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देशभर में Monsoon का कहर: Himachal में 350+ मौतें, Punjab-Bihar-Uttarakhand में बाढ़ का संकट
देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में तबाही
इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से अब तक 366 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार का अनुमान है कि संपत्ति और फसल का कुल नुकसान ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा हुआ है।

- शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।
- शिमला-ठियोग-रोहड़ू NH-705 पिछले दो दिनों से बंद है, करीब 400 वाहन फंसे हैं, जिनमें से कई सेब से लदे ट्रक हैं।
- सिरमौर के नौहराधार में एक पूरा पहाड़ नदी में गिरा, हालांकि कोई बस्ती प्रभावित नहीं हुई।
पंजाब में बाढ़ का असर
पंजाब के 23 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। कुल 1996 गांवों में पानी भर गया है।

- प्रभावित आबादी: 3,87,013 से ज्यादा लोग।
- मौतें: अब तक 46 लोग बाढ़ की वजह से मरे।
- सुरक्षित निकाले गए: 21,854 लोग।
- राहत शिविर: 219 सक्रिय, 7,377 लोग रह रहे।
- फसल प्रभावित: 1,74,454 हेक्टेयर, सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर में।
- लुधियाना का ससराली बांध खतरे में है, रिंग बांध कटने लगा।
- भाखड़ा का जलस्तर गिरा, अगले 3 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश-बाढ़
- उत्तरकाशी के नौगांव में शनिवार को बादल फटा, सड़क और घरों में पानी और मलबा घुस गया। कई वाहन बह गए।
- मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर, आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा। वृंदावन परिक्रमा मार्ग भी डूबा।
राजस्थान और गुजरात

- राजस्थान के राजसमंद में तेज बारिश के कारण NH-162 का आधा हिस्सा बह गया।
- उदयपुर में सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर बाढ़ में फंसे युवक को सुरक्षित निकाला।
- चित्तौड़गढ़ में राणा प्रताप सागर बांध के 2 गेट खोलकर पानी छोड़ा।

- गुजरात में 7 जिलों में रेड अलर्ट, 18 जिलों में ओरेंज अलर्ट।
- NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर। साबरकांठा में 9 लोगों को बचाया गया।
हरियाणा और दिल्ली

- बहादुरगढ़ में 2 फीट पानी, गलियों में मछलियां तैर रही।
- सिरसा में घग्गर का बांध टूट गया।
- दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही, कई निचले इलाके बाढ़ से प्रभावित। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़

- इंदौर में अब तक 787.4mm बारिश, जिले में औसत 38 इंच।
- पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 111% बारिश हुई।
- छत्तीसगढ़ में मानसून का 86% कोटा पूरा, अब तक 977.9mm बारिश।
जम्मू-कश्मीर
- कटरा में वैष्णो देवी यात्रा लगातार 13वें दिन स्थगित।
- अर्धकुवारी लैंडस्लाइड में 34 लोगों की मौत।
- कटरा-संगलदान के बीच फ्लड स्पेशल ट्रेन सेवा 8–12 सितंबर तक।
मौसम विभाग की चेतावनी
- महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में रेड अलर्ट, गोवा में ऑरेंज, 20 राज्यों में यलो अलर्ट।
- NDRF और SDRF की टीमें पूरे देश में अलर्ट पर।
देशभर में मानसून का असर अब भी जारी है। हिमाचल और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश और बाढ़ ने फसल, संपत्ति और लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।
Punjab
तीन दिन धूलभरी हवाओं का अलर्ट, मौसम में रहेगा बदलाव
शहर में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने 20 से 23 जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज धूलभरी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 21 से 23 जून तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि 24 और 25 जून को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 24 जून के बाद क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा।
हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन पिछले 24 घंटों के दौरान शहर में बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।
शहर में अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 75 प्रतिशत और न्यूनतम 32 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को तेज हवाओं और धूलभरी परिस्थितियों के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
Punjab
पंजाब के 16 जिलों में बारिश और तूफान का अलर्ट, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 16 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी जताई गई है।
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार पंजाब में 22 जून तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि 17 जून तथा 19 से 22 जून के बीच राज्य के कई इलाकों में बिजली गिरने, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
Punjab
मानसून से पहले बदला मौसम का मिजाज, पंजाब के 17 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
पंजाब में मानसून से पहले ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के 17 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह हुई बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा 18 से 20 जून तक तीन दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
तापमान की बात करें तो अमृतसर में 36.0 डिग्री, लुधियाना में 35.6 डिग्री, पटियाला में 37.8 डिग्री, पठानकोट में 37.6 डिग्री और बठिंडा में 37.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, जबकि एसबीएस नगर में सबसे कम 22.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
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