Connect with us

Punjab

Punjab में भूखंड रजिस्ट्री के लिए एनओसी की आवश्यकता समाप्त, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Published

on

Punjab सरकार ने भूखंड रजिस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब 1 दिसंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक राज्य में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के भूखंडों की रजिस्ट्री संभव होगी। इस कदम से हजारों भूखंडों के पंजीकरण का रास्ता साफ हो गया है और लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

अधिसूचना जारी

इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, माल एवं आवास विभाग ने अधिसूचना जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान लोग एनओसी के बिना अपने भूखंडों का पंजीकरण करा सकते हैं। सरकार का यह कदम जनता से किया गया वादा पूरा करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।

अधिकारियों को निर्देश

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने इस संबंध में राज्य के सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को पत्र लिखकर इस नीति के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बिना एनओसी के भूखंड रजिस्ट्री में कोई बाधा न हो।

सरकार का उद्देश्य

इस नीति का उद्देश्य भूखंड रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाना और राज्य के लोगों को राहत प्रदान करना है। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

लाभार्थी वर्ग

यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा, जो लंबे समय से अपने भूखंडों की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे। सरकार को उम्मीद है कि इस निर्णय से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। यह पहल राज्य में जनता की भलाई और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

श्री गुरु रविदास जी महाराज की बाणी में समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय का शाश्वत संदेश: हरपाल सिंह चीमा

Published

on

पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने आज कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र बाणी समानता, मानव गरिमा, सामाजिक न्याय और सार्वभौमिक भाईचारे का शाश्वत संदेश देती है, जो आज के समाज में भी अत्यंत प्रासंगिक है।

एमिटी यूनिवर्सिटी, मोहाली में ‘श्री गुरु रविदास जी महाराज की बाणी एवं सामाजिक समानता’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार को संबोधित करते हुए श्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि “गुरु जी महाराज की शिक्षाओं ने जाति, धर्म और सामाजिक स्थिति की सीमाओं से ऊपर उठकर प्रत्येक मनुष्य की अंतर्निहित गरिमा और समानता पर बल दिया।”

श्री गुरु रविदास जी महाराज द्वारा परिकल्पित समाज के संबंध में उन्होंने कहा कि “श्री गुरु रविदास जी महाराज ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जो समानता, न्याय, करुणा और आपसी सम्मान पर आधारित हो। उनकी बाणी हमें हर प्रकार के भेदभाव को अस्वीकार करने तथा ऐसे समावेशी समाज के निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।”

मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की हालिया पहल का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि “पंजाब सरकार द्वारा डेरा बल्लां के फरीदपुरा नौगज़ा में अत्याधुनिक श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित करने की पहल की गई है। यह केंद्र 25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा, जबकि भूमि की खरीद पर लगभग 11 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। यह केंद्र श्री गुरु रविदास जी महाराज की गहन शिक्षाओं के शोध, अध्ययन और प्रचार-प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।”

गुरु जी महाराज की विचारधारा के सार्वभौमिक और प्रगतिशील स्वरूप को उजागर करते हुए श्री चीमा ने कहा कि “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और गैर-भेदभाव जैसे सिद्धांत, जिन्हें पश्चिमी देशों में 19वीं शताब्दी से संस्थागत मान्यता मिलनी शुरू हुई, वे सिद्धांत श्री गुरु रविदास जी महाराज तथा अन्य महान संतों की शिक्षाओं में लगभग 650 वर्ष पहले ही विद्यमान थे। उनकी समतावादी दृष्टि अपने समय से बहुत आगे थी और आज भी मानवता को गरिमा एवं समानता पर आधारित समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करती है।”

वर्तमान समय में गुरु जी महाराज की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए श्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि “महान गुरु जी महाराज द्वारा दिया गया समानता का संदेश वर्तमान दौर में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। देश में राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता में मौजूद कुछ राजनीतिक ताकतों द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया जा रहा है, जो महान गुरु जी महाराज द्वारा प्रतिपादित समानता, स्वतंत्रता और मानव गरिमा के मूल संदेश के विपरीत है।”

भारत की विविधता और सामाजिक सद्भावना के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि “यद्यपि भारत के लोग विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों से संबंधित हैं तथा रंग-रूप और संस्कृति में विविधता रखते हैं, लेकिन लोगों के बीच एकता और भाईचारे की भावना किसी भी विभाजनकारी प्रयास को सफल नहीं होने देगी। मैं विशेष रूप से युवा पीढ़ी सहित सभी लोगों से आह्वान करता हूं कि वे श्री गुरु रविदास जी महाराज की सार्वभौमिक शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर सामाजिक सद्भावना और समानता के बंधनों को और मजबूत करें।”

‘बेगमपुरा’ की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए श्री चीमा ने कहा कि “श्री गुरु रविदास जी महाराज द्वारा परिकल्पित ‘बेगमपुरा’ ऐसे आदर्श सामाजिक व्यवस्था का प्रतीक है, जो भेदभाव, शोषण और असमानता से मुक्त हो। गुरु जी महाराज की बाणी में निहित सिद्धांत एक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए मार्गदर्शक शक्ति के रूप में कार्य कर सकते हैं।”

