की मान सरकार ने तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. यह दिखाता है कि मान सरकार सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, टेक्नोलॉजी और स्ट्रेटजी से काम कर रही है. साइबर फ्रॉड के 80 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए, यानी नशे और अपराध के हर रूप पर एक साथ प्रहार.

आतंक और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी करारा वार हुआ है. साल 2025 में 12 आतंकी घटनाएं सुलझाईं गईं, 50 मॉड्यूल सदस्य गिरफ्तार हुए. इंटरनल सिक्योरिटी विंग ने 19 मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 131 लोगों को पकड़ा और भारी मात्रा में हथियार, RDX, ग्रेनेड और RPG बरामद किए. एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 416 मॉड्यूल तोड़कर 992 गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे डाला. यह कार्रवाई बताती है कि नशा, आतंक और गैंगस्टर गठजोड़ को जड़ से खत्म करने का अभियान जारी है.

सबसे बड़ी बात यह है कि इस मुहिम को राजनीतिक सीमाओं से परे समर्थन मिला है. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी मान सरकार के अभियान की खुलकर तारीफ की. जब सरकार और राज्यपाल कई मुद्दों पर आमने-सामने रहे हों, तब इस तरह की सराहना अपने आप में बहुत कुछ कह देती है. यह इस बात का प्रमाण है कि नशे के खिलाफ मान सरकार की कार्रवाई सिर्फ राजनीति नहीं, नीयत और परिणाम की लड़ाई है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कहा था कि यह पुलिस की अकेली लड़ाई नहीं, पूरे समाज की जंग है. 1.5 लाख ‘पिंड दे पहरेदार’ गांव-गांव में सक्रिय हैं, हजारों युवाओं को डी-एडिक्शन सेंटर्स तक पहुंचाया गया है, स्कूलों में एंटी-ड्रग जागरूकता अभियान चल रहा है. यह सिर्फ गिरफ़्तारियों का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को बचाने का मिशन है.

पंजाब अब डर के साये से बाहर निकल रहा है. तस्करों की हिम्मत टूट रही है, युवाओं में भरोसा लौट रहा है और परिवारों में उम्मीद जाग रही है. भगवंत सिंह मान की आक्रामक, स्पष्ट और बेखौफ नेतृत्व शैली ने यह साबित कर दिया है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सबसे जटिल समस्या को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है. ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं, नए पंजाब की घोषणा है.

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