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Sports

न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर तीसरी बार Champions Trophy के फाइनल में बनाई जगह, 9 मार्च को भारत से होगा मुकाबला।

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न्यूजीलैंड ने दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 50 रन से हराकर तीसरी बार Champions Trophy के फाइनल में अपनी जगह बनाई है। इससे पहले, टीम 2000 और 2009 में भी फाइनल खेल चुकी थी। अब, वे दूसरी बार खिताब जीतने की पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में, न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। उनकी टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर 362 रन बनाए। जवाब में, दक्षिण अफ्रीका 9 विकेट गंवाकर 312 रन ही बना सका। इस मैच में डेविड मिलर ने शतक जमाया।

न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज रचिन रविंद्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक लगाया। उन्होंने 108 रन बनाए और केन विलियमसन के साथ दूसरे विकेट के लिए 164 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इसके बाद, उन्होंने गेंदबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए केवल 20 रन खर्च कर एडेन मार्करम का अहम विकेट लिया।

दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर अकेले संघर्ष करते दिखे। उन्होंने 67 गेंदों पर 100 रन बनाए, लेकिन उनके साथी बल्लेबाजों से उन्हें कोई खास सहयोग नहीं मिला। रासी वान डेर डुसेन और टेम्बा बावुमा ने अर्धशतक जरूर जमाए, लेकिन वे अंत तक टिकने में सफल नहीं हो सके।

न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, लेकिन टीम ने पावरप्ले में ही अपना विकेट गंवा दिया। इसके बाद, रचिन रवींद्र ने केन विलियमसन के साथ मिलकर पारी को संभाला और टीम को 200 के पार पहुंचाया। रचिन ने 108 रन बनाए और आउट हो गए, जबकि विलियमसन ने 102 रन बनाकर पारी को आगे बढ़ाया।

दूसरी पारी में, दक्षिण अफ्रीका ने 125 रन पर केवल 1 विकेट खोकर अच्छी शुरुआत की। कप्तान टेम्बा बावुमा अर्धशतक बनाने के बाद आउट हो गए। इसके बाद रासी वान डेर डुसेन ने 69 रन बनाए, लेकिन उन्हें भी मिशेल सेंटनर ने पवेलियन भेज दिया। ये दोनों विकेट दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी में बड़ा मोड़ साबित हुए।

न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल मुकाबला लाहौर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। रचिन रवींद्र और केन विलियमसन के शतकों की मदद से टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर 362 रन बनाए। अंत में, ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिशेल ने 49-49 रन की पारियां खेलीं।

बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए, दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआत में सतर्कता दिखाई। कप्तान टेम्बा बावुमा और रासी वान डेर डुसेन ने अर्धशतक बनाए, लेकिन जैसे ही ये दोनों आउट हुए, टीम का पतन शुरू हो गया। डेविड मिलर ने एक छोर पर संघर्ष जारी रखा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।

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Art & Culture

Punjab में ‘खेल क्रांति’ से बड़ा बदलाव: International Hockey Tournament की मेजबानी के साथ राज्य बना Sports Hub

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत खेल विभाग का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि उनकी सरकार की “खेल क्रांति” ने राज्य की खेल व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है और पंजाब को अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि पहली बार पंजाब को हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी मिली है, जिसमें भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन जैसी शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर में मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित होगा, जहां मैचों के साथ-साथ पंजाबी संस्कृति को दर्शाने के लिए भांगड़ा और गिद्धा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी में शानदार इतिहास होने के बावजूद पंजाब को पहले कभी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं मिली थी, इसलिए यह उपलब्धि राज्य के लिए बेहद खास है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्षों बाद पंजाब को राष्ट्रीय बैडमिंटन अंडर-13 चैंपियनशिप की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी और इससे राज्य में खेलों को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने खेलों के क्षेत्र में किए गए बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 कर दी गई है और नए कोचों की भर्ती की गई है, जिनमें कई पूर्व खिलाड़ी भी शामिल हैं। खिलाड़ियों को ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है, जबकि ओलंपिक, पैरा-ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है और कई खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ योजना के तहत खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों की संख्या डेढ़ लाख से बढ़कर पांच लाख तक पहुंच चुकी है और हर साल हजारों खिलाड़ियों को पदक व नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में 3100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, 3000 जिम आधुनिक उपकरणों से लैस किए जा रहे हैं और खिलाड़ियों को 17,000 खेल किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए डाइट अलाउंस बढ़ाकर 480 रुपये किया गया है और 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बेहतर पोषण सुविधाएं दी जा रही हैं। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी एस्ट्रोटर्फ बदले गए हैं और मोहाली में नया सिंथेटिक ट्रैक भी बनाया गया है। स्पोर्ट्स मेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए 113 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट को प्रमुख शहरों में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की समृद्ध खेल विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने हरमनप्रीत सिंह, शुभमन गिल, हरमनप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह संधू और अर्शदीप सिंह जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं और पंजाबी खिलाड़ियों के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना अधूरी है। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर साल चार देशों का हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे राज्य में खेलों का स्तर और ऊंचा होगा। उन्होंने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खेल संस्कृति को नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब उनकी सरकार इसे फिर से पटरी पर ला रही है। अंत में उन्होंने कहा कि खेल नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेलों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, इसलिए सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि पंजाब देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बन सके।

