Delhi
Modi Government का बड़ा Decision: कपास पर Import Duty हटाने से किसानों में गुस्सा, Kejriwal बोले- “किसानों के साथ बड़ा धोखा”
देश के किसानों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिसे लेकर राजनीति गरमा गई है। सरकार ने अमेरिका से आने वाली कपास (Cotton) पर लगने वाली 11% आयात शुल्क (Import Duty) को हटा दिया है। पहले अमेरिका से भारत आने वाली कपास पर यह टैक्स लागू था, लेकिन अब यह छूट 19 अगस्त से 30 सितंबर 2025 तक यानी 40 दिनों के लिए दी गई है। बाद में वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का ऐलान किया।
इस फैसले को लेकर किसानों में गुस्सा है और विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र पर सीधा हमला बोला है।
केजरीवाल का आरोप: किसानों की पीठ में छुरा घोंपा गया
गुरुवार (28 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने यह फैसला किसानों से बिना सलाह-मशविरा किए, चोरी-छिपे, अमेरिका के दबाव में लिया है।
उन्होंने कहा:
“अभी 90-95% किसानों को इस फैसले की जानकारी ही नहीं है। जब उन्हें असलियत पता चलेगी, तो कई किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।”
केजरीवाल के मुताबिक, इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान यह होगा कि जब अक्टूबर में भारतीय किसानों की कपास मंडियों में आएगी, तब तक भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री अमेरिका से सस्ती कपास खरीद चुकी होगी।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी कपास भारतीय कपास से ₹15-20 प्रति किलो सस्ती है। ऐसे में भारतीय किसानों की कपास कोई नहीं खरीदेगा, और उन्हें औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचनी पड़ेगी।
किसानों पर सबसे ज्यादा असर किन राज्यों में होगा
इस फैसले से खासकर इन राज्यों के किसान प्रभावित होंगे:
- गुजरात
- पंजाब
- महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र
- तेलंगाना
ये वो राज्य हैं जहां कपास की खेती बड़े पैमाने पर होती है। खास बात यह है कि विदर्भ और गुजरात जैसे इलाकों में पहले से ही किसान आत्महत्या के मामले काफी ज्यादा हैं।
केजरीवाल ने बताया कि जनवरी से मार्च 2025 के बीच सिर्फ महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या की।
“मदद करने की बजाय मोदी सरकार ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है,” उन्होंने कहा।
भारत-अमेरिका के बीच Trade War
यह मामला सिर्फ कपास का ही नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही टैरिफ जंग (Tariff War) का भी हिस्सा है।
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगा दिया, जो 27 अगस्त 2025 से लागू हो गया।
- केजरीवाल का कहना है कि जब अमेरिका ने यह किया, तब भारत को भी उसी तरह जवाब देना चाहिए था।
- लेकिन मोदी सरकार ने उल्टा अमेरिकी सामान पर टैरिफ खत्म कर दिया, जिससे अमेरिका को फायदा और भारत को नुकसान हुआ।
दूसरे देशों ने कैसे जवाब दिया:
- यूरोपियन यूनियन (EU): अमेरिका ने उनकी कारों पर 25% टैरिफ लगाया, तो EU ने मोटरसाइकिलों पर 50% टैरिफ लगाया।
- चीन: अमेरिका ने 145% टैरिफ लगाया, तो चीन ने 125% लगाया।
- कनाडा और मेक्सिको: दोनों ने भी अमेरिका को कड़ा जवाब दिया।
केजरीवाल ने कहा:
“ट्रंप एक कायर आदमी है। जो देश उसके खिलाफ खड़ा हुआ, ट्रंप को उसके सामने झुकना पड़ा। लेकिन मोदी जी ट्रंप के सामने भीगी बिल्ली बने हुए हैं।”
किसानों की बड़ी चिंता
केजरीवाल ने कहा कि जुलाई में किसानों ने कर्ज लेकर कपास की बुवाई की है।
- अक्टूबर से उनकी कपास मंडियों में आने लगेगी।
- लेकिन 30 सितंबर तक इंडस्ट्री अमेरिका से सस्ती कपास खरीद लेगी।
- नतीजतन, भारतीय किसानों की फसल या तो बहुत कम दाम पर बिकेगी, या बिकेगी ही नहीं।
उन्होंने पिछले साल का उदाहरण देते हुए कहा कि:
- MSP (Minimum Support Price) ₹7,000 प्रति क्विंटल था,
- लेकिन किसान को मंडियों में केवल ₹6,000 या उससे भी कम दाम मिला।
- इस साल यह हालत और भी खराब होगी।
मोदी सरकार क्यों झुकी? केजरीवाल का सवाल
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर मोदी सरकार अमेरिकी दबाव में क्यों झुकी?
