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Guru Gobind Singh Ji का प्रकाश पर्व, श्रद्धा और भव्यता का संगम

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आज Guru Gobind Singh JI का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उमंग के साथ श्री हरमंदिर साहिब और पंजाब भर के गुरुद्वारों में मनाया जा रहा है। सुबह से ही संगत ने गुरुद्वारों में पहुंचकर माथा टेकना शुरू कर दिया। इस खास अवसर पर गुरु घरों को रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है।

हरिमंदर साहिब में विशेष कार्यक्रम
श्री हरिमंदर साहिब परिसर के गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में अखंड पाठ का आयोजन किया गया है। इस दौरान जलौ सजाए जाएंगे, जो हरिमंदर साहिब, श्री अकाल तख्त और गुरुद्वारा बाबा अटल राय में प्रदर्शित किए जाएंगे। हरिमंदर साहिब के प्रबंधक भगवंत सिंह धंगेरा ने बताया कि दिन भर गुरमति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संगत बड़ी संख्या में भाग ले रही है।

संगत से विशेष अपील
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस पवित्र दिन पर संगत से अपील की कि वे गुरु साहिब के दिखाए मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा, “गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ है, जिससे हम अपने जीवन की प्राथमिकताएं तय कर सकते हैं।”

गुरुद्वारों में गुरमति समारोह
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पंजाब के विभिन्न ऐतिहासिक और स्थानीय गुरुद्वारों में भी विशेष गुरमति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में कीर्तन, कथा, और संगत का लंगर प्रमुख आकर्षण हैं।

यह पावन पर्व गुरु साहिब के उपदेशों को आत्मसात करने और मानवता के कल्याण के लिए उनकी शिक्षाओं का पालन करने का संकल्प लेने का अवसर है।

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युवा भारत को श्री गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के संकल्प वाला देश बनाने के लिए आगे आएं — Manish Sisodia

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श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में तैयार कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आज पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से श्री गुरु रविदास जी की बाणी और सामाजिक समानता के संकल्प पर संत समाज की अगुवाई में विचार-विमर्श की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी श्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं को आह्वान किया कि वे भारत को श्री गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के संकल्प वाला देश बनाने के लिए आगे आएं।

श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि आज भी हमारा देश श्री गुरु रविदास जी द्वारा 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और सभी को बराबर अवसर देने के सिद्धांतों वाला देश क्यों नहीं बन सका। उन्होंने कहा कि भले ही डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से इस सोच को आगे बढ़ाया, फिर भी आज कई कड़वी सच्चाइयां मौजूद हैं, जिनके कारण हम गुरु महाराज के संकल्प से काफी दूर हैं। उन्होंने कहा कि असमानता और भेदभाव को समाप्त करने के लिए देश के संविधान को सही ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।

मनीष सिसोदिया ने श्री गुरु रविदास जी के संदेश को विश्वभर में फैलाने के लिए उठाए जा रहे कदमों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम और विचार-विमर्श युवाओं के मन में सामाजिक और आर्थिक असमानता से जुड़े सवालों के जवाब देने में सहायक होंगे।

उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली में असमानता और पक्षपात के संबंध में 3 वर्ष से 33 वर्ष तक के बच्चों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए अफसोस जताया कि श्री गुरु रविदास जी द्वारा 650 वर्ष पहले समाप्त करने का आह्वान की गई असमानता और भेदभाव की जड़ें आज भी समाज में गहराई से मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के इस देश में केवल 1 प्रतिशत लोगों के पास 40 प्रतिशत संपत्ति है, जबकि 50 प्रतिशत लोगों के पास मात्र 6 प्रतिशत संपत्ति है। यह स्थिति सवाल खड़ा करती है कि क्या भारत वास्तव में समानता की ओर बढ़ रहा है? उन्होंने कहा कि वास्तविक समानता तभी आएगी जब श्री गुरु रविदास जी के सिद्धांतों पर आधारित समाज स्थापित होगा।

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी तथा परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के समानता के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास स्मारक का विस्तार किया जा रहा है, वहीं फरीदपुर में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिसका कार्य जल्द शुरू होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि जहां देश और दुनिया के सभी संविधान समानता की बात करते हैं, वहीं श्री गुरु रविदास जी ने 650 वर्ष पहले ही धार्मिक रूप में यह संदेश दिया और ‘बेगमपुरा’ का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज भी उनके सिद्धांतों पर चलकर ही भेदभाव समाप्त किया जा सकता है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम अपने गुरुओं की शताब्दियां मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर खुरालगढ़ से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने और श्री गुरु रविदास जी का संदेश विश्वभर तक पहुंचाने के लिए वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आध्यात्मिक माहौल बनाकर विद्यार्थियों को गुरु रविदास जी के सामाजिक क्रांति के संदेश से जोड़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी को वित्तीय संकट से उबारने की अपनी प्रतिबद्धता निभाई है, जिसके चलते विश्वविद्यालय का बजट 120 करोड़ रुपये से बढ़कर 415 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

विचार-विमर्श के दौरान डेरा संत प्रीतम दास (बाबे जोडा) के जनरल सेक्रेटरी बहन संतोष ने संत निर्मल दास की ओर से बोलते हुए कहा कि महान संत गुरु रविदास जी की बाणी के 40 शब्द और 1 श्लोक गुरु नानक देव जी लेकर आए, जिन्हें श्री गुरु अर्जन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान दिया। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने अंधविश्वास को समाप्त कर लोगों को ‘शब्द गुरु’ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से आए प्रो. मनजिंदर सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और सामाजिक समानता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज के सबसे निचले वर्ग को भी “मोही तोही अंतर कैसा” के माध्यम से ईश्वर के समान दर्जा दिया और “सोहं” के जरिए आत्मविश्वास जगाया।

इससे पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शन और चार शोभा यात्राएं भी शामिल हैं।

समारोह का संचालन डीन यूथ वेलफेयर डॉ. भीमइंदर सिंह ने किया। इस अवसर पर विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, चेतन सिंह जौड़ामाजरा, गुरदेव सिंह देव मान, रणजोध सिंह हडाणा, जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता, पंजाब एग्रो के चेयरमैन बलजिंदर सिंह ढिल्लों, डिप्टी मेयर जगदीप जग्गा, प्रिंसिपल जे.पी. सिंह, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, एडीसी नवरीत कौर सेखों, रजिस्ट्रार डॉ. दविंदरपाल सिंह सिद्धू, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. ममता शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हरजिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

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पंजाब में समान विकास सुनिश्चित करने के लिए पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करवाया जाएगा:CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब सरकार की ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ श्रृंखला के हिस्से के रूप में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का चार साल का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया, जिसमें यह दिखाया गया कि निरंतर नीतिगत हस्तक्षेप ने गांवों के बुनियादी ढांचे को कैसे बदला है, जमीनी स्तर पर प्रशासन को मजबूत किया है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं।

ग्रामीण विकास को समग्र विकास के केंद्रीय स्तंभ के रूप में बताते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के पहले जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की शुरुआत से लेकर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निर्माण, पारदर्शी भूमि प्रबंधन के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करने और युवा-केंद्रित विकास कार्यक्रमों सहित प्रमुख पहलों की रूपरेखा पेश की।

पहली अप्रैल से शुरू होने वाले जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण को समानता और नीति निर्माण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए सभी समुदायों के जीवन स्तर का मूल्यांकन करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड एक व्यापक शासन ढांचे का हिस्सा है, जिसके तहत ‘आप’ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई, कृषि और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सेक्टर-वार प्रदर्शन के साथ-साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणामों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों में गांवों का पूर्ण विकास हुआ है, जिसमें बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य, तालाबों की सफाई शामिल है क्योंकि राज्य ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाकर और अन्य तरीकों से पैसा कमाया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के सख्त प्रयासों के कारण पंचायत चुनावों में सर्वसम्मति में वृद्धि हुई है। पंजाब में 13,236 पंचायतों के लिए चुनाव 2024 में हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं। 2018 में लगभग 1,870 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गई थीं, लेकिन 2024 में 2,970 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “1,100 से अधिक पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जिससे गांवों में सामुदायिक सौहार्द मजबूत होता है और गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने सरपंचों का मानभत्ता 1,200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ग्रामीण विकास के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2025-26 में ग्रामीण विकास पर 2,367.64 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जो 2024-25 के मुकाबले दोगुने थे। वर्ष 2017-22 के दौरान पांच वर्षों में गांवों के विकास पर 1,883 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि राज्य सरकार ने इस नेक कार्य के लिए पिछले चार वर्षों में 3,847 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंचायत इमारतों, लाइब्रेरियों, आंगनवाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों, गलियों, नालियों और अन्य विकास कार्यों पर 1,030.94 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पीने के पानी, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य जरूरी सेवाओं पर 1,336.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और यह फंड जिला परिषदों, पंचायत समितियों और पंचायतों के माध्यम से जारी किए गए थे।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने गांवों में शामलात जमीनों को लीज पर देकर आय में वृद्धि की है। पंचायती जमीनों से अवैध कब्जे हटाए गए हैं, जिससे राज्य का राजस्व बढ़ा है। चार वर्षों में राज्य सरकार ने शामलात जमीन को लीज पर देकर 1,842.78 करोड़ रुपये कमाए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वर्ष 2025-26 में पिछले साल के मुकाबले राजस्व 50.75 करोड़ रुपये बढ़ा है। लगभग 1.35 लाख एकड़ जमीन लीज पर दी गई, जिससे 520.54 करोड़ रुपये का राजस्व आया, जबकि 2024-25 में 469.79 करोड़ रुपये आए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए लगभग 3,000 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और इस पर 1,166 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ये मैदान 6,500 एकड़ क्षेत्र में फैले होंगे, जिनके लिए 3,148 स्थानों की पहचान की गई है।”