विद्यार्थियों और विद्वानों से गुरु जी महाराज की शिक्षाओं का गहन अध्ययन करने का आह्वान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि “विद्यार्थियों और विद्वानों को गुरु जी महाराज की बाणी का गहराई से अध्ययन करना चाहिए और इसकी समकालीन प्रासंगिकता को समझना चाहिए। शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है कि वे महान आध्यात्मिक व्यक्तित्वों और समाज सुधारकों की शिक्षाओं एवं दर्शन पर शोध, संवाद और बौद्धिक विमर्श को बढ़ावा दें।”

सेमिनार के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने भी विचारपूर्ण संबोधन किए। इनमें गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जी.एन.डी.यू.), अमृतसर के पंजाबी विभाग के प्रमुख प्रो. मनजिंदर सिंह तथा तप स्थान श्री गुरु रविदास जी, खुरालगढ़ के संत केवल सिंह जी शामिल थे। वक्ताओं ने श्री गुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा की आधुनिक समाज में गहरी प्रासंगिकता तथा भेदभाव के उन्मूलन एवं सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए उनकी शिक्षाओं की निरंतर प्रेरणादायक भूमिका पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मंच पर एमिटी यूनिवर्सिटी, मोहाली के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. पुनीत शर्मा तथा रजिस्ट्रार डॉ. दलीप कुमार सहित प्रमुख शैक्षणिक हस्तियां उपस्थित थीं। डॉ. दलीप कुमार ने औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सरकारी विभागों, आमंत्रित विद्वानों, फैकल्टी सदस्यों तथा सेमिनार में भाग लेने वाले विद्यार्थियों द्वारा दिए गए योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर एस.डी.एम. मोहाली श्रीमती दमनदीप कौर तथा पंजाब के उच्च शिक्षा विभाग के उप निदेशक डॉ. मनीष शर्मा के अलावा एमिटी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

Continue Reading

Punjab

आप ने पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव के लिए सांसद मीत हेयर और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद को बनाया चुनाव इंचार्ज

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने आज सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद को पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (पीयूसीएससी) के आने वाले चुनाव के लिए चुनाव इंचार्ज बनाने की घोषणा की। ये नियुक्तियां आप की स्टूडेंट विंग – एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) के लिए की गई हैं, क्योंकि पार्टी ने पंजाब यूनिवर्सिटी में आने वाले स्टूडेंट चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।

आप पंजाब ने दोनों नेताओं को नई ज़िम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव और युवाओं के साथ जुड़ाव यूनिवर्सिटी में पार्टी के स्टूडेंट प्रोपेगैंडा और कैंपेन को और मज़बूत करेगा।

मीडिया को संबोधित करते हुए, विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा कि ये नियुक्तियां आने वाले पीयूसीएससी चुनावों की तैयारियों की शुरुआत हैं, जिनके अगले महीने होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एएसएपी की स्टेट टीम ने चुनावों को लेकर अपने सीनियर और पुराने पदाधिकारियों के साथ डिटेल्ड मीटिंग की है और सभी मिलकर स्टूडेंट्स के बीच पार्टी की पहचान को और मजबूत करने के लिए काम करेंगे।

सुखानंद ने कहा कि आप ने हमेशा एजुकेशन और स्टूडेंट्स के हक के मुद्दे उठाए हैं और युवाओं को राजनिति में लाने के लिए लगातार कोशिशें की हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी का इतिहास बहुत गर्व और शानदार रहा है, जिसने बड़े लीडर्स दिए हैं, जिन्होंने पंजाब और देश के डेवलपमेंट में अहम योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, “जब भी एजुकेशन, स्टूडेंट्स के हक या युवाओं की नई पीढ़ी को पॉलिटिक्स में लाने की बात आती है, आप हमेशा सबसे आगे रही है। हम इन चुनावों की पूरी तैयारी कर रहे हैं क्योंकि हम यह पक्का करना चाहते हैं कि स्टूडेंट्स की आवाज़ मज़बूती से सुनी जाए।”

देश भर में स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट का ज़िक्र करते हुए सुखानंद ने कहा कि आप और उसके स्टूडेंट विंग ने एग्जाम से जुड़ी दिक्कतों और पेपर लीक जैसे स्टूडेंट्स के भविष्य पर असर डालने वाले मुद्दों के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स का पूरा सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के स्टूडेंट लीडर्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ-साथ देश भर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में धरनों में हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि 70 से ज़्यादा पेपर लीक होने की वजह से करीब दो करोड़ स्टूडेंट्स के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और इस अनिश्चितता और मानसिक तनाव की वजह से कई स्टूडेंट्स की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ़ राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं; ये सीधे हमारी नई पीढ़ी के भविष्य पर असर डालते हैं।

