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पंजाब की जनता ने भगवंत मान सरकार के ‘‘काम’’ को दी शाबाशी, ED पार्टी का किया सफाया- केजरीवाल

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पंजाब विधानसभा चुनाव से चंद माह पहले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली ऐतिहासिक जीत ने पूरी पार्टी को जोश से भर दिया है। इस शानदार जीत के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम नेताओं ने सीएम भगवंत सिंह मान की ‘‘काम की राजनीति’’ को सराहने के लिए पंजाब की जनता का धन्यवाद किया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों ने ये ऐतिहासिक वोट देकर भगवंत मान सरकार के कामों को शाबाशी दी है। ऐसे ही हम अच्छे काम आगे भी करते रहेंगे। वहीं ईडी पार्टी का सफ़ाया हो गया। ईडी पार्टी ने पंजाब के छोटे-छोटे व्यापारियों पर जो इतनी रेड करवा कर लोगों को परेशान किया, आज लोगों ने उसका बदला लिया।

अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सभी व्यापारियों को सचेत करते हुए कहा कि शुक्रवार को आए निकाय चुनावों के नतीजों के बाद आने वाले दिनों में ईडी पार्टी कई व्यापारियों पर ईडी रेड की प्लानिंग कर रही है। सभी व्यापारी सतर्क रहें। हमारी सरकार पूरी तरह से सभी व्यापारियों के साथ खड़ी है। ईडी पार्टी को पूरी तरह से पंजाब से भगाना है।

सोशल मीडिया एक्स पर अरविंद केजरीवाल ने एक वीडिया साझा कर कहा कि पंजाब में आज नगर निगम और शहरी निकायों के नतीजे आए हैं और आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब के अंदर पूरा स्वीप किया है। सभी शहरी निकायों के अंदर पार्टी की जबरदस्त जीत हुई है। अभी थोड़े दिन पहले पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के ग्रामीण निकायों के नतीजे आए थे। उसमें भी “आप” की जबरदस्त जीत हुई थी। और अब आज शहरी क्षेत्रों के नतीजे आए हैं, इसमें भी जबरदस्त जीत हुई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं पंजाब के लोगों को बहुत बहुत बधाई देना चाहता हूं। उनका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के कामों पर और पार्टी के ऊपर इतना भरोसा किया। “आप” के जो अच्छे काम हैं, उस पर एक तरह से पंजाब के लोगों ने मोहर लगाई है और शाबाशी दी है कि अच्छा कर रहे हो, लगे रहो। कुछ लोग कह रहे थे कि “आप” शहरों में कमजोर है। आज यह साबित हो गया कि पार्टी शहरों में भी बहुत मजबूत है और मजबूती के साथ काम कर रही है। शहर के लोगों का भी आम आदमी पार्टी के ऊपर पूरी तरह से उतना ही भरोसा है जितना ग्रामीण इलाकों के लोगों का है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईडी पार्टी कह रही थी कि वह शहरों में मजबूत है। आज यह पता चल गया कि शहरों से ईडी पार्टी का बिल्कुल सफाया हो गया है। खासतौर से जिस तरह से ईडी पार्टी ने ईडी का इस्तेमाल करके पिछले दिनों में पूरे पंजाब में छोटे-छोटे व्यापारियों के ऊपर रेड करवाई है, आम व्यापारियों और हिंदू व्यापारियों को जिस तरह से ईडी पंजाब के अंदर परेशान कर रही है, उसका लोगों ने ईडी पार्टी से बदला लिया है और पूरे पंजाब के अंदर ईडी पार्टी का पूरा सफाया कर दिया गया है। मैं पंजाब के लोगों को फिर से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और आश्वासन देता हूं कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जो अच्छा काम कर रहे हैं, ऐसे ही अच्छा काम जारी रहेगा। बस जनता अपना प्यार और भरोसा बनाए रखे।