उन्होंने कहा, “2,400 मैदानों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है और इनमें से अधिकांश इस वर्ष जून तक पूरे हो जाएंगे, जिनमें वॉलीबॉल कोर्ट, फुटबॉल मैदान, बच्चों के खेलने का सामान और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं होंगी।”

उन्होंने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार पंचायत घरों का निर्माण किया गया है। दूसरे चरण में 125 करोड़ रुपये के बजट से 500 आधुनिक पंचायत घर बनाए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रति इमारत 25 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं और पहले चरण में 373 इमारतें पहले ही पूरी हो चुकी हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने गांवों में 251 लाइब्रेरियां बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिनमें से 231 पहले ही पूरी हो चुकी हैं। इसका उद्देश्य गांवों के लोगों को साहित्य से जोड़ना और नौजवानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मनरेगा योजना के बारे में बात करते हुए कहा, “2017-2022 तक केवल 4,708 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 2022 से अब तक 5,146 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 8.96 लाख लोगों को रोजगार मिला है और 2.40 करोड़ दिहाड़ियों का रोजगार सृजित हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “2025-26 में लगभग 63,357 नए जॉब कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से 2,480 दिव्यांग व्यक्तियों के लिए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब मनरेगा योजना में तर्कहीन संशोधनों का सख्त विरोध करता है। पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए परिवर्तनों का विरोध किया था, जो ग्रामीण रोजगार को कम कर सकते हैं। ऐसी प्रतिबंध-आधारित संशोधन गैर-वाजिब हैं क्योंकि ये संशोधन ऐसी योजनाओं के मकसद पर गंभीर सवालिया निशान लगाते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने ग्रामीण परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनुकरणीय पहल की हैं। इस वर्ष 76 हजार घरों के लिए मंजूरी दी गई थी, जिनमें 30 हजार बाढ़ प्रभावित परिवार शामिल थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “2016-2022 तक राज्य में केवल 39 हजार घर बनाए गए थे, जबकि इस वर्ष राज्य सरकार ने समाज के गरीब वर्ग के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने 17,080 गांवों के तालाबों की सफाई के लिए बड़ी योजना शुरू की है। 13,414 तालाबों से पानी निकाला गया है और 4,706 तालाबों से गाद निकालने का काम पूरा हो गया है, जिसके लिए 235 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी जातियों और उप-जातियों के जीवन स्तर का मूल्यांकन करना है ताकि उनकी भलाई के लिए नीतियां बनाई जा सकें। इस उद्देश्य के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें 28,000 गणनाकार तैनात किए जाएंगे और प्रत्येक को 62,500 रुपये मानभत्ता मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “नशों के विरुद्ध जंग में राज्य के सभी गांवों ने अपना समर्थन दिया है। मैं पंचायतों और वॉलंटियरों का नशा विरोधी प्रयासों में सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए दिल से धन्यवाद करता हूं क्योंकि पहले ही 1.25 लाख सदस्य इस मुहिम में शामिल हो चुके हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “12 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं और वॉलंटियर ‘गांव के सरपरस्त’ के रूप में काम कर रहे हैं। कई नशा तस्करों को इन कमेटियों की रिपोर्टों के आधार पर गिरफ्तार किया जाता है।”

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 23 जिलों की 100 अग्रणी महिला उद्यमियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्हों से सम्मानित किया गया। उन्हें 25,000 रुपये प्रति व्यक्ति भी दिए गए।”

