Haryana
जीजा ने साले को उतारा मौत के घाट, Land हड़पने और पैसों के लालच में की हत्या
गुरुग्राम की एक लड़की की मेरठ में उसके जीजा ने दुखद हत्या कर दी। तनुज नाम का यह जीजा एक सरकारी अधिकारी के यहां ड्राइवर का काम करता था। वह अपने परिवार की Land हड़पना चाहता था, इसलिए उसने पैसों के लिए कुछ बहुत बुरा किया। पहले वे दोनों कार में बैठे और शराब पी। फिर, उन्होंने शौच के लिए खेत में जाने का फैसला किया। जब जीजा विवेक बाहर था, तो तनुज ने उसे बंदूक से गोली मार दी। विवेक के पास जमीन का एक बड़ा टुकड़ा था, लेकिन उसने उसमें से अधिकांश बेच दिया।
उसने अपने जीजा को बहुत सारा पैसा उधार भी दिया था, जो उसे वापस नहीं देना चाहता था। इसके बजाय, जीजा विवेक की बाकी जमीन भी हड़पना चाहता था। इस वजह से उसने विवेक को चोट पहुँचाने की एक बुरी योजना बनाई। अपने किए को छिपाने के लिए जीजा ने पुलिस को एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि उसका अपनी गर्लफ्रेंड से काफी समय से झगड़ा चल रहा था। आयुष विक्रम सिंह नाम के एक पुलिस अधिकारी ने हत्या के एक मामले में पता लगाया। उन्होंने बताया कि विवेक नाम का एक लड़का अपनी माँ और बहन के साथ मेरठ डिफेंस एन्क्लेव नामक जगह पर अपने चाचा तनुज के घर पर रहता था। तनुज रुड़की नामक कस्बे में पीएसी के लिए कार चलाता है।
विवेक अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। जब उसके पिता का निधन हुआ, तो विवेक के पास 60 बीघा ज़मीन थी। उसने कुछ पैसे जुटाने के लिए उनमें से 40 बीघा ज़मीन बेच दी। विवेक ने उसमें से बहुत सारा पैसा अपने दोस्त तनुज को उधार दिया था, लेकिन अब वह उसे वापस चाहता था। हालाँकि, तनुज पैसे वापस नहीं करना चाहता था।
विवेक की माँ के पास ज़मीन का एक बड़ा टुकड़ा था, और विवेक उसे बेचना चाहता था। लेकिन तनुज ऐसा नहीं चाहता था क्योंकि वह ज़मीन अपने लिए चाहता था। उसके पास एक योजना थी जिसमें विवेक के साथ कुछ बहुत बुरा करना शामिल था, ताकि वह ज़मीन रख सके और उसे कुछ पैसे वापस न देने पड़ें। तनुज चालाकी से काम करने की कोशिश कर रहा था और उसे लगा कि जो वह चाहता था उसे पाने का यही एकमात्र तरीका है।
तनुज 20 अगस्त को अपनी कार, वैगनआर, से काम पर गया। शाम को जब वह घर वापस आ रहा था, तो उसने अपने साले विवेक को फोन किया। विवेक घर लौटते समय हाईवे पर तनुज से मिला। तनुज विवेक को अपने साथ सुभारती यूनिवर्सिटी ले गया। उन्होंने कार रोकी और साथ में कुछ ड्रिंक्स शेयर कीं। तनुज ड्रिंक्स अपने साथ लाया था। कुछ ज़्यादा ही पीने के बाद, वे सिवाया टोल नामक जगह पर चले गए। वहाँ, वे पैसे को लेकर बहस करने लगे। तनुज विवेक को नहर के पास एक जगह ले गया।
तनुज ने कहा कि उसे बाथरूम जाना है और उसने विवेक को भी कार से उतरकर जाने को कहा। लेकिन जब विवेक जाने के लिए खड़ा हुआ, तो तनुज ने कुछ बहुत बुरा किया- उसने विवेक को पीछे से गोली मार दी। गोली उसकी पीठ में लगी और पेट से बाहर निकल गई। तनुज ने एक खिलौना बंदूक को पास के गन्ने के खेत में फेंक दिया। वह खिलौना बंदूक वहीं छोड़कर अपने दोस्तों के साथ खेलने चला गया। अपने दोस्तों के साथ पहुँचने के बाद, उसने अपनी पत्नी प्रीति को फोन किया और उससे ऐसे बात की जैसे सब कुछ सामान्य हो। इसके बाद वह घर जाता है और अपनी सास और पत्नी से अपने दोस्त विवेक के बारे में पूछता है, जैसा कि वह हमेशा करता है।
पहले तो पुलिस को लगा कि गुरुग्राम में रहने वाले विवेक के दोस्त और गर्लफ्रेंड इस मामले में शामिल हो सकते हैं। लेकिन फिर उन्होंने विवेक के परिवार के फोन कॉल्स चेक किए और सिक्योरिटी कैमरों से वीडियो देखे। इससे उन्हें पता चला कि विवेक के साले ने ही कुछ गलत किया था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसके पास से एक बंदूक बरामद की क्योंकि उसने उन्हें बताया था कि वह कहां है।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्या हैं मुख्य शर्तें?
अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.
सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश
यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.
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