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Blog

Punjab को मिला इंटरनेशनल हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का बड़ा मौका, CM भगवंत मान ने किया ऐलान

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पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों की मेजबानी करेगा। राज्य को पुरुष एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का अवसर मिला है। इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिलना पंजाब के लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष 6 टीमें हिस्सा लेंगी और भारत के भी इसमें भाग लेने की पूरी उम्मीद है।

टूर्नामेंट के मुकाबले 26-27 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिनका आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। इससे पहले 1997 में जालंधर में पाकिस्तान के साथ एक टेस्ट मैच खेला गया था। आयोजन से पहले संबंधित टीम द्वारा सभी तैयारियों का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

इसके अलावा, हॉकी टीम ने हर साल चार देशों के टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिसे भविष्य में इस आयोजन के साथ जोड़ा जा सकता है।

खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत पंजाब को 44 साल बाद बैडमिंटन अंडर-13 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार भी मिला है। इस प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे।

यह उपलब्धि पंजाब को खेलों के क्षेत्र में एक नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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National

क्रिकेट अब बोलेगा पंजाबी: Legends League Cricket 4.0 का नया अध्याय

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क्रिकेट के रोमांच को अब एक नया रंग मिलने जा रहा है। 11 मार्च से क्रिकेट प्रेमियों को Legends League Cricket का पूरा टूर्नामेंट पहली बार पंजाबी कमेंट्री के साथ देखने को मिलेगा। सैटेलाइट टेलीविजन के इतिहास में यह पहली बार होगा जब किसी बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट का प्रसारण पूरी तरह पंजाबी भाषा में किया जाएगा। यह प्रसारण GTC Punjabi चैनल पर विशेष रूप से उपलब्ध होगा।

“Cricket Di Awaaz, Hun Punjabi Wich…”
जब बल्ला बोलेगा, तो इस बार उसकी आवाज़ पंजाबी में सुनाई देगी।

11 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ी और प्रतिष्ठित टीमें हिस्सा लेंगी। इस दौरान दर्शक हर छक्का, चौका और रोमांचक मुकाबले का आनंद पंजाबी कमेंट्री के साथ उठा सकेंगे। यह पहल पंजाब और दुनिया भर में बसे पंजाबी दर्शकों के लिए क्रिकेट देखने का एक बिल्कुल नया अनुभव लेकर आएगी।

टूर्नामेंट के मुकाबले भारत के पांच प्रमुख शहरों — हल्द्वानी, ग्वालियर, अमृतसर, ग्रेटर नोएडा और आगरा — में खेले जाएंगे। लीग का पहला मुकाबला 11 मार्च को हल्द्वानी में मुंबई स्पार्टन्स और इंडिया कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। इसके बाद पूरे टूर्नामेंट के दौरान अलग-अलग शहरों में मैच आयोजित होंगे।

अमृतसर में दोपहर के मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि ग्वालियर और ग्रेटर नोएडा में कई महत्वपूर्ण शाम के मैच आयोजित किए जाएंगे।

इस ऐतिहासिक पहल पर GTC Network के संस्थापक रवींद्र नारायण ने कहा,
“क्रिकेट में हमेशा से जुनून रहा है और पंजाब में भी जुनून की कोई कमी नहीं। हमने बस इन दोनों को एक साथ ला दिया है। जब क्रिकेट पंजाबी में बोलेगा, तो स्टेडियम में सिर्फ तालियां नहीं बजेंगी… बल्कि जश्न मनाया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा,
“पंजाबी एक ऐसी भाषा है जिसमें ऊर्जा, हास्य और दिल की गर्माहट है। पंजाबी कमेंट्री के साथ क्रिकेट देखना ऐसा लगेगा जैसे मैच आपके अपने आंगन में खेला जा रहा हो।”

दर्शकों के लिए यह सिर्फ एक खेल प्रसारण नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पल भी है। अब पंजाबी दर्शक क्रिकेट की हर बाउंड्री, हर विकेट और आखिरी ओवर के रोमांच को अपनी ही भाषा में महसूस कर पाएंगे।

11 मार्च से 27 मार्च तक Legends League Cricket 4.0 के सभी मैच GTC Punjabi पर पंजाबी कमेंट्री के साथ प्रसारित किए जाएंगे।

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