उन्होंने कहा, “117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया है और 2,300 महिलाओं को जिला स्तर के कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया है। मिशन के तहत 58,303 स्व-सहायता समूह बनाए गए हैं और 5.89 लाख परिवारों को जोड़ा गया है, जिन्हें 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सशक्तिकरण पहल के हिस्से के रूप में महिलाओं को डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए नई योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 1,100 दूध सहकारी समितियां रजिस्टर्ड की गई हैं और महिलाओं को 18 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण दिए गए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये समितियां मिल्कफेड को रोजाना एक लाख लीटर दूध सप्लाई कर रही हैं। पूरे पंजाब में सखी शक्ति मेले लगाए गए थे, जिनमें 1,500 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और उनके द्वारा तैयार किए गए नौ करोड़ रुपये के उत्पाद बेचे गए।”

उन्होंने कहा, “समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पहली बार विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार ब्लॉकों का पुनर्गठन किया गया है। ग्रामीण विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों को राज्य कैडर में शामिल कर दिया गया है। कार्य कुशलता में सुधार लाने के लिए राज्य में 3,327 पंचायत विकास सचिवों के लिए प्रांतीय कैडर बनाया गया है।”

एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेली मां वाला सलूक कर रही है। आरडीएफ, जीएसटी, एनएचएम और अन्य ग्रांट्स को केंद्र ने रोक रखा है। इसका एकमात्र कारण यह है कि पंजाब में भाजपा को वोट नहीं मिलते, जिस कारण केंद्र सरकार पंजाब के साथ अन्याय कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र द्वारा आवंटित आपदा प्रबंधन फंड बहुत कम है और जनता के बड़े हित में इसमें संशोधन की आवश्यकता है। राज्य इस भेदभाव का सख्त विरोध करेगा और राज्य का जायज हिस्सा प्राप्त करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मुद्दे को कानूनी और प्रशासनिक रूप से हर प्लेटफॉर्म पर उठाया जाएगा।”

एक और सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हैरान करने वाली बात है कि पंजाब कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी की अगुवाई वाली हिमाचल सरकार द्वारा एंट्री टैक्स लगाए जाने पर चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि यह मुद्दा पंजाबियों के एक बड़े हिस्से से संबंधित है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक तरफ राज्य सरकार टोल टैक्स खत्म कर रही है और आम आदमी को राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य लोगों पर बिना जरूरी टैक्स लगा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार गेहूं की फसल की सुचारू और परेशानी मुक्त खरीद तथा लिफ्टिंग के लिए वचनबद्ध है और इसके लिए व्यापक प्रबंध पहले ही कर लिए गए हैं। सुचारू खरीद को खतरे में डालने के लिए अपनाई जा रही ब्लैकमेलिंग की रणनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी ताकतों के विरुद्ध अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार एक अच्छी सरकार काम कर रही है, जबकि पहले वाली सरकारें लोगों को लूटने तक सीमित थीं।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार किसानों की जमीन से गुजरने वाली हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावना की पड़ताल कर रही है और रणनीति बनाई जा रही है। यह किसानों के लिए राहत होगी क्योंकि ये तारें फसलों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा करती हैं।”

इस मौके पर ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य भी मौजूद थे।

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CM मान की हरियाणा सरकार को सलाह: संयम के साथ पानी बरतें, 21 मई तक अतिरिक्त पानी नहीं देगा पंजाब

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हरियाणा को संयम से पानी बरतने को कहा है। चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के दाैरान सीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार इन्हीं दिनों पानी के लिए पंजाब से लड़ती है इसलिए पंजाब ने पहले ही हरियाणा को सचेत कर दिया है कि पानी की खपत पूरे संयम के साथ की जाए। इसके लिए हरियाणा सरकार को पत्र भी लिख दिया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब द्वारा हरियाणा को उसके कोटे का पानी दिया जा रहा है और यह 21 मई तक चलता रहेगा। पंजाब निर्धारित सप्लाई से अधिक पानी हरियाणा को नहीं दे सकता।

उन्होंने कहा कि मालूम चला है कि अभी तक हरियाणा ने अपने कोटे का 70 से 75 फीसदी पानी ही खर्च किया है, यह अच्छी बात है। 21 मई तक इस पानी की खपत की जा सकती है, उसके बाद ही आगे कोटे के तहत पानी सप्लाई दी जाएगी। यह भी अच्छी बात है कि इस बार हरियाणा सरकार ने इस बार अपने बजट में एसवाईएल के लिए कोई बजट तय नहीं किया है। हरियाणा को अब यह मसला खत्म ही कर देना चाहिए। 

मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पहली बार पंजाब का पानी पंजाब के लोगों और किसानों के लिए बरतना शुरू कर दिया है। अंतिम टेल तक किसानों को सिंचाई के लिए नई पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। दूसरे राज्यों के लिए पंजाब के पास कोई अतिरिक्त पानी नहीं है और न ही दूसरे राज्य इसके लिए उम्मीद रखें।

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