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Mann सरकार ने जीता Investors’ का भरोसा: Punjab ने South India Roadshow में 1,700 Crore रुपये के Investment पर लगवाई मुहर

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पंजाब सरकार ने निवेश के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। उद्योग मंत्री संजिव अरोड़ा की अगुवाई में हैदराबाद और चेन्नई में हुए South India Roadshow में पंजाब को करीब ₹1,700 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले। यह सफलता दिखाती है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियाँ देश भर के निवेशकों को पंजाब की ओर आकर्षित कर रही हैं।

सरकार का कहना है कि यह निवेश आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं के लिए हज़ारों रोजगार खोलेगा और पंजाब को IT, Defence, Manufacturing और Clean Mobility जैसे सेक्टरों का एक बड़ा हब बनाएगा।

पंजाब बना ‘Top Achiever’: फास्ट अप्रूवल और Power Surplus से बढ़ा भरोसा

2024 के Business Reforms Action Plan में पंजाब को Top Achiever का दर्जा मिला है। इसकी वजह है—

  • तेज़ और आसान approval system
  • बिजली की surplus availability
  • पारदर्शी और investor-friendly policies
  • डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम

इन सुविधाओं के कारण बड़ी कंपनियाँ पंजाब में निवेश को सुरक्षित और फायदेमंद मान रही हैं।

हैदराबाद रोडशो: Defence, Aerospace और Health सेक्टर की बड़ी कंपनियाँ आगे आईं

हैदराबाद में आयोजित रोडशो में कई नामी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के अवसर तलाशे। इनमें शामिल थीं:

  • Continental Energy
  • Gautam Adani Industrial Gases
  • Ramky Group
  • Aditya Birla Gases
  • BEL (Bharat Electronics Limited)

इन कंपनियों के साथ Mobility, Defence, Aerospace, Food Processing और Healthcare सेक्टर में निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई।

पंजाब सरकार ने Right to Business Act और Fast Track Portal के बारे में बताया, जिससे उद्योग लगाने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है। पंजाब की 24×7 बिजली डेटा सेंटर्स और बड़े उद्योगों के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरी।

चेन्नई रोडशो: IT और Digital Sector ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी

चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर की दिग्गज कंपनियाँ शामिल हुईं:

  • HCL
  • Cognizant
  • Larsen & Toubro
  • GlobalLogic
  • Virtusa
  • Rathara Group
  • Dr. Agarwal Eye Hospital

चर्चा के प्रमुख सेक्टर:

  • Food Processing
  • Digital Transformation
  • Clean Mobility
  • Tech & Software
  • EV Manufacturing

Murugappa Group ने पंजाब की पारदर्शी नीतियों की तारीफ की और कहा कि मोहाली–लुधियाना–राजपुरा बेल्ट इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए बड़ी संभावनाएँ रखती है।
Bahwan Cybertek ने पंजाब को North India का टेक डेस्टिनेशन बताया, क्योंकि यहाँ का डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत है।

निवेश के साथ रोजगार भी: 1,700 करोड़ का सीधा फायदा युवाओं को

मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि रोडशो के बाद:

  • लगभग ₹1,700 करोड़ का निवेश फाइनल स्टेज में है
  • इससे युवा वर्ग के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियाँ बनेंगी
  • MSME सेक्टर को नया बूस्ट मिलेगा
  • Small Businesses को ज्यादा अवसर मिलेंगे

MSME और Manufacturing को मिलेगा नया आयाम

डेलीगेशन ने हैदराबाद में Greenko Group का दौरा किया, जहाँ green energy और बड़े manufacturing प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई। कंपनी की vision पंजाब की sustainable policy से मेल खाती है।

इसके अलावा, BrahMos Aerospace के साथ MSME भागीदारी पर बातचीत हुई, जिससे पंजाब के छोटे उद्योग रक्षा क्षेत्र से जुड़ सकेंगे और उन्हें नए बाजार मिलेंगे।

सरकार की subsidy और credit guarantee schemes Ludhiana जैसे औद्योगिक शहरों को नई रफ्तार दे रही हैं। इससे निर्यात क्षमता भी बढ़ेगी।

