Haryana
फिर आई हरियाणा में Nayab सरकार, इन सभी विधायकों ने ली शपथ
Nayab Singh Saini ने आज पंचकूला में फिर से हरियाणा का नेता बनने का वादा किया है। उनकी पार्टी भाजपा ने इतिहास रच दिया है क्योंकि यह लगातार तीसरी बार है जब वे हरियाणा के नेता बने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक खास कार्यक्रम में गए थे जहां Nayab Singh Saini ने शपथ लेकर नेता बनने का वादा किया। नायब सैनी के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों ने भी मंत्री के तौर पर अपना काम करने का वादा किया। आइए जानें कि Nayab Saini की टीम में कौन-कौन से विधायक हैं!
अनिल विज एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सरकार में काम करते हैं। वे अपने समुदाय में लोगों को सुरक्षित और खुश रखने के लिए निर्णय और नियम बनाने में मदद करते हैं। अनिल विज ने मंत्री के तौर पर अपना काम करने का वादा किया है। वे अंबाला छावनी से हैं और सात बार विधानसभा के सदस्य चुने गए हैं! नायब सिंह सैनी के बाद उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और चीजों को गुप्त रखने की शपथ ली। अब अनिल विज कैबिनेट मंत्री हैं, जिसका मतलब है कि उनके पास एक महत्वपूर्ण काम है। उन्होंने मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार में गृह सुरक्षा और स्वास्थ्य में भी मदद की है। कृष्ण लाल पंवार एक व्यक्ति का नाम है। क्या आप उनके बारे में और जानना चाहेंगे या फिर वे क्या करते हैं?
कृष्ण लाल पंवार, जो सरकार में राज्यसभा नामक एक विशेष समूह का हिस्सा थे और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते थे, हाल ही में इसराना नामक जगह से चुनाव जीते हैं। उन्होंने फिर से मंत्री के रूप में अपना काम करने का वादा भी किया है। इससे पहले वे मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार में परिवहन और आवास के प्रभारी थे। अब वे दूसरी बार कैबिनेट मंत्री बने हैं, जो सरकार में एक बड़ा काम है।
कृष्ण लाल पंवार लंबे समय से राजनीति में हैं। वे अपने क्षेत्र असंध से कई बार विधानसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2009 में मतदान के लिए क्षेत्र बदल दिए गए और वे इसराना नामक एक नए क्षेत्र से चुनाव लड़े। वे बलबीर वाल्मीकि नामक एक व्यक्ति के खिलाफ जीते, जो कांग्रेस पार्टी से थे।
वर्ष 2014 में उन्होंने इनेलो नामक एक समूह का हिस्सा बनना छोड़ दिया और भाजपा नामक एक दूसरे समूह में शामिल हो गए। वे नौकरी के लिए लड़े और कांग्रेस समूह के बलबीर वाल्मीकि नामक एक व्यक्ति के खिलाफ जीते। उसके बाद उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण काम दिए गए, जैसे परिवहन और आवास में मदद करना। 2019 में उन्होंने फिर से जीतने की कोशिश की, लेकिन इस बार वे बलबीर वाल्मीकि से हार गए। चूंकि वे राज्य में एससी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, इसलिए भाजपा ने उन्हें राज्यसभा नामक एक विशेष स्थान पर भेजा। जब उन्होंने कहा कि वे 2024 में विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो भाजपा ने उन्हें फिर से अपना उम्मीदवार चुना। पंवार खुश थे क्योंकि उन्होंने इस बार जीत हासिल की और कांग्रेस पार्टी के बलबीर वाल्मीकि को 13,895 वोटों से हराकर 2019 में अपनी हार की भरपाई की।
राव नरबीर सिंह एक व्यक्ति का नाम है। यह “मिस्टर स्मिथ” या “सुश्री जॉनसन” कहने जैसा है। क्या आप उनके बारे में और जानना चाहेंगे? राव नरबीर सिंह बादशाहपुर से एक राजनेता हैं, जो राज्य में मतदान के लिए सबसे बड़ा क्षेत्र है। उन्हें अब चौथी बार मंत्री चुना गया है। इस बार वे नायब सैनी सरकार का हिस्सा हैं। वे दूसरी बार बादशाहपुर से विधायक चुने गए। 2014 में उन्होंने पहली बार बादशाहपुर में कमल का फूल खिलने में मदद की। वे पहली बार 1987 में 26 साल की उम्र में विधायक बने थे, उन्होंने जटूसाना से राव इंद्रजीत सिंह नामक एक अन्य राजनेता के खिलाफ जीत हासिल की थी। उस समय वे देवी लाल के नेतृत्व वाली सरकार में गृह राज्य मंत्री भी थे।
1996 में नायब सिंह सैनी को सोहना नामक स्थान के लिए विधायक नामक एक विशेष नेता के रूप में चुना गया था, और फिर वे सरकार में परिवहन और टीम वर्क में मदद करने वाले मंत्री बन गए। 2014 में वे फिर से चुने गए, इस बार बादशाहपुर नामक स्थान के लिए, और वे भवन और वन मंत्री बन गए। अब 2024 में वे चौथी बार विधायक चुने गए हैं और फिर से सरकार में मंत्री हैं। महिपाल ढांडा पानीपत ग्रामीण नामक स्थान से नेता हैं, और अब उनके पास कैबिनेट मंत्री के रूप में एक नया महत्वपूर्ण काम है। इससे पहले वे नायब सिंह सैनी नामक एक अन्य नेता की टीम में छोटे मंत्री थे। 2014 में भाजपा नामक एक समूह ने महिपाल ढांडा नामक व्यक्ति को पानीपत नामक स्थान पर एक विशेष कार्य के लिए चुना।
यह कार्य 2009 में बनाए गए एक नए क्षेत्र के लिए था। महिपाल ने कड़ी मेहनत की और धारा सिंह रावल नामक एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ जीत हासिल की, जो किसी भी समूह का हिस्सा नहीं था। फिर, 2019 में, महिपाल ने भाजपा की मदद से फिर से उसी नौकरी के लिए चुनाव लड़ा और फिर से जीत हासिल की, इस बार जेजेपी नामक एक अलग समूह के देवेंद्र कादियान नामक व्यक्ति के खिलाफ। 2024 में, महिपाल ढांडा तीसरी बार चुनाव लड़े और अपने प्रतिद्वंद्वी सचिन कुंडू के खिलाफ 50,212 वोटों से जीत हासिल की। अब, उन्हें नायब सरकार में फिर से मंत्री चुना गया है। विपुल गोयल फरीदाबाद से एक नेता हैं, और उन्हें अभी कैबिनेट मंत्री नामक एक महत्वपूर्ण पद दिया गया है। फरीदाबाद के लिए यह उनका दूसरा मौका है, इससे पहले मनोहर के कार्यकाल में वे मंत्री भी रह चुके हैं।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्या हैं मुख्य शर्तें?
अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.
सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश
यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.
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