Punjab
अमृतसर में पाकिस्तान समर्थित तस्करी गिरोह बेनकाब:पुलिस ने 3 तस्कर किए गिरफ्तार; भारी मात्रा में नशा और अवैध हथियार बरामद
पंजाब में नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक संगठित तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सीमा पार पाकिस्तान से संचालित हो रहा था। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 915 ग्राम आईसीई यानी मेथामफेटामाइन, पांच पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पंजाब DGP गौरव यादव ने बताया कि डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में थे और भारत में नशे तथा अवैध हथियारों की सप्लाई के लिए स्थानीय हैंडलर के रूप में काम कर रहे थे। यह नेटवर्क न केवल युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था, बल्कि राज्य की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका था।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव। फाइल फोटो
अमृतसर में FIR दर्ज, जांच जारी
उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में अमृतसर के गेट हकीमा थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का लक्ष्य है कि इस गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचकर इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए।
नशे और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी: डीजीपी
गौरव यादव ने दोहराया कि पंजाब पुलिस राज्य में नशे, अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी लगातार कार्रवाइयों से यह साफ संदेश जाता है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
Punjab
पंजाब में बिजली की फिलहाल कोई समस्या नहीं Harpal Singh Cheema
पंजाब में बिजली कटौती को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पलटवार करते हुए कहा कि बिजली की कोई समस्या नहीं है।
चंडीगढ़ में IANS से बातचीत में पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बिजली की कोई समस्या नहीं है। हम बस जरूरत के हिसाब से कुछ छोटे-मोटे बदलाव कर रहे हैं। आने वाले समय में अगले दो या तीन महीनों में, बिजली की मांग बहुत बढ़ जाएगी, इसलिए किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए हम पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। इसीलिए हम सुधार कर रहे हैं और कुछ इलाकों में अस्थायी तौर पर बिजली बंद की है। कार्य पूरा होते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। किसी को भी चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है। गर्मियों में जनता को बिजली कट की समस्या से नहीं जूझना होगा।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर मंत्री ने कहा कि जहां कहीं भी चुनाव हो रहे हैं, मेरी सभी मतदाताओं से अपील है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए, इस देश के लोकतंत्र को और खूबसूरत बनाने के लिए लोकतंत्र के त्योहार में अपना योगदान दीजिए। ज्यादा से ज्यादा मतों का प्रयोग होना चाहिए।
ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए मान सरकार ने गेहूं खरीद के लिए ब्याज मुक्त ऋण को मंजूरी दे दी है। हर पात्र कर्मचारी को ₹10,340 तक की सहायता मिलेगी; इस पहल के लिए ₹15 करोड़ का बजट रखा गया है। कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए 29 मई तक राशि निकालने और आसान मासिक किस्तों में उसे चुकाने की सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
National
पंजाबी NRI’s को बड़ी राहत, सरकार ने बदले नियम, हटाई ये शर्त
भारत सरकार ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के नियमों में बदलाव किया है, जिसका फायदा पंजाबी NRI समेत लाखों NRI को मिलेगा। NRI को OCI कार्ड बनाने के लिए अब भारत में 6 महीने स्टे करने की जररूत नहीं है। नए नियमों के मुताबिक, NRI जैसे ही इंडिया में पहुंचेगा, वह OCI कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है।
इसके अलावा भारत सरकार ने विदेशी मूल के पति या पत्नी के OCI कार्ड बनाने के नियमों को सख्त कर दिया है। विदेशी मूल के पति या पत्नी को पासपोर्ट रिन्यू करवाते वक्त बताना होगा कि भारत में अपने पति या पत्नी के साथ मिलकर रह रहे हैं। अगर दोनों का तलाक हो जाता है तो विदेशी मूल के पति या पत्नी का OCI कार्ड रद्द माना जाएगा और उसे फिर वीजा की अवधि तक ही भारत में रहने का हक होगा।
उधर, विदेश में पैदा हुए भारतीय मूल के बच्चों का OCI कार्ड बनाने के लिए अब नियमों में बदलाव किया गया है। अब भारतीय मूल के पेरेंट्स को बच्चे का OCI कार्ड बनाते समय उसका बर्थ सर्टिफिकेट संबंधित देश की सरकार से अटेस्टेड होना जरूरी है। पहले सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट की कॉपी लगाई जाती थी।
