Punjab
Mann सरकार का बड़ा फैसला: Punjab में Electricity Connections अब बिना NOC के
पंजाब में मान सरकार ने एक ऐसा फ़ैसला लिया है, जिसने आम लोगों की सबसे बड़ी परेशानियों में से एक को खत्म कर दिया है। अब पंजाब में नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए किसी भी तरह की NOC (No Objection Certificate) की ज़रूरत नहीं होगी। यह फैसला हर उस नागरिक के लिए राहत की खबर है जो महीनों तक कागज़ इकट्ठे करने, दफ्तरों के चक्कर लगाने और अफसरों की मंज़ूरी का इंतज़ार करते-करते परेशान हो जाता था।
पहले क्या होता था?
पहले नया बिजली कनेक्शन लेना बहुत मुश्किल था। लोग:
- पता बदलते थे
- फाइलें लगती थीं
- NOC के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे
- कई बार यह प्रक्रिया महीनों तक खिंच जाती थी
कई बार तो NOC न मिलने के कारण लोग बिजली के लिए “कुंडी कनेक्शन” लगाने लगते थे। इससे बाद में भारी जुर्माना लगता था, जिसे चुकाना भी मुश्किल हो जाता था।
अब क्या बदला?
मान सरकार ने साफ आदेश दिए हैं कि अब से किसी भी नए बिजली कनेक्शन के लिए NOC की जरूरत नहीं है।
अब लोगों को केवल दो दस्तावेज़ देने होंगे:
- रजिस्ट्री या लीज़ डीड
- पहचान प्रमाण (ID Proof)
बस इतना ही।
ना कोई अतिरिक्त कागज़, ना कोई अनावश्यक चक्कर, ना कोई परेशानी।
कैबिनेट मंत्री संजील अरोड़ा ने बताया कि NOC हटाने का फैसला लोगों की सुविधा के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब कनेक्शन नहीं मिलता, तो लोग मजबूर होकर कुंडी कनेक्शन लगा लेते हैं, और बाद में भारी जुर्माना देना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा—क्योंकि अब कनेक्शन मिलने में कोई बाधा नहीं रहेगी।
यह फैसला क्यों खास है?
यह सिर्फ एक नियम हटाने का काम नहीं है। यह उस सोच का हिस्सा है जिसमें सरकार जनता की असल समस्याओं को समझते हुए फैसले ले रही है।
- आम परिवारों के लिए यह बड़ी राहत है।
- किसानों को अब खेतों में बिजली कनेक्शन आसानी से मिलेगा।
- बुजुर्गों और महिलाओं को कागज़ों के बोझ से छुटकारा मिलेगा।
- किसी भी अफसर या एजेंसी को अब NOC के नाम पर देरी करने का अधिकार नहीं होगा।
अब पंजाब में कनेक्शन की प्रक्रिया easy, transparent और fast हो गई है।
जनता की आवाज़ — “पहली बार लगा कि सरकार ने हमारी तकलीफ समझी”
यह परिवर्तन सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं है, बल्कि एक ऐसा कदम है जिसने लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाया है।
लोग कह रहे हैं:
- “काम पहली बार इतना आसान हुआ है।”
- “अब सच में सिस्टम हमारे लिए काम कर रहा है।”
- “सरकार ने दिल से काम किया है, सिर्फ कागज़ों पर नहीं।”
मान सरकार का संदेश साफ
सरकार का कहना है कि यह कदम एंटी-करप्शन एजेंडा का हिस्सा है।
जहाँ:
- सिफ़ारिश
- रिश्वत
- अनावश्यक रुकावट
जैसी चीज़ों को खत्म कर पारदर्शी व्यवस्था लाना सरकार का लक्ष्य है।
हर घर, हर खेत, हर दुकान तक रोशनी
यह फैसला पूरे पंजाब में एक नई उम्मीद लेकर आया है।
अब:
- नए घर में शिफ्ट होने वाले लोग बिना देरी के बिजली का कनेक्शन ले सकेंगे
- किसान अपने खेतों में तुरंत बिजली चलवा सकेंगे
- दुकानदार आसानी से कनेक्शन लेकर अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे
यह कदम साफ दिखाता है कि पंजाब में “काम बदल रहा है, सिस्टम बदल रहा है, और लोगों का भरोसा भी बढ़ रहा है।”
Punjab
AAP पंजाब द्वारा राज्य, ज़िला और क्षेत्र स्तर पर महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तयों की घोषणा
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त करने के उद्देश्य से विभिन्न विंगों में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों से राज्य के ज़िलों और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ और मज़बूत होने की उम्मीद है।
पार्टी नेतृत्व के अनुसार, ये नियुक्तियां संगठन को अधिक सक्रिय बनाने और सभी स्तरों पर बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए की गई हैं।
राज्य स्तरीय नियुक्तियां
पार्टी ने परमिंदर सिंह गोल्डी को यूथ विंग का स्टेट वर्किंग प्रधान नियुक्त किया है, जबकि रणजीत पाल सिंह को व्यापार विंग का राज्य महासचिव बनाया गया है।
ज़िला स्तर की नियुक्तियां
ज़िला स्तर पर कृष्णजीत राव को होशियारपुर के लिए एससी विंग का ज़िला इंचार्ज नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, गुरशरण सिंह गोल्डी को अमृतसर देहाती का ज़िला सचिव और सुखविंदर सिंह सुखी को श्री मुक्तसर साहिब का ज़िला सचिव बनाया गया है।
ज़िला संगठन इंचार्ज की नियुक्ति
मुख्य क्षेत्रों में संगठन को और मज़बूत करने के लिए पार्टी ने ज़िला संगठन इंचार्ज भी नियुक्त किए हैं। इनमें कपूरथला के लिए हेनत (सनी ठेकेदार), अटारी के लिए प्रदीप सिंह लाडा, राजासांसी के लिए राजबीर सिंह, अमृतसर वेस्ट के लिए एडवोकेट रमन कुमार, फरीदकोट के लिए गुरप्रीत सिंह धालीवाल, कोटकपूरा के लिए मंदीप, लुधियाना वेस्ट के लिए राजू कनौजिया और ज़ीरा के लिए गुरमन सिंह को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
यूथ विंग में हलका कोऑर्डिनेटर नियुक्त
यूथ विंग के अंतर्गत गुरजंट सिंह गिल को निहाल सिंह वाला, राजविक्रांत विक्कू को पटियाला देहाती, सुखदीप सिंह गोल्डी को अमरगढ़, अभि हालन को रूपनगर, सतनाम सिंह को दिड़बा, नवजोत सिंह ढिल्लों को रामपुरा फूल, सुखमनजोत सिंह संधू को जलालाबाद और गुरविंदर सिंह किम्मेवाला को ज़ीरा का हलका कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।
अमन अरोड़ा का बयान
नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आप पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी ने मेहनती और समर्पित नेताओं को ज़िम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी संगठन को मज़बूत करेंगे और जनता से जुड़े रहेंगे।
अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी आम लोगों की पार्टी है और सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते हुए पार्टी की नीतियों और विज़न को हर गांव, हर वार्ड और हर घर तक पहुंचाएंगे।
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CM Bhagwant Mann के प्रयासों से नई ऊंचाई छू रहा पंजाब का उद्योग जगत! निवेश की भरमार से खुल रहे अवसरों के द्वार
CM Bhagwant Mann: पंजाब में विकास को तगड़ी रफ्तार मिल रही है। आलम ये है कि सूबे में निवेश की भरमार है। विदेशी से लेकर स्थानीय उद्योगपति तक पंजाब में निवेश की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। ये सब कुछ संभव हो सका है कि सीएम भगवंत मान के कुशल नेतृत्व के कारण। सीएम भगवंत मान खुद एक-एक पहलुओं की समीक्षा कर सूबे में निवेश को नई गति दे रहे हैं। इसी क्रम में मोहाली में 13 मार्च से इन्वेस्ट समिट का आयोजन होना है। पंजाब में निवेश को मिल रही ये रफ्तार जहां एक ओर संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। वहीं दूसरी ओर सूबे की अर्थव्यवस्था भी नई ऊंचाइयों को छू रही है।
पंजाब में निवेश की भरमार से खुल रहे अवसरों के द्वार!
सूबे में निवेश की अपार भरमार है। स्थानीय से लेकर बाहरी उद्योगपति तक पंजाब में अनुकूल माहौल देखते हुए निवेश कर रहे हैं। इससे औद्योगिक जगत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसके साथ ही युवाओं के लिए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। जहां एक ओर निवेश राज्य की दशा-दिशा बदल रही है। वहीं दूसरी ओर औद्योगिक विकास की ऊंचाइयां युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोल रही हैं। पंजाब के युवा अपनी काबीलियत के बल पर ही पंजाब के अंदर अवसर पाकर राज्य के विकास को गति देने का काम कर रहे हैं।
सीएम मान के कुशल नेतृत्व का असर!
राज्य अगर आज निवेश से लेकर हर मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो ये सीएम भगवंत मान के कुशल नेतृत्व का असर हैं। अपनी कुशल नीतियों से मुख्यमंत्री ने राज्य में ऐसा माहौल बनाया है कि उद्योगकर्मी इसे अनुकूल नजरिए से देख रहे हैं। आलम ये है कि विदेशी फर्म भी पंजाब में निवेश को लेकर इच्छुक हैं। आसार जताए जा रहे हैं कि मार्च में होने वाले इन्वेस्ट समिट पंजाब के लिए ऐतिहासिक होगा और इस दौरान लोगों की लॉटरी लग सकती है। इस समिट के माध्यम से पंजाब में निवेश की भरमार आएगी जो स्थानीय लोगों के लिए संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
Punjab
Punjab हर जिले में 10 और 11 फरवरी को लगेंगे विशेष शिविर, निपटाई जाएंगी व्यापारियों की शिकायतें
पंजाब में व्यापारियों से जुड़ी स्थानीय शिकायतों व अन्य मसलों का हल विशेष शिविरों के माध्यम से होगा। ये शिविर हर जिले में 10 व 11 फरवरी को लगाए जाएंगे। जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष इन शिविरों में उपस्थित रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं को सुनेंगे। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा।
यह निर्णय पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। बैठक का मकसद व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने व जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था।
इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। मंत्री ने कहा, विशेष शिविरों के दौरान जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए।
चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।
बैठक में पीएसटीसी के उप चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।
इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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