Punjab
पंजाब के लोगों की सेवा के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन और सरकार दोनों में जिम्मेदारियां मिलेंगी : Bhagwant Mann
नेता Bhagwant Mann बुधवार को जालंधर में दो दिन काम करने गए थे। उन्होंने चुनाव के दौरान दोआबा और माझा क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए जालंधर में एक कार्यालय बनाया था और अब वे हर हफ्ते वहां काम करके उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। पहले दिन नेता भगवंत मान ने जालंधर में आप कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के साथ लंच मीटिंग की।
उन्होंने जालंधर पश्चिम उपचुनाव में जीत के लिए उन्हें बधाई दी और कहा कि यह सब उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है। मान ने यह भी कहा कि उनकी सफलता उन लोगों के लिए आश्चर्य की बात है, जो सोचते थे कि वे अरविंद केजरीवाल को जेल में डालकर आप को हरा सकते हैं। मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी को सर्वे में शामिल नहीं किया गया।

किसी को उम्मीद नहीं थी कि मोहिंदर भगत को करीब 60 हजार वोट मिलेंगे और हम 37 हजार से ज्यादा वोटों से जीतेंगे। लेकिन लोगों को हमारी मेहनत और उनकी मदद करने वाली नीतियां पसंद आईं। चुनाव के दौरान मान ने दुकानदारों, डॉक्टरों और शिक्षकों जैसे कई लोगों से बात की। उन्हें नई समस्याओं के बारे में पता चला, जिन्हें ठीक करने की जरूरत है। उन्हें लगता है कि इन मुद्दों के बारे में पता चलना अच्छा है। उन्होंने शीतल अंगुराल के बारे में भी टिप्पणी की और कहा कि धैर्य रखना महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि लालची होने से आपको भगवान से मदद नहीं मिलेगी, लेकिन विनम्र होने से जरूर मिलेगी।
मान ने आप के स्वयंसेवकों से कहा कि वे एकजुट रहें और बेहतर पंजाब के लिए काम करते रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी पार्टी के भीतर मतभेद उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं, जैसा कि शिरोमणि अकाली दल के साथ हुआ था। मान ने आप की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भारत में एक युवा और तेजी से बढ़ती राजनीतिक पार्टी है, जिसकी उपस्थिति दो राज्यों में है और कई सांसद और विधायक हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि पुरानी पार्टियों से प्रतिस्पर्धा के बावजूद, आप के पास समर्पित और कुशल स्वयंसेवक हैं जो बदलाव ला रहे हैं।
मान ने कहा कि वह सप्ताह में दो दिन जालंधर का दौरा करेंगे ताकि दोआबा और माझा के लोगों को मदद के लिए चंडीगढ़ न जाना पड़े। वह उन सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को जानते हैं जिन्होंने चुनाव जीतने में मदद की और उन्हें जल्द ही समुदाय की मदद करने के लिए महत्वपूर्ण नौकरियां मिलेंगी।
मान ने कहा कि उनकी सरकार की योजनाएं, जैसे अस्थायी कर्मचारियों को आधिकारिक कर्मचारी बनाने में मदद करना और सामाजिक सुरक्षा में सुधार करना, अच्छी तरह से काम कर रही हैं। वह चाहते हैं कि पंजाब शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और बुनियादी ढांचे में सबसे अच्छा राज्य बने। वह यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि पंजाब फिर से सबसे अच्छा राज्य बने।
वह एक सर्वनाम है जिसका प्रयोग किसी ऐसे व्यक्ति या वस्तु को संदर्भित करने के लिए किया जाता है जिसका पहले ही उल्लेख किया जा चुका है या जो ज्ञात है।
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CM मान की ‘शुक्राना यात्रा’ का तीसरा दिन, बठिंडा से हुई शुरुआत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शुक्राना यात्रा’ आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। यह यात्रा बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून के लिए पंजाबवासियों का धन्यवाद करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। तीसरे दिन की शुरुआत बठिंडा से हुई, जहां सुबह करीब 10 बजे यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से रवाना हुई।
इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों और ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक यात्रा के पूरे रूट का ट्रैफिक प्लान पहले ही जारी कर दिया गया था ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बठिंडा में यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से अमरीक सिंह रोड, गोल डिग्गी, हनुमान चौक, बस स्टैंड, कोटशमीर और भागीवंदर होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद यात्रा तलवंडी साबो के लिए रवाना हुई। तलवंडी साबो में मुख्यमंत्री भगवंत मान तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकेंगे और अरदास करेंगे।
इसके बाद शुक्राना यात्रा सरदूलगढ़, मानसा और बरनाला होते हुए आगे बढ़ेगी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मान विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित भी कर सकते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य बेअदबी के खिलाफ बने नए कानून के बारे में लोगों को जागरूक करना और सरकार के फैसलों के लिए जनता का धन्यवाद करना है।
शाम को मुख्यमंत्री सुनाम स्थित गुरुद्वारा मस्तुआणा साहिब भी जाएंगे। इसके बाद यात्रा कुछ समय के लिए संगरूर में रुकेगी और फिर वहां से श्री फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना होगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह ‘शुक्राना यात्रा’ 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई थी और लगातार पंजाब के अलग-अलग इलाकों में निकाली जा रही है।
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Punjab में निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर PSPCL सख्त, लगेगा जुर्माना
पंजाब में बढ़ती बिजली मांग के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने निर्धारित लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती करने के निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड से 10 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत करता है, तो उसे 7 दिनों के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा।
PSPCL के मुताबिक, तय सीमा से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं पर जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता तीसरी बार भी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज करते हुए FIR भी दर्ज की जा सकती है।
कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि लगातार निर्धारित सीमा से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर समय रहते कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व नुकसान रोकने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड 2024 में संशोधन किया है। इसके तहत सभी मुख्य अभियंताओं को नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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बेअदबी कानून मामले में आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे स्पीकर संधवां
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचकर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के सामने अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। जानकारी के मुताबिक, वह सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी भरेंगे। यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बनाए गए नए बेअदबी विरोधी कानून को लेकर चर्चा में आया था, जिसके संबंध में जत्थेदार की ओर से स्पीकर संधवां को तलब किया गया था।
दरअसल, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से इस कानून को तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा था कि बेअदबी जैसे संवेदनशील और धार्मिक मामले पर कोई भी कानून बनाने से पहले पंथक संगठनों, सिख विद्वानों और पूरे पंथ की राय लेना जरूरी था।
उन्होंने यह भी कहा कि सिख मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका सर्वोच्च मानी जाती है और उसकी अनदेखी उचित नहीं है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आधिकारिक तौर पर बुलाया गया है तो वह पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।
अब राजनीतिक और पंथक हलकों की नजरें आज होने वाली इस अहम पेशी पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं और कानूनी प्रक्रिया दोनों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
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