इंडिया आने वाले NRI को अब हवाई जहाज से उतरने से पहले फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। NRI को भारत सरकार के सुस्वागतम ऐप पर ऑनलाइन जानकारी भरनी होगी। सरकार ने इस सुविधा को डिजिटल ई-अराइवल कार्ड का नाम दिया है। यह सुविधा 1 अप्रैल से लागू हुई।
OCI कार्ड में ये 5 बदलाव किए गए
- इंडिया आकर कार्ड बनवाना आसान: पहले आप किसी भी देश से इंडिया आते थे और यहां OCI कार्ड बनवाना चाहते थे, तो आपको कम से कम 6 महीने इंडिया में ही रुकना पड़ता था। अब 6 महीने रुकने की कोई जरूरत नहीं। आप इंडिया पहुंचने के अगले दिन ही ओसीआई के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आपके पास इंडिया का एक एड्रेस प्रूफ होना चाहिए।
- हवाई जहाज वाला फॉर्म खत्म: इंडिया उतरने से पहले प्लेन में एक फॉर्म भरना पड़ता था। अब फॉर्म सिस्टम खत्म कर दिया है। अब NRI को इंडिया आने से पहले अपने फोन में सु-स्वागतम (Su-Swagatam) एप पर ऑनलाइन अपनी जानकारी भरनी होगी। इससे उन्हें डिजिटल ई-अराइवल कार्ड मिल जाएगा।
- पासपोर्ट बदलने पर देरी की तो लगेगा जुर्माना: नया पासपोर्ट मिलने पर लोग OCI पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने में सालों लगा देते थे और कोई जुर्माना नहीं था। अब अगर आपको नया पासपोर्ट मिला है, तो 3 महीने के अंदर उसे OCI की वेबसाइट पर अपडेट करना होगा। नहीं तो 25 डॉलर (लगभग 2100 रुपए) जुर्माना देना होगा।
- शादी के आधार पर OCI वालों के लिए सख्ती: पहले एक बार OCI बन गया तो कोई दोबारा नहीं पूछता था। जिन्होंने अपने पति या पत्नी के भारतीय होने के आधार पर OCI लिया है, अब उन्हें हर बार अपना पासपोर्ट रिन्यू होने पर ऑनलाइन यह बताना होगा कि उनकी शादी अभी भी बरकरार है। इसके लिए एक मैरिज डिक्लेरेशन फॉर्म अपलोड करना होगा।
- बच्चों के सर्टिफिकेट को लेकर नया नियम: पहले बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट की नॉर्मल फोटोकॉपी चल जाती थी। अब अगर बच्चा विदेश में पैदा हुआ है, तो उसके बर्थ सर्टिफिकेट को वहां की सरकार से इंटरनेशनल स्टैंप लगाकर अटेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। तभी उसका OCI बनेगा।
Punjab
Punjab में बढ़ती गर्मी को लेकर शिक्षा विभाग ने जताई चिंता, उठाई स्कूलों का समय बदलने की मांग
Punjab School Timings: पंजाब में अप्रैल महीने के दौरान ही तेज गर्मी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। चिलचिलाती धूप और लू के तेज थपेड़ों ने खासकर स्कूली बच्चों के लिए स्थिति चिंताजनक बना दी है। सरकारी स्कूलों के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल की ओर से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की गाइडलाइंस के आधार पर स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि सुबह की सभा और कक्षाओं के दौरान बच्चों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
हालांकि जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। इसे देखते हुए अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव की मांग की है। उनका सुझाव है कि स्कूल का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कर दिया जाए, क्योंकि इसके बाद तापमान असहनीय हो जाता है और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने के कारण कक्षाएं गर्म भट्टियों जैसी बन रही हैं। निजी और सरकारी स्कूलों में इस सुविधा को लेकर बड़ा अंतर देखा जा रहा है। जहां निजी स्कूल जनरेटर और इनवर्टर की मदद से कुछ राहत दे पा रहे हैं, वहीं कई सरकारी स्कूलों में ऐसी सुविधा न होने से बच्चों को भीषण गर्मी में बैठना पड़ रहा है।
इसके अलावा पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। बिजली न होने पर मोटरें बंद हो जाती हैं और वाटर कूलर काम नहीं करते, जिससे छात्रों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है।
सरकारी स्कूलों के अधिकांश छात्र मध्यम या निम्न आय वर्ग से आते हैं और कई किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करते हैं। दोपहर में छुट्टी के समय तेज धूप और लू उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
घर लौटते समय बच्चों में चक्कर आना, बेहोशी और नाक से खून आने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि दोपहर 2 बजे तक बच्चों को स्कूल में रखना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम बन सकता है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों के समय में तुरंत बदलाव किया जाए।
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