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यूट्यूबर Nancy Grewal की ह/त्या को लेकर मां ने किए बड़े खुलासे

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कनाडा में चाकू घोंपकर मारी गई पंजाबी मूल की यूट्यूबर नैंसी ग्रेवाल की मां ने कैमरे के सामने आकर बड़े खुलासे किए हैं। यहां आपको बता दें कि नैंसी ग्रेवाल (45) की मॉन्ट्रियल के पास के इलाके लसाले में उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में उनके पति को गिरफ्तार कर लिया है। नैंसी ग्रेवाल का परिवार पहले हरियाणा में रहता था फिर वह लुधियाना में शिफ्ट हो गए। अब उसकी मां जालंधर में रहती है। पुलिस के मुताबक, उसकी मंगलवार रात को हत्या की गई।

आ रहे थे धमकी भरे कॉल

नैंसी की मां छिंदरपाल ने रोते हुए कहा कि एक दिन पहले ही उनकी नैंसी से बात हुई थी। उन्होंने कहा कि नैंसी की हत्या बहुत बुरे तरीके से की गई थी। नैंसी को 4 महीने से धमकी भरे कॉल आ रहे थे। उन्होंने कनाडा सरकार और भारत सरकार से दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने में मदद की गुहार लगाई है। मां ने रोते हुए कहा कि मेरी बेटी को दुश्मनों ने इतनी बुरी तरह पीटा है कि मैं आपको बता नहीं सकती। उसके दुश्मन गुरुद्वारे में बैठे हैं। मेरी बेटी सच्चाई के रास्ते पर चलने वाली लड़की थी। डाक्टरों के मुताबिक उनके बेटी को काफी गंभीर चोटें लगी थी जिस कारण उसकी मौत हो गई।

बड़े खुलासे करते हुए मां ने कहा कि जसबीर सिंह रोडे का भतीजा अवतार सिंह उनकी बेटी से दुश्मनी रखता था और कहता था कि नैंसी को वही करना चाहिए जो मैं कहता हूं। वह एक ऐसी लड़की थी जिसने अपनी नौकरी छोड़ दी और दूसरों की मदद की। बेटी पर पहले भी हमला हो चुका है। उनका घर जला दिया गया था, लेकिन उस बार उनकी जान बच गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति चेहरा ढककर उनके घर रेकी करने गया था। सीसीटीवी कैमरे देकर वह भाग गया। 

दो कंपनियों में करती थी काम 

मां ने कहा कि नैंसी ग्रेवाल 2018 में कनाडा गई थी और नर्सिंग का कोर्स पूरा करने के बाद 2 कंपनियों में काम करती थी। नैंसी से मेरी बात 2 तारीख को हुई थी। ज्यादा व्यस्त रहने के चलते वह खुद मुझे कॉल करती थी। वह मेरे टच में थी और मुझे सब कुछ बताती रहती थी। उसे धमकी भरे कॉल भी आए थे, जिसकी शिकायत पुलिस में की गई थी। हम कनाडा सरकार से बस एक ही मांग करते हैं कि उसके साथ इंसाफ हो और कातिलों को गिरफ्तार किया जाए।

यहां आपको बता दें कि कनाडा में यह घटना लसाले के सेंट-लूस क्रिसेंट में मौजूद एक बिल्डिंग में हुई, जहां पुलिस को सुबह-सुबह इमरजेंसी कॉल मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो नैन्सी ग्रेवाल गंभीर रूप से घायल हालत में मिली। उसके शरीर पर चाकुओं से गोदने के कई निशान थे। उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन गहरे घाव और ज़्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश कर रही है। गौरतलब है कि नैन्सी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थी और भारत-कनाडा के रिश्तों और पॉलिटिक्स पर खुलकर बोलती थी। उसकी हत्या के बाद पुलिस ने नैन्सी के परिवार और चाहने वालों के साथ हमदर्दी जताई है।

फिलहाल, कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि घरेलू झगड़े की वजह से उसके पति ने उसकी हत्या कर दी, जबकि कई रिपोर्ट्स में अज्ञात लोगों द्वारा उसकी हत्या किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन असली सच्चाई पुलिस जांच में सामने आएगी। अभी तक, कनाडा पुलिस ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की खबर नहीं दी है। आपको बता दें कि, नैंसी आए दिन अपने यूट्यूब वीडियों को लेकर सुर्खियों में रहती थी। उसने खालिस्तानियों, डेरा ब्यास मुखी और अकाल तख्त जत्थेदार तक की अलोचना की थी। 

नैंसी की आखिरी पोस्ट  

हत्या से कुछ दिन पहले नैंसी ग्रेवाल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में उसने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

