Connect with us

National

Congress का election boycott महज़ बहाना, जनता का सामना करने से डर रही है party: Kuldeep Dhaliwal

Published

on

AAP ने कहा – कांग्रेस ने 75 साल में धक्केशाही और विश्वासघात का इतिहास लिखा, अब नैतिकता न सिखाए

पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों को लेकर राजनीति तेज़ है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस का चुनाव बहिष्कार करने का फैसला सिर्फ “बहाना” है, क्योंकि पार्टी जनता के सामने आने से घबरा रही है।

धालीवाल ने कहा कि अगर पंजाब की राजनीति में किसी ने धक्केशाही और विश्वासघात का इतिहास लिखा है, तो वह कांग्रेस है। आज वही पार्टी “नैतिकता” का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, जो अपने 75 साल के “काले इतिहास” को छिपा नहीं सकती।

AAP की चुनौती एक सबूत तो दिखाओ!

धालीवाल ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अमृतसर देहाती, जंडियाला, बाबा बकाला, मजीठा, अटारी या अजनाला – किसी भी इलाके में अगर एक भी धक्केशाही की घटना हुई है तो कांग्रेस सामने सबूत पेश करे।

उन्होंने दावा किया कि असल में AAP उम्मीदवार लखविंदर सिंह खुद कांग्रेसियों की गुंडागर्दी का शिकार हुए और अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद भी कांग्रेस खुद को पीड़ित बताने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस क्यों बोली कि चुनाव नहीं लड़ेंगे?

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि चुनावों में AAP सरकार की ओर से “धक्केशाही” हो रही है, कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और डराने-धमकाने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।

इसी वजह से पार्टी ने तीन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया।

कांग्रेस नेताओं का यह भी आरोप है कि AAP सरकार चुनाव प्रक्रिया में दखल दे रही है और विपक्ष को नामांकन भरने से रोका जा रहा है।

लेकिन AAP ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है और कहा कि कांग्रेस अपनी हार पहले ही मान चुकी है, इसलिए इसे “गुंडागर्दी” का मुद्दा बनाकर भागने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई भी बनी कारण: धालीवाल

AAP नेता धालीवाल ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह, गुटबाजी और टिकटों की खरीद-फरोख्त को उसकी बर्बादी का असली कारण बताया।

उन्होंने नवजोत कौर सिद्धू के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में सीएम चेहरा बनने के लिए 500 करोड़ रुपये चाहिए – धालीवाल ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की असलियत उजागर करता है।

उनका कहना है कि “कांग्रेस में पाँच-पाँच मुख्यमंत्री घूम रहे हैं”, इसलिए पार्टी बिखर चुकी है और कार्यकर्ता भी साथ खड़े होने को तैयार नहीं।

कांग्रेस का 75 साल का काला इतिहास’: AAP का हमला

धालीवाल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के लोग अभी भी याद रखते हैं—

  • फर्जी पुलिस मुठभेड़
  • गुरु घर पर हमला
  • 1984 में दिल्ली में सिखों को ज़िंदा जलाया जाना

उन्होंने कहा कि ऐसे “काले इतिहास” वाली पार्टी पंजाबियों को नैतिकता नहीं सिखा सकती।

अकाली दल पर भी निशाना

धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल पर भी हमला करते हुए कहा कि SAD SGPC कर्मचारियों और उनके परिवारों को टिकट बांटकर संस्था का दुरुपयोग कर रहा है।

AAP का दावा लोग हमारे साथ हैं

AAP नेता का कहना है कि उनकी पार्टी सिर्फ और सिर्फ “विकास, ईमानदारी और सच्चाई” की राजनीति करती है, और पंजाब के लोग इस मॉडल पर भरोसा कर रहे हैं।

चुनावों को लेकर पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है।

  • कांग्रेस AAP पर चुनावों में धक्केशाही और डराने-धमकाने के आरोप लगा रही है।
  • AAP यह आरोप कांग्रेस की “हार का डर” बता रही है और कांग्रेस के 75 साल के इतिहास, भ्रष्टाचार और गुटबाजी को जिम्मेदार ठहरा रही है।

कुल मिलाकर मुकाबला सिर्फ चुनावों का नहीं, बल्कि दोनों पार्टियों की विश्वसनीयता और राजनीतिक नैरेटिव का भी है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत, महिला टी-20 विश्व कप का धमाकेदार आगाज़

Published

on

महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। बर्मिंघम में खेले गए ग्रुप-1 के इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं। मंधाना ने बल्ले से कमाल दिखाया, जबकि दीप्ति ने गेंद से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह 6 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 18 रन पर दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी की। मंधाना ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दीप्ति शर्मा ने भी नाबाद 12 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट हासिल करती रहीं। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने कुछ संघर्ष जरूर किया और 41 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला।

भारत की गेंदबाजी की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके साथ श्री चरणी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शेफाली वर्मा को भी एक सफलता मिली।

भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 17 ओवर में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने अपने पहले ही मुकाबले में 64 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में जोरदार शुरुआत की।

Continue Reading

National

फ्रांस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत फ्रांस के शहर नीस पहुंच गए हैं। नीस पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की, एक बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह जताया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

आज प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया जाएगा।

भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों के संभावित सौदे पर भी अहम चर्चा होगी। भारत इन विमानों में अपने हथियारों और तकनीकी प्रणालियों को जोड़ने के लिए अधिक लचीलापन चाहता है। हालांकि इस सौदे को अभी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।

प्रधानमंत्री का फ्रांस दौरा नीस, एवियन और पेरिस—तीन चरणों में होगा। 16 और 17 जून को वे एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेता लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने मिलेंगे।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पेरिस में आयोजित VivaTech सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्लोवाकिया जाएंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी।

इस दौरे के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Continue Reading

National

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, केंद्र सरकार ने किया ऐलान

Published

on

केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। वर्तमान में वह उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। जनरल द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। नियमों के अनुसार सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले हो।

दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के पास लगभग चार दशक का व्यापक सैन्य अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी सीमा पर विभिन्न ऑपरेशनल एवं कमांड जिम्मेदारियां संभाली हैं।

धीरज सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमांडों का नेतृत्व किया है। इसके अलावा वे दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अंगोला मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और सेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। सेना की क्षमता विकास, रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी धीरज सेठ का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) वेलिंगटन तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और DSSC में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर का मेडल भी हासिल किया था।

देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ से उम्मीद की जा रही है कि वे देश की सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Continue Reading

Trending