फार्मा और बायोटेक को मिले नए मौके: NIPER Mohali चमका

शाम के सेशन में शामिल रहे:

  • Dr. R. Partha Saradhi Reddy (NIPER Mohali)
  • Linde India
  • Hartex
  • ICAI

फार्मा, बायोटेक और vocational training पर गहरी चर्चा हुई।
NIPER Mohali को देश का बड़ा रिसर्च हब बनाने की दिशा में काम तेज़ हुआ है।
Vocational Training प्रोग्राम युवाओं को industry-ready skills दे रहे हैं।

अब फोकस: Progressive Punjab Investors Summit 2026

इन्वेस्ट पंजाब अब 2026 में होने वाले Progressive Punjab Investors Summit की तैयारियों में जुट गया है।
Government का लक्ष्य है कि:

  • Punjab को North India का सबसे बड़ा investment hub बनाना
  • Smart cities और industrial corridors को तेज़ी से आगे बढ़ाना
  • Startup ecosystem को और मजबूत करना

मुख्यमंत्री भगवंत मान का विजन: किसान से लेकर उद्योग तक संतुलित विकास

सरकार का दावा है कि पंजाब—

  • हरित ऊर्जा में आगे बढ़ रहा है
  • बिजली आत्मनिर्भर बन चुका है
  • किसानों और उद्योग दोनों के हितों को संतुलित कर रहा है
  • युवाओं को नई नौकरियाँ और स्किल्स दे रहा है
  • सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का मेल बना रहा है

दक्षिण–उत्तर सहयोग भी राष्ट्रीय एकता और विकास की नई मिसाल बन रहा है।

दक्षिण भारत रोडशो ने पंजाब के लिए नए निवेश, नई नौकरी, नई तकनीक और नई संभावनाओं के दरवाज़े खोल दिए हैं।
संजिव अरोड़ा और उनकी टीम के प्रयासों की बदौलत पंजाब अब देश के सबसे मजबूत और आकर्षक निवेश राज्यों में गिना जा रहा है।
पंजाब के लोग इस बदलाव को महसूस कर रहे हैं और आने वाले समय में यह विकास उनकी जिंदगी और भविष्य को और उज्ज्वल बनाएगा।

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चंडीगढ़ के 5 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी:मेल पर मैसेज भेजा, स्कूलों में छुट्‌टी

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चंडीगढ़ और गुरुग्राम में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कई नामी प्राइवेट स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। धमकी मिलते ही पुलिस, ऑपरेशन सेल, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और सभी स्कूलों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।


 चंडीगढ़ के स्कूलों को मिली धमकी

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ में चार बड़े निजी स्कूलों को बम धमकी वाला ई-मेल मिला है।
इनमें प्रमुख रूप से:

  • सेक्टर-25 स्थित चितकारा इंटरनेशनल स्कूल
  • सेक्टर-45 स्थित एक निजी स्कूल

शामिल हैं। एहतियातन स्कूलों में बच्चों की एंट्री रोक दी गई है और सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।


 गुरुग्राम में भी कई स्कूल निशाने पर

उधर, गुरुग्राम में भी बुधवार सुबह कई नामी स्कूलों को धमकी भरा ई-मेल मिलने से अफरा-तफरी मच गई। जिन चार निजी स्कूलों को धमकी मिली है, उनमें:

  • डीएलएफ फेज-1 स्थित कुंसकपालन स्कूल
  • सेक्टर-53 स्थित लैंसर्स स्कूल
  • सेक्टर-64 स्थित हेरिटेज एक्सपीरिएंशियल लर्निंग स्कूल
  • बादशाहपुर स्थित पाथवेज वर्ल्ड स्कूल

शामिल हैं।


 सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी

सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए।

  • एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर तैनात
  • चारों स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान जारी
  • छात्रों और स्टाफ को सुरक्षा के मद्देनजर बाहर निकाला गया

फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


 सुबह मिला धमकी भरा ई-मेल

स्कूल प्रबंधन के अनुसार, बुधवार सुबह उन्हें ई-मेल के जरिए धमकी मिली।
धमकी उस समय सामने आई जब:

  • बच्चों के स्कूल पहुंचने का समय हो चुका था
  • स्कूल बसें बच्चों को लेकर परिसर तक पहुंचने लगी थीं

इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और पेरेंट्स को मैसेज भेजकर बच्चों को स्कूल न भेजने की अपील की। जो बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे, उन्हें सुरक्षित रूप से बाहर भेज दिया गया।

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Chandigarh court को बम से उड़ाने की धमकी:ई-मेल पर लिखा- ड्रोन से हमला करेंगे, पुलिस ने चारों तरफ से एरिया सील किया

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चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस ने कोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पहुंच गईं।

किसी को भी कोर्ट के अंदर जाने की इजाजत नहीं है, फिलहाल कोर्ट परिसर के दोनों गेट बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने पूरे परिसर को चारों तरफ से सील कर दिया है। एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कोर्ट परिसर के अंदर भी तलाशी अभियान जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह धमकी ई मेल के माध्यम से आई है। मेल में धमकी देने वाले ने ड्रोन के जरिए बम ब्लास्ट कर कोर्ट को उड़ाने की बात कही है।

कोर्ट की मेल आईडी पर मिली धमकी

बम स्क्वॉड की टीम पूरे परिसर की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कोर्ट की मेल आईडी पर मेल कर धमकी दी है। जैसे ही यह मामला सामने आया, उसके बाद तुरंत एसएसपी आफिस को सूचित किया गया। जिसके बाद बम स्क्वॉड सहित पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची। थाना सेक्टर-36, 39 डीएसपी भी मौके पर पहुंच गए हैं।

SHO बोले- मेल में ड्रोन से बम फेंकने की बात सामने आई

थाना 39 SHO राम दयाल ने बताया कि सुबह 11:55 बजे मेल के जरिए धमकी की सूचना आई थी। इसके बाद कोर्ट में मौजूद सभी लोगों को पॉर्किंग स्थल लाया गया। सूचना मिलने के बाद कोर्ट परिसर खाली करवा दिया है। पूरा परिसर और रूम चैक करवाए गए हैं। सबोटाज टीम पूरा निरीक्षण कर रही है। अब कोई खतरा नहीं है। मेल करने वाली की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मेल में ड्रोन के जरिए बम फेंकने की बात सामने आई है। पुलिस की टीमों ने 2 घंटे तक ऑपरेशन चलाया।

पहले भी मिल चुकी धमकी

चंडीगढ़ जिला कोर्ट ने पहले इस साल 3 बार पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को 22 मई को ईमेल के जरिए ही बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद पूरा परिसर खाली करा दिया गया था। ठीक इसके एक सप्ताह बाद हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट (मुख्यमंत्री कार्यालय सहित) को कॉल कर बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद पूरी बिल्डिंग को खाली करा दिया गया था। उधर, चंडीगढ़ से मुंबई जाने वाली इंडिगो फ्लाइट को 6-7 मई को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इससे मुंबई एयरपोर्ट पर अलर्ट रहा था।

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चंडीगढ़ PGI में 1.14 करोड़ का घोटाला: CBI ने की 6 कर्मी समेत 8 पर FIR, फोटोकॉपी दुकान से मरीजों की ग्रांट में खेल

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चंडीगढ़ PGI में 1.14 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है। PGI की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े 6 लोग मरीजों को मिलने वाला पैसा निजी खातों में डलवा रहे थे। इस मामले में CBI ने पीजीआई के 6 कर्मचारियों और 2 अन्य लोगों समेत 8 के खिलाफ FIR दर्ज की है। CBI जांच में सामने आया है कि यह पूरा स्कैंडल आरोपी एक फोटोकॉपी वाले की दुकान से चला रहे थे। इसमें दुकान के मालिक को भी आरोपी बनाया गया है।

एक मरीज ने इलाज के रुपए न मिलने के बाद पीजीआई प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने प्रोफेसर डॉ. अरुण अग्रवाल की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की। जिसके बाद केस सीबीआई के पास गया।

आरोपी फोटोकॉपी की दुकान से मरीजों को मिलने वाली ग्रांट की रकम फर्जी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाते थे। साथ ही मरीजों के नाम पर मिलने वाली महंगी दवाएं अवैध रूप से बाजार में बेच दी जाती थी।

पीजीआई चंडीगढ़ की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है।

पीजीआई चंडीगढ़ की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है।

अब पढ़िए कैसे हुआ मामले का खुलासा…

  • मरीज के अकाउंट में ट्रांसफर नहीं किए रुपए:
  •  घोटाले का खुलासा तब हुआ जब लाभार्थी मरीज कमलेश देवी (फाइल नंबर 18796) के पति ढाई लाख रुपए की स्वीकृत ग्रांट से दवा लेने प्राइवेट ग्रांट सेल पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि उनकी फाइल नष्ट कर दी गई है और डिजिटल रिकॉर्ड भी डिलीट है। इसके बाद जांच में सामने आया कि करीब 22 लाख रुपए निवास यादव नामक के एक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। जबकि इसका मरीज से कोई संबंध नहीं था।
  • हॉस्पिटल अटेंडेंट के अकाउंट में फर्जी ट्रांसफर:
  • कमलेश ने PGI प्रशासन से इसकी शिकायत की। इसके बाद PGI प्रशासन ने मामले में एक कमेटी का गठन किया। डा. अरुण की अध्यक्षता में बनी कमेटी को कई खामियां मिलीं, जिसमें एक अन्य मरीज अरविंद कुमार (फाइल नंबर 20404) को मिलने वाली राशि में से 90 हजार रुपए हॉस्पिटल अटेंडेंट नेहा के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद और जांच हुई तो, इनमें जांच समिति को 11 ऐसे अकाउंट मिले, जिनमें फर्जी तरीके से मरीजों खुद को मरीज का परिवार बताकर 19 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए थे।
  • दवा विक्रेताओं को भेजे रुपए:
  • वहीं, ग्रांट सेल ने दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित पांच मरीजों के इलाज के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि और अन्य संस्थाओं से मिले 61.75 लाख रुपए में से 38 लाख 946 रुपए बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के सीधे दवा विक्रेताओं के खातों में भेज दिए गए। हैरानी की बात यह है कि इन 5 मरीजों में से 2 की पहले ही मौत हो चुकी थी।
  • 70 मामलों में गड़बड़ी, फाइलें गायब:
  • पीजीआई की इंटरनल कमेटी की जांच में सामने आया कि 2017 से अक्टूबर 2021 तक के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें ऐसे 70 और मामले सामने आए। इनमें 17 मामलों में दवा सप्लायरों के असली बिलों में छेड़छाड़ कर 2 बार भुगतान लिया गया। वहीं 37 मरीजों की असली फाइलें रिकॉर्ड से पूरी तरह गायब पाई गईं।
  • 2 पॉइंट में पढ़िए स्कैंडल में कौन शामिल…
  • फोटोकॉपी की दुकान से चलाया स्कैंडल: 
  • PGI की प्राइवेट ग्रांट से जुड़े कर्मचारी PGI के पास स्थित गोल मार्केट में एक फोटोकॉपी दुकान से अपना स्कैंडल चलाते थे। आरोपी मरीजों को मिलने वाली ग्रांट को फर्जी खातों में ट्रांसफर करा देते थे। फोटोकॉपी दुकान के मालिक दुर्लभ कुमार, साहिल सूद और उनके रिश्तेदारों के खातों में रुपए ट्रांसफर किए थे, जिसे इन्होंने आपस में बांट लिया।
  • प्राइवेट ग्रांट सेल में सामने आईं गड़बड़ी:
  •  जांच के दौरान सीबीआई ने पीजीआई, संबंधित विभागों और विभिन्न बैंकों से रिकॉर्ड जुटाए। इनमें पीजीआई की प्राइवेट ग्रांट सेल में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। यह सेल विभिन्न विभागों से मिलने वाली ग्रांट का प्रबंधन करती है। इसके बाद इसी सेल के जरिए मरीजों को आर्थिक मदद और दवाएं दी जाती हैं।
  • दवा कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
  • सीबीआई इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। साथ ही एचएलएल लाइफ केयर, आर कुमार मेडिकोज, कुमार एंड कंपनी और मारुति मेडिकोज की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, हालांकि अभी इन कंपनियों को आरोपी नहीं बनाया गया है।
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