Connect with us

Delhi

Parliament का Monsoon Session शुरू: नया IT Bill, Mining Law और कई अहम BillGovernment की Priorityमें

Published

on

संसद का मानसून सत्र आज यानी 21 जुलाई से शुरू हो गया है, जो 21 अगस्त तक चलेगा। करीब साढ़े तीन महीने के ब्रेक के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन सुबह 11 बजे से फिर से बैठेंगे। यह सत्र “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद संसद का पहला सत्र है। आपको बता दें कि हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।

विपक्ष का एजेंडा

इस सत्र में विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन मोदी सरकार को घेरने के मूड में है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में बयान देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के दावों पर भी चर्चा चाहते हैं। इसके अलावा बिहार में चल रहे विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर भी बहस की मांग की जा रही है।

सरकार का एजेंडा

सरकार इस सत्र में कुल 15 विधेयकों को संसद में पेश करने जा रही है। इनमें कुछ पुराने बिल हैं जो पहले ही पेश हो चुके हैं और अब उन पर चर्चा और पास होना बाकी है, वहीं आठ नए विधेयक भी शामिल हैं। साथ ही मणिपुर के लिए 2025-26 के खर्चों से जुड़े Demands for Grants और Appropriation Bill पर भी चर्चा होगी। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भी संसद में रखा जाएगा।

सबसे अहम बिल: आयकर विधेयक 2025

इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण बिल “Income Tax Bill, 2025” है, जिसे बजट सत्र में पेश किया गया था और फिर इसे बीजेपी सांसद जय पांडा की अध्यक्षता वाली एक सेलेक्ट कमेटी को भेजा गया था। समिति ने इस पर 285 सुझाव दिए और अब इसे संशोधित रूप में फिर से लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह बिल 3,709 पन्नों का है और पुरानी आयकर अधिनियम, 1961 को रिप्लेस करेगा।

8 नए विधेयक जो इस सत्र में पेश किए जाएंगे:

  1. मणिपुर GST संशोधन विधेयक, 2025 – मणिपुर राज्य के GST कानून में संशोधन कर उसे केंद्र के कानून से मेल में लाया जाएगा।
  2. कराधान कानून संशोधन विधेयक, 2025 – टैक्स से जुड़े कानूनों में जरूरी बदलाव किया जाएगा।
  3. जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 – व्यापार को आसान और नियमों को सरल बनाने के लिए यह बिल लाया जा रहा है।
  4. भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) संशोधन विधेयक, 2025 – IIM गुवाहाटी को आधिकारिक रूप से शामिल करने के लिए कानून में बदलाव किया जाएगा।
  5. जियो हेरिटेज साइट्स और जियो रिलीक्स (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, 2025 – राष्ट्रीय महत्व की भूवैज्ञानिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए यह बिल लाया जाएगा।
  6. खनिज और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025 – महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाएगा।
  7. राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 – खेलों के विकास, खिलाड़ियों की भलाई और खेल संगठनों में पारदर्शिता के लिए यह बिल पेश होगा।
  8. राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक, 2025 – एंटी-डोपिंग कानूनों को अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल में लाने के लिए संशोधन किया जाएगा।

सात पुराने विधेयक जो पेंडिंग हैं:

  1. आयकर विधेयक, 2025 – पुराने आयकर कानून को सरल भाषा में दोबारा पेश किया गया है।
  2. गोवा में अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा सीट आरक्षण बिल, 2024 – गोवा विधानसभा में ST वर्ग के लिए सीट आरक्षित करने का प्रस्ताव।
  3. भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 – 1908 के पुराने कानून को खत्म कर नया फ्रेमवर्क बनाएगा, जिसमें राज्य समुद्री बोर्ड और विवाद निवारण समिति की स्थापना की जाएगी।
  4. मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024 – जहाजों का पंजीकरण, प्रशिक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे विषयों पर केंद्रित।
  5. कोस्टल शिपिंग बिल, 2024 – तटीय व्यापार से जुड़े जहाजों के संचालन पर नियम बनाएगा।
  6. समुद्री मार्ग से सामान ले जाने का बिल, 2024 – 1925 के कानून को आधुनिक रूप देगा। यह लोकसभा से पास हो चुका है, राज्यसभा में लंबित है।
  7. बिल ऑफ लेडिंग बिल, 2024 – माल की पुष्टि करने वाले दस्तावेजों से जुड़े पुराने कानून को रिप्लेस करेगा। यह भी राज्यसभा में लंबित है।

इस मानसून सत्र में सरकार के पास कई बड़े कानून लाने का मौका है, जो देश की टैक्स व्यवस्था, खनिज नीति, खेलों का प्रशासन और व्यापारिक माहौल को प्रभावित करेंगे। वहीं विपक्ष सरकार को आतंकवाद, विदेश नीति और चुनावी प्रक्रियाओं जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम होने वाला है।

Delhi

हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |

Published

on

यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड

नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।

क्या है लॉक-इन पीरियड?

लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।

वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।

डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल

इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।

मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट

बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

  • बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
  • आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
  • भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी

केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी

यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।

हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

Continue Reading

Delhi

जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।

Published

on

गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला

CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व

नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।


कौन हैं सिमरन बाला?

सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।

CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:

  • नक्सल विरोधी अभियान
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
  • उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन

शिक्षा और करियर

  • स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
  • UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
  • बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
  • पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन

छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।


प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:

  • उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
  • प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण

के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।


गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीमडेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।

उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।


प्रेरणा का प्रतीक

सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।


Continue Reading

Blog

77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

Published

on

77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।

कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:

  • अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
  • और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने

उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

अनुभवी फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:

  • Su-30 MKI
  • MiG-21
  • MiG-29
  • Jaguar
  • Hawk
  • Dornier
  • An-32

जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।

एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका

Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:

  • NASA
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
  • ISRO

भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।

देश के लिए प्रेरणा

सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

Continue Reading

Trending