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‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 40 लाख से अधिक लाभार्थी कवर, भगवंत मान सरकार ने जीवनरक्षक इलाज के लिए आर्थिक बाधाएं दूर कीं : Dr. Balbir Singh

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की स्वास्थ्य प्रणाली में जमीनी स्तर पर सकारात्मक और जीवनरक्षक परिणाम सामने आ रहे हैं। पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ एक निर्णायक कदम साबित हो रही है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अब आर्थिक तंगी किसी भी मरीज के इलाज में बाधा न बने।

होशियारपुर का एक हालिया मामला इस बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है। संदीप सिंह, जिन्हें तीव्र इस्केमिक स्ट्रोक हुआ था, को एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया, जहां उनका 32,300 रुपये का इलाज पूरी तरह योजना के तहत कवर किया गया। उनके पिता जगजीत सिंह ने कहा, “खुशकिस्मती से हमने पहले ही स्वास्थ्य कार्ड बनवा लिया था। इससे इलाज का पूरा खर्च कवर हो गया।” यह मामला दर्शाता है कि भगवंत मान सरकार की जनपक्षीय नीतियां किस तरह मेडिकल इमरजेंसी के दौरान परिवारों को अप्रत्याशित आर्थिक बोझ से बचा रही हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मजबूत स्वास्थ्य तंत्र के सपने से प्रेरित होकर, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत अब तक 40 लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण हो चुका है। यह योजना सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का रहित इलाज इलाज प्रदान करती है, जिसमें स्ट्रोक, सिर की चोट, दौरे और रीढ़ की हड्डी की चोट जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थितियां शामिल हैं। उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच बढ़ाकर सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा किसी विशेष वर्ग का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि पंजाब के हर नागरिक का अधिकार बने।

पंजाब भर के चिकित्सा विशेषज्ञ मानते हैं कि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), डायबिटीज जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के साथ-साथ सड़क हादसों और बढ़ती उम्र वाली आबादी के कारण न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे हालात में भगवंत मान सरकार की नीतियों के तहत मिल रही त्वरित चिकित्सा सहायता बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रही है, खासकर स्ट्रोक के मामलों में, जहां एक-एक मिनट जीवन और मृत्यु तय करता है।

राजिंदरा अस्पताल के डॉ. हरीश कुमार ने बताया कि भगवंत मान सरकार का नकद रहित स्वास्थ्य मॉडल इमरजेंसी में कीमती समय बचा रहा है। उन्होंने कहा, “कई मामलों में सर्जरी तुरंत शुरू कर दी जाती है, जबकि कागजी कार्रवाई बाद में पूरी की जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि पैसों की व्यवस्था करने में समय बर्बाद न हो।” यह बदलाव एक ऐसे प्रशासनिक मॉडल को दर्शाता है जो प्रक्रियागत देरी के बजाय मानव जीवन को प्राथमिकता देता है।

लुधियाना के डॉक्टरों ने भी मरीजों के व्यवहार में बदलाव की पुष्टि की है, जिसे वे सरकारी स्वास्थ्य गारंटी से पैदा हुए भरोसे का नतीजा मानते हैं। डॉ. हरमन सोबती, वरिष्ठ कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन और स्पाइन सर्जन, ने कहा, “अचानक कमजोरी, चेहरे का ढीला पड़ जाना या बोलने में दिक्कत जैसे शुरुआती लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है। जल्दी अस्पताल पहुंचने से इलाज के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।” इलाज पर खर्च की झिझक कम होने के कारण मरीज समय पर उपचार के लिए आगे आ रहे हैं, जो भगवंत मान सरकार की नीति का सीधा प्रभाव है।

अस्पतालों के आंकड़े कैशलेस न्यूरोसर्जिकल दाखिलों में लगातार वृद्धि दर्शाते हैं, जो इस योजना पर बढ़ते भरोसे और पंजाब सरकार द्वारा इसके प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। हालांकि विस्तृत डेटा अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह रुझान इसकी बढ़ती उपयोगिता और प्रभाव को स्पष्ट करता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “अब पैसों की कमी के कारण किसी भी मरीज को अपनी जान या कीमती समय गंवाने की जरूरत नहीं।” इससे भगवंत मान सरकार द्वारा सभी के लिए सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को और मजबूती मिलती है।

जहां स्वास्थ्य विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के दीर्घकालिक बोझ को कम करने के लिए मजबूत रोकथाम सेवाओं और समय पर पहचान की जरूरत पर जोर देते हैं, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के माध्यम से रखी गई नींव एक स्वस्थ और सुरक्षित पंजाब की दिशा में निर्णायक कदम है; जहां प्रशासन हर घर के लिए वास्तविक सुरक्षा प्रदान करता है।

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डीजल खरीद पर केंद्र सरकार की सख्ती, अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल मिलेगा

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देश में डीजल की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए आदेशों के तहत अब औद्योगिक और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से असीमित मात्रा में डीजल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने एक ग्राहक या वाहन के लिए प्रतिदिन डीजल खरीद की सीमा 200 लीटर तय कर दी है, जबकि बड़े उद्योगों को अपनी जरूरत का ईंधन थोक केंद्रों से ही खरीदना होगा।

सरकार द्वारा लागू की गई यह व्यवस्था अगले 90 दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य डीजल की उपलब्धता को बनाए रखना, आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करना और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी से बचाना है।

दरअसल, खुदरा और थोक बाजार में डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में जहां पेट्रोल पंपों पर डीजल करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं थोक उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत लगभग 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इस अंतर का फायदा उठाकर कई बड़े उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से ही बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे थे, जिससे कई क्षेत्रों में मांग अचानक बढ़ गई थी।

सरकारी तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखे हुए हैं, लेकिन इसका लाभ बड़े उद्योग और व्यावसायिक उपभोक्ता भी उठाने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति और शिपिंग नेटवर्क पर भी असर पड़ रहा है। टेलीकॉम टावर, बिजली उत्पादन इकाइयों और अन्य बड़े उद्योगों को बाजार दरों पर महंगा ईंधन खरीदना पड़ता है, जिसके चलते वे सस्ते खुदरा पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे थे।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा परिस्थितियों में डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और बाजार में संतुलन बना रहेगा।

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ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल

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पंजाब के हिन्दू व्यापारियों के यहां मंगलवार को एक बार फिर ईडी की रेड पड़ने पर आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब सरकार ने व्यापारियों को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। उधर, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी पंजाब के हिन्दू व्यापारियों पर ईडी की रेड कराकर उन्हें तंग कर रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी घबराए नहीं, पूरा पंजाब आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी मंगलवार को एक बार फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड कर रही है। ईडी पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा पर कहा कि सुना है कि ईडी पार्टी पंजाब की बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबन्धन करने को बहुत बेचौन है, पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी उनको घास नहीं डाल रही है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ईडी की रेड पर कहा कि पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और ‘रंगला पंजाब’ बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। ईडी पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसको पंजाबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने व्यापारियों के साथ खड़े हैं।

इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरे द्वारा ‘ईडी पार्टी’ और बेअदबी पार्टी / चिट्टा पार्टी के खिलाफ बोलने पर इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में सामने आ गई है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को ईडी रेड से बर्बाद कर दिया और युवाओं को परीक्षा घोटालों से, मोदी जी आप महान हैं। लेकिन देश को इनोवेशन इकोनॉमी चाहिए, ईडी इकोनॉमी नहीं। लच्छेदार भाषण और मीडिया मैनेजमेंट से अर्थव्यवस्था का सच ज्यादा दिन तक नहीं छिप सकता।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि 26 साल में पहली बार एमएससीआई इमर्जिंग मर्केट्स इंडेक्स की टॉन 10 कंपनियों में से भारत की कंपनियां बाहर हो गई हैं। एमएससीआई इमरर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े निवेश सूचकांकों में से एक है। दुनिया भर के सैकड़ों अरब डॉलर के फंड इसी इंडेक्स को देखकर निवेश करते हैं। और दुनिया का पैसा कहां जा रहा है- एआई, सेमीकंडक्टर्स, फ्यूचर टेक्नोलॉजी, टीएसएमसी, एसके हाइनिक्स और मीडिया टेक जैसी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।

लेकिन भारत में नई सोच – नई तकनीक और नए उद्यमों को बढ़ावा देने की जगह एक अलग ही मॉडल चल रहा है। जो भी कंपनी आगे बढ़ती है, उसके यहाँ पहले ईडी की रेड कराओ, फिर पार्टी के लिए चंदा वसूलो। नतीजा – निवेश घट रहा है। नई नौकरियां कम पैदा हो रही हैं। अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर सिमट रहे हैं।

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।

क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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