पंजाब निकाय चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर कहा कि पंजाबियों ने एक बार फिर ‘‘आप की सरकार’’ के कामों पर मुहर लगा दी है। विधानसभा, लोकसभा, पंचायत चुनावों और अब नगर निगम तथा नगर पंचायत चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। 90 फीसद से ज्यादा नगर परिषदों में हमारे उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसी सभी विरोधी पार्टियों के कुल वोट भी मिला लिए जाएं, तो भी वे “आप” के बराबर नहीं पहुंचते। भाजपा तो खिसक कर पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। यह जीत जनता को मिल रही मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, बेहतरीन स्कूलों और पारदर्शी तरीके से मिल रही नौकरियों की जीत है। जीतने वाले सभी उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई। अब कोई भेदभाव नहीं होगा। हर शहर, कस्बे और गांव का एक समान विकास होगा। हम सकारात्मक और विकास की राजनीति करने वाले लोग हैं।

उधर, पंजाब ‘‘आप’’ के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पंजाब की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी बड़ी जीत दर्ज की है। ये जीत जनता का संदेश है कि भगवंत सिंह मान सरकार के काम से जनता खुश है। साथ ही जनता का संदेश है कि ईडी पार्टी की घटिया राजनीति पंजाब की जनता को स्वीकार नहीं है। पंजाब में ईडी पार्टी के 1142 कैंडिडेट्स की ज़मानत जप्त हो गई है। पंजाब में ईडी पार्टी की दहशत, नफ़रत और ग़द्दारी की राजनीति नहीं चलती। उन्होंने कहा कि ये केवल एक चुनावी जीत नहीं है। बल्कि पंजाब की जनता का साफ़ संदेश है कि गद्दारी और धोखे की राजनीति के साथ खड़े नहीं होंगे। ईमानदारी के साथ खड़े होंगे। काम की राजनीति के साथ खड़े होंगे।

वहीं, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब के निकाय चुनाव के नतीजों से यह साबित हो गया है कि जनता हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़ी होती है। जब किसी के साथ नाइंसाफी होती है और उसे दबाने की कोशिश की जाती है, तो लोग उसके समर्थन में एकजुट हो जाते हैं। पिछले दो महीने से ईडी ने पंजाब में अपना डेरा डाला हुआ है। पहले हमारे सांसदों के घरों पर छापे मारे गए, जिसके बाद कुछ ने डर से या लालच में आकर भाजपा में शामिल होने का फैसला कर लिया। इसके बावजूद हमारे मंत्रियों, विधायकों और सरकारी दफ्तरों पर लगातार छापे पड़ रहे हैं। लगभग हर हफ्ते दो-तीन जगह ईडी की कार्रवाई हो रही है। पंजाब के लोग यह सब देख रहे हैं कि केंद्र में बैठी भाजपा पूरी तरह से आम आदमी पार्टी को खत्म करने के चक्कर में है। यही कारण है कि पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी के साथ खड़े हो गए हैं।

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देश को अब एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक और इसे रोकने के लिए उठाए जा रहे निष्प्रभावी कदमों के लिए कंेद्र सरकार पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से अब देश को एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है। मौजूदा केंद्र सरकार नीट पेपर लीक की जड़ तक पहुंचने के बजाय अनपढ़ों जैसी बात कर रही है। सरकार कह रही है कि नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाज इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रूकेगा? उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि पेपर लीक रोकने की सरकार की नीयत ही नहीं है। आज देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफ़िया के चंगुल में आ चुकी है। अगर सिस्टम को ठीक करना है तो सबको मिलकर कुछ करना होगा। अकेले किसी के कुछ करने से नहीं होगा।

शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं खुद आईआईटी से इंजीनियर हूं, पढ़ा-लिखा हूं। इसलिए शिक्षा के महत्व को समझता हूं। मैं मानता हूं कि जब तक हर बच्चे को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता। शुक्रवार को हमारे देश की सरकार ने एलान किया है कि अब नीट के पेपर को लीक होने से बचाने के लिए एयरफोर्स के जहाज और एयरफोर्स के बुलेट प्रूफ ट्रकों से उसे ट्रांसपोर्ट करेंगे। यह क्या मजाक बना रखा है? क्या हमें बेवकूफ समझा जा रहा है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में इतने बड़े-बड़े पेपर होते हैं, लेकिन क्या कहीं सुना है कि एयरफोर्स से उन्हें ट्रांसपोर्ट किया जाता है? क्या कहीं इस किस्म की नौटंकी सुनी है? केवल और केवल इस सरकार को नौटंकी करनी आती है। यह दिखाने के लिए कि हमने कितना बड़ा कदम ले लिया। पेपर लीक होने से बचाने के लिए हम यह सब कर रहे हैं। सिस्टम को ठीक करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। अगर कोई अच्छी नीयत वाली सरकार होती, तो वह देखती कि लीकेज कहां से हो रही है और उसे प्लग करती।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम एयरफोर्स के जहाजों और ट्रकों से इसे ट्रांसपोर्ट करेंगे, यह कहकर जाहिर तौर पर सिस्टम को बचाने की कोशिश की जा रही है। यह लीकेज जारी रहेगी और जहां से पेपर लीक हो रहे हैं, वह सिलसिला भी जारी रहेगा। हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को बहुत बड़े माफिया ने अपनी जकड़ में ले लिया है। पूरा का पूरा एजुकेशन सिस्टम एक माफिया की जकड़ में है। छात्र वेदांत का नाम आजकल सोशल मीडिया पर काफी चल रहा है। वेदांत 12वीं क्लास का लड़का है। उसने पेपर दिए और उसके नंबर कम आए। उसने अपने पेपर निकलवाए, तो पता चला कि फिजिक्स के अंदर उसका पेपर किसी और से बदल दिया गया और उसके नंबर बहुत कम लगाए गए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उस बेचारे बच्चे ने एक्स पर यह बात डाल दी कि मेरा पेपर बदल गया, तो इन लोगों की सारी ट्रोल आर्मी उस बेचारे पर चढ़ गई। कोई कहता है कि वह पाकिस्तानी है, तो कोई कहता है कि एंटी-नेशनल है। एक छोटे से बच्चे के दिल पर क्या गुजर रही होगी और उसकी साइकोलॉजी पर क्या असर पड़ रहा होगा, यह समझा जा सकता है। यह सब पूरा शिक्षा माफिया को बचाने की कोशिश है। इसके खिलाफ अगर कोई अकेला बच्चा, सिर्फ अकेला वेदांत ही नहीं है, पता नहीं कितने बच्चों ने अपनी बात डाली है और ये लोग सबके पीछे पड़ गए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर एक बच्चा आवाज उठाएगा, तो यह शिक्षा माफिया छोड़ेगा नहीं। ये आपको छोड़ेंगे नहीं और सबकी आवाज दबा देंगे। इसके खिलाफ सबको मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी। जब सारे मिलकर आवाज उठाएंगे, तभी सरकार को कुछ करना पड़ेगा, नहीं तो पूरी की पूरी सरकार पर शिक्षा माफिया का कब्जा हो गया है। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है, आपके भविष्य का सवाल है।

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RBI की बड़ी तैयारी! 100, 200 और 500 के नोटों में आ सकता है बड़ा बदलाव

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भारत में जल्द ही आपके हाथों में कागज नहीं, बल्कि प्लास्टिक के नोट नजर आ सकते हैं। जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब 100, 200 और 500 रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोट लाने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

बढ़ते कैश सर्कुलेशन और फटे-पुराने नोटों की समस्या को देखते हुए RBI एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत कुछ चुनिंदा शहरों में 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोट ट्रायल के तौर पर जारी किए जा सकते हैं।

इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह देखना होगा कि लोग इन नोटों को कितना स्वीकार करते हैं और एटीएम मशीनों व बैंकिंग सिस्टम में ये कितने प्रभावी ढंग से काम करते हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देशभर की कागजी मुद्रा को धीरे-धीरे पॉलिमर नोटों से बदला जा सकता है।

