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Punjab: कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा झटका, जानें पूरी खबर।

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पंजाब। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनरों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि फिलहाल उनकी वेतन और पेंशन में वृद्धि को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया है।

यह जानकारी सामने आ रही है कि Punjab सरकार ने 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के लिए समयसीमा तय कर दी है, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया में देरी संभव है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी जनवरी 2026 से प्रभावी होगी, लेकिन ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे जनवरी 2027 तक टाला जा सकता है।

देरी का मुख्य कारण आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने में लगने वाला अतिरिक्त समय बताया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को तत्काल लाभ नहीं मिल पाएगा। 8वें वेतन आयोग का कार्यकाल जनवरी 2026 से आरंभ होगा, लेकिन संशोधित वेतन और पेंशन में बदलाव 2027 की शुरुआत तक लागू होने की संभावना है। हालांकि, जब नया वेतनमान प्रभावी होगा, तब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 12 महीने का बकाया भी दिया जाएगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि आयोग को अपनी सिफारिशें पूरी करने में लगभग 15 से 18 महीने का समय लग सकता है, और पूरी रिपोर्ट 2026 के अंत तक आ सकती है। सरकार ने 16 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी, और अब कैबिनेट से इसकी शर्तों (टीओआर) को मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है। इसके बाद, आयोग अप्रैल 2025 से अपना कार्य शुरू करेगा।

इस बीच, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन और भत्तों में संशोधन की उम्मीद बनी हुई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन सिफारिशों को कितनी तेजी से लागू करती है और कर्मचारियों की मांगों पर कितना ध्यान देती है।

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CM मान बोले- पंप पर लाइनों की जांच होगी:पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक; स्टोर न करें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने भी इससे इनकार किया। इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है।

अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं।

मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा।

हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए।

मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें

मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।

पंजाब में तेज संकट की क्या स्थिति, CM भगंवत मान ने बताया

सीएम भगवंत मान ने कहा- कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी। पंजाब में खेती, इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे रखे हैं। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा।

यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा।

हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए।

जब भी संकट आया, पंजाब अपना योगदान देता आया है। उनकी तरफ से हमें आंकड़े दिए गए।

मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

हमारे पास इस वक्त लगभग 12 से 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। पहले भी यह इतना ही था। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं।

केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का स्टॉक है,

6 दिन LPG, 12 दिन के लिए पेट्रोल, 14 दिन के लिए डीजल का स्टॉक है। डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं।

सीएम ने कहा- हमनें इसमें से कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है।

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पंजाब के 4 जिलों में राज्य कर विभाग की रेड:तंबाकू बिक्री पर टैक्स चोरी पकड़ी, बिना बिल का 1.5 करोड़ का माल बरामद

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पंजाब सरकार ने तंबाकू पर टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य कर विभाग की टीमों ने पूरे पंजाब में एक साथ बड़े छापेमारी अभियान चलाकर 1.5 करोड़ रुपए के अनअकाउंटेड (बिना बिल) तंबाकू उत्पाद बरामद किए हैं।

उन्होंने कहा, “सिगरेट-बीड़ी पर हाल ही में टैक्स बढ़ाए जाने के बाद इस क्षेत्र में चोरी की गतिविधियां बढ़ गई थी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विभाग ने तुरंत एक्शन लिया।

8 जगह पर की गई छापेमारी

अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर की चार स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स की टीमों ने 8 अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापे मारे। इनमें 5 रजिस्टर्ड दुकानों और 3 गैर-रजिस्टर्ड अवैध कारोबार शामिल थे।” छापेमारी के दौरान लुधियाना और अमृतसर में गुप्त गोदामों और छिपे स्टॉक का भंडाफोड़ हुआ। मुख्य दुकानों से जुड़े गोदामों में भारी मात्रा में सामान बिना इनवॉइस और बिना हिसाब-किताब के रखा और बेचा जा रहा था।

यह सामान हुआ बरामद

इस दौरान भारत निर्मित सिगरेट में 1.32 लाख पैकेट, बीड़ी 18,472 पैकेट, जर्दा 302 पैकेट, विदेशी सिगरेट 13 पैकेट व 95 डिब्बे, विदेशी हुक्का सामग्री 148 पीस, कूललिप: 18 पैकेट व कुल जब्त सामान की कीमत: लगभग 1.5 करोड़ रुपए । किए गए सामान पर 50 लाख रुपए से ज्यादा का टैक्स बकाया है, जिसकी सख्ती से वसूली की जाएगी। अब तक 12 लाख रुपए की राशि वसूल की जा चुकी है और बाकी वसूली की कार्रवाई तेजी से चल रही है।

सरकार का साफ संदेश

हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी देते हुए कहा, “टैक्स चोरी के खिलाफ भगवंत मान सरकार का रुख बिल्कुल सख्त है। ऐसे अभियान लगातार चलते रहेंगे। व्यापारियों को सलाह है कि सही बिल-दस्तावेज रखें और कानून का पालन करें, वरना सख्त कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा।” यह कार्रवाई राज्य के राजस्व की सुरक्षा और टैक्स अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में भगवंत मान सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाती है।

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पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने 3 महीनों में 30.5 लाख परिवारों को कवर किया, 292 करोड़ रुपये के उपचार स्वीकृत हुए।

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है और 8 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।”

इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।”

अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा।

उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है।

डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।

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