Haryana
विधानसभा चुनाव में भारी पड़ सकती है हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी, सांसद Kumari Selja ने कहा ‘हर हाल में विधानसभा चुनाव लड़ेंगी’
चुनाव से पहले एक कहावत है जिसका मतलब है “कपड़े बनाने वाले में समस्या है, कपड़े बनाने वाले में नहीं।” हरियाणा कांग्रेस पार्टी के साथ भी यही हो रहा है। उन्होंने अभी तक यह नहीं चुना है कि कौन चुनाव लड़ेगा और किसी ने भी चुनाव लड़ने के लिए नामांकन नहीं किया है। हालांकि मतदान में अभी कुछ समय बाकी है, लेकिन बहुत से लोग मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, जो राज्य का नेता है। सिरसा में पार्टी की नेता Kumari Selja वास्तव में मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं और उन्होंने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर चुनाव लड़ेंगी। जहां शैलजा अपने लक्ष्यों के बारे में बोल रही हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी में अन्य महत्वपूर्ण नेता भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन अपनी इच्छाओं को अपने तक ही सीमित रखते हैं। वे भी इस पद को लेकर दिलचस्पी से देख रहे हैं।
कुमारी शैलजा कांग्रेस के दीपक बाबरिया द्वारा यह कहे जाने पर बहुत नाराज हो गईं कि सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं मिलेगा। उन्हें लगता है कि लोगों ने उनके कहने का मतलब ठीक से नहीं समझा।
बाबरिया ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी के नेता सहमत होते हैं तो लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस के नेताओं ने ही हमें लोकसभा या राज्यसभा में चुना है। मैं वास्तव में विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता हूं और अगर मुझे कांग्रेस नेताओं से अनुमति लेनी पड़ी तो मैं ऐसा करूंगा। शैलजा के बोलने और सुरजेवाला के चुपचाप सहमत होने के बाद कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज होने जा रही है। इस मामले में शैलजा को सुरजेवाला की मदद मिल सकती है।
अगर शैलजा चुनाव जीतती हैं तो दीपेंद्र सिंह हुड्डा और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी चुनाव लड़ना चाह सकते हैं। इस तरह वे दिखा सकते हैं कि वे अभी भी राज्य के नेता बनना चाहते हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं। शैलजा के अलावा चार अन्य सदस्य हैं: दीपेंद्र हुड्डा, जयप्रकाश जेपी, वरुण मुलाना और सतपाल ब्रह्मचारी। ये सभी भूपेंद्र हुड्डा का पूरा समर्थन करते हैं। इनमें से दो या तीन सीटों पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा का चयन हुआ है। सरकार में काम करने वाले चार अन्य लोग शायद चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन बीरेंद्र सिंह चाहते हैं कि उनके बेटे बृजेंद्र सिंह उचाना से चुनाव लड़ें।
साथ ही कैप्टन अजय यादव चाहते हैं कि उनके बेटे चिरंजीव राव रेवाड़ी से चुनाव लड़ें। अगर कांग्रेस इजाजत देती है तो बीरेंद्र सिंह और कैप्टन अजय यादव चुनाव लड़ सकते हैं। कैप्टन अजय यादव अक्सर दक्षिण हरियाणा का नेता होने की बात करते हैं, जिससे पता चलता है कि वह मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। कांग्रेस में कुछ महत्वपूर्ण लोग राज्य का नेता बनना चाहते हैं। वे हैं भूपेंद्र हुड्डा, कुमारी शैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला। भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी नेता बनना चाहते हैं। चौधरी बीरेंद्र सिंह जो कभी बड़े नेता हुआ करते थे और 10 साल तक भाजपा पार्टी के साथ काम किया, वह वापस कांग्रेस पार्टी में आ गए हैं। अब, वह और कैप्टन अजय यादव नामक एक अन्य नेता, जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) मामलों में कांग्रेस पार्टी की मदद करते हैं, दोनों ही मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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