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Mithun Chakraborty का Bilawal Bhutto को करारा जवाब – “खोपड़ी सनकी तो…”

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राजनीति की दुनिया में बयानबाज़ी और वार-पलटवार आम बात है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर चल रही तकरार में अब बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी के हालिया बयान पर तीखी और व्यंग्य भरी प्रतिक्रिया दी है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।

बिलावल भुट्टो ने क्या कहा?

पाकिस्तान में सिंध सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बिलावल भुट्टो ने आरोप लगाया कि भारत की सिंधु नदी के पानी को मोड़ने की योजना, पाकिस्तान के “इतिहास, संस्कृति और सभ्यता” पर सीधा हमला है। उन्होंने खासकर सिंध प्रांत का ज़िक्र करते हुए इसे पाकिस्तान की जल सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
बिलावल ने यहां तक कह दिया कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी नहीं दिया, तो पाकिस्तान “युद्ध” के लिए तैयार है। यह उनकी पहली धमकी नहीं है—जून में पाकिस्तानी संसद में भी उन्होंने इसी तरह की चेतावनी दी थी। उन्होंने भारत की जल परियोजना को मई में हुई सैन्य झड़प में भारत की कथित “हार” से भी जोड़ा।

पाक सेना प्रमुख की मिसाइल धमकी

बिलावल से पहले, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी इसी मुद्दे पर भारत को चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने अमेरिका में एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर भारत ने सिंधु नदी पर बांध बनाया, तो पाकिस्तान के पास दस मिसाइलें हैं, जो भारतीय बुनियादी ढांचे को तबाह कर सकती हैं।

मिथुन चक्रवर्ती का पलटवार

इन बयानों पर मिथुन चक्रवर्ती ने मंगलवार को कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए कहा –

“अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई, तो एक के बाद एक ब्रह्मोस मिसाइल चलेगी।”

इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में एक और चौंकाने वाली बात कही –

“हमने एक ऐसा बांध बनाने का भी सोचा है, जहां 140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे। फिर बांध खोल देंगे, और सुनामी आ जाएगी।”

मिथुन ने साफ किया कि यह बयान पाकिस्तान की आम जनता के लिए नहीं है, बल्कि सिर्फ बिलावल भुट्टो के लिए है। उन्होंने कहा, “मुझे पाकिस्तान के लोगों से कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि वे भी युद्ध नहीं चाहते।”

सोशल मीडिया पर हलचल

मिथुन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूज़र्स ने उनके “140 करोड़ पेशाब बांध” और “ब्रहमोस मिसाइल” वाले कमेंट को मज़ेदार बताया और लिखा – क्या डायलॉग मारा दादा!

पृष्ठभूमि सिंधु जल संधि विवाद

साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई थी, जिसमें सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे के नियम तय किए गए थे। हाल के वर्षों में, भारत ने कई जल परियोजनाओं की घोषणा की है, जिन्हें पाकिस्तान अपनी जल आपूर्ति के लिए खतरा मानता है। इसी को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और तनाव लगातार बढ़ रहा है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।

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NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षा

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NEET परीक्षा से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने परीक्षा देने जा रहे लाखों विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।

केजरीवाल ने कहा कि वह जानते हैं कि छात्रों ने पिछले कुछ समय में काफी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता और इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि अब वे पिछली सभी चिंताओं और परिस्थितियों को पीछे छोड़कर केवल अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, “अब कुछ ही घंटे बचे हैं। पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा दें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और बिना किसी तनाव के परीक्षा केंद्र जाएं।”

अरविंद केजरीवाल ने छात्रों की मेहनत पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, NEET में सफलता हासिल करेंगे और भविष्य में देश के योग्य डॉक्टर बनेंगे।”

अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘ऑल द बेस्ट’ कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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