Haryana
पहलावन Sakshi Malik ने किया बड़ा खुलासा, कांग्रेस ने इस सीट से ऑफर किया था टिकट
पहलवान Sakshi Malik ने बताया कि भारत में होने वाले बड़े चुनावों से पहले कांग्रेस ने उनसे पूछा था कि क्या वह मथुरा में हेमा मालिनी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहती हैं। उन्होंने इंडिया टुडे शो के साथ बातचीत के दौरान यह बात साझा की। हालांकि उन्हें प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह वास्तव में ऐसा नहीं करना चाहती थीं।
जब पहलवान Sakshi Malik से पूछा गया कि क्या यह सच है कि कांग्रेस ने आपको मथुरा से टिकट देने की पेशकश की है, तो उन्होंने कहा, “हां, यह सच है कि मुझे यह पेशकश की गई है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था और मेरा अभी भी राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। जीवन में बहुत कुछ करना है। आप जीवन के बारे में कभी कुछ नहीं जानते, इसलिए हम देखेंगे। भविष्यवाणी करना असंभव है, लेकिन अभी तक मेरा ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है।”
जब हरियाणा विधानसभा चुनाव हो रहे थे, तो लोगों ने साक्षी मलिक के चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में बहुत चर्चा शुरू कर दी थी। लेकिन उन्होंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि वह राजनीति में शामिल नहीं होना चाहती हैं और किसी भी राजनीतिक समूह का हिस्सा नहीं हैं।
Sakshi Malik ने विनेश फोगट के बारे में भी बात की।
उन्होंने विनेश फोगट के ओलंपिक में पदक न जीत पाने के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कोई चाल या अन्याय नहीं था जिसके कारण विनेश को अयोग्य घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार, यदि कोई पहलवान वजन सीमा से थोड़ा भी अधिक है, जैसे कि केवल 100 ग्राम, तो वह प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता। वे इस बारे में बहुत सख्त हैं, और केवल 10 ग्राम अधिक होने पर भी किसी को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इस नियम के कारण, कई एथलीट प्रतिस्पर्धा करने का मौका चूक गए हैं।
पहलवान Sakshi Malik ने आगे कहा, “मैं यह नहीं कहना चाहूंगी कि विनेश फोगट ने प्रयास नहीं किया। मैं समझ सकती हूं। मैंने विनेश के साथ कई साल बिताए हैं, उनके साथ कई टूर्नामेंट खेले हैं। सबसे पहले, उन्होंने जोखिम उठाया और 53 से 50 पर पहुंच गईं। उन्होंने तीन मैच खेले, थोड़ा खाया। तीन मैचों में बहुत ऊर्जा लगती है। उन्होंने पूरी रात प्रयास किया।”
उन्होंने कहा कि उस रात उनके लिए यह वास्तव में कठिन था, और उन्होंने अपने बाल भी कटवा लिए। केवल वही व्यक्ति जो कुश्ती करता है, वास्तव में समझ सकता है कि एक अन्य पहलवान क्या कर रहा होता है। विनेश ने जीतने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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