“देश की आबादी 140 करोड़ है। इतनी बड़ी मार्केट है कि कोई भी देश हमारी नाराजगी बर्दाश्त नहीं कर सकता। फिर मोदी जी क्यों झुके?”
उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा है कि:
- अमेरिका में अडानी ग्रुप से जुड़े मामलों की जांच चल रही है।
- अडानी की गिरफ्तारी हो सकती है।
- मोदी सरकार अडानी को बचाने के लिए देश के किसानों और उद्योगपतियों को दांव पर लगा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इसकी पुष्टि नहीं है, लेकिन अगर यह सच हुआ तो यह देश के साथ बहुत बड़ा धोखा होगा।
AAP की बड़ी रैली की घोषणा
- 7 सितंबर 2025 को गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के चोटीला में आम आदमी पार्टी एक बड़ी जनसभा करेगी।
- यह इलाका गुजरात का सबसे बड़ा कपास उत्पादक क्षेत्र है।
- इस रैली में किसानों को एकजुट कर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
- केजरीवाल ने अन्य राजनीतिक दलों और किसान संगठनों से भी एकजुट होने की अपील की।
केजरीवाल की मुख्य मांगें
- कपास पर तुरंत 11% Import Duty वापस लगाई जाए।
- अमेरिकी सामान पर भी रिटैलिएटरी टैरिफ (50% या उससे ज्यादा) लगाया जाए।
- किसानों को उनकी फसल के उचित दाम दिए जाएं।
वित्त मंत्रालय का बयान
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यह फैसला निर्यातकों को राहत देने के लिए लिया गया है।
“कपास (HS 5201) पर आयात शुल्क छूट को 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 तक कर दिया गया है।”
लेकिन सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसानों को इस फैसले से होने वाले नुकसान की भरपाई कैसे होगी।
मोदी सरकार के इस कदम ने किसानों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
- जहां एक तरफ अमेरिका को इससे बड़ा फायदा मिलेगा,
- वहीं भारतीय किसान और उद्योगपति भारी नुकसान झेलेंगे।
- अक्टूबर में मंडियों में आने वाली कपास की फसल की खरीद को लेकर भारी संकट खड़ा हो सकता है।
अरविंद केजरीवाल ने इसे किसानों के साथ धोखा करार देते हुए कहा कि अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो यह कृषि क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगा।
NOTE: NEWS SOURCE AVP News Punjab
Delhi
Mahatma Gandhi की समाधि पर जाकर केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए नतमस्तक, सत्याग्रह के मार्ग पर डटे रहने की मांगी शक्ति
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया मंगलवार को राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी की समाधि पर नतमस्तक हुए। उनके साथ पार्टी के विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ सत्याग्रह की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन करते हुए सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं कि हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि आज मनीष सिसोदिया और अन्य साथियों के साथ राजघाट पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन किया। मेरी बापू से यही प्रार्थना है कि उनके दिखाए ‘सत्याग्रह’ के मार्ग पर चलने के हमारे संकल्प को वे सदैव शक्ति दें। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से, सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मामला अदालत का है। हम अदालत का बहुत सम्मान करते हैं। हम अपने देश की न्याय प्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं, क्योंकि इसी न्याय प्रणाली और न्यायपालिका ने हमें बेल दिलवाई और आरोप मुक्त किया है। आज हम लोग अगर आजाद घूम रहे हैं, तो हमारी न्याय प्रणाली की वजह से ही घूम रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई हैं, जिनकी वजह से हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। वे सभी हमने जज साहिबा को लिखी चिट्ठी में बयां कर दिए हैं।
उधर, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बापू समाधि पर नतमस्तक होने के बाद एक्स पर कहा कि मंगलवार को राजघाट जाकर पूज्य बापू की समाधि पर अरविंद केजरीवाल के साथ नतमस्तक हुआ। महात्मा गांधी जी ने हमें हमेशा सत्य के रास्ते पर अडिग रहने और सत्य के लिए आत्मबल के साथ सत्याग्रह करने की प्रेरणा दी है। आज उसी मार्ग पर चलने का संकल्प और मजबूत हुआ।
Delhi
Heatwave Alert : बढ़ती गर्मी को लेकर सरकार सख्त, स्कूलों के लिए जारी किए कड़े निर्देश
भीषण गर्मी और हीटवेव के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी स्कूलों के लिए सख्त और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सेहत और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
मौजूदा तापमान में लगातार वृद्धि और हीटवेव की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए यह नया प्रोटोकॉल लागू किया गया है।
“वॉटर बेल” सिस्टम अनिवार्य
नए दिशा-निर्देशों के तहत स्कूलों में “वॉटर बेल” प्रणाली लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अंतर्गत हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर घंटी बजाई जाएगी, ताकि छात्रों को नियमित रूप से पानी पीने की याद दिलाई जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य डिहाइड्रेशन से बचाव करना और छात्रों को हाइड्रेट रखना है।
पीने के पानी और सुविधाओं पर जोर
सरकार ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया है कि छात्र पर्याप्त मात्रा में पानी साथ लाएं। साथ ही, स्कूल परिसर में साफ और ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बाहरी गतिविधियों पर रोक
तेज धूप से बचाने के लिए बाहरी गतिविधियों और असेंबली को सीमित करने को कहा गया है। इन्हें छायादार या इनडोर स्थानों पर आयोजित करने की सलाह दी गई है। खुले में कक्षाएं लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।
स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष फोकस
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि हीटवेव से संबंधित जानकारी, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री को नोटिस बोर्ड, गलियारों और कक्षाओं में प्रदर्शित किया जाए। छात्रों को गर्मी से बचाव, पानी की महत्ता और हीट से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाए।
मेडिकल और इमरजेंसी व्यवस्था
जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा “बड्डी सिस्टम” लागू किया जाएगा, जिसके तहत हर छात्र को एक साथी के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे की सेहत पर नजर रख सकें।
खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों पर नियंत्रण
भीषण गर्मी के दौरान छात्रों को भारी और बाहरी शारीरिक गतिविधियों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
इन सभी दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जो पूरे सिस्टम की निगरानी करेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Delhi
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायक पूरी ज़िम्मेदारी लें और हर गांव की रोज़ की जवाबदेही सुनिश्चित करें: Manish Sisodia
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के तहत पार्टी नेताओं, विधायकों, ब्लॉक इंचार्ज और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायकों को पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और हर गांव की रोजाना जवाबदेही पक्की करनी होगी। उन्होंने पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ एक मजबूत और मिशन-मोड लड़ाई की अपील की, और इस बात पर जोर दिया कि ‘आप’ की नींव संघर्ष और कुर्बानी में है, न कि पावर या सुविधाओं में।
भारी सभा को संबोधित करते हुए, आप के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, “आम आदमी पार्टी जंतर-मंतर पर अरविंद केजरीवाल जी, हम सभी और आप में से कई लोगों के सहयोग से 14 दिन की भूख हड़ताल से निकली है। यह पार्टी सत्ता का आनंद लेने या विधायक मंत्री बनने के लिए ड्राइंग रूम में नहीं बनी। यह संघर्ष से पैदा हुई पार्टी है और हमने कभी हिम्मत नहीं हारी है।”
दिल्ली सरकार के सामने आई चुनौतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद पहला हमला केंद्र सरकार द्वारा किया। जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने, तो हमने तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक, सभी लेवल पर भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की पॉलिसी अपनाई। केंद्र को खतरा महसूस हुआ और उसने दिल्ली सरकार से एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) छीन ली। बाद में आईएएस अधिकारियों से लेकर शिक्षकों और सेवादारों तक के ट्रांसफर की पावर भी छीन ली गई। सभी पावर छीन लेने के बावजूद, हमने काम करना जारी रखा और नतीजे दिए।
उन्होंने आगे कहा कि सत्ता जाने के बाद भी, हमने ऐसे स्कूल और अस्पताल बनाए जो भारत में पहले कभी नहीं देखे गए। हमने बिजली और पानी पर ऐसी नीतियां लागू कीं जो एक मिसाल बन गईं। अरविंद केजरीवाल कह सकते थे कि वह शक्तियों के बिना काम नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने करके दिखाया। यही वजह है कि दिल्ली के लोगों ने उन्हें 2020 में 70 में से 62 सीटें दीं।”
आप नेताओं को राजनीति तौर पर निशाना बनाने के बारे में मनीष सिसोदिया ने कहा कि ईमानदारी की इस इमेज को तोड़ने के लिए नरेंद्र मोदी जी ने अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट साबित करने की कोशिश की। सत्येंद्र जैन को झूठे केस में गिरफ्तार किया गया। मुझ पर भी कथित शराब घोटाले का आरोप लगाया गया। पहले उन्होंने 10,000 करोड़ कहा, फिर 1,000 करोड़, फिर 100 करोड़ और कोर्ट में यह ज़ीरो हो गया। कोर्ट ने कहा कि कोई केस नहीं है।
हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आपमें हिम्मत होनी चाहिए। यह एक दिन की लड़ाई नहीं है। यह एक लंबी लड़ाई है। आप गुरुओं और शहीदों की धरती पर पैदा हुए हैं। आपको वहीं से ताकत लेनी चाहिए। आज हम अपने लिए नहीं बल्कि अपने बच्चों के लिए लड़ रहे हैं। क्या आप गारंटी दे सकते हैं कि 10 साल बाद आपका बच्चा नशे में नहीं पड़ेगा? गारंटी बस यही है कि हम सब मिलकर पंजाब को नशा मुक्त बनाएं।
विधायकों और लोकल लीडरशिप को सीधे संबोधित करते हुए पंजाब आप प्रभारी ने कहा कि अगर एक भी गांव या एक भी वार्ड में नशा बिक रहा है, तो आपको नींद नहीं आनी चाहिए। कोई विधायक अपने ब्लॉक इंचार्ज को फोन करके क्यों नहीं पूछता कि क्या हो रहा है? विधायक खुद गांव क्यों नहीं जाता? ज़िम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
उन्होंने जवाबदेही और तालमेल की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, “24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में मीटिंगें की जाएंगी। हर VDC रिपोर्ट देगी कि उनका गांव नशा मुक्त है या नहीं और किस हद तक नशा अभी भी बाकी है। अगर नशा बिक रहा है तो जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए। विधायक और हलका इंचार्ज ब्लॉक इंचार्जों का पूरा साथ दें।”
इस मुहिम के सामूहिक स्वरूप के बारे में उन्होंने कहा, “पंजाब में पहली बार सरकार, पुलिस और जनता ‘नशों के खिलाफ जंग’ जैसी मुहिम में ईमानदारी से मिलकर काम कर रहे हैं। पहले ऐसा समय था जब मंत्री भी नशा तस्करी में शामिल होते थे और माफिया की बजाय ईमानदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी। आज अरविंद केजरीवाल जी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट हिदायत है कि नशों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने ‘आप’ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा, “अगर ‘आप’ का कोई दूर का कार्यकर्ता भी नशा तस्करी से जुड़ा पाया जाता है या नशा तस्करों से उसके संबंध पाए जाते हैं, तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी और शासन दोनों में जीरो टॉलरेंस लागू होनी चाहिए।”
मनीष सिसोदिया ने शिकायतों के लिए गोपनीय रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा, “शिकायतों के लिए तैयार की गई ऐप पूरी तरह गोपनीयता सुनिश्चित करती है। यहां तक कि मंत्री, कमिश्नर या मुख्यमंत्री को भी यह पता नहीं चल सकता कि जानकारी किसने दी है। सिर्फ की गई कार्रवाई को ही ट्रैक किया जा सकता है। इसलिए लोग निडर होकर रिपोर्ट करें।”
भावुक अपील करते हुए उन्होंने कहा, “अगर हम पंजाब के हर गांव और शहर को नशा मुक्त नहीं कर सकते, तो हमारा राजनीति में होना बेमानी है। अरविंद केजरीवाल इस बारे में बहुत गंभीर हैं और कहते हैं कि अगर हम असफल रहे तो हमें शर्म महसूस करनी चाहिए।”
उन्होंने पंजाब की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत का हवाला देते हुए कहा, “यह गुरु साहिबान की, सेवा और हिम्मत की धरती है। यह शहीद-ए-आजम भगत सिंह, ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा और मदन लाल ढींगरा की धरती है। उनसे प्रेरणा लो। अगर शहीद-ए-आजम भगत सिंह हिचकिचाते तो आज हम कहां होते? अगर जरूरत पड़े तो नशा तस्करों को 40 बार जेल भेजो, लेकिन रुको मत।”
पार्टी नेताओं को सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “अगर आपमें नशा माफिया से टक्कर लेने की हिम्मत नहीं है, तो अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा मत करो। पार्टी छोड़ दो। यह पार्टी लड़ने के लिए बनी है।”
अपना निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “CBI ने मेरे घर छापा मारा, अलमारियां खंगालीं, यहां तक कि पैसों की तलाश में तकिए भी फाड़ दिए। मैंने तीन साल तक झूठे आरोपों का बोझ उठाया। मुझसे पार्टी छोड़ने और विधायकों को तोड़ने के लिए कहा गया। लेकिन अरविंद केजरीवाल को छोड़ने का मतलब है ईमानदारी और शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण के सपने को छोड़ना। मैंने नहीं छोड़ा और आपको भी नहीं छोड़ना चाहिए।”
भविष्य की रणनीति की बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि 31 मार्च के बाद वह गांव-गांव की प्रगति का जायजा लेने के लिए निजी तौर पर ब्लॉक इंचार्जों और विधायकों से मिलेंगे। हर हलके को यह डेटा पेश करना होगा कि कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं और नशों को पूरी तरह खत्म करने के लिए समय-सीमा तय करनी होगी। यह लड़ाई सिर्फ लड़नी ही नहीं, बल्कि जीतनी भी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि पूरी टीम नए इरादे के साथ लौटेगी और सामूहिक कोशिशों तथा दृढ़ संकल्प के साथ नशा मुक्त पंजाब का निर्माण करेगी।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |