Punjab
पंजाब में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की नई व्यवस्था आज से लागू: CM भगवंत मान मोहाली से करेंगे ‘ईजी रजिस्ट्री’ की शुरुआत; लोगों को मिलेंगी कई सुविधाएं।
पंजाब में आज से प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की नई प्रणाली लागू हो रही है। सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों को तहसील दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सिफारिश तथा दलालों से भी निजात मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत अब लोग जिले की किसी भी तहसील में रजिस्ट्री करवा सकेंगे। इसके साथ ही घर या ऑफिस से ऑनलाइन रजिस्ट्री कराने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। पूरी प्रक्रिया पर लोग ऑनलाइन निगरानी भी रख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था की शुरुआत पंजाब सरकार आज (26 मई) मोहाली से ‘ईजी रजिस्ट्री’ मुहिम के तहत करने जा रही है। मोहाली में इसका पायलट प्रोजेक्ट पहले ही सफलतापूर्वक चलाया जा चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल इस प्रणाली को जनता को समर्पित करेंगे।
सरकार का दावा है कि इस तरह की पहल देश में पहली बार हो रही है। सिस्टम को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाए रखने के साथ ही समय पर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) की होगी।
तीन वजह से इस सिस्टम को लाना पड़ा
सरकार को इस विभाग को पारदर्शी बनाने की मुख्य तीन वज है। क्योंकि इस विभाग में सबसे अधिक शिकायतें थी। सीएम भगवंत मान को खुद इस बात का पता है और उनके पास विभाग की लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। इस साल के शुरू से इस विभाग में काम को सुचारू चलाने के लिए काम शुरू हो गया था। पहले सभी तहसीलों में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के दफ्तर में कैमरों को लगातार चलाने के आदेश हुए थे।
केवल 3 जगह चलते मिले कैमरे
हालांकि जांच में पाया गया था कि 180 में से केवल तीन जगह ही कैमरे चल रहे थे। इसके पीछे की वजह भी साफ थी। दूसरा जब भी इस विभाग के किसी तहसीलदार, पटरवारी या रेवन्यू अधिकारी को रिश्वत लेते पुलिस या विजिलेंस पकड़ती थी, तो सारे राजस्व विभाग वाले हड़ताल पर चले जाते थे, जिससे काम रुक जाता था। पिछले दिनों भी ऐसी दिक्कत आई थी।
CM कर चुके तहसीलों का दौरा
इसके बाद CM ने खुद तहसीलों का दौर किया था। तहसीलदारों की ट्रांसफर 200 किमी से अधिक दूर कर दी थी, जबकि ड्यूटी जॉइन न करने वाले सस्पेंड भी किए गए थे। तीसरा प्रत्येक रजिस्ट्री पर लोगों से तय राशि से अधिक पैसे भरने पड़ते थे। ऑनलाइन तो रजिस्ट्री के लिए भुगतान करना पड़ता था।
इसके बाद लोगों से बिचौलियों के माध्यम से कमीशन ली जाती थी। ऐसे में लोगों को रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों को लिंक तलाशने पड़ते थे। वहीं, इससे सरकार पर ही सवाल उठते थे।
अब यह सारी प्रक्रिया इस तरह चलेगी
ईजी रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करने के पीछे इस विभाग को पारदर्शी बनाने का उद्देश्य है। क्योंकि इस विभाग में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जिला मोहाली में स्थिति ज्यादा खराब थी। ऐसे में अब यह योजना सरकार लेकर आई है। इसके लिए ईजी रजिस्ट्री नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।
इसके लिए लोगों को https://easyregistry.punjab.gov.in नाम की वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद वेबसाइट का होम पेज खुलेगा, जहां से सारी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। एक जिले में स्थित जमीन की रजिस्ट्री किसी भी सब रजिस्ट्रार ऑफिस से करवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा।
इसके बाद 48 घंटों में ऑनलाइन ही दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद तहसीलदार से किसी भी तरह की कोई आपत्ति आदि लगाई जा सकेंगी। इसके बाद या तो ऑनलाइन या 1076 पर कॉल कर रजिस्ट्रार कार्यालय के सेवा केंद्र में जाना होगा। यदि इस दौरान रजिस्ट्री के लिए तय रकम से अधिक पैसे मांगे जाते हैं, तो व्हाट्सएप नंबर पर शिकायत करनी होगी। इसके बाद डीसी तय करेंगे कि रजिस्ट्री बिना किसी अड़चन से पूरी हो।
Punjab
भाजपा का कानूनी सलाहकार नशे के साथ पकड़ा गया, भाजपा नेताओं ने पंजाब में सीधे तौर पर नशे बेचने शुरू कर दिए है: हरपाल सिंह चीमा
आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को कहा कि नशा डीलर समेत भाजपा पदाधिकारी की गिरफ्तारी से भाजपा की पोल खुल गई है। पार्टी के नशा तस्करी से गहरे संबंध, पंजाब में सालों से फैले नशा के खतरे में उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले नशा तस्कर भाजपा की राजनीतिक सरपरस्ती में काम करते थे, लेकिन अब भाजपा नेता और पदाधिकारी खुद नशा से जुड़े मामलों में पकड़े जा रहे हैं।
आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा को यह साफ करना चाहिए कि गुजरात के रास्ते बार-बार बड़ी मात्रा में नशे क्यों पकड़े जा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि अकाली-भाजपा राज में ही पूरे पंजाब में चिट्टा फैला और राज्य अंधेरे धकेल दिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को जेल भेजा गया है, उनकी प्रॉपर्टी गिराई गई हैं, और नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह भाजपा नेता हो, पदाधिकारी हो या समर्थक।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस गिरफ्तारी ने भाजपा के दोहरे रवैये और नशा तस्करी से उसके गहरे संबंधों को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। सालों से भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब उसका अपना एक पदाधिकारी नशे के मामले में पकड़ा गया है, जिससे साबित होता है कि पार्टी खुद उसी बुराई में शामिल है, जिसके खिलाफ लड़ने का दिखावा करती है। उन्होंने दावा किया कि पहले नशा तस्कर उनके राजनीतिक संरक्षण में काम करते थे, अब भाजपा नेता खुद नशे के साथ पकड़े जा रहे हैं। इस घटना ने पंजाब के लोगों के सामने भाजपा का असली चेहरा सामने ला दिया है।
मंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बिना किसी समझौते के नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चला रही है। सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा गया है, उनकी प्रॉपर्टी गिराई गई हैं और राजनीतिक संबंधों की परवाह किए बिना नशा तस्करी में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
पिछली सरकार के समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने अकाली-भाजपा सरकार के दौरान नशे का सबसे बुरा दौर देखा। अकाली दल-भाजपा सरकार के समय ही पंजाब में ‘चिट्टा’ फैला और राज्य को भारी नुकसान हुआ। आज वही पार्टियां जिन्होंने पंजाब को अंधेरे में धकेला, जनता को गुमराह करने और अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार पंजाब से नशे खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन देश भर में फैले नशे नेटवर्क में भाजपा की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। भारत में आने वाले नशे का एक बड़ा हिस्सा देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने से पहले भाजपा शासित गुजरात से होकर गुजरता है।
भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि गुजरात से बार-बार बड़ी मात्रा में नशे क्यों बरामद होते हैं। पंजाब को टारगेट करने के बजाय, भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसकी निगरानी में इतने बड़े पैमाने पर नशे देश में कैसे आ रहे हैं।
नशे खत्म करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम के ज़रिए बॉर्डर सिक्योरिटी को मज़बूत किया है, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ की है, और नशे के दलदल में फंसे युवाओं को नॉर्मल ज़िंदगी में लौटने में मदद करने के लिए नशा छुड़ाने और रिहैबिलिटेशन सेंटर बढ़ाए हैं।”
आप सरकार नशे के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। कोई भी इंसान, चाहे वह कितने भी ऊंचे पॉलिटिकल पद या रसूख वाला हो, अगर नशा तस्करी में शामिल पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोई भाजपा नेता, पदाधिकारी या समर्थक नशा तस्करी में शामिल पाया गया तो पंजाब पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और उन्हें जेल भेजेगी। भगवंत सिंह मान सरकार में कानून सबके लिए बराबर है।
अपनी बात खत्म करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि किन पार्टियों ने पहले राज्य को बर्बाद किया है और पंजाब का भविष्य कौन बचाएगा। ईमानदारी से काम कर रहे हैं। भाजपा और अकाली दल ने पंजाब को बार-बार धोखा दिया है। आप सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह अभियान तब तक पूरी ताकत से जारी रहेगा जब तक हर नशा तस्करों को सज़ा नहीं मिल जाती।
Punjab
अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब ने नशे की सबसे बड़ी मार झेली: चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नशे के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए मान सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब में नशे की समस्या ने सबसे गंभीर रूप धारण किया और चिट्टे का कारोबार पूरे राज्य में फैल गया। इसके साथ ही बेअदबी की घटनाओं का दौर भी उसी समय शुरू हुआ।
हरपाल चीमा ने कहा कि एक तरफ कुछ राजनीतिक दलों पर नशा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को नशे की मार से बचाना और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देना है।
चीमा ने बताया कि सरकार द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। चीमा ने दावा किया कि मान सरकार के प्रयासों से नशा माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
Punjab
बिक्रम सिंह मजीठिया को अदालत से बड़ी राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर
पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमृतसर की जिला अदालत ने एफआईआर नंबर 91 से जुड़े मामले में मजीठिया की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला मजीठा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 91 से संबंधित है, जिसमें बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके कुछ समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना और इसके बाद अपना फैसला सुनाया।
अदालत द्वारा अग्रिम जमानत दिए जाने से मजीठिया को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के साथ पिछले कुछ दिनों से चल रही कानूनी चर्चाओं और राजनीतिक अटकलों पर भी काफी हद तक विराम लग गया है।
फैसले की खबर सामने आते ही शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखने को मिली। पार्टी से जुड़े नेताओं ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया, जबकि मजीठिया के समर्थकों ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया।
राजनीतिक हलकों में अब इस फैसले को पंजाब की राजनीति के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |