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Lifestyle

जो लोग बिलियाँ पालते है उनको हो सकती ये  गंभीर बीमारी

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हमारे समाज में कई प्रकार के जानवरों को पालतू बनाया जाता है, जिनमें बिल्लियाँ भी शामिल हैं। कुछ लोग इसे प्यार या शौक से बचाकर रखते हैं। हालाँकि, कुछ लोग बिल्लियाँ पालने के पीछे शास्त्रों पर भी विश्वास करते हैं। उनका मानना ​​है कि बिल्ली भविष्य में होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी कर सकती है। इसके अलावा यह घर के लिए भी शुभ होता है। खैर, बिल्ली पालना गलत नहीं है। हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए हैं। शोध से पता चला है कि बिल्लियों के साथ रहने से सिज़ोफ्रेनिया का खतरा दोगुना हो जाता है।

सिज़ोफ्रेनिया क्या है?
दरअसल, सिज़ोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है जिससे पीड़ित व्यक्ति की सोच, समझ और व्यवहार में बदलाव आ जाता है। इस रोग से पीड़ित रोगी बिना किसी बात के हर बात पर संदेह करता रहता है और अपनी ही दुनिया में खोया रहता है। इसके अलावा उन्हें हमेशा ऐसा लगता है कि कोई उनके खिलाफ साजिश रच रहा है या उन्हें किसी मामले में गलत फंसाया जा रहा है.

शोधकर्ताओं के अनुसार, परजीवी टोक्सोप्लाज्मा गोंडी (टी. गोंडी) बिल्लियों से मनुष्यों में फैल सकता है। इसके कारण मनुष्य में सिज़ोफ्रेनिया विकसित हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, टोक्सोप्लाज्मा गोंडी सीधे मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित कर सकता है और सूक्ष्म अल्सर का कारण बन सकता है। इसके लिए शोधकर्ताओं की टीम ने 17 अध्ययनों की समीक्षा की. इसके बाद ही यह निष्कर्ष निकाला गया है. टीम ने पिछले 44 वर्षों में प्रकाशित अमेरिका और ब्रिटेन सहित 11 देशों के मौजूदा शोध डेटा का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि 25 वर्ष की आयु से पहले बिल्लियों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में सिज़ोफ्रेनिया विकसित होने की संभावना लगभग दोगुनी थी।

सकारात्मक लक्षण वे विकार हैं जो किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं। जैसे, इसमें मतिभ्रम, भ्रम और सोचने के असामान्य या निष्क्रिय तरीके शामिल हैं। नकारात्मक लक्षणों में व्यक्ति अपने दैनिक जीवन से ध्यान भटकाने लगता है। इनमें खुशी की भावनाओं में कमी और गतिविधियों को शुरू करने और बनाए रखने में कठिनाई शामिल है। संज्ञानात्मक लक्षणों के कारण रोगी को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। इससे किसी भी जानकारी को समझना और निर्णय लेना असंभव हो जाता है।

उपचार विशेषज्ञों के अनुसार, सिज़ोफ्रेनिया को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन अगर इसका जल्दी पता चल जाए, तो इसे दवा और व्यवहार थेरेपी से निश्चित रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। आपको बता दें कि शोधकर्ताओं के इस शोध में बिल्लियों को पालतू जानवर के रूप में रखने वाले 354 छात्रों को शामिल किया गया था।

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Lifestyle

अब 10 मिनट में डिलीवरी बंद, सरकार ने टाइम लिमिट की शर्त हटाई

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10-मिनट डिलीवरी के दावे पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को डिलीवरी के लिए तय की गई सख्त टाइम लिमिट हटाने की सलाह दी है।

केंद्रीय श्रम मंत्री ने की बड़ी बैठक

जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने गिग वर्कर्स की सड़क सुरक्षा और काम के दबाव का हवाला देते हुए 10-मिनट जैसी सख्त डिलीवरी समयसीमा को हटाने की सलाह दी।

विज्ञापनों से हटेगा 10-मिनट डिलीवरी क्लेम

बैठक के बाद कंपनियों ने सरकार को भरोसा दिलाया कि वे डिलीवरी टाइम लिमिट को अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगी। सरकार का मानना है कि तय समय में डिलीवरी का दबाव वर्कर्स को जोखिम भरे तरीके से काम करने के लिए मजबूर करता है।

ब्लिंकिट ने उठाया तुरंत कदम

केंद्रीय मंत्री की सलाह के बाद ब्लिंकिट ने तत्काल प्रभाव से अपने ब्रांड प्लेटफॉर्म से 10-मिनट डिलीवरी का दावा हटा दिया है। इसका मतलब है कि अब कंपनी डिलीवरी के लिए किसी तय समयसीमा को फिक्स नहीं करेगी।

कोरोना के बाद तेजी से बढ़ा क्विक कॉमर्स

कोरोना महामारी के बाद 10-मिनट डिलीवरी यानी क्विक कॉमर्स का चलन तेजी से बढ़ा है। इस मॉडल के तहत प्लेटफॉर्म शहरों के अलग-अलग इलाकों में डार्क स्टोर्स बनाकर राइडर्स के जरिए कुछ ही मिनटों में डिलीवरी करते हैं। फिलहाल इस सेक्टर में ब्लिंकिट, जेप्टो, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और स्विगी जैसे बड़े प्लेयर्स सक्रिय हैं।

पारंपरिक कॉमर्स से अलग है क्विक कॉमर्स

क्विक कॉमर्स पारंपरिक कॉमर्स से काफी अलग है। जहां पारंपरिक कॉमर्स में उत्पादों की डिलीवरी में कई दिन लग जाते हैं, वहीं क्विक कॉमर्स में यही काम कुछ मिनटों में पूरा करने का दावा किया जाता है।

वर्किंग कंडीशंस को लेकर पहले भी हुआ था विरोध

हाल ही में नए साल के मौके पर क्विक कॉमर्स डिलीवरी पार्टनर्स ने कठिन कामकाजी परिस्थितियों, कम वेतन और प्रतिकूल माहौल को लेकर हड़ताल भी की थी। इन घटनाओं के बाद गिग वर्कर्स की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर बहस और तेज हो गई है।

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पहली बार चांदी 2 लाख पार, एक साल में भाव दोगुने, सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर

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चांदी आज यानी 17 दिसंबर को पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलो के पार निकल गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी की कीमत 8,775 रुपए बढ़कर 2,00,750 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले ये 1,91,977 रुपए पर थी।

18 मार्च को चांदी पहली बार 1 लाख रुपए पर पहुंची थी। यानी चांदी को 1 लाख से 2 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने में सिर्फ 9 महीने का समय लगा। जबकि इसे 50 हजार से 1 लाख रुपए तक पहुंचने में 14 साल लगे थे। मौजूदा कीमत के साथ चांदी अब ऑल-टाइम हाई पर है

चांदी में तेजी के 4 बड़े कारण

  1. इंडस्ट्रियल डिमांड –  सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
  2. ट्रंप का टैरिफ डर –  अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
  3. मैन्युफैक्चरर होड़ में –  प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
  4. चांदी में निवेश बढ़ रहा:  निवेशक सिल्वर ETF के जरिए चांदी में निवेश कर रहे हैं। इससे चांदी की डिमांड बढ़ रही है।

सोना 936 रुपए बढ़कर 1.32 लाख रुपए पहुंचा

आज 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना भी 936 रुपए बढ़कर 1,32,713 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये कल यानी, 16 दिसंबर को 1,31,777 रुपए पर था। वहीं सोने ने 15 दिसंबर को 1,33,442 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।

इस साल सोना ₹56,551 और चांदी ₹1,14,733 महंगी हुई

  • इस साल अब तक सोने की कीमत 56,551 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,32,713 रुपए हो गया है।
  • चांदी का भाव भी इस दौरान 1,14,733 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,00,750 रुपए प्रति किलो हो गई है।
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सोना ₹1.33 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर: सोना ₹1.33 लाख के ऑलटाइम हाई पर, चांदी ₹2,958 गिरी

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सोने-चांदी की कीमत रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. सोना अपने ऑल टाइम हाई की सीमा को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना चुका है. चांदी की कीमत अपने पहली बार 2 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गई है. सोने-चांदी की इस ब्रेक फेल कीमत ने जहां खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं एक्सपर्ट को इसे खतरे की घंटी मान रहे हैं.

सोना के दाम में आज यानी 15 दिसंबर को ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम सोने की कीमत 732 रुपए बढ़कर 1,33,442 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। इससे पहले ये 1,32,710 रुपए पर था।

वहीं, चांदी के दाम में आज गिरावट है। 2,958 रुपए गिरकर 1,92,222 रुपए किलो हो गई है। इससे पहले ये 1,95,180 रुपए पर थी। ये इसका ऑल टाइम हाई भी है।

अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?

IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।

इस साल सोना ₹57,280 और चांदी ₹1,06,205 महंगी हुई

  • इस साल अब तक सोने की कीमत 57,280 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,33,442 रुपए हो गया है।
  • चांदी का भाव भी इस दौरान 1,06,205 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,92,222 रुपए प्रति किलो हो गई है।

गोल्ड में तेजी के 2 प्रमुख कारण

  • जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
  • रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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