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Uttar Pradesh

मंत्री Dayashankar Singh ने सपा और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला, सपा- कांग्रेस गठबंधन को बेमेल और स्वार्थ का गठबंधन बताया

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उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री Dayashankar Singh ने महोबा में दो राजनीतिक दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच साझेदारी की बात की। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी बेमतलब और स्वार्थी है, क्योंकि समाजवादी पार्टी मूल रूप से कांग्रेस के खिलाफ जाने के लिए बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह भी कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई के कारण चोटिल हुए और जेल गए। लेकिन अब उनके बेटे अखिलेश अपने फायदे के लिए कांग्रेस के साथ काम कर रहे हैं। दयाशंकर सिंह एक निजी कार्यक्रम के लिए महोबा गए और आदिशक्ति मां चंद्रिका देवी नामक मंदिर में दर्शन करने गए।

उन्होंने कहा कि सपा (एक राजनीतिक दल) ने 6 विशेष चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों को चुनकर कांग्रेस पार्टी को बदनाम किया है। उन्हें लगता है कि कांग्रेस सिर्फ सपा से मदद लेने की कोशिश कर रही है। उनका मानना ​​है कि भाजपा (एक अन्य राजनीतिक दल) उत्तर प्रदेश में सभी 10 विशेष चुनाव जीतेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 30 दिसंबर तक राज्य में 7000 नई बसें चलनी शुरू हो जाएंगी और तीन महीने में हम महोबा की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें देखेंगे। उन्होंने 23 नए बस स्टेशन बनाने की बात कही जो एयरपोर्ट जैसे दिखेंगे और उनके लिए योजना तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के लिए वे 11 अस्थायी बस डिपो बनाने जा रहे हैं।

उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस का साथ मिलकर काम करना ठीक नहीं है। उनका मानना ​​है कि वे अपने स्वार्थ के लिए साथ आए हैं। बहुत समय पहले मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की शुरुआत की थी क्योंकि उन्हें कांग्रेस पसंद नहीं थी। उनके खिलाफ खड़े होने के कारण उन्हें चोट भी लगी और वे जेल भी गए। लेकिन अब उनके बेटे अखिलेश यादव अपने स्वार्थ के लिए कांग्रेस के साथ काम कर रहे हैं, जो उन्हें सही नहीं लगता।

परिवहन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सपा पार्टी से समर्थन लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन सपा ने कांग्रेस के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया क्योंकि उन्होंने कांग्रेस से पहले ही अपने उम्मीदवार चुन लिए। परिवहन मंत्री का मानना ​​है कि आगामी चुनाव में भाजपा पार्टी सभी 10 क्षेत्रों में जीतेगी और कांग्रेस-सपा की साझेदारी से इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने एक साथ 7,000 बसें खरीदी हैं और 30 दिसंबर से पहले ये बसें सड़कों पर होंगी। वे पुरानी बसों को बदलकर नई बसें ला रहे हैं। वे दो शहरों को जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल भी शुरू करेंगे और तीन महीने में बुंदेलखंड क्षेत्र के महोबा में इलेक्ट्रिक बसें चलने लगेंगी।

उन्होंने प्रयागराज नामक स्थान पर होने वाले महाकुंभ नामक एक बड़े आयोजन के बारे में बात की। इस आयोजन में मदद के लिए वे बसों के लिए 11 अस्थायी स्थान बना रहे हैं। वे मेला क्षेत्र को साफ रखना चाहते हैं, इसलिए वे लोगों को लाने-ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का इस्तेमाल करेंगे। परिवहन विभाग राज्य में 23 नए बस स्टेशन बनाने की भी योजना बना रहा है जो एयरपोर्ट जैसे दिखेंगे। लखनऊ में तीन, कानपुर में दो, बनारस में एक, प्रयागराज में दो, गोरखपुर में एक, गाजियाबाद में तीन और मेरठ में एक होगा। उनकी योजना एयरपोर्ट जैसे फैंसी बस स्टेशन बनाने की है और वे जल्द ही राज्य के हर जिले में ऐसे ही स्टेशन बनाना चाहते हैं।

लखीमपुर में एक व्यक्ति ने भाजपा नेता को चोट पहुंचाई। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पार्टी इस मामले पर ध्यान दे रही है। उन्होंने इस बारे में नोटिस भेजा है। इसमें शामिल वकील उनकी पार्टी का सदस्य है और अभी तक उन्होंने उस पर या बैंक पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रामनगरी में मौजूद रहीं। तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया, वही लोग उस समय सत्ता में थे।

कुर्सी बचाने के लिए वे नोएडा जाने से कतराते थे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोएडा जाने से कतराते थे। वह उन्हें अंधविश्वास नहीं लगता था। लेकिन राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण या मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करना उन्हें अंधविश्वास और रूढ़िवादिता लगता था।

वृंदावन जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार शाम लगभग 5 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। उनके स्वागत को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर सजावट और व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे होटल रेडिसन में ठहरेंगी और शाम करीब 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर, वृंदावन से अपने धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। इसके बाद उनके प्रेम मंदिर, नीब करौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में दर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ, योगी होंगे मुख्य अतिथि

विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देशभर के विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटान होगा। इसमें राज्यों में चल रहे वनीकरण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन से जुड़े कार्यों की समीक्षा और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

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UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एक विवादित प्रश्न को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है।

विवादित प्रश्न को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ब्राह्मण विधायक तो शनिवार से ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मोर्चा संभाला और जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल न की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में सभी पेपर तैयार करने वालों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे।

उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में शनिवार को पूछे गए एक सवाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा में एक बहु विकल्पीय प्रश्न पूछा गया-‘अवसर के अनुसार बदलने वाला।’ परीक्षार्थियों को इसके जो विकल्प दिए गए उसमें एक विकल्प है-’पंडित’। भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, जबकि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि यदि कोई पेपर तैयार करने वाला बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पेपर बनाने वालों के साथ किए जाने वाले एमओयू में भी इस प्रविधान को शामिल किया जाए, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बन सके। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी और अनावश्यक विवादों से भी बचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भविष्य में प्रश्नों के ‘ऑडिट’ के लिए नई समीक्षा समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, शनिवार को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के पहले ही दिन एक सवाल के जवाब में ‘पंडित’ शब्द के विकल्प पर भारी बवाल मच गया है। इस प्रकरण पर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एसबी शिरोडकर ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं होते हैं। इन्हें बाहरी अतिगोपनीय संस्थाएं सेट करती हैं, जिन्हें बोर्ड का कोई अधिकारी भी परीक्षा से पहले नहीं देख सकता। इस विवाद ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है बवाल का कारण

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में पूछा गया, “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके उत्तर में चार विकल्प में ‘पंडित’ भी दिया गया।

‘पंडित’ विकल्प पर ही विवाद है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने विकल्प में पंडित शब्द रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू महासभा ब्राह्मणों के इस बड़े अपमान पर एफआईआर दर्ज कराएगी।

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