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अब नौकरी माँगने नहीं, देने पर फोकस — CM Mann की ‘Business Class’ ने Punjab को बनाया ‘Startup State’!

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पंजाब अब एक नए दौर में कदम रख चुका है — जहाँ क्लासरूम में सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि बिज़नेस आइडिया भी तैयार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच और अरविंद केजरीवाल के शिक्षा मॉडल से प्रेरित होकर पंजाब सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने पढ़ाई का मतलब ही बदल दिया है।

अब कॉलेज की डिग्री के साथ-साथ कमाई की गारंटी भी मिल रही है! यह सब संभव हुआ है एक नई पहल बिज़नेस क्लास’ (Entrepreneurship Mindset Course – EMC) की वजह से।

क्या है बिज़नेस क्लास’?

यह कोर्स पंजाब सरकार का ऐसा इनोवेटिव प्रोग्राम है, जो युवाओं को जॉब सीकरसे जॉब गिवर बना रहा है। यानी अब स्टूडेंट्स नौकरी ढूंढने नहीं, बल्कि खुद बिज़नेस शुरू करने के लिए तैयार हो रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत इसे उच्च शिक्षा (Higher Education) में अनिवार्य विषय बनाया गया है। साल 2025–26 से यह कोर्स पंजाब के कॉलेजों में शुरू हो चुका है, जिसमें BBA, BCom, BTech और BVoc जैसे कोर्स के छात्र पढ़ रहे हैं।

शुरुआत में ही बड़ा असर

  • 20 विश्वविद्यालय,
  • 320 ITI,
  • 91 पॉलिटेक्निक संस्थान,
  • और करीब 1.5 लाख छात्र पहले ही इस “बिज़नेस क्लास” से जुड़ चुके हैं।

इसका मकसद है – हर छात्र को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखकर उसे कमाई और आत्मनिर्भरता से जोड़ना।

‘Punjab Startup App’ – पढ़ाई और बिज़नेस का मेल

इस प्रोग्राम की सबसे खास बात है इसका AI-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘Punjab Startup App’, जो छात्रों को बिज़नेस की पूरी यात्रा में मदद करता है —
विचार (Idea) से लेकर मार्केटिंग, फाइनेंस और इन्वेस्टर्स तक।

यह ऐप तीन भाषाओं — पंजाबी, हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध है, ताकि हर छात्र आसानी से इसे इस्तेमाल कर सके।

कोर्स कैसे चलता है?

हर सेमेस्टर में छात्रों को एक नया बिज़नेस आइडिया तैयार करना होता है।

  • वे उसका प्रोटोटाइप (Prototype) बनाते हैं,
  • फिर उसे मार्केट में बेचने की कोशिश करते हैं,
  • और जो भी कमाई या इनोवेशन होगा, उसी के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा।

यहाँ कोई रट्टा नहीं, कोई पारंपरिक परीक्षा नहीं।
बल्कि हर सेमेस्टर में स्टूडेंट्स ‘Earn While Learn’ का असली अनुभव ले रहे हैं।

हर छात्र को इस प्रोग्राम से 2 क्रेडिट पॉइंट्स भी मिलते हैं।

पढ़ाई के साथ कमाई भी

कई कॉलेजों में छात्र अब पढ़ाई के साथ हर सेमेस्टर में ₹10,000 तक कमा रहे हैं।
कई छात्र सोलर टॉर्च, USB चार्जर, इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स और लोकल ब्रांड बना रहे हैं।

लॉन्च के सिर्फ 15 दिनों में ही 75,000 छात्रों ने ऐप पर रजिस्ट्रेशन किया और अब तक करीब ₹25 लाख का बिज़नेस टर्नओवर हो चुका है!

CM भगवंत मान का कहना

मुख्यमंत्री मान ने कहा –

“पंजाब के बच्चों में हुनर की कोई कमी नहीं, बस उन्हें मौके चाहिए थे।
हमने उन्हें सिर्फ किताबें नहीं दीं, बल्कि सपनों को हकीकत में बदलने का टूल दिया है।
अब हमारे बच्चे नौकरी माँगने वालों की लाइन में नहीं, बल्कि नौकरी देने वालों की मेज़ पर बैठे हैं।”

आगे का लक्ष्य

सरकार का टारगेट है कि 2028–29 तक यह कोर्स 5 लाख छात्रों तक पहुँचे।
इससे हज़ारों नए स्टार्टअप शुरू होंगे और पंजाब की GDP में बड़ा उछाल आएगा।

भारत में हर साल करीब 1.5 करोड़ छात्र ग्रेजुएट होते हैं, लेकिन सिर्फ 15 लाख नौकरियाँ बनती हैं।
पंजाब सरकार की यह योजना इस गैप को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पंजाब का नया रूप — “Startup State”

अब पंजाब के कॉलेज सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि नए बिज़नेस की जन्मस्थली बन रहे हैं।
हर क्लास अब एक स्टार्टअप सेंटर है और हर स्टूडेंट एक संभावित उद्यमी

यह योजना सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि रोज़गार, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का संगम है।
अब पंजाब के युवा विदेश नहीं भाग रहे, बल्कि यहीं रहकर ‘Make in Punjab’ का सपना साकार कर रहे हैं।

 ‘बिज़नेस क्लास’ ने पंजाब के युवाओं को एक नया रास्ता दिखाया है —
जहाँ पढ़ाई और कमाई साथ चलती है,
जहाँ डिग्री के साथ रोजगार की गारंटी है,
और जहाँ हर क्लासरूम से निकल रहा है एक नया बिज़नेस आइडिया!

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आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।

धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।

धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।

मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।

पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।

आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।

धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।

धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।

मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।

पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।

आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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National

पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।”

पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।”उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।” शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है। इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।” लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”

पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।”

यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।

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