सुखानंद ने पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स से जुड़े लोकल मुद्दों पर भी बात की, जिसमें साफ़-सफ़ाई, हॉस्टल की सुविधाएँ, कैंपस की सुरक्षा और दूसरी समस्याएँ शामिल हैं। एक स्टूडेंट की बिजली के तार की चपेट में आने से हुई मौत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिस्टम को जो छोटी सी लापरवाही लगती है, वह एक परिवार के लिए अमानवीय त्रासदी बन सकती है।

उन्होंने कहा कि आप स्टूडेंट विंग पीयूसीएससी चुनावों के दौरान स्टूडेंट्स को प्रभावित करने वाले नेशनल मुद्दों और कैंपस के लोकल मुद्दों, दोनों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने आगे कहा कि एएसएपी ने साबित कर दिया है कि स्टूडेंट्स की लड़ाई का नतीजा मिलता है, क्योंकि पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के ख़िलाफ़ कैंपेन के बाद, केंद्र सरकार को यह घोषणा करनी पड़ी कि सीनेट चुनाव फिर से होंगे।

अमृतपाल सुखानंद ने आगे कहा कि स्टूडेंट पॉलिटिक्स भविष्य की पॉलिटिकल लीडरशिप को बनाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट पॉलिटिक्स से निकलने वाले युवा नेताओं का नज़रिया बड़ा होता है, उन्हें पब्लिक मुद्दों की बेहतर समझ होती है और लोगों के बीच काम करने का उनमें ज़्यादा जज्बा होता है।

उन्होंने कहा कि आप पंजाब यूनिवर्सिटी में ऐसा माहौल बनाना चाहती है जहाँ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दूसरे इलाकों के छात्र काबिल और ईमानदार पॉलिटिकल लीडर बनकर उभर सकें। उन्होंने कहा कि हम ऐसे नेता तैयार करना चाहते हैं जो इस यूनिवर्सिटी से पास होकर पब्लिक लाइफ में आने के बाद लोगों की आवाज़ बनें और उनके लिए ईमानदारी, लगन और जोश के साथ काम करें।

विधायक सुखानंद ने कहा कि आप ने उस पुराने पॉलिटिकल सिस्टम को चुनौती दी है जो अक्सर युवाओं को पॉलिटिक्स से दूर रखता था। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी की स्टूडेंट विंग पब्लिक सर्विस के लिए कमिटेड नेताओं की नई पीढ़ी तैयार करती रहेगी।

Continue Reading

Punjab

सुनाम हलके में शिक्षा क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की अहम पहल; सरकारी स्कूलों के 19,886 विद्यार्थियों को स्कूल बैग देने की शुरुआत

Published

on

पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने सुनाम हलके में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल के तहत हलके के 129 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 19,886 विद्यार्थियों को स्कूल बैग उपलब्ध करवाने की शुरुआत की। इसके तहत पहले चरण में 6वीं से 12वीं कक्षा तक की 5,710 छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किए गए। यह कार्यक्रम लौंगोवाल के शहीद स. भगवान सिंह सरकारी स्मार्ट स्कूल (कन्यां) में आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री अरोड़ा की धर्मपत्नी श्रीमती सबीना अरोड़ा भी उनके साथ मौजूद थीं।

श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि यह पहल उनके परिवार द्वारा ‘बाबू भगवान दास अरोड़ा फाउंडेशन’ के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हलके के बाकी सभी विद्यार्थियों को भी स्कूल बैग उपलब्ध करवाए जाएंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से संबंधित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें पढ़ाई के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास पैदा करना है।

श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सुनाम हलके के उन होनहार विद्यार्थियों का विशेष सम्मान किया गया, जिन्होंने एन.ई.ई.टी. (NEET) और जे.ई.ई. (JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।

उन्होंने बताया कि हलके के 13 विद्यार्थियों ने एन.ई.ई.टी./जे.ई.ई. में सफलता हासिल की है, जिनमें 8 छात्राएं शामिल हैं। इसके अलावा अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रमाण-पत्र और पदक देकर सम्मानित किया गया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल, नॉन-मेडिकल, डिफेंस और सिविल सर्विसेज सहित विभिन्न क्षेत्रों में लड़कियों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्होंने कहा कि बेटियों की उपलब्धियां पूरे समाज के लिए गर्व की बात हैं और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समय की जरूरत है।

इस अवसर पर मीडिया द्वारा निजी स्कूलों की ओर से फीस में की जाने वाली बढ़ोतरी के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा अभिभावकों को मनमानी फीस वसूली से राहत दिलाने के लिए कानूनी कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस में वृद्धि नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूली जाती है तो नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस करवाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकना और अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ने से बचाना है।

श्री अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनकी उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हमारे लिए गर्व की बात है।”

श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विद्यार्थी चाहे किसी भी स्ट्रीम या ट्रेड से संबंधित हो, वह हमेशा हर विद्यार्थी के साथ खड़े हैं और प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत हैं। सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करके उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है।

इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर श्रीमती पूनमदीप कौर, जिला पुलिस प्रमुख डॉ. रवजोत ग्रेवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती तरविंदर कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक तथा नगरवासी उपस्थित थे।

Continue Reading

Trending