हालांकि डिजिटल भुगतान और UPI का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में नकदी की मांग अब भी काफी अधिक है। वर्तमान में देश में लगभग 42.86 ट्रिलियन रुपये की मुद्रा प्रचलन में है, जिसका प्रबंधन RBI के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

मौजूदा कागजी नोट जल्दी गंदे हो जाते हैं, फट जाते हैं और पानी लगने से खराब भी हो सकते हैं। इसी कारण RBI को हर साल बड़ी संख्या में नोटों को बदलना पड़ता है।

अगर लागत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान बैंक नोटों की छपाई पर करीब 6,372 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। वहीं पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक समय तक चल सकते हैं। हालांकि इनकी शुरुआती लागत कुछ ज्यादा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में ये सरकार और RBI के लिए बड़ी बचत का कारण बन सकते हैं।

प्लास्टिक नोटों के कई अन्य फायदे भी हैं। ये पूरी तरह वाटरप्रूफ होते हैं, आसानी से नहीं फटते, गंदगी कम पकड़ते हैं और नकली नोटों को रोकने के लिए इनमें उच्च स्तरीय सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।

इसके अलावा, जब ये नोट अपनी उपयोग अवधि पूरी कर लेते हैं, तो इन्हें रीसायकल करके अन्य प्लास्टिक उत्पादों में भी बदला जा सकता है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।

अब सभी की नजरें RBI के आने वाले फैसले पर टिकी हैं। यदि यह योजना सफल रही, तो भारत की मुद्रा व्यवस्था में यह एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

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RBI की बड़ी तैयारी! 100, 200 और 500 के नोटों में आ सकता है बड़ा बदलाव

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भारत में जल्द ही आपके हाथों में कागज नहीं, बल्कि प्लास्टिक के नोट नजर आ सकते हैं। जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब 100, 200 और 500 रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोट लाने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

बढ़ते कैश सर्कुलेशन और फटे-पुराने नोटों की समस्या को देखते हुए RBI एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत कुछ चुनिंदा शहरों में 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोट ट्रायल के तौर पर जारी किए जा सकते हैं।

इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह देखना होगा कि लोग इन नोटों को कितना स्वीकार करते हैं और एटीएम मशीनों व बैंकिंग सिस्टम में ये कितने प्रभावी ढंग से काम करते हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देशभर की कागजी मुद्रा को धीरे-धीरे पॉलिमर नोटों से बदला जा सकता है।

हालांकि डिजिटल भुगतान और UPI का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में नकदी की मांग अब भी काफी अधिक है। वर्तमान में देश में लगभग 42.86 ट्रिलियन रुपये की मुद्रा प्रचलन में है, जिसका प्रबंधन RBI के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

मौजूदा कागजी नोट जल्दी गंदे हो जाते हैं, फट जाते हैं और पानी लगने से खराब भी हो सकते हैं। इसी कारण RBI को हर साल बड़ी संख्या में नोटों को बदलना पड़ता है।

अगर लागत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान बैंक नोटों की छपाई पर करीब 6,372 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। वहीं पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक समय तक चल सकते हैं। हालांकि इनकी शुरुआती लागत कुछ ज्यादा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में ये सरकार और RBI के लिए बड़ी बचत का कारण बन सकते हैं।

प्लास्टिक नोटों के कई अन्य फायदे भी हैं। ये पूरी तरह वाटरप्रूफ होते हैं, आसानी से नहीं फटते, गंदगी कम पकड़ते हैं और नकली नोटों को रोकने के लिए इनमें उच्च स्तरीय सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।

इसके अलावा, जब ये नोट अपनी उपयोग अवधि पूरी कर लेते हैं, तो इन्हें रीसायकल करके अन्य प्लास्टिक उत्पादों में भी बदला जा सकता है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।

अब सभी की नजरें RBI के आने वाले फैसले पर टिकी हैं। यदि यह योजना सफल रही, तो भारत की मुद्रा व्यवस्था में यह एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

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