पोस्ट में नैन्सी ने सतनाम सिंह नाम के एक व्यक्ति के बयान का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी थी। वीडियो में वह जत्थेदार को लेकर कड़ी भाषा का इस्तेमाल करती नजर आ रही थी और चेतावनी देती दिखाई दे रही थी कि जब लोग और सच्चे सिख एकजुट हो जाएंगे तो उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। इसके अलावा वीडियो में उसने अकाल तख्त जत्थेदार के कपड़ों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 3 फरवरी को हुई उसकी हत्या से करीब 6 दिन पहले इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था। फिलहाल यह पोस्ट भी जांच का हिस्सा बन गई है और पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।

डेरी मुखी पर उठाए सवाल

नैंसी ग्रेवाल का एक और पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने ब्यास स्थित राधा स्वामी सत्संग डेरा के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों को लेकर भी टिप्पणी की थी। वीडियो में नैंसी ने डेरे और उसके कार्यों को लेकर कई सवाल उठाए थे। वीडियो में वह कहती नजर आती है कि लोग अक्सर दावा करते हैं कि उनके बाबा जी नशा छुड़वाने का काम करते हैं। लेकिन उन्होंने सवाल किया कि क्या इसके लिए कहीं कोई नशा मुक्ति केंद्र खोला गया है और अगर खोला है तो कहां। साथ ही उसने यह भी पूछा कि आखिर कितने युवाओं को नशे से बाहर निकाला गया है। अगर कोई युवक नशा करता है तो उसके माता-पिता भी उसे नशा न करने की सलाह देते हैं और डेरे में भी इसी तरह की बातें कही जाती हैं। उसने यह भी सवाल उठाया कि डेरे की ओर से पंजाब में अब तक कौन-कौन से बड़े सामाजिक काम किए गए हैं। वीडियो के अंत में नैन्सी ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि वे बाबाओं के पीछे चलने के बजाय मेहनत और अपने प्रयासों के जरिए जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करें। यह वीडियो भी अब मामले की जांच के दौरान चर्चा में आ गया है।

हत्या के पीछे कौन 

नैंसी ग्रेवाल ने अपने बयानों में कई नेताओं, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक हस्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसी बीच निहंग सिंह अकाली जसदीप सिंह का बयान सामने आया है। उसने कहा कि यदि किसी एक व्यक्ति या समूह को निशाना बनाया गया होता तो यह समझना आसान होता कि इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है, लेकिन उन्होंने कई नेताओं, निहंग सिंहों, सुखबीर बादल, राधा स्वामी डेरा प्रमुख, जत्थेदारों, एस.जी.पी.सी. और पंजाब के कुछ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ बयान दिए थे। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि यह वारदात किस वजह से और किसके द्वारा की गई।

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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई

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भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।

भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।

इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, EMI में नहीं होगा इजाफा

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 से 5 जून तक चली MPC बैठक के बाद इसकी घोषणा की।

RBI के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और अन्य रेपो रेट से जुड़े कर्जों की EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना कर्ज लेने वालों के लिए राहत की खबर है।

RBI गवर्नर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सप्लाई चेन में रुकावटें, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर विकास दर और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की है। पहले 6.9 फीसदी रखे गए अनुमान को घटाकर अब 6.6 फीसदी कर दिया गया है।

केंद्रीय बैंक के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 6.6 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।

RBI ने यह भी चिंता जताई है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसका असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग तथा खपत पर पड़ सकता है।

हालांकि रेपो रेट को स्थिर रखने से आम लोगों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और GDP वृद्धि दर के घटाए गए अनुमान आने वाले समय के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

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होर्मुज संकट के बीच तेल कंपनियों की चेतावनी, कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल

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दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जारी संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल योग्य तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में दुनिया के पास करीब 8.4 अरब बैरल तेल का भंडार था, लेकिन इसमें से केवल 0.8 अरब बैरल ही तत्काल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर होर्मुज मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो सितंबर तक कई देशों के वाणिज्यिक तेल भंडार खतरनाक स्तर तक नीचे पहुंच सकते हैं।

इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त तेल आपूर्ति, रणनीतिक भंडारों के इस्तेमाल और अन्य स्रोतों से बाजार में आई सप्लाई के कारण कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ा।

वहीं अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक वर्थ ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए रखे गए अतिरिक्त तेल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं और बाजार की संकट झेलने की क्षमता अब पहले से काफी कम हो चुकी है।

माइक वर्थ के मुताबिक जून और खासतौर पर जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और कई देशों में आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है।

इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के प्रमुख सुल्तान अल-जाबेर ने कहा है कि भले ही संघर्ष खत्म हो जाए, फिर भी होर्मुज मार्ग से तेल की सामान्य आपूर्ति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं। उनका अनुमान है कि पूरी तरह सामान्य स्थिति 2027 से पहले लौटना मुश्किल हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश अपने रणनीतिक तेल भंडार दोबारा भरना शुरू करते हैं तो वैश्विक बाजार में मांग और बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। ऐसे में आने वाले महीने वैश्विक तेल बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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